正在加载视频...

视频加载失败

मोदी से पंगा लेने वाला हर एक शख्स पागल हो तुका है 🙆‍♀️ इसलिए बाबा रामदेव अब काले धन पर अपना मुँह नही खोलते, अन्ना हज़ारे लोकपाल बिल पर धरना-प्रदर्शन नही करते ,, और 😒 मैंने भी अपने 15लाख मोदी जी से मांगने छोड़ दिए। 🥹🥹

68,751 次观看 • 8 个月前 •via X (Twitter)

0 条评论

暂无评论

原始帖子的评论将显示在这里

相关视频

देवरिया यूपी से आई दिल धहलादेने वाली दुखद खबर। देवरिया यूपी के गरीब किसान जेपी यादव जिनके पिता का नाम-संभु यादव जिनका गांव-परशौनी और थाना श्रीरामपुर है। * पंडित विजय तिवारी नाम के भट्ट मालिक ने अपनी भट्टा लेबर की मदद से जेपी यादव को भट्टे की आग में झुकवा दिया जिसका आधा शरीर आग से खत्म हो गया जिसकी आंखे निकाल ली गई और उसे दर्दनाक मौत देकर तड़पा तड़पा के मार दिया। कल से अब तक जेपी यादव के हत्यारों पर देवरिया पुलिस अभी तक भी केस दर्ज नही की है जबकि मर्त गरीब जेपी यादव के परिजन कल से ही थाने के बाहर लगातार धरना दे रहे है ये योगी जी की कैसी बेरहम निर्दयी पुलिस हो गई है??? *कल 12 बजे से अब तक कोई एक भी यादव नेता,कोई भी सपा नेता और कोई एक भी यादव संगठन पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे नही आया है ये कैसे कायर यादव हो गए है।

Bhai_Ayush

13,234 次观看 • 4 个月前

मोदी सरकार और उसके सरकारी व ग़ैर-सरकारी गुंडों को मैं चेतावनी देता हूँ कि अगर राहुल गांधी जी को खरोंच भी आई तो इस देश में सरकार का कोई मायने नहीं बचेगा। इंदिरा जी के साथ किया गया, राजीव जी के साथ भी यही किया गया और अब इसे राहुल जी के साथ दोहराने की साजिश है। मेरे जैसे कांग्रेस के छोटे सिपाही सिर्फ ईंट से ईंट नहीं बजायेंगे देश के सारे भट्ठे खोद डालेंगे और हर ईंट सरकार की तरफ़ जाएगी! नकारा, डरपोक और अक्षम मोदी सरकार जब हर मोर्चे पर फेल हो गई तो विपक्ष के नेता को गोली से मारने की साजिश रच रही है, धमकी दे रही है। इस हिंसक और घटिया मोदी सरकार ने किसानों को लाठियों से पीटा है, छात्रों को बेरहमी से मारा है, यह सरकार हजारों किसानों की मौत को जिम्मेदार है, ये सरकार बलात्कारियों को समर्थन और प्रश्रय प्रदान करती है और जब इन सबका विरोध नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है! ट्रम्प जब भिगो-भिगो के मार रहा है तो मोदी जी के मुँह में थूक सूख गया है, या हृदयगति असामान्य हो गई है या उनकी पिंडलियाँ काँप रही हैं जो एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं। जिस देश में वहाँ के सबसे बड़े विपक्षी नेता को सत्ता पक्ष गोली से मारने की बात कर रहा हो वहाँ सरकार, पुलिस, प्रशासन और न्यायपालिका को नहीं कब्रिस्तान को खोजना चाहिए ताकि लोकतंत्र की कब्र पर पुष्प अर्पित किए जा सकें।

Ajay Kumar Lallu

14,517 次观看 • 7 个月前

जिस सरकार का मुखिया ईमानदार हो उस सरकार के जिम्मेदार डंके की चोट पर बात करते है। योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने उनके ही विधायक बृजभूषण सिंह हुड़दंग करने आये थे। शिकायत किया की फला फला गाव मे पानी नही आ रहा है,सड़के खोद दी गई है। मंत्री जी ने डंके की चोट पर कहा की अगर ऐसा हुआ तो तत्काल कार्रवाई होगी। बस मुझे उन जगहो का दौरा करा दिजिए। मै तुरंत सस्पेंड करूँगा। विधायक जी पता नही क्यो शाँत हो गये?कहने लगे कहा-कहा जायेंगे? शिकायत बस ले लिजिए। मंत्री जी ने कहा शिकायत रखिए औचक निरीक्षण करते है। सभी कार्यक्रम स्थगित कर दूँगा। आप लेकर चलिए और दिखाईये कहा सड़के खोदी गई है और किस गाँव मे पानी नही आ रहा है? जो मुद्दा विधायक जी का था उनके समर्थको ने मंत्री जी के हाथ मे डाल दिया। अब विधायक जी सोच रहे होंगे किन चूतियो के कहने पर मैने ये सब कर दिया? एक बात और सुनिए विधायक जी बाहुबली है और राजपूत भी है। देख लिजिए राजपूतो की कितनी चल रही है? राजपूत और विधायक शब्द जोड़ने से मेरा तात्पर्य मात्र इतना था की योगी जी है तो सबके है और नही है तो किसी के नही है। जो सर्वविदित है। अब या तो मसला कमिशन का था और मंत्री जी समझ गये या तो अखिलेश यादव से टिकट विधायक जी को लेना था यह बात भी मंत्री जी समझ गये। प्रदेश अध्यक्ष रहे है तो राजनिति के रंग तो समझते ही होंगे। खैर विधायक जी के मन मे जो भी रहा हो दाल नही गली और मंत्री जी का रंग देखकर ढिला पड़ गए। स्वतंत्र देव सिंह को उनके ईमानदारी के लिए तारीफ मिलनी चाहिए। योगी जी के सबसे करीबी लोगो मे स्वतंत्र देव सिंह शामिल है। उनकी इमानदारी प्रशंसनीय है।

