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141,719 次观看 • 2 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

Azad Tiwari 的头像
Azad Tiwari2 年前

Amazing mam

Nikki Mishra 的头像
Nikki Mishra2 年前

😊

amit shrivastava 的头像
amit shrivastava2 年前

So cute

GAJANAN JOGDAND 的头像
GAJANAN JOGDAND2 年前

✍👌👍

Rashtriya Yuva Ekta Manch 的头像
Rashtriya Yuva Ekta Manch2 年前

@geetawaheguruji

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P K Sharma2 年前

😊

RC 的头像
RC2 年前

@GetVideoBotOld

sneh_jain 的头像
sneh_jain2 年前

😀😀😀😀

Lodhi rajput Pankaj Babu 🇮🇳 的头像
Lodhi rajput Pankaj Babu 🇮🇳2 年前

🙏🙏

Himanshu Pargani 的头像
Himanshu Pargani2 年前

Bhuat ache g brilent

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कभी-कभी जिंदगी हमें इतना दर्द देती है कि इंसान टूट जाता है... लेकिन कुछ लोग दर्द में भी मुस्कुराना सिखा जाते हैं। पीहू भी उन्हीं में से एक थीं। 💔🥺 राजस्थान के जालोर की 27 वर्षीय प्रियंका उर्फ पीहू हड्डियों के कैंसर से जूझ रही थीं। जिंदगी के आखिरी दिनों में भी उन्होंने हार नहीं मानी। निधन से सात दिन पहले ICU में उन्होंने अपने पिता से कहा, "पापा, एक केक ले आइए... मैं अपने आखिरी पल हंसते हुए मनाना चाहती हूं।" पिता केक लेकर आए। पीहू ने मुस्कुराते हुए केक काटा, सभी को खिलाया और कहा, "मैं रोते हुए नहीं, हंसते हुए विदा लेना चाहती हूं।" पीहू ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन जाते-जाते वह एक ऐसी सीख दे गईं कि जिंदगी कितनी भी कठिन क्यों न हो, मुस्कुराना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उनकी यह आखिरी इच्छा लाखों लोगों की आंखें नम कर रही है। 💔

Mandeep RajBhar

24,030 次观看 • 1 个月前

मर्द होने का दर्द भी कोई समझे… 💔 रोज़गार की तलाश में घर-परिवार से दूर निकला यह युवक दिनभर मेहनत करता रहा। जब भूख बर्दाश्त से बाहर हुई तो एक कोने में बैठकर अपनी सूखी रोटी और प्याज खाने लगा। तभी सामने से मालिक को आते देखा तो घबराकर उसने अपना खाना छिपा लिया। मालिक ने पूछा—“क्या खा रहे हो, दिखाओ?” जब खाना सामने आया तो उसमें न कोई सब्जी थी, न कोई स्वाद… बस कुछ सूखी रोटियां और प्याज। कभी-कभी इंसान की गरीबी उसके चेहरे से नहीं, उसकी छुपाई हुई थाली से दिखाई देती है। मर्द की जिंदगी भी कितनी खामोश होती है… दर्द हो तो भी छुपाना पड़ता है, भूख हो तो भी सहना पड़ता है और मजबूरी हो तो भी मुस्कुराना पड़ता है। 💔

प्रभाकर श्रीवास्तव

14,117 次观看 • 9 天前

भाजपा सरकार के एजेंडे में न तो भर्ती है और न ही कोई और नौकरी। भाजपा नौकरी न देकर पीडीए के हक़ का आरक्षण मारना चाहती है। भाजपाई हर काम को आउटसोर्सिंग के ज़रिए करवाना चाहते हैं, इससे एक तरफ़ उन्हें आरक्षण नहीं देना पड़ता है और दूसरी तरफ़ जिनको आउटसोर्सिंग का ठेका मिलता है, उनसे कमीशन और चंदा वसूली करके ये भाजपाई अपना ख़ज़ाना भर लेते हैं। भाजपा की अग्निवीर जैसी योजनाओं ने देश की सुरक्षा के साथ ही युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को भी ख़तरे में डाल दिया है। आज बेरोज़गारी का जो हाल है, उससे न केवल युवाओं में बल्कि उनके परिवारों तक में मायूसी का माहौल है। लोग खेत-ज़मीन बेचकर अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद से पढ़ाते हैं लेकिन जब भर्ती-नौकरी की कहीं कोई बात नहीं होती है तो वो नाउम्मीदगी और निराशा से घिर जाते हैं। भाजपा के राज में कोई ख़ुशख़बरी नहीं आती है। लोग मुस्कुराना भूल गये हैं। भाजपा ने पीड़ा, दुख, अपमान-अन्याय के सिवा जनता को कुछ नहीं दिया है। इसीलिए जनता अब ‘हँसी-ख़ुशी छीननेवाली भाजपा’ को हटाकर ही सच्चा उत्सव-त्योहार मनाएगी। भाजपा जाए तो भर्ती-नौकरी आए!

Akhilesh Yadav

54,563 次观看 • 10 个月前