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माननीय मुख्यमंत्री Nitish Kumar उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary जी शिक्षा मंत्री Sunil Kumar वरिष्ठ मंत्री Vijay Kumar Choudhary जी आख़िर शारीरिक शिक्षक वेतन सिर्फ 8000 वाले को वेतनमान देने के लिए किनका सिफ़ारिश सुनेंगे माननीय ACS डॉ. एस सिद्धार्थ जी Education Department, Bihar के टेबल पर 1. माननीय उच्च न्यायालय...

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मुख्यमंत्री Mohan Yadav जी राजनीति से हटकर इन युवाओं की तकलीफ भी सुन लीजिए !!! #MP_PSC के दफ्तर के सामने इकट्ठा हुए ये युवा कोई आंदोलनकारी नहीं देश और प्रदेश का भविष्य है! इनकी मांग भी वाजिब है। आखिर इन्हें मैन एग्जाम की तैयारी का समय तो दीजिए! प्रीलिम्स और मैन एग्जाम के बीच कम से कम 3 महीने का समय सही मांग है। 45 दिन बहुत कम हैं। #MP सरकार बेरोजगारों को काम नहीं दे सकती तो कम से कम उन्हें उनकी योग्यता परखने का मौका तो दीजिए! वैसे भी MP_PSC अपनी लापरवाहियों के लिए हमेशा चर्चा में रहती है! युवाओं को तो उसकी कुव्यवस्था का शिकार मत बनाइए! मैं उनकी 3 महीने का समय देने की सही मांग के पक्ष में हूं और उनके साथ हूं। #mppsc_2023_मुख्यपरीक्षा_तिथि_बदलो #mppsc_2023_मुख्यपरीक्षा_तिथि_बढ़ाओ

Umang Singhar

10,887 次观看 • 2 年前

आदरणीय प्रधानमंत्री जी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व सरमा के शपथग्रहण का शायद यह कार्यक्रम है। भाजपा शासित तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री कतार में दिख रहे हैं। आश्चर्यजनक तौर पर पंजाब के राज्यपाल महोदय भी इसी कतार में खड़े हैं। शायद न्योता भेजा दिया गया होगा क्योंकि ये भी असम के राज्यपाल रह चुके हैं और ये भी आ गये होंगे भावावेश में। लेकिन मोदीजी, हिमंता बिश्व सरमा का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आपकी उस अपील के बाद हुआ है जिसमें आपने वर्क फ्रॉम होम करने, यात्रा से परहेज करने, पेट्रोल डीजल बचाने की बात की है। फिर इस शपथ ग्रहण समारोह में इतने वीवीआईपी कैसे जुट गए? ये सब आपकी बात मानने वाले तो हैं लेकिन आपकी बात समझने वाले नहीं हैं शायद। मुझे कई राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ उनके दोनों उपमुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में दिखे और फिर कामाख्या देवी मंदिर में सभी परिवार सहित भी दिखे। राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय भी परिवार सहित दिखे। अब आप यह बताइए कि क्या सभी मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों के परिवार सहित गुवाहाटी पधारे बिना क्या शपथ ग्रहण नहीं हो सकता था? अगर आप किसी संकट की ओर इशारा कर रहे हैं तो फिर ये खर्चीले समारोह क्यों हो रहे हैं? हमारा देश नायकत्व को स्वीकार करता है और नायकों की बातों को मानता रहा है। लेकिन उसे अच्छे उदाहरण सेट करने वाले नायक भी चाहिए। उसे कथनी और करनी एक जैसी रखने वाले नायक चाहिए। इस देश के ज्यादातर लोग देशभक्त हैं। वे जिम्मेदारी समझते भी हैं और मुश्किल के समय देश का साथ भी देते हैं लेकिन उन्हें भरोसा चाहिए कि वे जो त्याग कर रहे हैं उसका कोई मूल्य है। इसलिए, इसलिए बहुत जरूरी समारोहों में ही ऐसी भीड़ भेळी कीजिए ज़रूरी नहीं हो तो भीड़ टालिए। या समारोह टालिए। वर्चुअल समारोहोंं की भी गरिमा होती है और यह देश इनका महत्व देख समझ चुका है। Narendra Modi

