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ये बच्चों का शोर नहीं, बदहाल व्यवस्था के ख़िलाफ़ बजता हुआ बिगुल है। 📍लखनऊ, उत्तर प्रदेश
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Maa Baap ne ki gandagi bacchon ko saaf karni padegi

दुनिया वालों चाहें जितना जोर लगाओ लो रहेंगे योगी बाबा..

दो-तीन दिन पहले मंत्री जी ने स्कूल पहुंचकर छात्रों से बात की थी और समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिया था। जबकि आज मामले की कोर्ट में सुनवाई है, ऐसे में छात्रों को न्यायालय के फैसले का इंतजार करना उचित होता। स्टे के चलते चयनित शिक्षकों की ज्वाइनिंग रुकी थी, जिससे कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। 17 अगस्त को फैसले की उम्मीद है। स्टे हटने पर शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता खुलेगा और स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने से पढ़ाई बेहतर होगी।

कुछ ही दिनों पहले माननीय मंत्री जी ने स्वयं स्कूल का दौरा कर छात्रों से सीधे बातचीत की थी और उन्हें समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया था आज इस विषय पर न्यायालय में सुनवाई होनी है इसलिए छात्रों के लिए बेहतर होता कि वे कोर्ट के फैसले तक प्रतीक्षा करतेयदि माननीय अदालत से स्टे हट जाता है, तो नव चयनित शिक्षकों की जॉइनिंग में आ रही बाधाएँ दूर होंगी जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी खत्म होगी और शैक्षणिक माहौल में सुधार आएगा।

जिस देश का किसान नौजवान बर्बाद देश बर्बाद होता है पूरा देश बर्बाद हो जाता है, दुर्भाग्य से वैसा ही हो रहा है

Gen Z k baad Gen Apha b maidan m aa gay h

दो-तीन दिन पहले मंत्री जी ने स्वयं विद्यालय पहुंचकर छात्रों से संवाद किया और स्थायी समाधान का आश्वासन दिया था। आज न्यायालय में सुनवाई है। बेहतर होता छात्र न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करते। स्टे हटता है तो नवनियुक्त शिक्षकों के योगदान का रास्ता साफ होगा और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होकर पठन-पाठन बेहतर होगा।

असीम अरुण जी ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त को फैसला आने की संभावना है।

काग़ज़ी डॉक्टर सब तुम्हारे प्यादे ♟️ हैं

