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यूपी के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र प्रताप सिंह रघु के लिए भगवान साबित हुए! मान्यता प्राप्त पत्रकार एकादश और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एकादश के बीच में सेमीफाइनल का मैच केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेला जा रहा था। फील्डिंग के दौरान मीडिया क्रिकेट टीम के...

11,458 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

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Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳1 年前

@brajeshpathakup पत्रकारों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं @brajeshpathakup जी आपका दिल से साधुवाद।

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AMIT MISHRA M.L.1 年前

@brajeshpathakup शानदार

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Mohit Verma/मोहित वर्मा1 年前

@brajeshpathakup पत्रकारों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं @brajeshpathakup जी आपका दिल से साधुवाद

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Ashish Sony1 年前

@brajeshpathakup वाह सर🙏 उपमुख्यमंत्री जी हर मायने में किसी फरिश्ते से कम नहीं है. उनके कई कर्ज मेरे भी ऊपर हैं जिन्हें वह जानेंगे तो हतप्रभ रह जाएंगे.... अनजाने में ही सही वो मेरे जीवन मे कितने महत्वपूर्ण हैं

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ASHWINI SHARMA1 年前

@brajeshpathakup इस नेक काम के लिए @brajeshpathakup जी का ह्रदय से आभार।🙏🙏🙏

Singhasan Chauhan आज़ाद अधिकार सेना(जिला उपाध्यक्ष) 的头像
Singhasan Chauhan आज़ाद अधिकार सेना(जिला उपाध्यक्ष)1 年前

@brajeshpathakup वाकई में सराहनीय

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Manish Dubey1 年前

@brajeshpathakup डिप्टी CM की तरह यदि सभी नेता लोग हो जाएं तो सच में "अच्छे दिन" आ जाएं जनता के. जय हो @brajeshpathakup सर 🙏

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Manoj Tiwari1 年前

@brajeshpathakup बहुत सराहनीय और प्रसंशनीय कार्य आपकी सदा ही जय हो

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AMAR JEET1 年前

@brajeshpathakup बहुत अच्छी बात है किसी की जान बचाना लेकिन ये सुविधा अगर आम नागरिकों को मिलने लगे तो बेहतर होता

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Guru Misra1 年前

@brajeshpathakup Great

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विधायकों और पत्रकारों का मैच शुरू हो गया है.. नमस्कार.. आज की सुबह मैं लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम से.. आज शनिवार की सर्द दोपहर.. सूरज देवता के दर्शन सुबह से नहीं हुए लेकिन माहौल में गर्मी गजब की है.. मान्यता प्राप्त मीडिया 11 टीम का मैच विधायक एकादश से हो रहा है.. विधायक एकादश टीम के कप्तान खेल राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर हैं.. उनके साथ फर्स्ट ऑर्डर में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी और कानपुर के युवा विधायक अभिजीत सिंह सांगा मैदान में जलवे दिखाएंगे.. मान्यता प्राप्त पत्रकार 11 के कप्तान हैं राघवेंद्र प्रताप सिंह.. टीम में धुरंधर बल्लेबाज विद्या, रतीश त्रिवेदी, राघवेंद्र पांडे, जबर विकेटकीपर गौतम भाई आज अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएंगे.. लेकिन विधायक एकादश की प्रैक्टिस देखकर लग नहीं रहा कि कहीं से हलकी टीम है.. एक से एक खिलाड़ी हैं भाई.. #Cricket #CricketFever #CricketFans #CricketNews #CricketUpdates #Lucknow #kdsinghbabustadium #MLAvsJournalist

Vivek K. Tripathi

14,847 次观看 • 8 个月前

भारत के 6 सैनिक जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए थे असल में वह पाकिस्तान के हमले में नहीं शहीद हुए थे बल्कि एक आर्टिलरी लोड करने के दौरान आर्टिलरी के फट जाने से 6 जवान बुरी तरह से घायल हुए थे जिसमें से पांच तुरंत अमर बलिदानी को प्राप्त हो गए और एक जवान की मौत अस्पताल में हुई और उसी दिन भारत सरकार के डीजीएमओ ने प्रेस ब्रीफिंग करके पांच जवानों को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित किया था यहां तक की खुद प्रियंका वाड्रा ने उसी दिन हर एक जवानों का नाम लिखकर श्रद्धांजलि दिया था और राजनाथ सिंह जी से सवाल जो पूछा गया था उसका वीडियो कट करके चलाया जा रहा है राजनाथ सिंह जी से सवाल पूछा गया था फाइटर जेट के बारे में तब उन्होंने कहा था कि हमारा कोई भी जवान ऑपरेशन के समय पाकिस्तान में वीरगति को प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन सोचिए आज कांग्रेसी कुत्ते कह रहे हैं कि 6 जवानों का नाम भारत सरकार ने छुपाया था गजब के दोगले हैं भाई

