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मध्यप्रदेश - भोपाल में पूरी रात हजारों किसान सडकों पर डटे रहे. सडक पर ही खाना खाया और वहीं सो गए. आज किसानों ने CM आवास कूच करने का ऐलान किया है. भोपाल कलक्टर ने कई स्कूलों में छुट्टी कर दी है. धरनास्थल से लेकर CM आवास तक कई...

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यूपी में गुंडे, आतंकियों का गिरोह चलाने वाले दक्ष चौधरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मथुरा में SP, CO समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की कई गाड़ियों में न सिर्फ़ तोड़फोड़ की हैं बल्कि पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया है, और पुलिस पर फायरिंग भी की गई हैं जिसके खोखे भी पुलिस ने लाठी, डंडों समेत बरामद कर लिए हैं, इस हमलें में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं और अन्य यात्रियों की गाड़ियां भी तोड़ दी गई। एक FIR में नाम दर्ज होते ही मुस्लिमों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई करने वाले यूपी CM Yogi Adityanath क्या इस गिरोह पर कार्रवाई करने की जहमत उठायेंगे? सरकारी संपत्ति में नुक़सान करने पर वसूली की बात करने वाले CM आतंकियों के इस गिरोह से सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की वसूली करेंगे?

Zakir Ali Tyagi

17,825 просмотров • 5 месяцев назад

यूपी के पीलीभीत में भीषण सड़क हादसा हो गया, ट्रक की टक्कर बाइक में लगने से एसएसबी जवान सहित दो लोगों की मौके पर मौत. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घटना की जांच में जुटी है. वहीं मौके का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे ट्रक बाइक को घसीट कर ले जा रहा है. मामला कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव परसिया का है जहां के रहने वाले एसएसबी जवान वीरपाल आज सुबह जिला मुख्यालय कार्यालय पर ड्यूटी जाने के लिए निकले थे. बताया जा रहा है कि जवान और उनका पुत्र एक ही बाइक पर जा रहे थे तभी रास्ते में पीलीभीत बीसलपुर रोड टिकरी के टोल प्लाजा के करीब ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी. हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई और कई किलोमीटर तक बाइक को ट्रक घसीट कर ले गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिता पुत्र के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है. #PilibhitAccident #ATReel #AajTakSocial

AajTak

214,875 просмотров • 1 год назад

मुस्लिम मरे तो लिंचिंग , हिंदू मरे तो मौन..! 13 दिसंबर की रात को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा गौरक्षक और लव जिहाद के कैंसर से हिन्दू बहन बेटियों की रक्षा करने वाले बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। आज एम्स में महेश ने अपने प्राण त्याग दिए। दुर्भाग्य यह है कि आज यह खबर मीडिया में चर्चा का भी विषय नहीं। वहीं नासिर जुनैद हत्याकांड में देश के तमाम मीडिया ने घंटो कई दिनों तक इस पर डिबेट की थी, गौ रक्षकों को भक्षक बनाकर दिखाया गया था। राजस्थान के तत्कालीन सीएम से लेकर दिल्ली के बड़े बड़े नेता समर्थन में खड़े हो गये थे। लाखों करोड़ो रुपये से लेकर सरकारी नौकरी तक दी गई थी। लेकिन बिट्टू बजरंगी पर इतना सन्नाटा क्यों है..?

Shivam Dixit

46,058 просмотров • 2 лет назад

लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में बुधवार को धार्मिक आयोजन को लेकर शुरू हुए विवाद का हिंसक टकराव में बदलने की घटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और पूरे मामले को एक सोची-समझी साज़िश की ओर संकेत करती है। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में उच्च पदाधिकारियों के इशारे पर बाहरी गुंडों को बुलाकर छात्रों पर हमला कराया गया। अंबेडकर भवन के सामने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला हुआ, जिसमें दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रों को प्रशासन ने न तो चिकित्सा सुविधा दिलवाई और न ही किसी स्तर पर मदद की। अब तक किसी बाहरी गुंडे या दोषी अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। छात्र संगठनों ने मांग की है कि— 1. घायल छात्रों के इलाज की तुरंत समुचित व्यवस्था कराई जाए और इसका पूरा खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन वहन करे। 2. इस पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। 3. दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। हम छात्रों की इन सभी मांगों का समर्थन करते हैं और सरकार Government of UP से मांग करते है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करे। CM Office, GoUP Yogi Adityanath BBAUSocialMedia

