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मंदिरों में आने वाले धन का कितना हिस्सा गौशालाओं, अस्पतालों, शिक्षा और गरीबों की सेवा पर खर्च हो रहा है? इस विषय पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। पूरे देश के लिए मंदिरों के प्रबंधन का एक पारदर्शी, जवाबदेह और संतुलित मॉडल बनाया जाना चाहिए।
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मंदिर मे आने वाले धन को सरकार हज़ यात्रा मे जेब खर्चा के प्रतिवर्ष 180लाख ₹ जिहादी के बढ़ावा को देती है | वोट बँक को मजबूत करने को लेकिन जिहादी कभी भी भाजपा को वोट नहीँ करेंगे | ओवेसी की पार्टी के वक्ता कई बार टी वी चैनल से कह चुके है | जंहा संख्या नहीँ है वंहा वोट नही डालेंगे

ईसाई मिशनरियों के पैसे सिर्फ ईसाई लोगों पे खर्च होते हैं वैसे मुस्लिमों के भी, हिंदू सनातनियों के पैसे सिर्फ हिंदुओं पे ही खर्च होने चाहिए? right.

@AnilKumarSingh3 सही कहा, सभी मठ मंदिरों सरकारी नियंत्रण से मुक्त करके गुरुकुल चलवाकर सनातन हिन्दू धर्म बढाना चाहिए। हिन्दू धर्म की रक्षा, सुरक्षा, संवर्धन संरक्षण करना चाहिए? स्वतंत्र भारत में केवल हिन्दू मठ मंदिरों को ही सरकारी नियंत्रण मे है? बाकी चर्च, मस्जिद अपना मजहब बढ़ाने स्वतंत्र है?

हिंदूमंदिरों से आने वाला पैसा "सिर्फ हिंदुओं " के कल्याण हेतु खर्च करना चाहिए ! हिंदूधर्म को बचाने वाली ,हिंदूधर्म बढ़ाने वाली शिक्षा, गरीब हिंदुओं को पढ़ने के लिए ,रोजगार एवं स्वास्थ्य के लिए खर्च होना चाहिए ! हिंदू मंदिरों का एक पैसा भी हिंदूविरोधियों के लिए नहीं जाना चाहिए

मैं आपकी बात का पुरजोर समर्थन करता हूं मुझे लगता है कि इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि अगर मंदिरों का पैसा मंदिर और हिंदू धर्म, धर्मावलंबियों पर लगाने का कोई प्रस्ताव आता है तो किसी को विरोध करने का दुस्साहस नहीं हो सकता

मान्यवर हिन्दू धर्म की शिक्षा पर कितना खर्च होता है इस चढ़ावे का ये सबसे महत्वपूर्ण है, बाकी सभी कार्य तो जो हिंदू धर्म की शिक्षा पा जाएगें वो स्वागत कर लेंगे।

क्यों मंदिर ही क्यों? सभी धर्म स्थानों पर आने वाले धन एवं संपत्ति का हिसाब होना चाहिए।

हिंदू साधु संतों और संगठनों को एक धर्म संसद बनाना चाहिए जिसमें भारत के सभी मंदिरों का आमदनी और खर्च का लेखा-जोखा हो धर्म के विकास धार्मिक गतिविधियों हिंदुओं की सुरक्षा होना सुनिश्चित किया जाए क्योंकि भारत सैकड़ो वर्षों से लगातार विदेशी आक्रमण का शिकार रहा है

यह अत्यंत महत्वपूर्ण है, हमें एकजुट होकर इस बात का परिणाम लाना चाहिए! डीएमके, कर्नाटक, कॉंग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल, दिल्ली का पापी, उत्तरप्रदेश, बिहार का मुल्ला यादव परिवार ने सनातन धर्म की संपत्ति लूटने में कोई कमी नहीं की.

मंदिरों में दान में आए हुए धन से शैक्षणिक संस्था, चिकित्सालय, धर्मशाला, गुरुकुल , गौशाला आदि का संचालन भी किया जा सकता है जिससे आम जन का पैसा जनहितार्थ उपयोग हो सके।

देश के सारे मंदिर यदि चाह लेते या अभी भी लें कि एक भी हिन्दू गरीब नहीं होगा तो क्या ये संभव नहीं है ??? पटना जंक्शन के निकट महावीर मंदिर है वहाँ प्रवेश करते और निकलते जब भिखारियों को देखता हूँ तब @RSSorg @VHPDigital हिन्दू समाज के प्रयास पर तरस आता है कि हमारी ये उपलब्धि है

