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मेरा परिवार...

114,399 просмотров • 2 лет назад •via X (Twitter)

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आज एक बार फिर सरकारी अस्पताल में जाकर निरीक्षण किया है l शाहपुरा की जनता मेरा परिवार है और परिवार की खुशियों के लिए मैं दिन रात मेहनत करूंगा और चाहे सफाई करनी पड़े तो सफाई करूंगा l लेकिन ना लापरवाही बर्दाश्त होगी ना जातिवाद और ना ही भ्रष्टाचार बर्दाश्त होगा l अब केवल शाहपुरा में विकास होगा और ना रुकूंगा,ना झुकूंगा और 365 दिन शाहपुरा की जनता के लिए मेहनत करूंगा l और यह अभियान अभी अस्पतालों में जारी है इसके बाद सभी विभागों में जारी रहेगा l पहले 6 दिसंबर के निरीक्षण के बाद महिला वार्ड के शौचालय की सफाई हुई है और (कुछ जांचे) व मरीजों को बाहर से दवाईयां भी मिलने लग गई है l लेकिन अभी भी शाहपुरा के सरकारी अस्पताल में बहुत सारी कमियां हैं जिन्हें सभी के प्रयासों से बहुत जल्द दूर करने में कामयाब होंगे l #राजनीति_नहीं_जनता_की_सेवा_करना_मेरा_लक्ष्य_है BJP BJP Rajasthan

Upen Yadav (मोदी का परिवार)

111,141 просмотров • 2 лет назад

ये लड़का जिसका नाम विनोद है, विनोद जाखड़। ये जेन ज़ी है। ये भला आदमी रात होने तक तो सीकर में नीट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहा था और सुबह चार बजे तक झुंझुनूं के गांवों में था। नीट मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों की बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से करवा रहा था। पीड़ित परिवार को शुक्रवार की रात को पचास हजार रुपए भेंट करके आया। शनिवार को इसने एलान किया कि उनका संगठन 11 लाख रुपए का पूरा करजा उस पीड़ित परिवार का उतारेगा। शनिवार शाम को वह हैदराबाद में प्रदर्शन कर रहा था। इस ट्वीट के साथ प्रदर्शन के वीडियो हैं। विनोद अनुसूचित जाति के एक मजदूर का बेटा है, छात्र संघ के चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जीतकर राजस्थान विश्वविद्यालय का अध्यक्ष बना था। किसी तरह वह एनएसयूआई का अध्यक्ष बना और मौक़ा मिला ने उसने एनएसयूआई के ही कुछ दिल्ली वाले नेताओं की भारी परेशानी झेली और उसे अपमानित किया गया; जो कि पदों पर बनावटी तौर बैठ जाने वाले लोग करते हैं। लेकिन उसने पूरे हौसले से काम किया। मुझे याद है, मैं तो उसे जानता ही नहीं था। मेरा परिचय विनोद से तब हुआ जब वह राजस्थान की ख़तरनाक़ लू में राजस्थान के जिलों का दौरा करने निकल रहा था। वह अवाक् कर देने वाला हौसला था। उसने वह सब किया। मुझे नहीं याद पड़ता कि किसी काँग्रेसी युवा या बुज़ुर्ग ने कभी कोई इस तरह का काम किया हो। तथ्यों के अनुसार दुरुस्त करने का अधिकार तो आपका है ही। अब NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना तो इस किरदार में इस तरह उतर गया कि उसकी सक्रियता काँग्रेस में विभिन्न पदों पर वर्षों से बैठे लोगों को नींद में भी शर्मसार तो ज़रूर करती होगी कि काम कैसे किया जाता है। बहुत से पदाधिकारी जातियों और क्षेत्रीयता के दायरे से ही बाहर नहीं आ पाते और जाने क्या बनने के ख़्वाब देखने लगते हैं। कुछ पूरा समय गाय वाले भैंस के नीचे और भैंस वालों को गाय के नीचे करने से ही फुरसत नहीं। मुझे लगता है, सही राजनीति इसी तरह की जाती है, जो रास्ता विनोद ने अपनाया है। राजनीति का एक ही माध्यम है और वह है आंदोलन। आंदोलन वह तेज वेग जलधारा होती है, उसमें कचरा बह जाता है और सिर्फ़ टिकी रहने वाली चीज़ें ही टिकती हैं। आंदोलन नहीं होते तो असली चीज़ें ढक जाती हैं और कचरा उसके ऊपर तैरने लगता है। यह कोई कांग्रेस की कहानी नहीं है। यह जनता के मूल दु:ख-दर्द से विमुख आंदोलनविहीन और यथास्थतिवादी हर संगठन के साथ है। आप सोचिए, अगर किसानों, युवाओं, संस्कृति कर्मियों, बुजुर्गों, प्यास से तड़पते इलाकों, सुदूर यात्री सुविधाओं से वंचित लोगों,एमएसपी की झूठी कहानियों, जल और उर्वरकों के संकट में सूखती फसलों, बदहाल मंडियों, बढ़ते अपराधों, बहुत ख़तरनाक़ तरीके से सुदृढ़ होती घूसखोरी, आए दिन सड़कों पर मारे जाते लोगों, साइबर ठगियों के बेइंतहा अपराधों, लुटते बुजुर्गों, बैंकिंग सिस्टम की बेलगाम लूट आदि मामलों में कितना कुछ किया जा सकता है। छात्रों और नीट के मोर्चे पर अपने किरदार को जीकर विनोद ने यही दिखाया है। यह एक छोटी घटना है, लेकिन इसके भीतर का विस्तार बहुत है। विनोद एक उम्मीद का नाम है; जो काँग्रेस जैसी आंदोलनविमुख ज़मीन पर पैदा हुई है। मैं जानता हूँ, मेरा यह ट्वीट इस तरह लिखे जाने से इसे कोई भी कॉंग्रेसी रिपोस्ट तो क्या; लाइक भी नहीं कर सकता। हाँ; बच्चे गाली वाले प्रियजन तो वे आमंत्रित हैं! VINOD JAKHAR Rahul Gandhi Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ Sukhjinder Singh Randhawa Jitendra Singh Alwar Sachin Pilot NSUI

