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ये है तुष्टिकरण का असली चेहरा .. अपनी धर्मपत्नी के अपमान पर भी कुछ नही नहीं बोल पा रहे ..जब मौलाना ने डिंपल यादव जी के पहनावे पर सवाल उठाए और इसे 'मस्जिद का अपमान' बताया, तो पूरी समाजवादी पार्टी और खुद माननीय अखिलेश यादव जी ने चुप्पी साध...

17,868 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

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देश के प्रधानमंत्री ने हमेशा अपनी माता जी को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। आज भी वही कर रहे हैं। उन्होंने खुद को "नॉन-बायोलॉजिकल" कहकर मां का अपमान किया, इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है? मोदी जी ने कभी मिक्स ब्रीड, 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड, जर्सी गाय, हाइब्रिड बछड़ा, कांग्रेस की विधवा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। सोचिए, “विधवा” जैसा संवेदनशील शब्द, जो समाज में पीड़ा का प्रतीक है, उसको भी उन्होंने राजनीति और वोट के खातिर इस्तेमाल किया। क्या ये किसी की मां-बहन का अपमान नहीं था? क्या ये राजनीतिक मर्यादा थी? “दीदी ओ दीदी” से लेकर प्रज्वल रेवन्ना तक, वोट के लिए मंच पर जाकर ये नेता मर्यादा तोड़ते हैं, और फिर दूसरों को भाषण देते हैं। सच तो यह है कि जब आप सार्वजनिक जीवन में होते हैं, तो आपको आलोचना और विरोध दोनों सुनने पड़ते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री जी, आपने तो कभी किसी की भी मां को नहीं छोड़ा। और आज जब मामला आपके सामने आया है, तो आप नाटक कर रहे हैं। हम साफ कहते हैं, गाली देना गलत है, और उस पर सख़्त से सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए। लेकिन मोदी जी, राजनीति में मर्यादा का पहला पाठ आपको खुद पढ़ना होगा। क्योंकि आप ही ने शब्दों की इस गंदी राजनीति की शुरुआत की थी।

Alok Sharma

45,431 просмотров • 1 год назад

"डिंपल यादव की संवेदनाएं पोस्टरों में उतर आई हैं.. दिल्ली में युवाओं का साथ और संघर्ष यूपी के लिए संजीवनी बनेगा!!" समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने देशभर के युवाओं का दिल जीत लिया है.. डिंपल यादव का मानवीय और संवेदनशील चेहरा युवाओं के एक बड़े वर्ग में पार्टी के लिए नया नैरेटिव गढ़ रहा है.. समाजवादी पार्टी इस माहौल को वोटों में बदलने का कोई मौका चूकना नहीं चाहती.. चूकना चाहिए भी नहीं.. इसीलिए डिंपल यादव के संघर्ष करते हुए पोस्टर सपा मुख्यालय के मुख्य द्वार के दोनों तरफ लगे हैं.. अखिलेश यादव के भी सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की के पोस्टर लगाए गए हैं.. दिल्ली के आंदोलन में यूपी की राजनीति तप रही है.. माहौल गरम है.. #SamajwadiParty #DimpleYadav #AkhileshYadav #Protest #Politics #UttarPradesh

Vivek K. Tripathi

49,376 просмотров • 1 месяц назад

गजब का दोगलापन है भाई एक पुलिस वाला अपने बचाव में अगर हवाई फायरिंग कर रहा है तब वह अखिलेश यादव की नजर में गलत है लेकिन अखिलेश यादव का प्यारा दुलारा मुख्तार अंसारी अगर मऊ दंगे के दौरान जिप्सी की छत पर बैठकर खुलेआम AK-56 लेकर 17 हिंदुओं को मारा तब वह गलत नहीं है तब अखिलेश यादव मुख्तार अंसारी के लिए आंसू बहाते हैं और यह दंगा मुख्तार अंसारी ने सिर्फ इसलिए भड़काया था ताकि हिंदू रामलीला और भारत मिलाप का त्यौहार का आयोजन न कर सके और इस तरह से खुलेआम जिप्सी पर AK-56 लेकर घूमता था सबसे पहले हत्या राम प्रकाश यादव नामक एक युवक की की थी और इस दंगे में 17 हिंदू मारे गए थे जिसमें से 14 तो यादव समुदाय के थे लेकिन फिर भी मुलायम सिंह ने और समाजवादी पार्टी ने यादवों का साथ इसलिए नहीं दिया कि कहीं मुसलमान नाराज ना हो जाए और मुख्तार अंसारी को हिंदुओं को और यादव लोगों का कत्ल करने का खुली छूट दे दिया था और यह सत्य है कि वैसे तो समाजवादी पार्टी कहती है कि हम यादव जी लोगों की पार्टी हैं लेकिन जब भी किसी दंगे में या झगड़े में या विवाद में दूसरा पक्ष मुस्लिम होता है तब समाजवादी पार्टी यादव जी लोगों से कहती है कौन है आप ? हम तो आपको पहचानते नहीं और फिर समाजवादी पार्टी मुसलमानो के साथ खड़ी हो जाती है मथुरा में लस्सी विक्रेता भारत यादव का हत्या इसका उदाहरण है मात्र ₹20 मांगने पर मुसलमानो ने भरत लाल यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दिया था अखिलेश यादव न तो भरत लाल की विधवा पत्नी और दो प्रमोद बच्चियों से मिलने गए ना कोई मदद किया और ना ही अपने पार्टी के किसी सदस्य को भेजा क्योंकि अखिलेश यादव डर रहे थे कि कहीं मुस्लिम नाराज ना हो जाए

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

52,102 просмотров • 1 месяц назад