Arun Yadav

48,654 次观看 • 7 个月前

अम्बानी का 1000 करोड़ खर्चना मायने नही रखता क्योंकि वो अम्बानी द्वारा खर्चा नही जा रहा बल्कि निवेश किया जा रहा है। वो निवेश है भारतीय कल्चर पर जिसे जब अम्बानी जैसे लोग रिप्रजेंट करते हैं तो दुनिया देखती है। और जब दुनिया मे ये बातें पहुंचती हैं तो हमारे कल्चर को जानने की उत्सुकता दुनिया मे जगती है और इसे जानने जब दुनिया से लोग आया करते हैं तो यही निवेश हजारों करोड़ में वापिस भारत को लौट आया करता है। इस समय दुनिया मे इस शादी के चर्चे हो रहे हैं। कोई रिहाना के नाम पर चर्चा कर रहा है कि रिहाना भारतीय अरबपति की शादी में गयी तो कोई बिल गेट्स, जुकरबर्ग के माध्यम से चर्चा कर रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट फेसबुक के मालिक भारतीय अरबपति के यहां गए हुए हैं। भारत की मीडिया भी जब दिन रात इस शादी को दिखा रही है तो वो ये सन्देश भी पहुंचा रही है कि कैसे इतना बड़ा आदमी होकर भी अपने कल्चर को एक परिवार ने संजोकर रखा है जिससे उन चिरकुट अमीरों को सन्देश जाता है जो साउथ दिल्ली, साउथ बॉम्बे में रहकर दिन रात पश्चिम की नकल कर भारतीयता से दूर हो गए हैं। भाँडो को वहां नचाकर भी सन्देश ही जा रहा है कि जिनको तुम किंग, क्वीन समझते हो और उनके नक्शे कदम पर जीवन यापन करते हो.. वो भी अम्बानी जैसो के आगे किस तरह नतमस्तक हैं इसलिए औकात से ऊपर उछलना ठीक नही होता। अभी तो पश्चिम में सिर्फ यही उत्सुकता होती है कि इंडियन वेंडिंग में एकबार जाना है वो कितनी अच्छी होती हैं, लेकिन अम्बानी जैसे जब इस तरह एक भव्य रिप्रजेंटेशन करते हैं तो यही पश्चिम एक दिन ये जानेगा कि वो इंडियन वेडिंग नही, हिन्दू विवाह कहलाता है।

Modified Hindu 🇮🇳 | राष्ट्र प्रथम

301,801 次观看 • 2 年前

पिछले 1 साल से मेरी X पर एक लड़की से मैसेज के द्वारा बात हो रही थी, कोई दिन ऐसा नहीं गया जिस दिन हमने एक दूसरे से बात नहीं की हो... धीरे धीरे हमारी बातें फोन पर भी घंटों तक होने लगी, उसकी बातों से मुझे लगने लगा कि उसे भी मुझसे प्यार हो गया है... इसलिए मैं मैने कल शाम उसे फोन करके कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं... वो भी शायद मुझसे मिलने को बेताब थी, इसलिए उसने भी तुरंत हां बोलते हुए गाजियाबाद में एक जगह पर मिलने के लिए बोल दिया... आज सुबह 10 बजे जब मैं उसकी बताई हुई जगह पर पहुंचा तो मुझे वहां कोई नहीं मिला, मैंने उदास मन से उसे कॉल किया तो उसने बताया कि वो जाम में फंसी हुई हूं, 30 मिनट में वहीं पर पहुंच जाएगी... अब मैं वहीं अपनी गाड़ी में बैठा उसका इंतजार कर रहा था, कि मुझे एक ट्रक के पीछे काले कपड़े पहने खड़ी एक बहुत खूबसूरत लड़की दिखाई देती है, जिसको देखकर मैं समझ गया कि ये वहीं लड़की है जिसका मैं इंतजार कर रहा हूं... फिर भी मैने कन्फर्म करने के लिए उसे कॉल मिलाया तो उसने कॉल उठाया और बोली मैं उसी जगह पर एक ट्रक के पीछे खड़ी हुई हूं... अब मैंने उसे गाड़ी की तरफ आने के लिए बोला तो वो तुरंत मुझसे फोन पर बातें करती हुई मेरी तरफ आने लगती है... उसकी मुस्कान, और चाल ढाल देखकर कुछ देर के लिए तो मैं अपना होश खो बैठा... मैने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी किस्मत में इतनी सुंदर लड़की होगी... इसके लिए मै X को धन्यवाद देता हूं... और हां ये लड़की आपके साथ भी X पर जुड़ी हुई है, क्या आपने इसे पहचाना या नहीं...