Arvind Chotia

16,741 次观看 • 4 个月前

AI वॉर में कंपनियों की बल्ले बल्ले है, जो कंपनी मुखिया जी को वीडियो बनाकर देती है वही कंपनी काउंटर वीडियो बनाकर हमें भी सैंपल भेजकर काम मांग रही है, वाह भाई वाह मुखिया जी सोच रहे हैं हमीं शातिर हैं, जबकि मुखिया जी का पैसा लूटा जा रहा है, मुखिया जी जान भी नहीं पा रहे हैं कि उनकी कितनी बदनामी और पैसे की लूट ये कंपनी और अधिकारी करवा रहे हैं 1 वीडियो विपक्ष का बनवाकर 2 वीडियो विपक्ष को मुखिया जी के बारे में बनाकर दिए जा रहे हैं और आगामी सरकार के दृष्टिगत काम की सेटिंग करने का आवेदन दिया जा रहा है सूत्रों द्वारा सूचना है कि कंपनी को काम दिलवाने और कंपनी से मुखिया जी को मूर्ख बनाने और पैसा लूटने में कई मुखिया प्रिय अधिकारी भी शामिल हैं जो आगामी संभावित सपा सरकार के अंदर भी अपनी पैठ अभी से बनाने में जुटे हुए हैं कुल मिलाकर मौज तो विज्ञापन और AI प्रचार कंपनियों और उनके आका अधिकारियों की है, मुखिया जी तो बेचारे लुट पिट कर वापिस झोला उठाकर चले जाएंगे

Samajwadi Party Media Cell

56,110 次观看 • 12 天前

उप्र के दुग्ध मंत्री जी से आग्रह है कि वो पहले कन्नौज में बने-बनाए काउ मिल्क प्लांट को ही चलाकर दुध-किसानों के लिए कुछ आमदनी की व्यवस्था कर दें फिर ‘कूड़े से सोना बनाने की मशीन’ की बात करें। लगता है भाजपा में दूर की फेंकने का कम्पटीशन चल रहा है। शायद मंत्री जी का तात्पर्य ये है कि भाजपाई भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि अब वो कूड़े के ठेकों से भी सोना ख़रीदने भर का कमीशन निकाल लेने की योजना पर कार्य कर रहें हैं। ये तो वो भी जानते हैं कि इस बात का अर्थ वो नहीं हो सकता है जो सीधे निकल रहा है, दरअसल वो संकेतों में बात कर रहे हैं। बेईमानी के लिए इतने शालीन तरीक़े से बात कहने के लिए उनको और उनके मुखिया दोनों को साधुवाद! संपूर्ण उप्र आपके ऐसे विचार सुनकर धन्य हुआ।

Akhilesh Yadav

56,143 次观看 • 1 年前

टोंक में ये ख़ाली पड़ी कुर्सियां और जनाधार का सन्नाटा BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा का हैं। ये सिर्फ खाली कुर्सियां नहीं, प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ जनता का बढ़ता अविश्वास है। मुख्यमंत्री जी, पर्ची सरकार और भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा में प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, प्रशासनिक अमला, पुलिस मशीनरी और पूरा संगठन झोंक देने के बाद भी मुश्किल से 2000 लोग जुट नहीं पाए। ऊपर से प्रभारी के भाषण का ऐसा निम्न स्तर कि मुद्दों से ज्यादा हताशा झलक रही थी। माननीय इतनी भीड़ तो सामान्यतः कांग्रेस की जिला बैठकों में दिख जाती है। अभी भी समय है, जनता की सुध लीजिए, अहंकार छोड़िए, वरना जनता के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा। जनता चुप है, मगर सब देख रही है। टोंक की ये खाली कुर्सियां संकेत दे रही हैं कि अब #पर्ची बदलने का समय नज़दीक है। दुर्भाग्य से पचपदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम निरस्त हो गया, नहीं तो अब तक आपकी पोल खुल जाती और पर्ची भी बदल जाती।

