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Ana Sayfaya Dön

मंदिर में कौन जाएगा, ये सवाल भी खूब है, नज़र भक्तों पर कम, चढ़ावे पर ज़्यादा खूब है। पहले बुलाते हैं आस्था के नाम पर, फिर हिसाब पूछो तो चेहरों पर खामोशी खूब है।

14,166 görüntüleme • 25 gün önce •via X (Twitter)

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भाजपा कहती है कि विश्व हिंदू परिषद सबसे बड़ा हिंदू संस्थान है। लेकिन सवाल यह है—अगर इतना बड़ा संस्थान है, तो प्रभु श्रीराम के मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी पर जवाबदेही किसकी है? आस्था करोड़ों रामभक्तों की थी, दान उनकी श्रद्धा का था और सवाल भी उन्हीं की श्रद्धा के साथ हुए कथित खिलवाड़ का है। SIT की जांच में दान की गिनती के दौरान गंभीर अनियमितताओं और नकदी छिपाने के मामले सामने आए हैं, कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। आज देश पूछ रहा है— राम के नाम पर राजनीति करने वालों ने रामलला के नाम पर आए चढ़ावे की पारदर्शिता सुनिश्चित क्यों नहीं की? राम के नाम पर सत्ता हासिल करना आसान है, लेकिन राम के नाम पर आई पाई-पाई का हिसाब देना भी उतना ही जरूरी है। प्रभु श्रीराम के नाम पर राजनीति नहीं, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए।

Alok Sharma

27,832 görüntüleme • 29 gün önce