Amit Tomar

78,538 次观看 • 20 天前

आज मैं अपने किसी काम से मथुरा जा रहा था, अलीगढ़ पहुंचने पर गाड़ी में CNG भरवाने के लिए मैंने एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोक ली... मुझसे आगे करीब 10 गाड़ी लाइन में लगी हुई थी, इसलिए मैं गाड़ी में बैठा हुआ अपने नंबर का इंतजार कर रहा था... तभी मेरे पीछे एक गाड़ी आके रुकी, जिसमें से कुछ लड़कियों ने गाड़ी से उतरते ही डांस करना शुरू कर दिया... उनका डांस इतना शानदार था कि देखते ही देखते पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई... कुछ लोगों ने तो उन पर जमकर पैसे लुटाए... जब मेरी गाड़ी में CNG भर गई तो एक पेट्रोल कर्मचारी ने बताया हमारे अलीगढ़ की किन्नर कि खूबसूरती देखकर कोई भी ये नही कह सकता है कि ये लड़कियां नहीं है... मुझे उसकी बात सुनकर ताज्जुब हुआ, क्योंकि अब तक तो मैं भी उनको लड़कियां ही समझ रहा था...

Amit Tomar

79,923 次观看 • 1 个月前

ग़ालिब छूटी शराब पर अब भी कभी कभी पीता हूँ, रोज ए अब्र ए शब ए माहताब में कभी कभी शायरी पढ़ता हूँ। जावेद अख्तर फेवरिट है, बशीर बद्र भी, और राहत इन्दोरी भी। ●● गालिब भी पढ़ता हूँ। पहली बार गालिब से परिचय जगजीत सिंह के एलबम के मार्फ़त हुआ। तब आधा समझे, और बाकी आधा गलत सलत ही रटते हुए गुनगुनाते थे। फिर एक किताब ली। दीवान ए गालिब... उसमे कठिन शब्दो के अर्थ दिए होते थे। अबकी ज्यादा समझा। और अनसुने कलाम को भी पढा। लेकिन शब्द समझने के बाद भी कई बार भाव, सिर के ऊपर से निकल जाता। ●● फिर गूगल युग आया। न सिर्फ शब्दार्थ, बल्कि भावार्थ भी मिल जाते। ग़ालिब की खासियत यह है, हर सिचुएशन को एक्सप्लेन कर जाते हैं, अनिवर्चनीय को कह जाते हैं। और जादू यह, कि उस बोल का अर्थ दूसरी बहुत सी सिचुएशन में लागू होता है। याने अपने हालात के मुताबिक हर पाठक के लिए अर्थ कुछ अलग है। हर एक के दिल की किसी जुदा तंत्रिका को वह शेर छूता है। और जुबान वाह कहना भी भूल जाती है। ●● अच्छा लेखन वही, कि आदमी खो जाये। उसके भीतर कुछ घुड़मुड़ाये। उसके लिए, शब्द समझ मे आने चाहिए, भाव हृदय में उतरना चाहिए। ग़ालिब के दौर में अधिसंख्य लोग उर्दू समझते होंगे। अब नही। वो ट्रेडिशन्स नही, जिसमे ग़ालिब के भाव फिट हों। जैसे कागजी है पैरहन हर पैकरे तस्वीर का। तब जिन्हें शिकायत होती थी, वे कागज के वस्त्र पहनकर जाते थे शिकवा करने। अब वो ट्रेडिशन नही रही। तो कैसे समझेंगे की ग़ालिब कह रहे है- यहां हर शख्स कुछ न शिकवा लिए घूम रहा है। ●● इसके मुकाबले आप बशीर बद्र को पढिये। सीधी, साफ, समझ मे आने वाली खूबसूरत रूमानी शायरी है। जावेद को पढिये। एक मोहरे का सफर, नया हुक्मनामा, जो कहते सब डरते है, तू वो बात लिख... सीधा, सिम्पल, सटाक से दिल को लगने वाला। मगर इन सबसे ऊपर हैं- राहत इंदौरी। द किंग ऑफ सिम्पलीसिटी। हिम्मत, गुरुर, जज्बे का शायर। बशीर और जावेद का कॉंटॅक्स पूरा पेज या नज्म पढ़ने पर जाहिर होता है। यहां राहत, दो लाइन में आग लगा जाते हैं। गुलाब,ख़्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता, इंतिज़ाम क्या क्या है ●● बड़े शायर, बड़े लेखक, शब्दो से नही खेलते। भाव से खेलते हैं। ये भाव, अनुभव से आपबीती से आते हैं। आपबीती न हो, तो सिंपथि से आते हैं, एम्पाथि से आते है, करुणा से उपजते हैं। यह करुणा, इंसान के हृदय को उर्वर बनाती है, ख्याल उपजते हैं। गैर की पीड़ा को, उसके दिल के हालात को, उसकी निगाह को अपने भीतर पैवस्त करना-फिर जहां को देखना जो दिखे, उसे गहरे, आसान लफ्जों में लिख देना। महान शायर और लेखक तो वही हुए, जिन्होंने आसान लफ्जों में गहरी बात कही- क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात नही कहोगे?? यहां साहस है, चुनौती है, एक मजबूर, मजलूम बेवा की इल्तजा है पंच परमेश्वर से सवाल है। ●● आपमे सिंपथि नही, एम्पाथि नही, तो भाव कालजयी कैसे हो?? जब आपकी बात भीतर प्रेम न जगाए, शीतल न करे। चुनौती न दे, सवाल न हो, जो विद्रोह का साहस न जगाए... घृणा जगाये। जातीय, धार्मिक, सामुदायिक नफरत से लबरेज हो। लेखक का, शायर का दिल बंजर है, ईर्ष्या से भरा है। इस ज्वालामुखी के क्रेटर से कौन से भाव उगलेंगे?? ●● जलाने वाला मैग्मा ही निकलेगा। सस्ता साहित्य, घटिया कविता, बकवासी तुकबन्दी। पाकिस्तान से पर चढ़ाई और हिंदुस्तान की वाहवाही.. छपवा लो दस किताबें, मगर कालजयी कृति कैसे बनेगी भईया? खोखले चिकने शब्दों से कितना खेलोगे। अगर खूब सारे भारी भरकम शब्दो का जमावड़ा ही कालजयी साहित्य होता.. तो भार्गव की डिक्शनरी शेक्सपियर के साहित्य से बड़ी मानी जाती। ●● आज शब्दजाल वाले किसी उभरते लेखक से बकझक हुई। सो लिख दिया। समझने वाले समझ गए। जो न समझे उनके लिए अर्ज करता हूँ- जमी पर घर बनाया, मगर जन्नत में रहते है हमारी खुश नसीबी है, कि हम भारत मे रहते है अब आप इसे घटिया शेर मानते है तो आपकी शायरी की समझ है। अगर बेहतरीन शेर मानते है, तो पॉलिटिक्स की समझ है। अगर आप इसे शेर नही, अनहद पॉपुलिस्ट बकैती मानते है, तो अब आपको मेरी भी समझ है। ❤️

