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ये कैसा दौर चल रहा है? सुनिए, वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह जी को।👇
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Комментарии: 20

शेरनी है चाहती तो 15 करोड़ का पैकेज दूसरे चैनल पर जा सकती थी लेकिन शेरनी को दहाड़ना हैं खाज तक, घंटी टीवी के एंकरों के तरह मिमियाना नहीं

पत्रकार बचे कहां हैं अब गिने चुने ही हैं जिससे हमारे देश में लोकतंत्र कायम है देश की गोबर मीडिया सत्ताधारी नेताओं के तलवे कब से चाटकर अनपढ़ राजा को विश्व गुरु साबित करने में लगी हुई है इस देश का भविष्य अब अनपढ़ राजा और गोबर मीडिया के हाथ में है जो निरंतर अवनति की तरफ बढ़ रहा।

तानाशाह युग है बस चाटुकारिता चलती है

इसकी जिम्मेदारी काफी हद तक मीडिया खुद है

ये दौर शोषित को और ज़्यादा शोषण करने का चल रहा है

वरिष्ठ पतलकार @OnlineGarima आखिर सुना है ये भी बेरोजगार हो गयी

Is bewakoof ki tum hi suno

बहन आप काग्रेस की प्रवक्ता बना दो। चैनल मे बैठकर काग्रेस के लिए बैटिंग करती थी।

koun dour mad jab bikau patrkar sanch dab kar jhodh janata ke samne parsati thi or janta ke awaj dawane ke use goli mar diya jata o dour bilku app log umid na kare madam app jhodh parsoti rahogi hum sunte rahenge abbb ye dour nahi ab appp l \

एजेंडा नहीं चल पाया तो रोना शुरू कर दिया है

Karma @OnlineGarima @ShivamSanghi12 ne kuch zyada hi dose de diya????

Right ! National TV media is compromised. They are doing everything wrong except pro people journalism.

कुछ लोगो की काली कमाई को मोदी जी ने बंद कर दिया है, इसलिए बहुत परेशान है बेचारे,

लोकतंत्र को राजतंत्र में बदलना इतना आसान नहीं है जनता लोकतंत्र की ताकत होती है! लोकतंत्र का मतलब ही जनता का,जनता के लिए और जनता के द्वारा चयन को कहते हैं जनता जो चाहेगी वहीं होगा! ये बात हर किसी को समझ लेनी चाहिए!

Tu screen pe nahi aayi to kya hua… News channel bandh to nahi hue…

Ye log bahut dhurt hai

नालायक है ये। दल्ले को दलाली नहीं मिल रही है

🦴🦴🦴 का टुकड़ा मिलना बंद हो गया.. माल मलाई आती दिख नहीं रही इसलिए इस्तीफा देना ही ठीक लगा पत्तलकार मैडम को

दलाल भी बोल रही है

वामपंथी चोदी मीडिया का एक और विकेट गिर गया। हमारे देश में वामपंथी नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद अब वामपंथी चोदी मीडिया का भी पतन हो रहा है। नक्सलियों को बढ़ावा देने वाले वामपंथियों और कांग्रेसी दलालों का सोशल मीडिया पर रोना-धोना शुरू हो गया है। उनका रोना देखकर सच में मेरी भी आँखों में आँसू आ जाते हैं।