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

32,091 次观看 • 2 个月前

वीडियो में दिखाई दे रही महिला शशि सिंह हैं, जो एक फौजी की पत्नी हैं। उन्नाव रेप केस के दौरान देश की मीडिया ने उनके साथ गंभीर अन्याय किया। पहले उन्हें गलत तरीके से पुरुष बताया गया और बाद में महिला होने की पुष्टि होने पर उन्हें दलाल की संज्ञा दे दी गई। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के साथ शशि सिंह, उनकी बेटी निधि सिंह और उनके पुत्र शुभम सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। बाद में अदालत ने शशि सिंह को बाइज्जत बरी कर दिया और उनके पुत्र शुभम सिंह को भी निर्दोष पाया गया क्योंकि वे घटना के समय बीटेक की पढ़ाई के कारण क्षेत्र से बाहर थे। इसके बावजूद मीडिया ट्रायल के जरिए शशि सिंह और उनके पूरे परिवार का चरित्र हनन किया गया। शशि सिंह एक मां, पत्नी और बेटी हैं, लेकिन उन्हें ऐसे अपराध के लिए बदनाम किया गया जो कभी हुआ ही नहीं था। एक सैनिक की पत्नी होने के बावजूद उनके पति को भी दलाल बताकर अपमानित किया गया और उनके बच्चों को सामाजिक कलंक के साथ जीने के लिए मजबूर किया गया। सीबीआई जांच से उन्हें न्याय की उम्मीद थी, लेकिन चार्जशीट में भी सच्चाई को नजरअंदाज किया गया। जेल में रहते हुए उन्हें यह तक सुनने को मिला कि न्याय से ज्यादा जरूरी राजनीति और चुनाव हैं। लंबे समय तक चले इस झूठे आरोप और मीडिया ट्रायल ने उनका आत्मसम्मान, पारिवारिक जीवन और बच्चों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित किया। अंत में जब अदालत से न्याय मिला, तब भी सवाल यह रह गया कि क्या उनका खोया हुआ सम्मान, उनके बेटे की छूटी पढ़ाई और उनके सैनिक पति की गरिमा उन्हें वापस मिल पाएगी। यह पूरा मामला दिखाता है कि किस तरह नारी सम्मान की बात करने वाला समाज और मीडिया कभी-कभी एक निर्दोष महिला को ही सबसे बड़ा शिकार बना देता है।

The Thakur Force

15,879 次观看 • 8 个月前

बाड़मेर की पत्रकारिता ने चरम छुआ है... एक उठा दिए गए शराब ठेके की पुनर्स्थापना में पत्रकार महोदय ने महनीय योगदान दिया है। उनकी खबर का ही असर है कि डिप्रेशन में जा चुके ठेकेदार साहब आज फिर से अपने काम में लग गए हैं। परिवार की खुशियां भी लौट आई हैं और चेहरे की मुस्कान भी। पत्रकार महोदय की खबर का असर यह हुआ कि मुख्यमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के सचिव तक और जिला कलेक्टर से लेकर जिला आबकारी अधिकारी तक, सबको हिलाकर रख दिया। बंद कर दिए गए ठेके को फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई। हालांकि पत्रकार महोदय मीडिया से होने के नाते शराब के समर्थक नहीं हैं, यह उन्होंने स्पष्ट तौर पर कह भी दिया है। बाड़मेर में पत्रकारिता क्रांति वहां कच्चे तेल की उत्पत्ति के साथ ही शुरू हुई। रिफाइनरी स्थापना की शुरुआत के साथ परवान चढ़ने लगी, कोरोना काल में इसे पंख मिले और आज यह दुनियाभर के पत्रकारों के लिए शोध का विषय बन गई है। मैं विधानसभा चुनाव के दौरान जब बाड़मेर गया था, तब मुझे नेताओं से ज्यादा संख्या में पत्रकार मिले थे और आज किसी ने बताया कि इन दो वर्षों के दौरान वहां 100 से ज्यादा पत्रकार और बढ़ गये हैं। अगर इसे सरकार की उपलब्धि में गिना जा सकता तो यह एक बताने लायक उपलब्धि हो सकती थी लेकिन अफसोस! बहरहाल, आप आज के शानदार छह मिनट का आनंद लीजिए। आपको चार पैग जितनी मस्ती नहीं आए तो पैसे वापस।