Manish Singh

29,882 次观看 • 1 年前

हेलो Manak Gupta जी आपको देश ने देखा कहते हुए “गुप्ता समुदाय को उसका हक़ मिल ही गया” आपने जाति देख कर ये भूला दिया कि मुख्यमंत्री महोदया गाली देने में उस्ताद हैं। इन सब से भी ओछी हरकत तो अब ये हुई की अपने शो में बुला कर अखिलेश जी पर जातिवादी टिप्पणी अपने स्क्रिप्टेड शो में करवाई । उसके बाद ठहाके लगाये! इतनी समझ तो होनी चाहिए आपको की “टोटीचोर” एक जातिवादी गाली है। क्योंकि पानी पीने से कुएँ-तालाबों से दलितों-पिछड़ों को हमेशा वंचित रखा गया। इसलिए अखिलेश जी को “टोटी” से जोड़ा गया । हज़ारों सालों से हम से हमारा हक़ चुराने वाले लोग आज भी हमारे पानी पीने तक से दर्द महसूस करते हैं वरना एक मुख्यमंत्री के बेटे को ख़ुद एक मुख्यमंत्री को नल से जोड़ कर चोर साबित करने का कारण और क्या हो सकता है? कम से कम पत्रकारों को तो इससे बचना चाहिए ।

