Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

महाराष्ट्र की राजनीति बहुत दिलचस्प मोड़ पर जा रही है। अजीत पवार के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार उप मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। पार्टी चीफ भी। यह दोनों पद तो स्वाभाविक रूप से मिल रहे हैं मगर असली चुनौती होगी पार्टी को एक रखने की। ‌और जो काम...

13,895 Aufrufe • vor 8 Monaten •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

दिल्ली बीजेपी से शरद पवार और अजीत पवार का प्रस्ताव आया है कि, दोनों एनसीपी एक हो जाएं और बीजेपी में मर्ज ना हों , अपनी पार्टी और निशान को बचायें रखें। उसके बाद संयुक्त एनसीपी एनडीए में शामिल हो जाएं। और इन सबके बदले में केंद्र में दो पद मिल सकते हैं एक पद शरद पवार गुट के लिए और दूसरी सुनेत्रा पवार गुट को मिले ताकि संतुलन बना रहे। लेकिन सुनेत्रा पवार का गुट चाहता है कि विलय के बाद एनसीपी अध्यक्ष का पद और वित्त मंत्रालय सुनेत्रा को मिले और बेटे पार्थ पवार को केंद्र में जगह मिले लेकिन अपनी ही पार्टी के नेता कह रहे हैं कि सब परिवार को नहीं दिया जा सकता। दुआरी तरफ़ शरद पवार गुट कह रहा है कि एनसीपी हमारी बनाई पार्टी है , हमारे 8 सांसद हैं और विलय भी हमसे चाहिए तो एनसीपी के अध्यक्ष पद दूसरे को कैसे दिया जा सकता है। — सौरभ द्विवेदी

I.N.D.I.A गठबन्धन

288,976 Aufrufe • vor 2 Monaten

मैंन इन शैडोज!! #AjitPawar की मौत 💔 अजीत, महाराष्ट्र या शायद देश के किसी भी राज्य के, सबसे लंबे समय उपमुख्यमंत्री पद पर रहने वाले शख्स है। पृथ्वीराज चव्हाण, उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, और देवेंद्र फडणवीस- सीएम आते जाते रहे- अजीत पवार हर सरकार का हिस्सा बने। और यही त्रासदी भी है। ●● राजनीतिक रूप से इतने चलायमान और चतुर शख्स, भारत की राजनीति में बिरले ही होंगे। सब कुछ था पवार के पास- पैसा, प्रभुत्व, राजनीतिक विरासत, और अभूतपूर्व चातुर्य। भ्रष्टाचार के आरोप उन पर स्वयं प्रधानमंत्री ने लगाये। और फिर पवार का कौशल देखिए, महीने न बीते की उन्हें अपनी राज्य सरकार का हिस्सा बनाया। एक बार तो 35 घण्टे के उपमुख्यमंत्री बने, और अपने खिलाफ सारी जांच बन्द कराने का आदेश जारी करवाकर, वापस विपक्ष में लौट गए। ●● इसके बावजूद वे लंबे समय कभी शरद पवार के भतीजे के रूप में जाने गये। तो कभी इस-उस मुख्यमंत्री के डिप्टी के रूप कहलाये। शीर्ष पद हाथ भर दूर होकर भी दूर रहा। और वहीं से भरपूर सत्ता भोगी। करप्शन और राजनीतिक उलटबांसियों को, जो भारतीय राजनेता का बैज ऑफ ऑनर है ( और जो नही होने पर आप पप्पू कहलाते हैं) को अलग रखें... तो पवार अनुभवी और ऐबल एडमिनिस्ट्रेटर थे। देश मे तमाम राज्यो में बैठे अनुभवहीन, रीढ़हीन, पार्टी और ब्यूरोक्रेसी की कठपुतली बने मुख्यमंत्रियों के उलट, उन्हें प्रशासन चलाना आता था। एक निपट, निपुण राजनेता कैसा होता है- अजीत पवार के पास सिखाने के लिए बहुतेरी कलाएं थी। सत्य यह कि डिप्टी सीएम होकर, उनका जलवा किसी सीएम से कम नही रहा। ●● तो भले ही मुझे अजीत पवार की राजनीति पसंद नही। अनैतिक गठबंधन, दल और परिवार को तोड़ना, जनता से मिले मैंडेट को बेचना- हम जैसे खामख्याल आदर्शवाद चाहने वालो को वैसे भी रुचना नही था। मगर सफल, मजबूत, काम करा ले जाने वाले प्रशासक के तौर पर पवार का सम्मान नही करना, अनुचित होगा। लगता था कि उम्र उनके साथ है, करियर अभी लम्बा है। किसी दिन वे शीर्ष पर अवश्य पहुँचते। पर काल की गति न्यारी है। वह भाग्य से अधिक, किसी को कुछ नही देता। ●● मृत्युपर्यन्त उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को अंतिम प्रणाम। गुड बाय, ओ मैन.. ऑफ शैडोज!! #AjitPawar #PlaneCrash #AjitPawar