Govind Singh Dotasra

20,718 次观看 • 4 个月前

सत्ता पक्ष का ऐसा कोई मंत्री ऐसा कोई विधायक नहीं जिसको हमने अपनी समस्या ना बतायी हो! आज माननीय पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने हम लोगो की बात को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के माध्यम हमारी समस्या को सरकार के सामने रखा! 69000 शिक्षक भर्ती में जिस तरह पिछड़े दलित बच्चो का हक लूटा गया वो पूरा प्रदेश जानता है। हम आंदोलन लगातार 6 सालों से कर रहे सरकार सुध नहीं ले रही है। कैसे सबका साथ सबका विकास माना जाए जहाँ 85% समाज की हिस्सेदारी वाला समाज आज हकमारी का शिकार हो रहा है। आज जहाँ समाजवादी पार्टी PDA की वकालत करती है वही आज 69000 शिक्षक के PDA समाज के वो बच्चे जिनका हक लूटा गया उनको बुला कर उनकी आवाज उठाना दिखता है की पिछड़े दलित के लिए कौन खड़ा है! पूरा पिछड़ा दलित आज सत्ता का अत्याचार और शोषण और विपक्ष की आवाज को भी देख और समझ रहा है। हम सभी सरकार से माँग करते है की कोर्ट में चल रही सुनवाई में जल्द अपना पक्ष रख कर न्याय दिलाने का काम करे और कथनी और करनी में समनाता दिखाए। धन्यवाद राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी Akhilesh Yadav #69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला

अमरेन्द्र पटेल बाहुबली

19,841 次观看 • 1 年前

नाथ संप्रदाय में ‘आदेश’ का मतलब और महत्व: नाथ योगी एक-दूसरे से मिलते वक्त ‘नमस्ते’ या ‘राम-राम’ नहीं, बल्कि *“आदेश”* बोलते हैं। इसका अर्थ है: आ = आत्मा, दे = देव/परमात्मा, श = शरीर यानी: _“आत्मा, देव और शरीर एक हैं”_ या _“मैं तुम्हारे भीतर स्थित शिव को प्रणाम करता हूं।” गोरखनाथ जी ने कहा है: “आदेश आदेशे सब कोई, आदेश कहे सो योगी होई।” मतलब जो ‘आदेश’ का मर्म समझ ले, वही सच्चा योगी है! अभिवादन नहीं, उद्घोष है: ये साधारण हैलो-हाय नहीं। ये गुरु-परंपरा को नमन है। आदिनाथ शिव, मत्स्येंद्रनाथ और गोरखनाथ को याद करना है। जब नाथ योगी ‘आदेश’ बोलता है तो वो सामने वाले के अहंकार को नहीं, उसके भीतर के शिव-तत्व को प्रणाम करता है। ‘आदेश’ सुनते ही पता चल जाता है कि सामने वाला नाथ पंथी है। ये उनकी पहचान है। योगी आदित्यनाथ जी को ‘आदेश’ करते कई बार देखा गया है! योगी आदित्यनाथ जी सिर्फ UP के CM नहीं हैं। वो गोरखनाथ मठ के महंत और 'नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े "पीठाधीश्वर" हैं। गोरक्षपीठ की परंपरा:गोरखनाथ मंदिर में सुबह गोरक्षनाथ जी की आरती के बाद, या किसी भी नाथ योगी से मिलते वक्त वो हाथ जोड़कर “आदेश” बोलते हैं। ये 1000 साल पुरानी परंपरा है। जब भी कोई नाथ योगी, नागा साधु या संत उनसे मिलने आता है, तो योगी जी पहले ‘आदेश’ करते हैं। कई बार रैली में संत समाज के सामने वो मंच से ‘आदेश’ का उद्घोष करते हैं। ये जनता को बताता है कि उनकी जड़ें कहां हैं। इसीलिए जब योगी जी ‘आदेश’ करते हैं तो वो CM की कुर्सी नहीं, गोरक्षपीठ की गद्दी का धर्म निभा रहे होते हैं। आदेश...🙏🔥