Chandra Shekhar Aazad

16,436 просмотров • 11 месяцев назад

चुनाव खत्म होते ही भजनलाल सरकार की रविंद्रसिंह भाटी के साथ अदावत तेज हो गई है। सरकार ने अब भाटी और चुनाव में भाटी का साथ देने वाले लोगों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। भाटी और उनके समर्थकों पर आरोप है कि बालोतरा में धरना प्रदर्शन के दौरान भाटी और उनके समर्थकों ने राजकार्य में बाधा, हाईवे जाम और धारा 144 का उल्लंघन किया। दूसरी तरफ भाटी की टीम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। जिसमें भाटी धरना प्रदर्शन के दौरान लोगों से अपील कर रहे हैं कि आप सभी शांति बनाकर रखो और जो भी गाड़ियां हाईवे पर जा रही है। उन सभी गाड़ियों को जाने दो। हमारा उद्देश्य हमारी बात आगे तक पहुंचाने का है। किसी को भी कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाटी पर जितना सरकार नकल कसने की कोशिश करेगी। उतना ही भाटी का कद बढ़ता जाएगा।

Dinesh Bohra

116,658 просмотров • 2 лет назад

आज की रैली ने पंजाब की सियासत में एक नई हलचल पैदा कर दी है। राज्य के लगभग सभी प्रमुख मीडिया चैनलों पर यह रैली दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। इसकी कई वजहें रहीं, लेकिन सबसे अहम कारण जलालाबाद से पूर्व विधायक रमिंदर सिंह अवला की दमदार मौजूदगी और उनका आक्रामक राजनीतिक संदेश रहा। रमिंदर सिंह अवला ने न केवल जलालाबाद और गुरु हर सहाय—दोनों विधानसभा सीटों से अपना-अपना दावा ठोक दिया, बल्कि ज़मीन पर अपनी ताक़त भी पूरी तरह दिखा दी। जिस पैमाने पर भीड़ जुटी, उसने साफ कर दिया कि अवला का जनाधार आज भी मज़बूत है। अनुमान के मुताबिक इस रैली में कम से कम 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिसने इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी राजनीतिक रैलियों में शामिल कर दिया। रैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर पूरी पंजाब कांग्रेस की नेतृत्व टीम उत्साहित और गदगद नजर आई। मंच से लेकर बैकस्टेज तक यह चर्चा साफ थी कि यह रैली संगठन के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला संदेश है। रैली के समापन पर भूपेश बघेल जी ने खुले मंच से ऐलान किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत अब तक की सबसे बड़ी रैली आज हुई है। उन्होंने इसके लिए रमिंदर सिंह अवला का नाम लेकर धन्यवाद किया और कहा कि ऐसी जनभागीदारी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। गौरतलब है कि पिछले दिनों रमिंदर सिंह अवला से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी हुई थी, जिसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया। लेकिन इन कार्रवाइयों का आज की रैली में कोई असर नजर नहीं आया। उल्टा, अवला ने मनरेगा के खिलाफ बनाए गए नए कानून के विरोध में इतनी बड़ी भीड़ जुटाकर यह साबित कर दिया कि वे किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस रैली के ज़रिये रमिंदर सिंह अवला ने न सिर्फ केंद्र सरकार को सीधी चुनौती दी है, बल्कि पंजाब की राजनीति में अपनी भूमिका और प्रभाव को भी नए सिरे से स्थापित कर दिया है। आने वाले दिनों में इस रैली के असर दूरगामी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

Chandigarh Politales

41,894 просмотров • 7 месяцев назад

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन किसान राम मिलन पासी के साथ हुई घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। मिर्जापुर मस्तेमऊ गाँव में कब्ज़ा हटवाने पहुँचे नगर निगम के नायब तहसीलदार को किसान राम मिलन पासी ने अपनी ज़मीन को पुश्तैनी बताते हुए उसके कागज़ दिखाए। उन्होंने अफसरों को बताया कि “यह ज़मीन नवाबों के समय से उनके परिवार के पास है और तीन पीढ़ियों से चले आ रहे दस्तावेज़ इसके सबूत हैं।” जब अधिकारी नहीं माने, तो किसान ने सिर्फ़ इतना निवेदन किया कि ज़मीन पर रखा भूसा सुरक्षित निकालने के लिए 1 घंटे का समय दे दिया जाए। लेकिन इस मानवीय अपील पर सुनवाई करने के बजाय नायब तहसीलदार भड़क उठे और किसान को सबके सामने इतना जोरदार थप्पड़ मार दिया कि वे तुरंत ज़मीन पर गिर पड़े। उनके कान से खून निकलने लगा और कुछ ही देर में वे बेहोश हो गए। इस दौरान उनकी बुजुर्ग पत्नी अपने पति को बचाने आगे आईं, लेकिन अफसरों और पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय किसान को पकड़कर धक्का दिया। हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस बुलाकर पहले किसान को गोसाईगंज CHC पहुँचाया गया। वहाँ से सिविल अस्पताल रेफर किया गया और अंततः गंभीर हालत होने पर डॉक्टरों ने उन्हें PGI ट्रॉमा सेंटर भेजा। अभी वह ज़िंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। सबसे शर्मनाक यह रहा कि किसान पर हमला करने के बाद नायब तहसीलदार और उनकी टीम मौके से भाग गई और घायल को अस्पताल तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी तक नहीं निभाई। इससे भी बड़ी चिंता का विषय यह है कि पुलिस मामले पर शिकायत दर्ज नहीं कर रही है। यह घटना सिर्फ़ एक किसान पर हमला नहीं, बल्कि बहुजन समाज और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करते हैं। और Government of UP से माँग करते है कि 1. दोषी नायब तहसीलदार और पूरी टीम पर SC/ST एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराओं में तत्काल मुक़दमा दर्ज किया जाए। 2. पीड़ित किसान का सरकारी खर्च पर उच्चस्तरीय इलाज सुनिश्चित कराया जाए और परिवार को मुआवज़ा व सुरक्षा दी जाए। 3. ज़मीन से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जाँच हो और किसान का हक़ छीने जाने से रोका जाए। भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की लखनऊ टीम पीड़ित परिवार के साथ थाना सुशांत गोल्फ सिटी में धरने पर बैठी हुई है। यह धरना तभी उठेगा जब पीड़ित किसान को न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। CM Office, GoUP Yogi Adityanath

