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ये बच्चे 13 महीने से लगातार जगह बदल रहे हैं, इनके पैर खून और चोट से लथपथ हैं, ये भूखे-प्यासे हैं, थके हुए हैं, इनमें बात करने की भी ताकत नहीं है, ज़मीन फट जाए और मुस्लिम हुक्मरानों को उसमें समा जाना चाहिए, हम कितने बेशर्म लोग है
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इज़राइल पर हमला करने के पहले सोचना चाहिए था न॥

तुम्हारे जैसे नीच लोगों के कर्म औरतें और बच्चे भुगतते हैं

तो तू क्यो मदद नही करता बे

मुस्लिम हुक्मरानों की यही तो पूंजी है। सात अक्टूबर 23 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए जघन्य अपराध एवं यह स्थिती इन्सानियत के खिलाफ है।

सही कहा निहायती बेशर्म

ज़मीन फट जाए और मुस्लिम हुक्मरानों को उसमें समा जाएं हम कितने बेशर्म लोग है

इजरायल के आस पास सारे मुस्लिम देश है फिर भी गाज़ा के बेघर लोगों को कोई भी अपने देश में शरण देने को तैयार नहीं है क्योंकि उनकी भी पता है कि इनको अपने देश में लाने का मतलब है कि अपने देश में सिविल युद्ध को न्योता देना😀 यही है मुसलमानों का आपसी भाईचारा??🤣🤣

और मारो इजराइल के बेगुनाह, मासूस बच्चों और औरतों को, जिसने मारा वो तो छुप गए और मर रहे है ये मासूम लोग, जिहाद के चक़्कर मै अपनी ही कौम को मार दिया हमास ने 🤔

जब मुस्लिम हिन्दु लडकियो से धोखे से शादी करके उनके टुकडे करके सूटकेस/फ्रिज मे पैक कर देते है या फैक देते है तब भी मुस्लिम हुकुमरानो को धरती मे समा जाना चाहिए