Thakur Saurabh Singh

19,905 次观看 • 4 个月前

जिस सरकार का मुखिया ईमानदार हो उस सरकार के जिम्मेदार डंके की चोट पर बात करते है। योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने उनके ही विधायक बृजभूषण सिंह हुड़दंग करने आये थे। शिकायत किया की फला फला गाव मे पानी नही आ रहा है,सड़के खोद दी गई है। मंत्री जी ने डंके की चोट पर कहा की अगर ऐसा हुआ तो तत्काल कार्रवाई होगी। बस मुझे उन जगहो का दौरा करा दिजिए। मै तुरंत सस्पेंड करूँगा। विधायक जी पता नही क्यो शाँत हो गये?कहने लगे कहा-कहा जायेंगे? शिकायत बस ले लिजिए। मंत्री जी ने कहा शिकायत रखिए औचक निरीक्षण करते है। सभी कार्यक्रम स्थगित कर दूँगा। आप लेकर चलिए और दिखाईये कहा सड़के खोदी गई है और किस गाँव मे पानी नही आ रहा है? जो मुद्दा विधायक जी का था उनके समर्थको ने मंत्री जी के हाथ मे डाल दिया। अब विधायक जी सोच रहे होंगे किन चूतियो के कहने पर मैने ये सब कर दिया? एक बात और सुनिए विधायक जी बाहुबली है और राजपूत भी है। देख लिजिए राजपूतो की कितनी चल रही है? राजपूत और विधायक शब्द जोड़ने से मेरा तात्पर्य मात्र इतना था की योगी जी है तो सबके है और नही है तो किसी के नही है। जो सर्वविदित है। अब या तो मसला कमिशन का था और मंत्री जी समझ गये या तो अखिलेश यादव से टिकट विधायक जी को लेना था यह बात भी मंत्री जी समझ गये। प्रदेश अध्यक्ष रहे है तो राजनिति के रंग तो समझते ही होंगे। खैर विधायक जी के मन मे जो भी रहा हो दाल नही गली और मंत्री जी का रंग देखकर ढिला पड़ गए। स्वतंत्र देव सिंह को उनके ईमानदारी के लिए तारीफ मिलनी चाहिए। योगी जी के सबसे करीबी लोगो मे स्वतंत्र देव सिंह शामिल है। उनकी इमानदारी प्रशंसनीय है।

Arun Yadav

48,654 次观看 • 7 个月前

चुनावी रैलियों में "बटेंगे तो कटेंगे" का नारा देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी खुद सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मंच पर समाज को 'हरिजन" और 'गैर हरिजन' में बांट रहे हैं। क्या इस 'हरिजन"शब्द के प्रयोग से उनका तथाकथित हिंदू खतरे में नहीं आता? जबकि 1982 में केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर अनुसूचित जातियों के लिए 'हरिजन' शब्द का इस्तेमाल न करने को कहा था। 2010 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करके इस पर रोक लगाई थी। यहां तक कि माननीय न्यायालय द्वारा भी इसे अपमानजनक बताते हुए प्रतिबंध लगाया गया था। इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को क्या इन निर्णयों की जानकारी नहीं है? या जानबूझकर "हरिजन" शब्द का प्रयोग करके अनुसूचित वर्ग के लोगों का अपमान किया जा रहा है? जब गांधी जी ने अछूतों के लिए हरिजन शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जी ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे अपमानजनक शब्द बताया था। ये सवाल उस समय भी पूछा गया था और आज भी प्रासंगिक है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताएं, यदि अनुसूचित जाति के लोग 'हरिजन' हैं तो बाकी अन्य लोग ‘हरि’ के जन नहीं तो किसके जन हैं?

