Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

ये uppsc छात्रा क्या कह रही है । हे राम 😱 जो students Normalization के खिलाफ हैं , अपने साथियों को support करें । संविधान सम्मत शांतिपूर्ण आंदोलन #uppsc_हम_छात्र_हैं_विपक्ष_नहीं #UPPCS_ROARO_ONESHIFT #Yogi_ji_nyay_kro #uppcs #uppsc #UttarPradesh #uppcs_no_normalisation #UPPSC_ONEDAY_ONESHIFT #UPPSC_No_Normalisation #UPPCS_हम_छात्र_हैं_विपक्ष_नहीं

8 Comments

Rajan Nayak's profile picture
Rajan Nayak1 year ago

सरकार को तानशाही रवैया छोड़कर नौजवानों से बात करनी चाहिए @UPGovt #UPPSC_No_Normalization #uppsc_aspirants

anshu tyagi's profile picture
anshu tyagi1 year ago

#UPPSC_No_Normalisation

RUKUM KESH's profile picture
RUKUM KESH1 year ago

सभी साथी शीघ्र पहुंचें। #UPPCS_हम_छात्र_हैं_विपक्ष_नहीं #UPPCS_ROARO_ONESHIFT

Megha Mishra's profile picture
Megha Mishra1 year ago

सादी वर्दी में उत्तर प्रदेश पुलिस के गुंडे महिलाओं के साथ बत्तमीजी कर रहे । UPPSC अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने केलिए योगी आदित्यनाथ की पुलिस छात्राओं को गिरफ्तार कर रही #uppsc_हम_छात्र_हैं_विपक्ष_नहीं #UPPCS_ROARO_ONESHIFT #Yogi_ji_nyay_kro #uppcs #uppsc

himanshu singh's profile picture
himanshu singh1 year ago

#UPPCS_ROARO_ONESHIFT #Yogiji_nyay_karo

Deepak Kumar Singh's profile picture
Deepak Kumar Singh1 year ago

Prayagraj under Threat 🥺🥺

Chitransh Srivastava's profile picture
Chitransh Srivastava1 year ago

#UPPSC_No_Normalisation

KHUSBOO MISHRA's profile picture
KHUSBOO MISHRA1 year ago

Ham aapke sath hai kyoki mei khud ek student hu

Related Videos

अभिनय सर के इस वीडियो से उनको जज नहीं किया जा सकता है। वो इस सरकार के कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन यहां ये कह देना विपक्ष कहां है.? राहुल गांधी कहां हैं.? ये मेरे अनुसार उचित नहीं है। राहुल जी बड़े नेता हैं उनका अचानक से कहीं आगमन नहीं हो सकता है। क्या किसी शिक्षक संघ ने उन्हें इस आंदोलन की जानकारी पहले से दी थी.? क्या किसी ने उन्हें आमंत्रित किया था..? शायद नहीं! राहुल गांधी जी 6 दिन पहले ही अपने ट्वीट के माध्यम से SSC छात्रों के मुद्दे को उठाया था। रेलवे NTPC के समय भी राहुल जी मजबूती से छात्रों के साथ खड़े थे। अभी बिहार में चुनाव है उनकी अपनी व्यस्तता है। ऐसे में उनके ऊपर ऐसे टिप्पणी करना सही नहीं है। इस देश में कई आंदोलन हुए विपक्ष के लोग बढ़ चढ़कर शामिल हुए लेकिन सरकार झुकी क्या.? एक किसान आंदोलन हुआ सैकड़ों लोग जान गंवा दिए, यूपी का चुनाव निकट आ गया तब जाकर सरकार चुनाव के डर से झुकी। मीडिया भी आज पूरी तरीके से सरकार के चरणवंदना में व्यस्त है। जो कुछ स्वतंत्र यूट्यूबर हैं वहीं लोग इस देश की मुद्दा को दिखा रहे हैं। ये भी सत्य है कि कई शिक्षक भाजपा के प्रबल समर्थक हैं। उनके साथ हमारी कोई हमदर्दी नहीं है।वो आंदोलन में भी सिर्फ इसलिए हैं ताकि उनके बच्चे उनसे सवाल न करें। वैसे भी ये कहा जाता है छात्र आंदोलन को राजनीति से दूर रखने पर ही उसके सफ़ल होने के ज्यादा उम्मीद रहती है। चुकी मैं अभिनय सर को काफ़ी पहले से जानता हूं,वो किसी रूप में मुझे भाजपा के समर्थक नहीं लगते हैं। वो गुस्से में ये बात बोल गए हैं लेकिन विपक्ष और राहुल गांधी जी हमेशा बच्चों के साथ हैं और रहेंगे। बाकी आप क्या सोचते हैं अपनी प्रतिक्रिया दीजिए।

Pratik Patel

435,439 views • 1 year ago

आज जो दलितों के साथ हो रहा है, वही सच्चाई है जो हम बार-बार कह रहे हैं।जाति भेदभाव अभी भी इस देश में नासूर की तरह पनप रहा है। संविधान समानता का वादा करता है, लेकिन समाज में आज भी छुआछूत, अपमान, हमले और अन्याय की घटनाएँ थम नहीं रही हैं। बारात पर हमला, पानी पीने पर मारपीट, मंदिर में प्रवेश से मनाही, अंतरजातीय रिश्ते पर हिंसा — ये सब सिर्फ खबरें नहीं, हमारी सामूहिक असफलता हैं। जब तक हम जाति के नाम पर इंसानियत को तौला जाएगा, तब तक यह घाव भरने वाला नहीं है। समय आ गया है कि हम सिर्फ बात न करें, बल्कि इस नासूर को जड़ से मिटाने के लिए खड़े हों।और इसके लिए सविधान की किताब को सीने से लगाकर अपने अंदर ज्वाला जलानी होगी ॥ जय हिंद जय भीम जय संविधान ।