Tribhuvan_Official

60,205 просмотров • 2 месяцев назад

एक रैली में तेजस्वी यादव नारा लगा रहे हैं शहाबुद्दीन की अमर रहे तस्लीमुद्दीन जी अमर रहे शहाबुद्दीन वही है जिसने हिंदू परिवार के दो सगे भाइयों को उनका मकान और दुकान कब्जा करने के लिए तेजाब के ड्रम में जिंदा तड़पा तड़पा कर मारा था अब आप कल्पना करिए की एक बड़े से ड्रम में तेजाब भरा हो और उसमें किसी को जिंदा डाल दिया जाए तो वह कितनी दर्दनाक मौत मरेगा और उसकी यह दरिंदगी लोअर कोर्ट हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में साबित भी हो गई और उसे उम्र कैद की सजा मिली और भगवान ने उसे भी वहीं सजा दी वह कोविड एड़ियां रगड़ रगड़ कर मरा इसके अलावा शहाबुद्दीन ने 24 से ज्यादा हिंदुओं का कत्ल किया है जिसमें जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर का भी नाम शामिल है और जिस तस्लीमुद्दीन जिंदाबाद के नारे तेजस्वी यादव लगा रहे हैं वह देवगौड़ा सरकार में राजद कोटे से गृह मंत्री बना था लेकिन उसने दो लड़कियों का बलात्कार किया था फिर एक लड़की ने उसे वक्त राष्ट्रपति को एक मार्मिक चिट्ठी लिखी कि मुझे बलात्कार करने वाले व्यक्ति को गृह मंत्री बनाया गया है मतलब मेरा बलात्कारी अब देश के कानून व्यवस्था संभालेगा उसके बाद जब राष्ट्रपति महोदय ने प्रधानमंत्री से इस बारे में बात किया तब जाकर उसे लात मारकर मंत्रिमंडल से निकाला गया और बाद में सुप्रीम कोर्ट में उसके ऊपर बलात्कार साबित भी हुआ सोचिए वोट के लिए यह लोग कैसे-कैसे नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

39,894 просмотров • 1 год назад

MY पॉलिटिक्स की अर्थी उठ गयी 😰 ये है अजय यादव की विधवा पत्नी.. वो अजय यादव जो मोतिहारी में मुहर्रम की हिंसा में मारा गया, सो कॉल्ड "शांति समुदाय" द्वारा — गर्दन काट दी गई। इनकी प्रशासन से एक ही मांग है — खून के बदले खून। दोषियों को फांसी दो। मगर इन्हें क्या पता, इनकी तो परेशानी अब शुरू हुई है। अब कोर्ट के चक्कर, धक्के, तारीख़ पे तारीख़, और चुनावी मौसम है तो इनका खूब इस्तेमाल होगा — फिर फायदा उठा के छोड़ देंगे नेता.... बीजेपी जन सुराज या जिसे भी फायदा नजर आएगा अपना..., फिर चुनाव के बाद पूछने वाला कोई नहीं होगा। और हमारे महान भारत के न्यायालय की दशा सबको पता है, सालों लगेंगे आरोपी साबित होने में(पता नहीं पकड़े भी गए या नहीं), मगर 1-2 साल में बेल पर बाहर आकर आरोपी मज़े उड़ाएगे, और यही लोग आकर इनके जले पर नमक छिड़केंगे। अजय यादव तो मार दिया गया, अब उसका परिवार हर दिन मरेगा जीते जी। उसका अबोध छोटा बच्चा अभी समझ भी नहीं पाया कि ये कैमरे, माइक, और भीड़ क्यों आई है घर पर। अब बोलो तेजस्वी यादव — एक ढोंगी कथावाचक की चोटी कट जाए तो आत्मसम्मान पर ले लेते हो, जिहादियों ने एक मासूम यादव की गर्दन काट दी — तो मुंह सील गया? क्या कहते थे तुम के — "मुसलमानों की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो ईंट से ईंट बजा देंगे" अब? कहाँ है वो तेवर? कहाँ है वो जुबान? बड़ा MY MY करते हो 😐 Tejashwi Yadav, self-proclaimed Yadav leader, मृतक अजय यादव के घर जाना तो छोड़ो, एक ट्वीट तक नहीं किया। क्यों? क्योंकि आरोपी वोट बैंक समुदाय से हैं। इसको यादवों से नहीं, सिर्फ होने वोट बैंक से मतलब है। MY की राजनीति अब मौन व्रत में है, गरीब Y की लाश भी TRP है, वोट नहीं — इसलिए कोई फर्क नहीं। क्यूँकी जात के है तो वोट तो देंगे ही, गुलाम है, वरना दूसरा जात वाला जीत जायेगा 😒😰 अरे नेताजी सामने से नहीं तो कम से कम पीछे से गरीब समझ के ही मदद कर दो... चुपके से ही सही। इतना भी क्या डर है वोट बैंक खोने का? 🙏 भगवान अजय के परिवार को इस देश के शासन और प्रशासन दोनों की तरफ से मिलने वाली तकलीफो को सहन करने की शक्ति देना... 🙏😰 मेरा भारत महान #BiharPolitics

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

85,217 просмотров • 1 год назад