Mr_cool77777

38,922 Aufrufe • vor 8 Monaten

आज भाजपा के पास अनेक राज्यों में 60 साल से कम आयु के कई चेहरे हैं जो अगले 20 साल तक भाजपा को टॉप पर रखेंगे। भाजपा शासित राज्यों में आज कांग्रेस कहीं भी चुनौती देने की स्थति में नहीं है। जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री चुनने की बात आई तो मोदी जी ने देखा कि जो व्यक्ति शरद पवार के सामने दबाव की स्थिति में न हो और न ही कंप्रोमाइज करें , देवेंद्र फड़नवीस इस खाँचे में फिट बैठते थे। उसके साथ न ही कोई बैगेज है और न ही भ्रष्टाचार का आरोप इसीलिए कुछ समय के लिए सत्ता से बाहर होने पर भी विपक्ष उनकी कोई हानि नहीं कर पाया। वे कम उम्र (44 वर्ष) में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने वाले शरद पवार के बाद दूसरे सबसे कम उम्र के नेता हैं। उन्होंने कानून की पढ़ाई की है और बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स भी किया है, जिससे उन्हें जटिल प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को समझने में मदद मिलती है।

Prashant Umrao

34,200 Aufrufe • vor 4 Monaten

बहुत गंभीर और परेशान करने वाले तथ्य सामने आए हैं कि विपक्ष के उप नेता, गौरव गोगोई उनकी पत्नी का पाकिस्तान और आईएसआई से संबंध है। 📌मैं जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूँ कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोल्बर्न, तौकीर शेख के साथ संबंध रखती हैं जो पाकिस्तान योजना आयोग में सलाहकार हैं। 📌यह एक गंभीर मुद्दा है जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है, इसलिए हम राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछना चाहते हैं कि गौरव गोगोई को बाहर आकर एलिजाबेथ के आईएसआई और पाकिस्तान के साथ संबंधों के स्पष्ट विवरण देने की आवश्यकता है... एलिजाबेथ कोल्बर्न पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों के साथ क्यों काम कर रही हैं? 📌क्या वे श्री राहुल गांधी द्वारा दिए गए उस बयान के आगे बढ़ने में काम कर रहे हैं कि कांग्रेस की लड़ाई भारतीय राज्य के साथ है? 📌क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आईएसआई और पाकिस्तान का समर्थन करना शुरू करेगी? 📌क्या यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में नहीं डालता है यदि श्री गौरव गोगोई विपक्ष के उप नेता के महत्वपूर्ण पद पर बने रहते हैं, विशेष रूप से जब उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित बहुत संवेदनशील जानकारी तक पहुंच है... 📌क्यों कांग्रेस पार्टी हमेशा पाकिस्तान और आईएसआई की सबसे अच्छी दोस्त बन जाती है जब भारत के खिलाफ साजिश करने की बात आती है? #CongressExposed #RahulgandhiExposed #Pakistan #ISI #Exposed

Gaurav Bhatia गौरव भाटिया 🇮🇳

105,768 Aufrufe • vor 1 Jahr