Chandra Shekhar Aazad

48,587 просмотров • 1 год назад

उत्तर-प्रदेश: मेरठ का सेन्ट्रल मार्केट फिर से रो रहा है. आज आवास विकास ने 25-38 मीटर के छोटे मकानों पर नोटिस चिपकाने शुरू किये. सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर इन मकानों में सैटबैक दिया जाना है. 2 से 3 मंजिला तक बने इन छोटे मकानों में सैटबैक पैदा करने का मतलब मकान का बड़ा हिस्सा जमीदोज हो जाना है. सैटबैक के लिए घर तोड़ने का वक्त 15 दिन का है. पीड़ित परिवारों ने आवास विकास की इस कार्रवाई का विरोध शुरू किया है. सेन्ट्रल मार्केट में पिछले दिनों सीलिंग के बाद महिलाओं ने धरना शुरू किया था. करीब 15 दिनों धरना चलने के बाद बीजेपी सांसद अरूण गोविल खत्म कराया. वायदा किया था कि कार्रवाई नही होगी. आज अरूण गोविल को जनता फिर से पुकार रही है.

Narendra Pratap

39,504 просмотров • 4 месяцев назад

25 दिन से रांची में आंदोलनरत छात्रों ने अपने साथ हुई वादा खिलाफी और धोखे के विरोध में आज झारखंड के सभी जिलों में हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान किया था। लेकिन रांची, हजारीबाग, गिरिडीह समेत कई जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन द्वारा मारपीट की खबरें सामने आई हैं। क्या यही है हेमंत सोरेन की ‘लोकतांत्रिक’ सरकार? जिस सरकार से न्याय की उम्मीद थी, वही छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। और सबसे बड़ा सवाल परीक्षा रद्द करने के फैसलों पर है। सरकार द्वारा रद्द की गई परीक्षाओं के खिलाफ मामलों में हाई कोर्ट लगातार रोक लगा रहा है। आरोप है कि सरकार अदालत में अपने फैसलों का ठोस बचाव तक नहीं कर पा रही, सरकार के वकील दलील देने के बजाय मौन बैठे हैं। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद कीजिए। दमन नहीं, जवाब दीजिए।

Amit Malviya

25,895 просмотров • 7 дней назад

ये कोई फ़िल्मी सीन नहीं, हकीकत में हुआ है हजारों लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में अवैध रूप से स्पेन के छोटे से शहर स्यूटा में घुसने लगे. कई लोग समुद्र तैरकर पहुंचे, तो कई सीमा की बाड़ पार कर गए. स्पेन ने अफ्रीका में उत्तरी अफ्रीका के अपने इलाके सेउटा में आए प्रवासी संकट के बाद सेना को तैनात कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब मोरक्को से हजारों की संख्या में अवैध प्रवासी समुद्री और जमीन के रास्ते इलाके में घुस आए हैं। सेउटा उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को से सटा छोटा सा स्पेनिश इलाका है जो मुख्य भूमि स्पेन से समुद्र के चलते कटा हुआ है। 🔴स्पेन के सरकारी टीवी ने बताया कि गुरुवार को करीब 2000 से 3000 लोग सेउटा में दाखिल हुए। इसके पहले सेउटा प्रशासन ने बताया था कि पिछले 10 दिनों में लगभग 1500-2000 लोग अंदर आ चुके हैं। कुछ प्रवासी सेउटा में घुसने के बाद 'विवा एस्पाना' (स्पेन जिंदाबाद) के नारे लगा रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस अफरातफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है. हालात इतने बिगड़ गए कि स्पेन सरकार को सेना भेजने का फैसला करना पड़ा. सड़कों पर भीड़, समुद्र में तैरती लाशें और सीमा पर टूटती व्यवस्था ने पूरे यूरोप को चिंता में डाल दिया है. #Spain #Morocco #Immigrants #ZeeNews

Zee News

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