Arvind Chotia

52,402 次观看 • 8 个月前

"बटुकों के सम्मान में.. पाठक भइया मैदान में.." अपमानित और नाराज ब्राह्मणों को मनाने के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक खुलकर सामने आ गए हैं. "बटुकों की चोटी खींचने वालों पर महापाप लगेगा.." डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का बार-बार 'पाप-महापाप' वाला बयान दोहराना इस बात का संकेत है कि यूपी में शंकराचार्य मामले में एक बार फिर से मोर्चा खुल गया है.. कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि शंकराचार्य के अपमान से जो डैमेज हुआ है उसे बराबर करने के लिए पाठक जी को 'ऊपर' से निर्देश मिले हैं.. हालांकि, शंकराचार्य को लेकर सरकार में ही दो धड़े बन गए हैं.. पहले केशव मौर्य ने शंकराचार्य को भगवान बताया.. अब बृजेश पाठक बटुकों को घर बुलाकर भोजन करा रहे हैं.. टीका लगाकर अंग वस्त्रम पहना रहे हैं.. उनसे आशीर्वाद ले रहे हैं.. और इस कार्यक्रम के तुरंत बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लखनऊ में मौजूद संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिल रहे हैं.. संदेश साफ है.. तल्खियां हैं.. खटपट दिखने लगी है.. #Shankaracharya #BrajeshPathak #BRAHMAN #Brahmin #Brahmins #brahmanwaad #controversy

Vivek K. Tripathi

29,900 次观看 • 6 个月前

आज की BJP सरकार से जनरल नरावणे की किताब से पैदा हुई कंट्रोवर्सी हैंडल नहीं हुई, तो जनरल अनिल चौहान को एक नई कंट्रोवर्सी खड़ा करने का आदेश दिया गया! वैसे भी इस सरकार ने तीनों सेनाओं के अधिकारियों को एक-दूसरे के सामने खड़ा करने की कोशिश पहले भी की है. जनरल अनिल चौहान ने राउटर्स को इंटरव्यू में यह कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दो से ज्यादा लेकिन छह से कम जहाज भारत ने खोए हैं. यही बात कैप्टन शिव कुमार ने जकार्ता में कही थी, जो कि एक नौसेना के अधिकारी थे. लेकिन 09 अगस्त 2025 को भारतीय वायुसेना के चीफ से झूठ बुलवाया गया कि भारत ने 06 जहाज हवा में मार गिराए थे. एयर चीफ यह बात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तुरंत बाद नहीं, लेकिन उसके तीन महीनों के बाद बोल रहे थे !!(और उसी दिन की रक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति से यह बयान ग़ायब था). यानि BJP सरकार की घटिया स्ट्रैटेजी में तीनों सेनाओं को भी एक-दूसरे से कॉन्फ्लिक्ट में दिखाना (परस्पर लड़ाना) शामिल है, और इसी लिए मैं कहूंगी कि जनरल नरावणे की किताब से उठे विवादों को दूसरे हेडलाइन मैनेजमेंट से बदलने के लिए ही जनरल अनिल चौहान से यह बयान दिलवाया गया है, जिससे एक नया डिबेट शुरू किया जा सके. #fourstarsofdestiny

Wg Cdr Anuma Acharya (Retd)

