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ये प्रोटेस्‍ट क‍िसी न्‍यूज चैनल पर नहीं द‍िखेगा. हां.. 50 लोगों वाला प्रोटेस्‍ट जरूर द‍िखेगा. NEET पेपर लीक के ख‍िलाफ मध्‍य प्रदेश में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन

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कांग्रेस का दोहरा रवैया देखिए! राजस्थान में अपने शासन (2018–2023) के दौरान 19 में से 17 भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक हुए। खुद प्रियंका गांधी ने पेपर लीक की समस्या स्वीकार की, लेकिन तब जवाबदेही तय नहीं हो सकी। लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल उठे, फिर भी कांग्रेस की आवाज़ मुखर नहीं थी। आज वही कांग्रेस NEET मुद्दे पर सवाल खड़े कर रही है। सुनिए, उनके शिक्षा मंत्री क्या कह रहे हैं… सवाल यह है कि जिन राज्यों में वह सत्ता में है, वहां पेपर लीक रोकने के लिए उसका मॉडल क्या है? इसके विपरीत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने NEET मामले में त्वरित कार्रवाई की, 13 लोगों को गिरफ्तार किया, दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित की और संसद में चर्चा के लिए भी तैयार है। अपने शासन की चूक पर चुप्पी और दूसरे की कार्रवाई पर राजनीति — कांग्रेस का ये दोहरा रवैया देश समझ चुका है!

BJP

91,850 次观看 • 1 个月前

जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की, सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी पीओसी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक क्यों है? - मंत्री Jagat Prakash Nadda जी

Piyush Goyal

404,261 次观看 • 1 个月前

विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - श्री Jagat Prakash Nadda पूरा वीडियो देखें:

BJP

51,711 次观看 • 1 个月前

विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - माननीय श्री Jagat Prakash Nadda जी

Sambit Patra

48,391 次观看 • 1 个月前

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा! 🚨 ​जहां एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी NEET पेपर लीक को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर थे, वहीं CBI की जांच में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। ​ ​मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी रेणुका केमिस्ट्री क्लासेस' (RCC) के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। ​10 दिन पहले पेपर लीक: जांच के मुताबिक, परीक्षा से 10 दिन पहले (23 अप्रैल) ही मोटेगांवकर के फोन पर लीक हुआ पेपर आ चुका था। ​42 सवाल हूबहू मिले RCC के मॉक टेस्ट में 42 सवाल असल NEET परीक्षा के बिल्कुल 'कार्बन कॉपी' थे। ​कांग्रेस से सीधे कनेक्शन का आरोप: वीडियो में दावा किया गया है कि लातूर में इस घोटाले को स्थानीय कांग्रेस नेताओं और शीर्ष नेतृत्व का सीधा राजनीतिक संरक्षण हासिल था। ​23 लाख मासूम छात्रों के भविष्य और मेहनत को नीलाम करने वाले इस घोटाले के तार अब सीधे कांग्रेस पार्टी के नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

Sweta Srivastava

35,029 次观看 • 1 个月前