Chandra Shekhar Aazad

245,071 次观看 • 1 年前

योगी आदित्यनाथ मुश्किलों में हैं, उन्हें घेर लिया गया है अविमुक्तेश्वरानंद संतों के एक वर्ग को योगी जी के खिलाफ भड़काने में सफल रहे हैं वहीं X पर काफी बड़ी ब्राह्मण ID अविमुक्तेश्वरानंद की आड़ में योगी के खिलाफ बड़ा नैरेटिव फैलाने में सफल हो गई हैं BJP के अंदर का एक वर्ग पहले ही योगी जी के सियासी पतन की साजिशों के जुटा हुआ है UP विधानसभा चुनाव में एक साल बाक़ी है और इससे पहले ही भगवाधारी योगी के सामने भगवाधारी को ही खड़ा कर दिया गया है X पर जो लोग हिंदूवादी बनने का दम भरते हैं, उनमें से काफी ज़्यादा X हैंडल अविमुक्तेश्वरानंद की आड़ में अपनी जातिगत कुंठा जाहिर करते हुए CM योगी के खिलाफ बड़ा माहौल बना रहे हैं और इसमें सफल भी हो रहे हैं 2027 में योगी की लड़ाई सिर्फ अखिलेश यादव से नहीं होगी बल्कि भाजपा के अंदर बैठे योगी विरोधियों और सोशल मीडिया पर हिंदुत्ववादी चोला ओढ़े जातिवादियों से भी होगी जो दिखाने को तो BJP के साथ हैं लेकिन नैरेटिव ऐसा चला रहे हैं कि योगी जी अपराधी हैं और अविमुक्तेश्वरानंद जी ही सच्चे संत हैं योगी बाबा अभिमन्यु की तरह कालचक्र के चक्रव्यूह में फंस चुके हैं पता नहीं वो इस चक्रव्यूह को तोड़ पाएंगे या 2027 के महासमर में ये धर्मयोद्धा अपनों की ही साजिश का शिकार होकर सियासी पतन को प्राप्त हो जाएगा

Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)

56,142 次观看 • 8 个月前

राजस्थान के लिए शर्म से डूब मरने वाली बात है।माननीय मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी।पिछले साल चार महिलाओं ये जहरीला केमिकल का पानी अराबा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पड़ा रहा बच्चों के स्वास्थ्य ओर भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है फिर भी अवैध फैक्ट्री धड़ल्ले से चलने दी जा रही है।ये केमिकल का पानी अब फिर से इन बच्चों को बीमार करने के साथ साथ पढाई में बाधा डाल रहा है यहां कक्षा में दिनभर मच्छरों का डेरा है तो बदबू से बच्चे बेहाल हैं Madan Dilawar जी को पिछले दिनों एक स्कूल लेकर टैग किया तो उन्होंने मुझे रिप्लाई दिया था कि कलेक्टर को निर्देशित किया गया है लेकिन थोड़ी देर बाद में वो रिप्लाई डिलीट कर दिया गया।क्या यही है शिक्षा मंत्री जी आपकी संवेदनशीलता।यहां चार पांच स्कूल में बच्चों को मौत दी जा रही हैं जोजरीनदी के प्रदूषित पानी से ओर आप कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हो।ये Arun Choudhary (modi ka parivar) की विधानसभा क्षेत्र है ओर यहा ये जहर Jogaram Patel ओर Gajendra Singh Shekhawat की मेहरबानी से आ रहा है जोधपुर शहर की स्टिल ओर टैक्सटाइल फैक्ट्री से।Ashok Gehlot Govind Singh Dotasra Tika Ram Jully Ravindra Singh Bhati RSPCB