Priyanka Bharti

100,720 次观看 • 1 年前

MY पॉलिटिक्स की अर्थी उठ गयी 😰 ये है अजय यादव की विधवा पत्नी.. वो अजय यादव जो मोतिहारी में मुहर्रम की हिंसा में मारा गया, सो कॉल्ड "शांति समुदाय" द्वारा — गर्दन काट दी गई। इनकी प्रशासन से एक ही मांग है — खून के बदले खून। दोषियों को फांसी दो। मगर इन्हें क्या पता, इनकी तो परेशानी अब शुरू हुई है। अब कोर्ट के चक्कर, धक्के, तारीख़ पे तारीख़, और चुनावी मौसम है तो इनका खूब इस्तेमाल होगा — फिर फायदा उठा के छोड़ देंगे नेता.... बीजेपी जन सुराज या जिसे भी फायदा नजर आएगा अपना..., फिर चुनाव के बाद पूछने वाला कोई नहीं होगा। और हमारे महान भारत के न्यायालय की दशा सबको पता है, सालों लगेंगे आरोपी साबित होने में(पता नहीं पकड़े भी गए या नहीं), मगर 1-2 साल में बेल पर बाहर आकर आरोपी मज़े उड़ाएगे, और यही लोग आकर इनके जले पर नमक छिड़केंगे। अजय यादव तो मार दिया गया, अब उसका परिवार हर दिन मरेगा जीते जी। उसका अबोध छोटा बच्चा अभी समझ भी नहीं पाया कि ये कैमरे, माइक, और भीड़ क्यों आई है घर पर। अब बोलो तेजस्वी यादव — एक ढोंगी कथावाचक की चोटी कट जाए तो आत्मसम्मान पर ले लेते हो, जिहादियों ने एक मासूम यादव की गर्दन काट दी — तो मुंह सील गया? क्या कहते थे तुम के — "मुसलमानों की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो ईंट से ईंट बजा देंगे" अब? कहाँ है वो तेवर? कहाँ है वो जुबान? बड़ा MY MY करते हो 😐 Tejashwi Yadav, self-proclaimed Yadav leader, मृतक अजय यादव के घर जाना तो छोड़ो, एक ट्वीट तक नहीं किया। क्यों? क्योंकि आरोपी वोट बैंक समुदाय से हैं। इसको यादवों से नहीं, सिर्फ होने वोट बैंक से मतलब है। MY की राजनीति अब मौन व्रत में है, गरीब Y की लाश भी TRP है, वोट नहीं — इसलिए कोई फर्क नहीं। क्यूँकी जात के है तो वोट तो देंगे ही, गुलाम है, वरना दूसरा जात वाला जीत जायेगा 😒😰 अरे नेताजी सामने से नहीं तो कम से कम पीछे से गरीब समझ के ही मदद कर दो... चुपके से ही सही। इतना भी क्या डर है वोट बैंक खोने का? 🙏 भगवान अजय के परिवार को इस देश के शासन और प्रशासन दोनों की तरफ से मिलने वाली तकलीफो को सहन करने की शक्ति देना... 🙏😰 मेरा भारत महान #BiharPolitics

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

85,217 次观看 • 1 年前

यह राजस्थान की सबसे सुंदर तस्वीर है! राजस्थान में अनेक नेता हैं। सदाशयी भी हैं; भले और भोले-भाले भी हैं; लेकिन कुछ मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं। वे एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो बुजुर्गों और बीमारों की सुध लेना कभी नहीं भूलते। चाहे कोई हो। वयोवृद्ध हो या बीमार। नेता हो, पत्रकार हो या पुराना मित्र। काँग्रेस का हो या भाजपा का; गहलोत साहब उनसे मिलने अवश्य जाते हैं। यह उनका स्वभाव है और यह उनकी संवेदनशीलता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए भी यह काम कर लिया करते थे। हो सकता है, किसी को उन्होंने राजनीतिक रूप से बेकल भी किया हो; लेकिन वह भी बीमार पड़ा तो सबसे पहले वे ही पहुँचते हैं। इस काम को वे राज्य की सीमाओं से पार जाकर करते हैं। वे जब तीसरी बार सीएम थे तो उन्होंने एक अप्रत्याशित व्यक्ति के सहयोगी की पुत्रवधू के गंभीर इलाज में बिना किसी के कहे न केवल मदद की, उन्हें सब तरह की सुविधाएं मुहैया करवाईं। गहलोत ऐसे काम करते रहते हैं और उनकी चर्चा भी नहीं करते। आज उन्होंने शतायु पार पंडित रामकिशन जी से मुलाकात की। सौ से भी अधिक वसंत जी चुके इस अनुभवी व्यक्तित्व के साथ उनकी यह भेंट न केवल शिष्टाचार है, बड़ों के प्रति सम्मान की एक जीवंत मिसाल भी है। पंडित रामकिशन हमारे प्रदेश की राजनीति के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। इसलिए गहलोत साहब का यह क़दम उनके क़द को भी बढ़ाता है और दम को भी। लेकिन अफ़सोस कि कॉंग्रेस या भाजपा के किसी नेता में अब यह ख़ूबी नहीं दिखती। यह तस्वीर सुंदर है। यह मुलाक़ात बेहतरीन है। और यह इंसानियत अनमोल है। इस इंसानियत की कुछ कोंपलें हम भी अपने दिलों की मिट्टी में उगाएँ! बाक़ी नेता भी इस राह पर बढ़ें! 🙏

