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मनुष्य जीवन बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। #SatlokAshramMundka #KabirisGod
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#सतलोक_Vs_पृथ्वीलोक ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18 के अनुसार पूर्ण परमात्मा कविर्देव का निजधाम तीसरा मुक्ति धाम "सतलोक" में है। जहाँ जाने के बाद मनुष्य का जन्म मरण नहीं होता है। जबकि पृथ्वी लोक / काल लोक पर जन्म - मरण का चक्र चलता ही रहता है। Sant Rampal Ji Maharaj

सुन्दर देह देखकर, उपजत है अनुराग। चाम न होता देह पर, तो जीवित खाते काग। ।

संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग वचन सुनकर उनसे नाम उपदेश प्राप्त करके जुड़ने के बाद जीवन के सभी दुःख समाप्त हो जाऐंगे। सत्संग से मनुष्य को जीवन के मूल कर्त्तव्य का ज्ञान होता है, मनुष्य सारे विकार त्याग देता है। उसके जीवन में सुखों की बहार आ जाती है, किसी भी प्रकार

मानुष जन्म पाऐ कर, जो नहीं रटे हरि नाम। जैसे कुआ जल बिना बनवाया किस काम। ।

कविर देव/कबीर साहेब सर्वोच्च भगवान/ पूर्ण परमात्मा/ सतपुरूष हैं कविर देव अजर अमर परमात्मा हैं और संपूर्ण ब्रह्मांडों के निर्माता हैं। उन्होंने ही ऊपर शाश्वत लोक तथा नीचे के अस्थाई लोकों आदि की रचना की

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कबीर परमात्मा ने कहा है कि अच्छा शाकाहार खाना खाओ। बासमती चावल पकाओ। उसमें घी तथा खांड (मीठा) डालकर खाओ और भक्ति करो। (कूड़े काम) बुरे (पाप) कर्म त्याग दो। मिट्टी मांस न पकाओ। Must Watch Satsang Shraddha TV 2pm Watch Sadhna TV 7 30pm

मात पिता मिल जायेगे लख चौरासी के माही।। सतगुरु सेवा बन्दगी ये फेर मिलन की नाही।।

कबीर, मनुष्य जन्म दुर्लभ है, मिले न बारम्बार। जैसे तरुवर से पत्ता टुट गिरे, बहुर न लगता डार।।
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