जैन साहब आप सही कह रहे हैं एक पारदर्शी और जवाब दें मॉडल होना चाहिए लेकिन क्या यह बस मंदिरों के लिए होना चाहिए इस देश की मस्जिदों का पैसा कहां जाता है वक्त बोर्ड में आने वाली संपत्तियों का पैसा कहां जाता है क्या इसके लिए संतुलित और जवाब दें मॉडल नहीं होना चाहिए पारदर्शिता सभी जगह

धर्म रक्षा में भी आदिवासी क्षेत्रों में धर्म रक्षा में मंदिरों का पैसा खर्च हो।

Adiwasi ke liye bhi kharch hona chahiye, koi christian missionaries convert na kar sake.

In 2016, CEO offifial of Shri Vaishno Mata Shrine Board had informed me inofficially that all amount received from Vaishno Devi and Amarnath (both controlled by this board) is transferred to J&K Govt as loans. We can seek information from govt through RTI about major Mandirs.

Sabse bada sawal ek mandir me baith kar crorepati banne wala pandit, pujari, trustee, kitna ℅ apni Income aone dharm or mandir per lagata? 0 kyo bhai? Sbhi mandiro me brahaman se fees leni chahiye baithne or pooja karne karwane ki, @RSSorg @myogiadityanath @VHPDigital

स्कूल कॉलेज हिंदुओं के लिए फिर मुफ़्त अस्पताल चला सकते है। सनातन रक्षा के लिए जो संगठन ha उनका खर्चा और वकीलों की फौज जो हिंदुओं का निःशुल्क केस लड़े। ऐसी बहुतसी बाते हम कर सकते है मगर क्या उतनी पारदर्शिता से कर पाएंगे कि भ्रष्टाचार ना हो। अगर हा तो बिल्कुल करे पहले मंदिर मुक्त।

mandir ka paisa gaushala, hospita, shiksha, gareeb sewa ke liye kyon use kiya jaye? bhakt mandir main ishwar ko bhakti se bhar ke dhan arpit karte hain...yeh devta ka dhan hai...dharm-shastra jo kahen uske liye use ho iska.

मंदिरो दान के चोरो शीघ्र कठोर दण्ड दो इससे करोड़ो बलिदानीयो का अपमान,भक्तो अहात,दुखी! गुड़ शक्कर खुले मे रख दिए जाए तो मक्खी कीडे भिन-भिनागी ही इसलिए दान के धन का समय रहते सदुपयोग करो मंदिर-पुर्व मे पुजा के साथ-साथ अध्यात्म,कला,संगीत,धार्मिक,सामाजिक समागम,भाषा,ज्ञानविज्ञान अघ्यय

मंदिरों का पैसा सिर्फ ओर सिर्फ सनातन का पूरे विश्व में प्रचार के लिए होना चाहिए

बिल्कुल सही दिशा है ये @PawanKalyan @VHPDigital We need a National framework not only at temple management level (which Will evolve), but current govts must be answerable for the collection from temples n the respective usage

Sahi hai

@sanatni_hindu #सनातन_बोर्ड का स्थापित होना बहुत आवश्यक है ' भविष्य में हिन्दुओ का एक अपना वर्चस्व होगा । #हिन्दुत्व #राम_मन्दिर_चंदा_चोरी

@SSChauhan_CCE Aur ghar wapasi ke liye bhi. Mandir ka paisa bas Hindu dharm ke palan karne walon pe kharch hona chahiye

Agreed

There should be an independent centralised board,under which will have regional boards under this will be subsidiary branches of committee of different temples. In central & regional board,Observer should be appointed from different fields.

I agree with you Sir

आपने बहुत सकारात्मक बात कही है

सरकार कर पायेगी ? लेकिन उत्तरप्रदेश में योगी जी हैं वो सब कर सकते हैं

Govt should bring some legislation for management of religious places and utilisation of their funds for public/community welfare. It will not be interference in freedom of religion but it will be only for their management. @narendramodi @AmitShah @AshwiniUpadhyay @MLJ_GoI

इस चंदे मे से 50% तो चंदा चोरों की जेब मे चला जाता होगा गौशाला अस्पताल और शिक्षा मे कैसे जायेगा?

@aajtak चर्चा का बिषय है ❓, या बस सरकार की तारीफ ही होगी

Gurukul Qualified pundits should be the priests, selected on merit basis who can make aware hindus about Hindu dharma . They should be provided with identity cards & throw out nakli pundits as sanatan dharam is suffering due to such nakli pundits