10,706 次观看 • 6 个月前

एक बार एक फौजी की पत्नी के साथ कुछ मनचलों ने छेड़खानी कर दी थी। फौजियों ने उनको पकड़ा और अंडरवियर में सबके सामने उनकी परेड करवाकर माफी मंगवाई। ये मनचला पंजाब के तत्कालीन ताकतवर मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरो का बेटा था। आज कांवड़ियों के भेष में कुछ गुंडों ने एक सीआरपीएफ जवान के साथ मारपीट की लेकिन अभी तक DG की एक बयान देने की भी हिम्मत नहीं हुई। 1959,अमृतसर भारतीय सेना के कुछ अधिकारी और उनकी पत्नियाँ अपने एक सहकर्मी को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन गए। कुछ मनचलों ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की और उनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की. सेना के अधिकारियों ने उन गुंडों का पीछा किया जो पास के सिनेमा थिएटर में शरण लिए हुए थे। मामले की सूचना कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ज्योति मोहन सेन को दी गई थी। घटना के बारे में जानने पर, कर्नल ने सिनेमा हॉल को सैनिकों से घेरने का आदेश दिया। सभी गुंडों को घसीट कर बाहर निकाला गया और गुंडों का सरदार इतना मदमस्त और सत्ता के नशे में चूर था; जो कोई और नहीं बल्कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के करीबी सहयोगी और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के बेटे थे।_ सभी गुंडों को उनके अंडरवियर उतारकर अमृतसर की सड़कों पर घुमाया गया और बाद में छावनी में नजरबंद कर दिया गया। अगले दिन, मुख्यमंत्री क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने बेटे को भारतीय सेना की कैद से छुड़ाने की कोशिश की।_ तुम्हें पता है क्या हुआ? उनके वाहन को वीआईपी वाहन के रूप में छावनी में जाने की अनुमति नहीं दी गई, उन्हें कर्नल से मिलने के लिए पूरे रास्ते पैदल चलने के लिए मजबूर किया गया। क्रोधित मुख्यमंत्री कैरों ने पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से की।_ वे दिन अलग थे, लोकतंत्र नवजात अवस्था में था, शक्तिशाली होते हुए भी नेताओं में कुछ संकोच और नैतिकता थी। हैरान, तथाकथित भारत रत्न प्रधान मंत्री नेहरू ने अपने विश्वासपात्र प्रताप सिंह कैरों से सवाल करने के बजाय, अपने अधिकारियों के आचरण के लिए सेना प्रमुख जनरल थिमैया से स्पष्टीकरण मांगा। आपको पता है क्या उत्तर दिया? "यदि हम अपनी मां,बहनों के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकते, तो आप हमसे अपने देश के सम्मान की रक्षा की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?" नेहरू अवाक रह गये। वह एक बहादुर सैनिक की कहानी थी जिसने अपनी सेना के लिए प्रधान मंत्री को चुनौती दी थी।

Ravindra Singh Sheoran

106,437 次观看 • 1 年前

आईपीएस वीके सिंह SI भर्ती-2021 के फैसले को लेकर पुलिस में एक आदमी की एकतरफा प्रशंसा हो रही है और ये तब है, जब वह आदमी मीडिया से भी दूर रहता है और अब SOG हेड के पद पर भी नहीं है। जहाँ हर कोई इनकी तारीफ़ कर रहे हैं, ये उन लोगों की तारीफ़ कर रहे हैं, जिन्होंने इस भर्ती को रद्द करने की कगार पर पहुंचाने में अपना योगदान दिया। एक अधिकारी को मुश्किल से ही अपनी टीम को श्रेय देता देखा जाता है। वीके सिंह का यह वीडियो पुराना है लेकिन बहुत कुछ सिखाता है। अपना काम पूरी जिम्मेदारी से, पूरी ईमानदारी से, पूरी शिद्दत से पूरा करना और बहुत कम बोलना। आपको बोलने की या मीडिया में बने रहने की कोई जरूरत नहीं होती। जब आप अच्छा और बड़ा काम करते हैं तो लोग खुद आपको चर्चा में रखते हैं। भजनलाल सरकार ने सब इंस्पेक्टर भर्ती सहित अन्य भर्तियों में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए बनाए गए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का हेड वीके सिंह को बनाया था। उनके नेतृत्व में जो काम शुरू हुआ तो वह आज तक इस ताकत से चल रहा है और इस ग्रुप ने आमजन की नजरों में पुलिस का सम्मान बढ़ाया ही है। किसी बड़े काम के लिए सही आदमी का चुनाव ही उस काम के अंजाम तक पहुंचाने की कुंजी होती है। सरकार ने यह काम बखूबी किया।

