Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

मंदिरों में आने वाले धन का कितना हिस्सा गौशालाओं, अस्पतालों, शिक्षा और गरीबों की सेवा पर खर्च हो रहा है? इस विषय पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। पूरे देश के लिए मंदिरों के प्रबंधन का एक पारदर्शी, जवाबदेह और संतुलित मॉडल बनाया जाना चाहिए।

56,444 Aufrufe • vor 2 Monaten •via X (Twitter)

33 Kommentare

Profilbild von Tulshydassramanandytyagy @gmail.com
Tulshydassramanandytyagy @gmail.comvor 2 Monaten

मंदिर मे आने वाले धन को सरकार हज़ यात्रा मे जेब खर्चा के प्रतिवर्ष 180लाख ₹ जिहादी के बढ़ावा को देती है | वोट बँक को मजबूत करने को लेकिन जिहादी कभी भी भाजपा को वोट नहीँ करेंगे | ओवेसी की पार्टी के वक्ता कई बार टी वी चैनल से कह चुके है | जंहा संख्या नहीँ है वंहा वोट नही डालेंगे

Profilbild von Bhagwad Geeta
Bhagwad Geetavor 2 Monaten

ईसाई मिशनरियों के पैसे सिर्फ ईसाई लोगों पे खर्च होते हैं वैसे मुस्लिमों के भी, हिंदू सनातनियों के पैसे सिर्फ हिंदुओं पे ही खर्च होने चाहिए? right.

Profilbild von अर्जुन जाधव.
अर्जुन जाधव.vor 2 Monaten

@AnilKumarSingh3 सही कहा, सभी मठ मंदिरों सरकारी नियंत्रण से मुक्त करके गुरुकुल चलवाकर सनातन हिन्दू धर्म बढाना चाहिए। हिन्दू धर्म की रक्षा, सुरक्षा, संवर्धन संरक्षण करना चाहिए? स्वतंत्र भारत में केवल हिन्दू मठ मंदिरों को ही सरकारी नियंत्रण मे है? बाकी चर्च, मस्जिद अपना मजहब बढ़ाने स्वतंत्र है?

Profilbild von Acharya Triveni Prasad Shukla
Acharya Triveni Prasad Shuklavor 2 Monaten

हिंदूमंदिरों से आने वाला पैसा "सिर्फ हिंदुओं " के कल्याण हेतु खर्च करना चाहिए ! हिंदूधर्म को बचाने वाली ,हिंदूधर्म बढ़ाने वाली शिक्षा, गरीब हिंदुओं को पढ़ने के लिए ,रोजगार एवं स्वास्थ्य के लिए खर्च होना चाहिए ! हिंदू मंदिरों का एक पैसा भी हिंदूविरोधियों के लिए नहीं जाना चाहिए

Profilbild von Sanch Kahun To Maran Dhaven.. Jhuthe...
Sanch Kahun To Maran Dhaven.. Jhuthe...vor 2 Monaten

मैं आपकी बात का पुरजोर समर्थन करता हूं मुझे लगता है कि इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि अगर मंदिरों का पैसा मंदिर और हिंदू धर्म, धर्मावलंबियों पर लगाने का कोई प्रस्ताव आता है तो किसी को विरोध करने का दुस्साहस नहीं हो सकता

Profilbild von Swachh Journalist
Swachh Journalistvor 2 Monaten

मान्यवर हिन्दू धर्म की शिक्षा पर कितना खर्च होता है इस चढ़ावे का ये सबसे महत्वपूर्ण है, बाकी सभी कार्य तो जो हिंदू धर्म की शिक्षा पा जाएगें वो स्वागत कर लेंगे।

Profilbild von Deepak srivastava
Deepak srivastavavor 2 Monaten

क्यों मंदिर ही क्यों? सभी धर्म स्थानों पर आने वाले धन एवं संपत्ति का हिसाब होना चाहिए।

Profilbild von Rupak kumar Gupta
Rupak kumar Guptavor 2 Monaten

हिंदू साधु संतों और संगठनों को एक धर्म संसद बनाना चाहिए जिसमें भारत के सभी मंदिरों का आमदनी और खर्च का लेखा-जोखा हो धर्म के विकास धार्मिक गतिविधियों हिंदुओं की सुरक्षा होना सुनिश्चित किया जाए क्योंकि भारत सैकड़ो वर्षों से लगातार विदेशी आक्रमण का शिकार रहा है

