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मन न मिला तो कैसा नाता चला अकेला ठोकर खाता - कृष्ण मुरारी पहारिया ❤️🌻

104,849 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)

7 条评论

Ʀơŋąƙ ℘ųrơɧıɬ 的头像
Ʀơŋąƙ ℘ųrơɧıɬ1 年前

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Ʀơŋąƙ ℘ųrơɧıɬ 的头像
Ʀơŋąƙ ℘ųrơɧıɬ1 年前

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Saaheb1 年前

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Speak Soul by Winnie1 年前

Waah, adbhut

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Manoj Verma1 年前

सुंदर अति सुंदर

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Niraj D Pandey1 年前

ताज़ा ग़ज़ल ज़रूरी है महफ़िल के वास्ते सुनता नहीं है कोई दोबारा सुनी हुई Munawar Bhai

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pharmakon1 年前

Superb

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कौन जात हो भाई? “दलित हैं साब!” नहीं मतलब किसमें आते हो? आपकी गाली में आते हैं गंदी नाली में आते हैं और अलग की हुई थाली में आते हैं साब! मुझे लगा हिंदू में आते हो! आता हूँ न साब! पर आपके चुनाव में। क्या खाते हो भाई? “जो एक दलित खाता है साब!” नहीं मतलब क्या-क्या खाते हो? आपसे मार खाता हूँ क़र्ज़ का भार खाता हूँ और तंगी में नून तो कभी अचार खाता हूँ साब! नहीं मुझे लगा कि मुर्ग़ा खाते हो! खाता हूँ न साब! पर आपके चुनाव में। क्या पीते हो भाई? “जो एक दलित पीता है साब! नहीं मतलब क्या-क्या पीते हो? छुआ-छूत का ग़म टूटे अरमानों का दम और नंगी आँखों से देखा गया सारा भरम साब! मुझे लगा शराब पीते हो! पीता हूँ न साब! पर आपके चुनाव में। क्या मिला है भाई “जो दलितों को मिलता है साब! नहीं मतलब क्या-क्या मिला है? ज़िल्लत भरी ज़िंदगी आपकी छोड़ी हुई गंदगी और तिस पर भी आप जैसे परजीवियों की बंदगी साब! मुझे लगा वादे मिले हैं! मिलते हैं न साब! पर आपके चुनाव में। क्या किया है भाई? “जो दलित करता है साब! नहीं मतलब क्या-क्या किया है? सौ दिन तालाब में काम किया पसीने से तर सुबह को शाम किया और आते जाते ठाकुरों को सलाम किया साब! मुझे लगा कोई बड़ा काम किया! किया है न साब! आपके चुनाव का प्रचार!” - बच्चा लाल 'उन्मेष'

Supriya Shrinate

76,500 次观看 • 1 年前

अल्मोड़ा बस हादसा:- पीपीपी मोड़ में चल रहे रामनगर के जिस अस्पताल में घायलों को पर्याप्त इलाज़ नहीं मिला, उसके प्राइवेट पार्टनर को सरकार अब तक लगभग 98 करोड़ ₹ भुगतान कर चुकी है। जुलाई 2020 से रामनगर के साथ भिकियासैण व बीरोंखाल के अस्पताल निजी कंपनी को पीपीपी मोड़ पर दिए गए। तीनों अस्पताल को चलाने के लिए उत्तराखंड सरकार प्राइवेट पार्टनर यानी गोयल साहब को प्रति माह 1.90 करोड़ ₹ देती रही। तब से अब तक देख लीजिए कितना भुगतान हुआ और लोगो को कैसा इलाज मिला। देख रहे है न मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ji आप ? स्वास्थ्य मंत्री Dr.Dhan Singh Rawat ji आप भी देखिए, और समय मिले तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ji आप भी देखियेगा। #AlmoraBusAccident #UttarakhandBusAccident

Ajit Singh Rathi

23,735 次观看 • 1 年前

कुछ दिनों पहले दिल्ली में एक सुखद बस यात्रा के अनुभव के साथ DTC कर्मचारियों से संवाद कर उनके दिनचर्या और समस्याओं की जानकारी ली। न सामाजिक सुरक्षा, न स्थिर आय और न की स्थाई नौकरी - Contractual मजदूरी ने एक बड़ी ज़िम्मेदारी के काम को मजबूरी के मुकाम पर पहुंचा दिया है। जहां drivers और conductors अनिश्चितताओं के अंधेरों में जीने पर विवश हैं, वहीं यात्रियों की सुरक्षा में निरंतर तैनात होमगार्ड्स 6 महीनों से वेतनहीन हैं। इस उपेक्षा से त्रस्त, देश भर के सरकारी कर्मचारियों की तरह DTC वर्कर्स भी लगातार निजीकरण के डर के साए में जी रहे हैं। ये वो लोग हैं जो भारत को चलाते हैं, प्रतिदिन लाखों यात्रियों के सफर को सुगम बनाते हैं - मगर समर्पण के बदले उन्हें कुछ मिला है तो सिर्फ अन्याय। मांगें स्पष्ट हैं - समान काम, समान वेतन, पूरा न्याय! वो भारी मन और दुखी दिल से सरकार से पूछ रहे हैं, "हम नागरिक पक्के तो नौकरी कच्ची क्यों!"

Rahul Gandhi

391,727 次观看 • 2 年前

क्या यहीं है मोदी जी के ‘न्यू इंडिया’ की मर्यादा? आजकल टीवी स्टूडियो में एक नया ट्रेंड चला है जिसका नाम है "अशिष्टता का लाइव प्रसारण!" भाजपा के प्रवक्ता विपक्ष के सबसे वरिष्ठ नेता श्री राहुल गांधी के लिए खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं,और शर्म की बात यह है कि न तो एंकर उन्हें रोकते हैं, न चैनल कोई आपत्ति उठाते हैं। सवाल ये है : क्या आलोचना का अधिकार अब गाली देने की छूट बन चुका है? क्या राजनीतिक मतभेद अब व्यक्तिगत अपमान में बदल दिए जाएंगे? क्या "लोकतंत्र" अब TRP की मंडी बन चुका है? राहुल गांधी ने सत्ता से सवाल पूछे, युवाओं की बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, लोकतंत्र की स्थिति पर बोला, तो जवाब में मिला सिर्फ़ अपशब्द और निजी हमले। जनता को ये समझना होगा, जब विपक्ष की आवाज़ को गाली से दबाने की कोशिश हो, तो समझिए कि सच में दम है। और जब पत्रकार भी चुप्पी साध लें, तो समझिए लोकतंत्र खतरे में है। हम कांग्रेस वाले तर्क और मुद्दों पर बात करते है, हम सवाल उठाते हैं, अपशब्द नहीं बोलते, और कोई बोलेगा तो उसको मुंह तोड़ जवाब भी दिया जाएगा! हम लोकतंत्र बचाते हैं, उसे डर से दबाते नहीं।

Alok Sharma

62,380 次观看 • 1 年前