Thar_Desert_Photography

21,041 次观看 • 1 年前

आज संसदीय क्षेत्र के बायतु प्रवास के दौरान स्कूल बस में सफर कर रही Gen Alpha की नई पीढ़ी से एक क्षणिक रूबरू होने का अवसर मिला। इस दौरान मन में एक सवाल भी उठा कि आज हमारे सीमांत क्षेत्र में निजी शिक्षण का प्रचलन लगातार क्यों बढ़ रहा है.....! आजादी के 78 वर्ष बाद भी हम अपनी सरकारी शिक्षा व्यवस्था को उस स्तर तक मजबूत नहीं कर पाए हैं, जिसकी हमारे नौनिहाल हकदार हैं। कहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में महज एक शिक्षक पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं, तो कहीं विद्यालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है और कई विद्यालय भवन भी जर्जर स्थिति में हैं। ऐसे हालात में अभिभावक मजबूरन आर्थिक बोझ झेलकर भी अपने बच्चों को निजी विद्यालयों की ओर भेज रहे हैं ताकि शिक्षा मिल सकें। मेरा केन्द्र एवं प्रदेश सरकार से आग्रह है कि सीमांत क्षेत्र, जो आजादी के इतने वर्षों बाद भी शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है, उस पर विशेष ध्यान दिया जाए। पर्याप्त शिक्षक भर्ती की जाए, विद्यालयों में आवश्यक पद भरे जाएं और बजट के माध्यम से स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए। हमारे सीमांत क्षेत्र के नौनिहालों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और उज्ज्वल भविष्य का समान अधिकार मिलना चाहिए। PMO India CMO Rajasthan

Ravindra Singh Bhati

35,843 次观看 • 1 个月前

जानकारी मिली है की यूपी के जनपद अलीगढ़ के ग्राम इब्राहिमपुर भीमपुर गोंडा रोड़ वहाँ ग्राम समाज की ज़मीन पर एक समाज के पक्ष के द्वारा मंदिर वगेरह का काम शुरू किया गया और पहले से भी वहाँ अन्य धार्मिक स्थल बने हुए हैं जो ग्राम समाज की ज़मीन पर बिना पुलिस परमिशन के बने हुए हैं, तो डॉ बाबा साहब अम्बेडकर जी को मानने वाले लोगों के द्वारा भी गाँव में ही दूसरी जगह ग्राम समाज की ज़मीन पर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा लगा दी गई, वो भी गाँव के वर्तमान प्रधान की रजामंदी से। तो गाँव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा विरोध किया गया और फिर पुलिस प्रशासन प्रतिमा को वहाँ से हटाने आ गया है तो मेरा ALIGARH POLICE DM ALIGARH Government of UP और तमाम अधिकारियों से कहना है कि प्रशासन बाबा साहब की प्रतिमा तो हटाने पहुँच गया और पूरा दवाब बना रहा है लेकिन जिन दूसरे पक्ष के लोगो के द्वारा ग्राम समाज की और जमीनों पर जो भी धार्मिक स्थल बनायें गयें हैं क्या प्रशासन उन्हें भी वहाँ से हटाएगा? जब डॉ अम्बेडकर के मानने वाले लोगो के द्वारा ग्राम समाज की ज़मीन पर बने धार्मिक स्थलों का विरोध नहीं किया गया तो आख़िर बाबा साहब का विरोध करने वालों के साथ पुलिस ढाल की तरह क्यों खड़ी हैं। क्या ग्राम समाज की ज़मीन पर केवल एक ही पक्ष का अधिकार हैं की वे धार्मिक स्थल बना सके क्या बाबा साहब के मानने वाले लोगो का ग्राम समाज की ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं है। जबकि सबकी संख्या सामाजिक आधार पर गाँव में लगभग बराबर है। मेरा प्रशासन से निवेदन है की बाबा साहब की प्रतिमा हटाने से पहले अन्य धार्मिक स्थलों को भी हटाया जायें तो वरना ये पक्षपाती रवैया बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है। प्रशासन का ये रवैया हमें मजबूर करेगा अलीगढ़ कूच करने पर।