Neha Bharti omg

31,612 views • 13 days ago

स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव न होना कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन की तरह, सरकार बर्खास्त होनी चाहिए। : गवर्नर साहब को और राष्ट्रपति को इंटरवीन करना चाहिए। जिस प्रकार का ये कानून उल्लंघन कर रहे हैं, ये सरकार कैसे रह सकती है? ये संविधान की मूल भावना को चोट कर रहे हैं तो, ये संविधान के ब्रेकडाउन की तरह है। इस सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। अब बर्खास्त कौन करे? बर्खास्त करने वाले इनके पार्टनर हैं, डबल इंजन जो ये कहते हैं, एक बड़ा इंजन दिल्ली के अंदर है और वही बर्खास्त कर सकता है। ये उनके चहेते हैं तो इन लोगों को क्या बर्खास्त करेंगे। बर्खास्त करने लायक केस है ये। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है, हाई कोर्ट कह चुका है, जब उनकी बात नहीं मानी गई है, इससे बड़ा कांस्टीट्यूशनल ब्रेकडाउन क्या होगा? मेरा ये मानना है। दुर्भाग्य से न गवर्नर साहब कुछ बोल पा रहे हैं, ना केन्द्र सरकार कुछ बोल पा रही है। इसलिए मैंने कल कहा था कि राष्ट्रपति महोदय को आगे आना चाहिए, गवर्नर साहब को बात करनी चाहिए कि चुनाव टाइम पर हो, किसी ढंग से हो। हमने भी एक बार प्रयास किया था कि पोस्टपोन कर देंगे चुनाव को, कर्मचारियों की स्ट्राइक चल रही थी, हमें मना कर दिया गया और उस स्ट्राइक में हमने चुनाव करवाए थे। कोई न कोई रास्ता निकल सकता है। इतने घबराए हुए हैं ये लोग चुनाव से, पता नहीं साफ हो जाएंगे, इसलिए चुनाव नहीं करवा रहे हैं।

Ashok Gehlot

19,488 views • 5 months ago

भाजपा की ‘चोरी-लूट-छल-कपट-झूठ-फ़रेब’ की अधर्मी राजनीति अब प्रभु रामजी के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुँच गई है। जो ‘महामुख’ हनुमानगढ़ी को लेकर मिथ्या-प्रचार कर रहे हैं, वो अपने महापाप का प्रायश्चित करें और स्वीकार करें कि वो राम मंदिर की चोरी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं अन्यथा हनुमानगढ़ी की सीढ़ियाँ घुटनों के बल चढ़कर, आस्था के इस अनादि तीर्थ से क्षमा याचना करें। संकीर्ण राजनीति करते-करते वो भूल जाते हैं कि वो झूठ बोलकर अपने ‘धर्मपद’ को भी अपमानित कर रहे हैं। अगर उन्हें झूठ बोलना ही है तो वो ऐसा साधारण व्यक्ति की वेशभूषा धारण करके करें। अपने स्वार्थ की सिद्धी के लिए, श्रद्धा के प्रतीकों को धारण करके भोल-भाले आस्थावानों को ठगना महा-अधर्म है। हनुमानगढ़ी की अतिशय शक्ति जब सामान्य पापियों का ही शमन कर देती है, तो इन ‘महापापियों’ का क्या हश्र होगा, कहने की आवश्यकता नहीं। प्रभु रामजी और हनुमान जी के प्रकोप से कोई अधर्मी नहीं बचेगा। आज पूरा देश देख रहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा और उनके अपंजीकृत संगी-साथी क़ब्ज़ा करके बैठे हैं वहाँ-वहाँ घोर बेईमानी, चोरी, गबन, लूट हो रही है। अभी तो ये पहली परत खुली है, आगे-आगे देखिए खुलता है क्या!

Akhilesh Yadav

346,258 views • 2 months ago

आज मैं भोपाल में अपने स्वर्ण समाज के हक़ और न्याय की शांतिपूर्ण आवाज़ लेकर पहुँचा था। हमारा उद्देश्य साफ़ था — बिना हिंसा, बिना अराजकता, सिर्फ़ अपने अधिकारों की बात रखना। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सरकार ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए अवैध और अनुचित तरीकों का सहारा लिया। वॉटर कैनन का प्रयोग, कड़ाके की ठंड में लोगों पर पानी छोड़ा जाना, और फिर मेरी गिरफ्तारी के साथ‑साथ मेरे कई साथियों को भी पुलिस द्वारा पकड़ लिया जाना — यह साफ़ दिखाता है कि आज सच बोलना सत्ता को कितना असहज कर रहा है। यह सवाल आज पूरे समाज को खुद से पूछना चाहिए— क्या लोकतंत्र में न्याय माँगना अपराध बन चुका है? क्या शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब पानी, लाठी और गिरफ्तारी से दिया जाएगा? यह केवल मेरे साथ हुआ अन्याय नहीं है, यह हर उस नागरिक के अधिकारों पर हमला है जो शांति से अपनी बात रखने का साहस करता है। मैं आप सभी से अपील करता हूँ— इस दमन के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाइए। हम सत्य के साथ हैं, हम न्याय के साथ हैं, और यह लड़ाई डर से नहीं, संकल्प से लड़ी जाएगी। संघर्ष जारी रहेगा। आवाज़ दबेगी नहीं। #न्यायमांगो #सनातनीएकता #अन्यायबर्दाश्तनहीं #शांति_कीआवाज़ #सत्यकेसाथ #जनहितमेंसंघर्

Adv. Anil Mishra

45,662 views • 9 months ago