Tribhuvan_Official

18,661 次观看 • 5 个月前

मैं SC -ST समाज के युवाओं को एक ही बात बोलना चाहता हूँ कि जो कांग्रेस पार्टी अपने प्रदेश अध्यक्ष को जेल से निकलवाने में लिए कोई प्रयास नहीं कर रही ऐसे में आम कार्यकर्ता के लिए कितना कुछ करती होगी, ये आपको समझने की जरुरत है..... इतने दिन हो गए अपने प्रदेश अध्यक्ष को जेल से नहीं निकलवा पा रही...... मैं आमंत्रित करता हूँ कि आप सब हमारी पार्टी में आए, हनुमान बेनीवाल जी अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता का भी ध्यान रखते है जिसका उदाहरण आप हर बार देखते हो,पिछले दिनों छोटे से कार्यकर्ता महिपाल को भाजपा के मंत्री के इशारे पर जेल में डाला था उसके लिए हनुमान जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी और DGP तक से मुलाक़ात की थी और उसके बाद किसी की उस कार्यकर्ता के सामने देखने तक की हिम्मत नहीं हुई... आंदोलन करते हुए भी थानसिंह डोली को गिरफ्तार किया था लेकिन उसी दिन वापिस रिहा करना पड़ा, कल आपने श्रवण चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ताओं को डिप्टी CM और मंत्री से उलझने में बावजूद same day रिहा करना पड़ा क्योंकि हनुमान जी उनके पीछे मजबूती से खड़े थे.... कांग्रेस भाजपा दोनों में कार्यकर्ताओं के लिए खड़े रहने वाला कोई नहीं है और जो भी कार्यकर्ता हमारी पार्टी में आना चाहता है उसका स्वागत है, आपके साथ साथ आपके सामाजिक मुद्दों पर भी RLP मजबूती से लड़ेगी 🙏 HANUMAN BENIWAL Rashtriya Loktantrik Party

Shekhar Choudhary

57,496 次观看 • 11 个月前

*युद्धविराम के पीछे का सच :-* युद्ध विराम की चर्चा से पहले यह जान लेवें कि भारत और भारत की जनता को कैसे बचाना है ,यह मोदी जी जैसे हर देशभक्त का प्रथम लक्ष्य हैं । स्वयं का घर जलाकर होली मनाना मूर्खता है ।कुछ अज्ञानी लोग कल शाम से प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दे रहे हैं , कोस रहे हैं । युद्ध विराम के निर्णय को गलत बता रहे हैं । मोदी को गरियाने वाले अज्ञानियों से निवेदन है कि पिछले 4 दिनों में क्या कुछ घटा है और मोदी जी ने क्या कुछ किया है ,इसका अध्ययन आप एक बार जरूर कीजिए । युद्ध करना जरूरी है लेकिन समझ के साथ युद्ध करना सबसे ज्यादा जरूरी है । आप सिर्फ समाचार पत्रों या वेबसाइट की पिछले 3 दिनों को खबरें पढ़ें । विशेषरूप से 9 मई और 10 मई की अलसुबह की खबरें। आप पढ़ेंगे तो पाएंगे कि पाकिस्तान में लगातार 2 दिन भूकंप आने की खबर है । दोनों दिन रिक्टर पैमाने पर 4.0 के भूकंप का समाचार है । लगातार 2 दिन इस तरह एक ही पैमाने का भूकम्प बहुत कुछ संकेत देता है । मेरे आकलन के अनुसार यह भूकंप नहीं बल्कि पाकिस्तान का वह गुप्त परमाणु परीक्षण था जिसे वह हताशा में अपनी आसन्न हार के मद्देनजर भारत पर आजमाने की पूरी प्लानिंग कर चुका था । केवल 2 दिनों में पाकिस्तान पूरी तरह पस्त हो चुका था । उसका एक भी हमला भारत की जमीन को छू भी नहीं सका था । इसलिए उसके धर्मांध हुक्मरानों , पिटी हुई आर्मी ने चीन और तुर्की की शह पर परमाणु हमले का निर्णय ले लिया था । पाकिस्तान जानता था कि वह पूरी तरह बर्बादी के कगार पर है । इसलिए भारत को भी बर्बाद कर मिट जाना अच्छा लगा पाकिस्तान को, भारत ने पाकिस्तान की न्यूक्लियर रिसर्च लैबोरेट्री के ठीक पड़ोस वाली बिल्डिंग को निशाना बनाकर यह संकेत दिया था कि वह कभी भी इस लैबोरेट्री को नष्ट कर सकता है । पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियार उपयोग में लेने की मंशा ने अमेरिका को भी अलर्ट मोड पर डाल दिया!अब आएं मिसाइल के उपयोग पर 9 मई की देर रात्रि में हरियाणा के सिरसा के ऊपर भारतीय सेना ने जिस मिसाइल को इंटरसेप्ट किया,वह फतेह 2 मिसाइल पाकिस्तान द्वारा विशुद्ध रूप से राजधानी दिल्ली और एनसीआर को लक्ष्य करके सिर्फ इसीलिए दागी गई थी ताकि पता लग सके की परमाणु बम को ले जाने वाली यह मिसाइल कितनी दूर तक जा सकती है पाकिस्तान और भारत के दुश्मनों ने यह तय कर लिया कि इस बार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र को परमाणु हमले की जद में लाया जाए,उसके बाद में भले ही हम स्वयं नक्शे से मिट जाए लेकिन भारत में लाखों आदमियों का कत्ल परमाणु हमले से हो । चीन भी इस युद्ध में पूरी तरह उतर जाने की प्लानिंग पर था!इधर मोदी सरकार और भारतीय सेना ने पहले दिन से यह तय कर लिया था कि पहलगाम हमले के बदले आतंकी कैंपों को निशाना बनाना है और उसमें वह सफल भी हुए। यथेष्ट लक्ष्य हासिल भी कर लिया गया!बहावलपुर से लेकर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर तक सभी आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया गया और सैकड़ो आतंकी ठिकाने भी लगा दिए गए,अक्ल से अंधे होकर सिर्फ परमाणु युद्ध के लिए उतर जाना, पूरे विश्व को खतरे में डाल देना भी किसी भी तरह से उचित नहीं था । अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस जो पाकिस्तान के विरोधी भी हैं और जिन्होंने 2 दिन पूर्व ही भारत-पाकिस्तान कनफ्लिक्ट से अलग रहने के अमेरिका के स्टैंड का ऐलान किया था, उन्होंने मजबूत इनपुट के आधार पर ही मोदी से बात कर सीजफायर करने की बात मोदी को कही । मोदी भी इस विश्व व्यापी खतरे को समझ रहे थे । भारत के अंदर और भारत के बाहर के भारत विरोधी तत्वों , दुश्मनों की उस मंशा को भी समझ रहे थे जो विकसित होते भारत को बर्बाद होते देखना चाहते थे और लाखों नागरिकों परमाणु हमले के माध्यम से मारे जाने का सपना देख रहे थे । इसलिए अपनी इमेज की परवाह किए बगैर भारत के लिए क्या उचित है, इस देश की जनता की हिफाजत के लिए क्या उचित है इसका निर्णयपीएम ने लिया और सीजफायर का ऐलान किया! इसे एक कपोल कल्पना पोस्ट मान सकते हैं । लेकिन मेरा इतना कहना है कि आप पिछले 4 दिनों के घटनाक्रम का सिलसिलेवार अध्ययन स्वयं करें। हम न्यूक्लियर वॉर यानी परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़े है, यह बात आप खुद जान पाएंगे । हमारे महान भारत देश को बचाने के संकल्प के साथ ही दुश्मनों को भी खत्म करना है । आगे भी समय आएगा । कई मौके मिलेंगे । उस समय तरीके से दुश्मन को नष्ट भी किया जाएगा । लेकिन आज अंधे होकर निर्णय नहीं लिया जा सकता। मै तो कहती हूं मेरी पोस्ट पर नहीं पर Narendra Modi पर भरोसा रखें।भारत को भी बचाकर दुश्मनों का खात्मा भी किया जाएगा,पाकिस्तान की ओर से न्यूक्लियर वॉर की पूरी रचना की जा चुकी थी। उसके परमाणु बम वाली मिसाइल के निशाने पर भारत की राजधानी दिल्ली थी! #budhdha_purnima #IndiaPakistanWar2025