Profilbild von VIJAY I UPADHYAY ( राष्ट्र प्रथम )
VIJAY I UPADHYAY ( राष्ट्र प्रथम )vor 2 Monaten

यह अत्यंत महत्वपूर्ण है, हमें एकजुट होकर इस बात का परिणाम लाना चाहिए! डीएमके, कर्नाटक, कॉंग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल, दिल्ली का पापी, उत्तरप्रदेश, बिहार का मुल्ला यादव परिवार ने सनातन धर्म की संपत्ति लूटने में कोई कमी नहीं की.

Profilbild von Sanjay Kaushik
Sanjay Kaushikvor 2 Monaten

मंदिरों में दान में आए हुए धन से शैक्षणिक संस्था, चिकित्सालय, धर्मशाला, गुरुकुल , गौशाला आदि का संचालन भी किया जा सकता है जिससे आम जन का पैसा जनहितार्थ उपयोग हो सके।

Profilbild von सावरकर
सावरकरvor 2 Monaten

देश के सारे मंदिर यदि चाह लेते या अभी भी लें कि एक भी हिन्दू गरीब नहीं होगा तो क्या ये संभव नहीं है ??? पटना जंक्शन के निकट महावीर मंदिर है वहाँ प्रवेश करते और निकलते जब भिखारियों को देखता हूँ तब @RSSorg @VHPDigital हिन्दू समाज के प्रयास पर तरस आता है कि हमारी ये उपलब्धि है

Profilbild von Nationalist indian
Nationalist indianvor 2 Monaten

जैन साहब आप सही कह रहे हैं एक पारदर्शी और जवाब दें मॉडल होना चाहिए लेकिन क्या यह बस मंदिरों के लिए होना चाहिए इस देश की मस्जिदों का पैसा कहां जाता है वक्त बोर्ड में आने वाली संपत्तियों का पैसा कहां जाता है क्या इसके लिए संतुलित और जवाब दें मॉडल नहीं होना चाहिए पारदर्शिता सभी जगह

Profilbild von Nrendratyagi (राष्ट्रहित सर्वप्रथम सर्वोपरि)
Nrendratyagi (राष्ट्रहित सर्वप्रथम सर्वोपरि)vor 2 Monaten

धर्म रक्षा में भी आदिवासी क्षेत्रों में धर्म रक्षा में मंदिरों का पैसा खर्च हो।

Profilbild von Amresh kushwaha
Amresh kushwahavor 2 Monaten

Adiwasi ke liye bhi kharch hona chahiye, koi christian missionaries convert na kar sake.

Profilbild von Satish
Satishvor 2 Monaten

In 2016, CEO offifial of Shri Vaishno Mata Shrine Board had informed me inofficially that all amount received from Vaishno Devi and Amarnath (both controlled by this board) is transferred to J&K Govt as loans. We can seek information from govt through RTI about major Mandirs.

Profilbild von Vertman Azad Hind Sena (चौकीदार)
Vertman Azad Hind Sena (चौकीदार)vor 2 Monaten

Sabse bada sawal ek mandir me baith kar crorepati banne wala pandit, pujari, trustee, kitna ℅ apni Income aone dharm or mandir per lagata? 0 kyo bhai? Sbhi mandiro me brahaman se fees leni chahiye baithne or pooja karne karwane ki, @RSSorg @myogiadityanath @VHPDigital

Profilbild von Rakesh Kumar
Rakesh Kumarvor 2 Monaten

स्कूल कॉलेज हिंदुओं के लिए फिर मुफ़्त अस्पताल चला सकते है। सनातन रक्षा के लिए जो संगठन ha उनका खर्चा और वकीलों की फौज जो हिंदुओं का निःशुल्क केस लड़े। ऐसी बहुतसी बाते हम कर सकते है मगर क्या उतनी पारदर्शिता से कर पाएंगे कि भ्रष्टाचार ना हो। अगर हा तो बिल्कुल करे पहले मंदिर मुक्त।

Profilbild von susheel_rana20 BotNot
susheel_rana20 BotNotvor 2 Monaten

mandir ka paisa gaushala, hospita, shiksha, gareeb sewa ke liye kyon use kiya jaye? bhakt mandir main ishwar ko bhakti se bhar ke dhan arpit karte hain...yeh devta ka dhan hai...dharm-shastra jo kahen uske liye use ho iska.

