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यदि सभी मत-पंथ समान हैं, तो RSS कन्वर्जन का विरोध क्यों करता है?

12,460 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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कोई ईसाई या मुसलमान कभी नहीं कहता कि सभी पंथ, मत और मज़हब समान हैं। उनकी बाइबल और कुरान घोषणा करते हैं कि अन्य सभी पंथ, मत और मज़हब झूठे हैं, तथा क्रमशः ईसाइयों और मुसलमानों को दूसरों को अपने मज़हब में परिवर्तित करने का आदेश देते हैं। दूसरों को ईसाई और इस्लाम में परिवर्तित करना उनके मज़हबों के अनुसार एक पवित्र और पुण्य कार्य माना जाता है। दूसरी बात, कोई भी हिंदू ग्रंथ यह नहीं कहता कि सभी पंथ, मत व मज़हब समान हैं, बल्कि वे यह घोषणा करते हैं कि सभी पंथ, मत व मज़हब समान रूप से मान्य नहीं हैं। इसके विपरीत, केवल जड़ से उखड़े हुए संघी लोग, जिनके मस्तिष्क उनकी चड्ढी में हैं, यह कहते हैं कि सभी पंथ, मत और मज़हब एक जैसे हैं और समान रूप से मान्य हैं। क्योंकि संघ लोग #छद्माहिंदुत्व नाममात्र हिंदू एवं निरक्षर कुक्षी हैं। संघी लोग न तो हिंदू धर्म के बारे में जानते हैं, न ही अन्य पंथों, मतों और मज़हबों के बारे में। इसके अतिरिक्त, संघी लोग हिंदू समाज पर परान्नजीवी हैं, जो दीमक की तरह हिंदू वृक्ष पर आक्रमण करके उसे नष्ट कर देते हैं। #RSS_Mukt_Bharat #PseudoHindutva

M. Nageswara Rao IPS (Retired)

10,883 görüntüleme • 1 yıl önce