Abhishek Kumar Jatav ( बहुजन शायर )

23,010 次观看 • 1 年前

भजन लाल जी चुन मांगो...... #First_Grade_स्थगित_करो की मांग की बात करने वाले एक छात्र ने ये नारा लगाया.... ये व्यक्तिगत नारेबाजी गलत है.... हालांकि आंदोलन का नेतत्व करने वाले Manoj Meena ने ये नारा नहीं लगाया है.. देख लीजिए..... लेकिन जो लोग इस नारे पर जातिवादी रंग दे रहे है... वो भी गलत है.... मेरा तो मानना है जातिवाद से देश को नुकसान होता है....जातिवादी रंग छोटी सी बात पर नहीं देना चाहिए... #First_Grade_स्थगित_करो की माँग करने वाले छात्र हर समाज से है.... हालांकि एक बच्चे ने गलती इस ये नारा लगा दिया तो पूरा आंदोलन गलत नहीं है.... लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है..... हालांकि छात्रों के मामले में कुछ गलती मुख्यमंत्री जी की भी है.... वो किसी भी आंदोलन करने वाले छात्रों के डिलीगेट से कभी मुलाक़ात नहीं करते है... लगता है किसी उनको गलत सुझाव दे रखा है.... विरोध करने वालों से मत मिलो...अगर आप एक से मिलोगे तो फिर ज्यादा लोग करेंगे... ऐसा कभी नहीं होता है... मुख्यमंत्री को सभी से मिलना चाहिए... मुख्यमंत्री जी आपके इस व्यवहार से आपकी छवि खराब हो रही है... लोग कहते है... मुख्यमंत्री जी घमंडी है..... मुझे एक आंदोलन करने वाले ने कहा मैंने कई बार समय मांगा मुझे मुख्यमंत्री जी के वहां समय नहीं मिला... उसने कहा घमंड तो रावण का भी नहीं चला तो इनका कैसे चलेगा! मैने कहा वो खुद ऐसे नहीं है..... मुझे लगता है भजन लाल जी को अपने व्यवहार और कार्यशैली में बदलाव लाना चाहिए... अभी उपयुक्त समय है... ये समय दुबारा नहीं आएगा..... सभी वर्गो की पीड़ा सुननी चाहिए.... सभी से मिलना चाहिए.... और अगर पॉसिबल हो तो मदद करनी चाहिए.... Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan PMO India

Jitesh Jethanandani

44,341 次观看 • 1 年前

साहू समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कंचना यादव से लेकर जितेंद्र मीणा सड़कों पर हैं और नारे लगा रहे हैं कि:- “वोट हमारा राज तुम्हारा” नहीं चलेगा नहीं चलेगा। मतलब साहू (घांची) समाज के वोटर पूरे देश में कम संख्या में हैं तो उन्हें अब खुलेआम धमकाया जा रहा है? ऐसे में मेरा काम बनता है कि मैं इनकी पोल खोल दूँ:- - बिहार में यादव जी लोग RJD को वोट देते हैं। PM मोदी ने भले बिहार से नित्यानंद यादव जी को केंद्रीय मंत्री बना रखा है लेकिन यादव समाज का वोट BJP को बहुत नहीं मिलता। - साहू समाज से आने वाले PM मोदी को प्रधानमंत्री सामान्य वर्ग असली पिछड़े और ग़ैर मीणा आदिवासी और दलित समाज ने बनाया है - लेकिन PM बनने के बाद मोदी जी ने सबसे अधिक काम इन्हीं लोगों के लिए किया जो आज सड़कों पर हैं, जो BJP को वोट नहीं देते फिर भी धमका रहे हैं कि “वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा, नहीं चलेगा। - अभी भी BJP की आँख खुल जाए, कुछ काम अपने कोर वोटरों के लिए भी कर लो। इन लोगों ने 2014 से अभी तक आपको वोटिंग नहीं की है, ना ही करेंगे,

Shubham Shukla

27,973 次观看 • 7 个月前