कविता भारतीय 🇮🇳 एस्ट्रोलोजर

55,767 次观看 • 1 年前

भजन लाल जी चुन मांगो...... #First_Grade_स्थगित_करो की मांग की बात करने वाले एक छात्र ने ये नारा लगाया.... ये व्यक्तिगत नारेबाजी गलत है.... हालांकि आंदोलन का नेतत्व करने वाले Manoj Meena ने ये नारा नहीं लगाया है.. देख लीजिए..... लेकिन जो लोग इस नारे पर जातिवादी रंग दे रहे है... वो भी गलत है.... मेरा तो मानना है जातिवाद से देश को नुकसान होता है....जातिवादी रंग छोटी सी बात पर नहीं देना चाहिए... #First_Grade_स्थगित_करो की माँग करने वाले छात्र हर समाज से है.... हालांकि एक बच्चे ने गलती इस ये नारा लगा दिया तो पूरा आंदोलन गलत नहीं है.... लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है..... हालांकि छात्रों के मामले में कुछ गलती मुख्यमंत्री जी की भी है.... वो किसी भी आंदोलन करने वाले छात्रों के डिलीगेट से कभी मुलाक़ात नहीं करते है... लगता है किसी उनको गलत सुझाव दे रखा है.... विरोध करने वालों से मत मिलो...अगर आप एक से मिलोगे तो फिर ज्यादा लोग करेंगे... ऐसा कभी नहीं होता है... मुख्यमंत्री को सभी से मिलना चाहिए... मुख्यमंत्री जी आपके इस व्यवहार से आपकी छवि खराब हो रही है... लोग कहते है... मुख्यमंत्री जी घमंडी है..... मुझे एक आंदोलन करने वाले ने कहा मैंने कई बार समय मांगा मुझे मुख्यमंत्री जी के वहां समय नहीं मिला... उसने कहा घमंड तो रावण का भी नहीं चला तो इनका कैसे चलेगा! मैने कहा वो खुद ऐसे नहीं है..... मुझे लगता है भजन लाल जी को अपने व्यवहार और कार्यशैली में बदलाव लाना चाहिए... अभी उपयुक्त समय है... ये समय दुबारा नहीं आएगा..... सभी वर्गो की पीड़ा सुननी चाहिए.... सभी से मिलना चाहिए.... और अगर पॉसिबल हो तो मदद करनी चाहिए.... Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan PMO India

