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Ana Sayfaya Dön

ये है राष्ट्रीय चैनल पर राष्ट्रीय मुद्दा😁

74,590 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)

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पीएम मोदी, आप को और आपकी पार्टी को समझाते हैं कि “राष्ट्रीय शर्म” (National Shame) क्या है: 1.पिछले सप्ताहांत मणिपुर के भाजपा विधायक वोंगजिन वाल्ट की 2023 के जातीय संघर्षों में लगी गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई और अब तक किसी हमलावर की गिरफ्तारी या अभियोजन नहीं हुआ - ये राष्ट्रीय शर्म है. 2.राजस्थान में एक पूर्व भाजपा सांसद ने मुस्लिम महिलाओं को दिए कंबल वापस ले लिए क्योंकि वे उन्हें वोट नहीं देतीं - ये राष्ट्रीय शर्म है. 3.राष्ट्रीय राजधानी में एक मकान मालकिन ने केवल मुस्लिम उपनाम होने के कारण एक पीएचडी उम्मीदवार को आवास देने से इनकार किया - ये राष्ट्रीय शर्म है. 4.ओडिशा में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल न भेजने की धमकी देते हैं क्योंकि मध्याह्न भोजन पकाने वाली महिला दलित है - ये राष्ट्रीय शर्म है. 5.राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अरुणाचली महिलाओं के साथ नस्लीय गालियां दी जाती हैं और पूर्वोत्तर के नागरिक बार-बार नस्लीय दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं - ये राष्ट्रीय शर्म है. 6.सरकारी अस्पतालों में स्ट्रेचर उपलब्ध न होने के कारण एक युवक को अपने बीमार पिता को कंधे पर उठाना पड़ता है - ये राष्ट्रीय शर्म है. 7.किसी राज्य का मुख्यमंत्री अपने राज्य में बंगाली भाषी मुसलमानों के खिलाफ आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करे - ये राष्ट्रीय शर्म है. 8.सोनम वांगचुक को लद्दाख के लोगों की आवाज उठाने पर जेल में डाला जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 9.कश्मीर घाटी के पत्रकारों को केवल लेख लिखने पर कारावास की धमकी दी जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 10.प्रदर्शन कर रहे सिख किसानों को तुरंत खालिस्तानी कह दिया जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 11.फादर स्टैन स्वामी जैसे 80 वर्ष के पादरी को आदिवासी अधिकारों के लिए खड़े होने पर आतंक विरोधी कानूनों में बंद कर स्ट्रॉ सिपर तक से वंचित किया जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 12.बजरंग दल के कार्यकर्ता क्रिसमस समारोहों पर हमला कर बच निकलें - ये राष्ट्रीय शर्म है. 13.जिम मालिक मोहम्मद दीपक को एक भारतीय मुस्लिम के समर्थन में खड़े होने पर निशाना बनाया जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 14.बर्बर बलात्कार और हत्या मामले में दोषियों के जेल से निकलते ही वीएचपी द्वारा माल्यार्पण किया जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 15.राम रहीम को प्रभाव और शक्ति के कारण बार-बार पैरोल मिले - ये राष्ट्रीय शर्म है. 16.कन्हैया लाल जैसे दर्जी की सोशल मीडिया पोस्ट पर कथित ईशनिंदा के आरोप में हत्या कर दी जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 17.स्टैंड अप कॉमेडियन को शक्तिशाली लोगों का व्यंग्य करने पर गिरफ्तार किया जाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 18.हमारी न्यायपालिका जमानत न कि जेल के अपने सिद्धांत पर न चले - ये राष्ट्रीय शर्म है. 19.महाराष्ट्र में कर्जदार किसान आत्महत्या करें - ये राष्ट्रीय शर्म है. 20.हिट एंड रन मामले में अमीर परिवार का युवक न्यूनतम दंड पाए - ये राष्ट्रीय शर्म है. 21.यौन उत्पीड़न की शिकार महिला न्याय के लिए संघर्ष करती रहे - ये राष्ट्रीय शर्म है. 22.शीर्ष 10% आबादी के पास 58% राष्ट्रीय आय हो और समाज गहरी असमानता में डूबा रहे - ये राष्ट्रीय शर्म है. 🟥 नागरिक राजनीतिक रणनीतियों की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन ‘आलोचना’ राज्य (प्रशासन) की असंगत कार्रवाई या नैतिक घबराहट का बहाना नहीं बननी चाहिए.

Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)

12,397 görüntüleme • 4 ay önce