Profilbild von Rajesh/Ramesh kumar
Rajesh/Ramesh kumarvor 2 Monaten

मंदिरो दान के चोरो शीघ्र कठोर दण्ड दो इससे करोड़ो बलिदानीयो का अपमान,भक्तो अहात,दुखी! गुड़ शक्कर खुले मे रख दिए जाए तो मक्खी कीडे भिन-भिनागी ही इसलिए दान के धन का समय रहते सदुपयोग करो मंदिर-पुर्व मे पुजा के साथ-साथ अध्यात्म,कला,संगीत,धार्मिक,सामाजिक समागम,भाषा,ज्ञानविज्ञान अघ्यय

Profilbild von हिंदू जनता पार्टी
हिंदू जनता पार्टीvor 2 Monaten

मंदिरों का पैसा सिर्फ ओर सिर्फ सनातन का पूरे विश्व में प्रचार के लिए होना चाहिए

Profilbild von Rohitt (रोहित,ਰੋਹਿਤ) 🇮🇳
Rohitt (रोहित,ਰੋਹਿਤ) 🇮🇳vor 2 Monaten

बिल्कुल सही दिशा है ये @PawanKalyan @VHPDigital We need a National framework not only at temple management level (which Will evolve), but current govts must be answerable for the collection from temples n the respective usage

Profilbild von smartdental
smartdentalvor 2 Monaten

Sahi hai

Profilbild von vineet sharma
vineet sharmavor 2 Monaten

@sanatni_hindu #सनातन_बोर्ड का स्थापित होना बहुत आवश्यक है ' भविष्य में हिन्दुओ का एक अपना वर्चस्व होगा । #हिन्दुत्व #राम_मन्दिर_चंदा_चोरी

Profilbild von Bharat Bhumi
Bharat Bhumivor 2 Monaten

@SSChauhan_CCE Aur ghar wapasi ke liye bhi. Mandir ka paisa bas Hindu dharm ke palan karne walon pe kharch hona chahiye

Profilbild von Crypto_pravin
Crypto_pravinvor 2 Monaten

Agreed

Profilbild von Sangha Priyo
Sangha Priyovor 2 Monaten

There should be an independent centralised board,under which will have regional boards under this will be subsidiary branches of committee of different temples. In central & regional board,Observer should be appointed from different fields.

Profilbild von Adv Munendra Singh
Adv Munendra Singhvor 2 Monaten

I agree with you Sir

Profilbild von Bhanu pratap Singh
Bhanu pratap Singhvor 2 Monaten

आपने बहुत सकारात्मक बात कही है

Profilbild von ajay kashyap
ajay kashyapvor 2 Monaten

सरकार कर पायेगी ? लेकिन उत्तरप्रदेश में योगी जी हैं वो सब कर सकते हैं

Profilbild von Suman kumar Aggarwal
Suman kumar Aggarwalvor 2 Monaten

Govt should bring some legislation for management of religious places and utilisation of their funds for public/community welfare. It will not be interference in freedom of religion but it will be only for their management. @narendramodi @AmitShah @AshwiniUpadhyay @MLJ_GoI

Profilbild von 🚩🇮🇳कटटर सनातनी राष्ट्रवादी न्यूट्रॉल
🚩🇮🇳कटटर सनातनी राष्ट्रवादी न्यूट्रॉलvor 2 Monaten

इस चंदे मे से 50% तो चंदा चोरों की जेब मे चला जाता होगा गौशाला अस्पताल और शिक्षा मे कैसे जायेगा?