Jitesh Jethanandani

44,341 次观看 • 1 年前

Big Breaking : Indira Gandhi हत्याकांड 2.0 । आज चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर दूर बैठी एक CISF सिपाही कुलविंदर कौर जिसे कि खालिस्तानी समर्थक बताता जा रहा है ने VIP ड्यूटी पर होते हुए मंडी की लोकसभा सांसद Kangana Ranaut पर हमला कर दिया, खालिस्तानी कुलविंदर कौर ने बाद में कहा की मेरी मां खालिस्तान समर्थित किसान आंदोलन में बैठी थी जब इसने (कंगनाi रनौत) ने 100 रुपए वाला बयान दिया था इसलिए मैंने इस पर हमला किया, याद कीजिए ठीक इसी प्रकार देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके सिख बॉडीगार्ड्स ने सर्विस गन से छलनी कर दिया था और छलनी कर दिया था विश्वास, सवाल इस बात का है की क्या सरकार को सभी सिक्योरिटी पर तैनात कर्मचारियों की लगातार प्रोफाइलिंग नही करनी चाहिए, वो तो कंगना की किस्मत अच्छी थी वर्ना अगर खालिस्तानी कुलविंदर कौर के हांथ में गन होती तो शायद वो उसे मार भी देती, इस घटना ने एक बार फिर समाज में विश्वास के सबसे निचले पायदानों पर खड़े एक समाज को और नीचे धकेल दिया है, यह सबकुछ ठीक चुनाव नतीजों के बाद हो रहा है, मेरा मानना है सुरक्षा की दृष्टि से PMO India Narendra Modi, CM Office, GoUP Yogi Adityanath, मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma एवम अन्य हिन्दू हृदय सम्राट नेताओ की सिक्योरिटी से फिलहाल एक विचारधारा से आने वाले सभी सिक्योरिटी कर्मचारियों को बदला जाए और पूरी प्रॉपर प्रोफाइलिंग के बाद ही इन्हे सुरक्षा घेरे में जगह दी जाए, हिन्दी में कहते हैं दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है, और अंग्रेजी में कहते हैं Once Bitten Twice Cautious

Nitin Shukla 🇮🇳

108,641 次观看 • 2 年前

अलीगढ़ जनपद के बन्ना देवी थाना क्षेत्र में बहुजन समाज के युवक चंदू लोधी पर हुआ जातंकवादी हमला — अत्यंत पीड़ादायक और समाज को शर्मसार करने वाला है। ड्राइवर का काम करने वाले चंदू लोधी को एक जातंकवादी युवक ने कॉल कर कहा कि —“दिल्ली जाना है, क्या गाड़ी चलाकर ले चलोगे?” 1000 रूपए माँगे गए, 800 रूपए पर बात तय हो गई। जैसे ही चंदू बुलाई गई जगह पहुँचे, वहाँ कोई नहीं मिला। उन्होंने फोन किया तो जवाब मिला — “2 मिनट में आ रहा हूँ।” लेकिन “2 मिनट” में बुकिंग वाला जातंकवादी 8-10 अन्य जातंकवादियों के साथ पहुँचा और बोला —“बहुत चंदू बाबा साहेब-बाबा साहेब करता है, आज बताते हैं!” चंदू ने जवाब दिया — “बाबा साहेब ने हमें आरक्षण दिया है, इसलिए मैं बाबा साहेब-बाबा साहेब करता हूँ।” उन्हें पिस्तौल की नोक पर उठा लिया गया और तीन घंटे तक बेरहमी से पीटा गया।सिर फट गया, पट्टी के बाद भी खून नहीं रुक रहा था। हमलावरों ने जातिगत गालियाँ दीं और कहा —“बहुत बड़ा लोधी बनता है, आज तेरी अक्ल ठिकाने लगा देंगे।” यह हमला सिर्फ़ चंदू लोधी पर नहीं, बल्कि पूरे बहुजन समाज के आत्मसम्मान और एकता पर हमला है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि भाजपा के सांसदों और लोधी समाज से जुड़े भाजपा नेताओं के पास जाने के बावजूद अब तक कोई न्याय नहीं मिला। जब सत्ता के दरवाज़े बंद हो गए, तो चंदू लोधी ने न्याय के लिए भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दरवाज़ा खटखटाया है। हम Government of UP माँग करते हैं — 1. जातंकवादियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। 2. पीड़ित को सरकारी सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और मुआवज़ा दिया जाए। 3. घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए और प्रशासन जिम्मेदारों पर सख़्त कार्रवाई करे CM Office, GoUP Yogi Adityanath

Chandra Shekhar Aazad

16,563 次观看 • 10 个月前