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मारोगे क्या बेचारे को? पानी तो पीने दो। ये मीडिया वाले भी...
248,496 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)
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चोटिया तू हरामखोरi में सबसे अव्वल दर्जे का हो जाएगा एक दिन,,ह*******जादा वह व्यवस्था सुधार के लिए बैठा है भूख हड़ताल पर तेरे जैसे नक्कारे लोग सपोर्ट नहीं कर सकते तो कम से कम व्यंग तो मत कर निकम्मe,, तेरे तेरे को हराम की मिल रही ठूसने के लिए कभी दो दिन भूखा रह के तो देख

यह एक शब्द तो आप जैसों पर लागू होता है 🙏🏻🙏🏻

चोटिया जी आप खुद पत्रकारिता को छोड़ दो और ऐसी पोस्ट करके व्यंग्य कर रहे हो शर्म आनी चाहिए! सुधार करो अपने आप में आपके हर ट्वीट में लोगो की नुक्ताचीनी और टांग खिचने के अलावा आपने कोई मुद्दा आज तक नहीं उठाया है!

हराम खोर बेचारा किसको बोल रहा है तेरी हैसियत क्या है सोनम के सामने

फिर अनशन किस बात की....मंच पर एक व्यक्ति और एक पार्टी के विरोध के नाम पर हिंदुओं के देवी देवताओं का मजाक बनाने के लिए ये मंच तैयार किया हैं। मीडिया वाले ने बोला एक हिजड़े को मंच से सीता माता और प्रभु श्री राम पर टिप्पणी करने के लिए । मीडिया ने बोला अल्लाह अल्लाह करने के लिए।

2014 के बाद आप जैसे पत्रकारों का आगमन हुआ है जिन जनहित के मुद्दों से ज्यादा चाटुकारिता में पत्रकारिता दिखती है

मूर्ख है भूख हड़ताल और आमरण अनशन में अंतर नहीं समझते

इनको यह क्यों नहीं दिखता की यह हड़ताल पर क्यों बैठे कारण क्या है वहां कोई ध्यान नहीं दे रहा इनके पानी पर नजर है सबकी वाह भारत की जागरुक जनता

चोटिया जी आपको ये बेचारा लग रहा है। तो आप और हम तो बेचारे भी नहीं हैं। शर्म करले यार थोड़ी सी।

लोगो कमेंट देख के लगता है आप पत्रकारिता से बहुत दूर चले गए हो ओर चाटुकारिता के बहुत नज़दीक हो?

वाह कितने गुण हैं.... चाटुकार !! चमन बहार !! चापलूस !! शुतुरमुर्ग !! काइयां !! बेगैरत !! हवाबाज !! मक्कार !! समाजविरोधी! आरक्षण विरोधी!! सामाजिक न्याय विरोधी!!

लगता है आजकल के पत्रकार चटाई का काम ज्यादा कर रहे हैं

बेचारे तो आप और हम जेसे लोग है वो तो एक बहादुर आदमी है

बेचारे तो हम है यह तो बहादुर है हिम्मतवाला है लड़ाका है

अनशन का मतलब ये बिल्कुल नी होता की पानी भी ना पिओ ! mc मीडिया दलाली में इतनी धूब चुकी है

जितनी लम्बी टांगे हैं उतनी ही गंदी जीभ ! ऐसे लोग अपने आप को पत्रकार समझते है, इस चौथे स्तंभ में ईंट मसाला कमजोर और घटिया मानसिकता का है

अच्छा हुआ यह नहीं बोला कि brush भी कर रहे थे।

कुछ दिन बाद लोग बोलेंगे मतलब मीडिया वाले कि ये भूख हड़ताल नहीं करते ये वजन घटाने का तरीका है..

Ye dalle media vale chatu sale uske pani ko dekhre h hram khor apne papa ko bolo jake ki kuch krle mc.

Aur क्या मुर्दों से भरे इस देश के लिए जान देदे। भाई उनके भी पत्नी बच्चे हैं प्यार भरा परिवार है

"खुद को पत्रकार कहने वाले व्यक्ति से निष्पक्षता की उम्मीद होती है। जो व्यक्ति मुद्दों के लिए भूख हड़ताल कर रहा है, उसकी बात पर ध्यान देने के बजाय कमियाँ निकालना उचित नहीं लगता।"

Bhai unhone भूख हड़ताल kiya hai ye bhand media ko kya मुद्दा hai vo nhi dikha rhi chla rhi बिकाऊ media

Koi apna daant v na saaf kare ?? Toothbrush dikh le hath may. . Paste bhi kha jaye kya

भूख हड़ताल पर है आमरण अनशन पर नहीं

आप की हैसियत उनके सामने पैरों धूल के बराबर नहीं है तो बेचारे वाले शब्द छोड़ ही दो

मीडिया को मीडियाकर्मी से अच्छा कौन समझ सकता है, जो दिखाना था दिखाया जो नहीं दिखाना था नहीं दिखाया बात खत्म, पैसा हजम

आवकी हकीकत अब सामने आ रही है प्रवक्ता जी...😀

कैसे बिकाऊ पत्रकार मिले है इस देश को....जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष जिन पत्तलकारो को करना चाहिए था वो भूख हड़ताल में कमी निकाल रहे हैं

लगता है तेरे गले में भी वही पटा हैं जो गोदी मीडिया के गले में हैं

लग तो कुछ ऐसा ही रहा है। वैसे भी #भाजपा सरकार सोनम वांगचुक के खिलाफ़ अपने इरादे पहले भी ज़ाहिर कर चुकी है? पानी पी लिया तो क्या हो गया 😜 मीडिया वालो ये भूख हड़ताल है #प्यास_हड़ताल नहीं है😛सोनम वांगचुक भारत का ही नागरिक है! #SonamWangchuk @khurpenchh @LegalAdvisour @1K_Nazar

उन्होंने खुद बताया है कि वो साल्ट वाटर पीते है

Haan to paani to pi skte isme kya baat huyi

Mujhe lgta tha tu achha aadmi h par tu ek nmbr ka dalla h BJP walo ka

Niche sale gandi nali k kide

मीडिया वाले म****** है