Profilbild von King H K Tiwari udappa
King H K Tiwari udappavor 2 Monaten

@aajtak चर्चा का बिषय है ❓, या बस सरकार की तारीफ ही होगी

Profilbild von Nandi
Nandivor 2 Monaten

Gurukul Qualified pundits should be the priests, selected on merit basis who can make aware hindus about Hindu dharma . They should be provided with identity cards & throw out nakli pundits as sanatan dharam is suffering due to such nakli pundits

Ähnliche Videos

मंदिरों का प्रबंधन कौन करे, इस पर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन एक बात पर कोई मतभेद नहीं होना चाहिए…भगवान के घर से चोरी नहीं होनी चाहिए। सदियों से भक्त अपनी श्रद्धा, आस्था और मेहनत की कमाई मंदिरों में अर्पित करते आए हैं। चाहे प्रबंधन किसी के हाथ में हो, जवाबदेही और पारदर्शिता सबसे ज़रूरी है। मंदिर केवल इमारत नहीं हैं, वे हमारी सभ्यता, संस्कृति और विश्वास के केंद्र हैं। उनकी संपत्ति और विरासत की रक्षा करना हमलेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि भगवान के घर की एक-एक वस्तु सुरक्षित रहनी चाहिए। प्रबंधन कोई भी करे, पर चोरी, लापरवाही और अपारदर्शिता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मंदिर हमारी विरासत हैं, इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी है।

श्री

11,818 Aufrufe • vor 3 Monaten

"राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तर पर सनातन धर्म रक्षण बोर्ड का गठन होना चाहिए" पवन कल्याण आज आप पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। 🚩 सनातन धर्म की रक्षा के लिए और हमारे हिंदू आस्था के सम्मान के लिए आपके द्वारा किया जा रहा प्रयास वाकई अद्भुत है। नमन है आपके इस अभियान को आज पूरा भारत का हिंदू आपसे जुड़ रहा है आपका समर्थन कर रहा है। पूरी जानकारी जरूर पढ़ें ⬇️ आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण Pawan Kalyan ने तिरुपति में 'वरही घोषणा' पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "इस अधिनियम (वरही घोषणा) के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर एक 'सनातन धर्म' संरक्षण बोर्ड की स्थापना की जानी चाहिए। इस बोर्ड और इसकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए वार्षिक निधि आवंटित की जानी चाहिए। सनातन धर्म को बदनाम करने वाले या उसके खिलाफ नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों या संगठनों के साथ दूरी बनाए और उनका विरोध किया जाना चाहिए। भारत के सभी मंदिरों में प्रसाद और प्रसाद में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सनातन धर्म प्रमाणन लागू किया जाना चाहिए।" #SanatanaDharmaRakshaBoard

Aryans Vedas

43,217 Aufrufe • vor 2 Jahren

कांग्रेस लीडरशिप ने 30 अप्रैल को NSUI में इंटरनल इलेक्शन कराने के लिए सेंट्रेल इलेक्शन अथॉरिटी का गठन किया है, जो कि पूरे देश में फ्री एंड फेयर चुनाव कराने के लिए काम करेगी। हमने हर स्तर पर चर्चा करके चुनाव के लिए एक मॉड्यूल बनाया है। जिसमें तीन बातों को प्रमुखता से रखा है। • चुनाव सभी के लिए ओपन हो • चुनाव का एक्सेस सभी के लिए सरल हो • चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी हो 2 चरण में हमने चुनाव कराने के लिए मॉड्यूल बनाया है पहले हम स्टेट में चुनाव की घोषणा करेंगे और एक मेंबरशिप अभियान शुरु करेंगे। मेंबरशिप के लिए कुछ नियम हैं। • आवेदन करने वाले छात्र होने के साथ ही भारत के नागरिक हों और संविधान में आस्था और निष्ठा रखते हों • उनकी आयु 16 वर्ष से 27 (वर्ष से कम) होनी चाहिए • कॉलेज का ID कार्ड और आधार कार्ड जरूर होना चाहिए मेंबरशिप की फीस 3 साल के लिए 45 रुपए है। ⦿ पहले चरण में कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट का चुनाव होगा और कमेटी का गठन किया जाएगा ⦿ दूसरे चरण में यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रेसिडेंट मिलकर डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट, डिस्ट्रिक्ट कमेटी, स्टेट प्रेसिडेंट और स्टेट कमेटी का चुनाव करेंगे चुनाव और चुनाव की स्क्रूटनी अच्छे से होने के बाद रिजल्ट की घोषणा होगी। : K K Shastri जी 📍 दिल्ली

Congress

36,877 Aufrufe • vor 2 Monaten