Arvind Chotia

28,802 次观看 • 4 个月前

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है। आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को dominate किया है बल्कि उन्हें decimate करने में भी कामयाबी हासिल की है। आतंकवाद के ख़िलाफ़ चलाये गए इस अभियान को spearhead हमारी airforce ने किया। हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफ़ोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है। यह कोई छोटी बात नहीं है कि हमारी एयरफोर्स की पहुँच पाकिस्तान के हर कोने तक है, यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक प्रहार करने में सक्षम है। पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद, आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया; बाद में की गई कारवाई में उनके अनेक एयरबेस तबाह कर दिए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है। प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीकी दोनों बदल चुकी है। आपने नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया है। यह संदेश है कि अब भारत केवल विदेशों से import किए गए हथियारों और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर नहीं है,बल्कि भारत में बने अस्त्र और शस्त्र भी हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं। अब भारत में बने और भारतीय हाथों से बने हथियार भी अचूक और अभेद हैं, यह पूरे विश्व ने देख लिया है। ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की ताक़त को तो पाकिस्तान ने ख़ुद स्वीकार किया है। हमारे देश में एक कहावत काफ़ी पुरानी है और वह है - “दिन में तारे दिखाना”। मगर भारत मे बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान को रात के अँधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया है। भारत के जिस एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ़ हर तरफ़ हो रही है, उसमें DRDO द्वारा बनाये गए ‘आकाश’ और अन्य राडार सिस्टम की जबरदस्त भूमिका रही है। आपने पाकिस्तान में मौजूद terror infrastructure के ख़िलाफ़ प्रभावी कारवाई की मगर पाकिस्तान फिर से इस कोशिश में लग गया है कि ध्वस्त हुए आतंकी ढाँचे को फिर से खड़ा किया जाये। वहाँ की सरकार, पाकिस्तानी आम नागरिकों से लिया गया टैक्स, ‘जैश ए मुहम्मद’ जैसे आतंकी संगठन के आका मसूद अजहर को करीब चौदह करोड़ रुपए देने में खर्च करेगी। जबकि वह UN Designated terrorist घोषित है। इतना ही नहीं, ‘लश्कर ए तैयबा और जैश ए मुहम्मद’ के मुरीदके और बहावलपुर स्थित terror infrastructure को फिर से खड़ा करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक सहायता देने के ऐलान किया है। निश्चित रूप से IMF से आने वाले एक बिलियन डॉलर के बड़े हिस्से को terror infrastructure को फंड करने में इस्तेमाल होगा। क्या यह IMF द्वारा जो कि एक international organisation द्वारा indirect funding नहीं माना जाएगा? इसलिए मैं मानता हूँ कि आज के समय में पाकिस्तान को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता terror funding से कम नहीं है। भारत यही चाहेगा कि IMF पाकिस्तान को अपनी एक बिलियन डॉलर की assistance पर पुनर्विचार करे और आगे भी किसी भी तरह की सहायता देने से IMF परहेज करे। भारत नहीं चाहता कि जो फंडिंग हम IMF को करते हैं, वह direct या indirect किसी भी तरीके से पाकिस्तान या किसी भी देश में terror infrastructure को बनाने में इस्तेमाल की जाये।

Rajnath Singh

52,126 次观看 • 1 年前

हमारी जांच (जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन) में पता चला है कि पाकिस्तान से चलाए जा रहे कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स गलत जानकारी फैला रहे हैं। दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और अकाउंट्स की पहचान करने के लिए लगातार काम कर रही है। अब तक ऐसे 400 से ज़्यादा हैंडल्स की पहचान कर ली गई है और उन्हें AI जेनेरेटेड कंटेंट, डीपफेक वीडियो, एडिटेड तस्वीरें और प्रदर्शन से जुड़ी अन्य झूठी सामग्री फैलाने के कारण ब्लॉक किया गया है। ऐसे ही कुछ हैंडल्स 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी गलत जानकारी फैलाने में सक्रिय पाए गए थे। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स ने कई सीनियर अधिकारियों के आधिकारिक बयानों को एडिट करके और विज़ुअल कंटेंट में हेर-फेर करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। - रोहित राजबीर सिंह, DCP सेंट्रल देखिए, जंतर मतंर में चल रहे प्रदर्शन में कैसे Anti-India forces फेक नैरेटिव चलाकर देश के युवाओं को गुमराह करने की साजिश कर रही हैं… ⬇️

BJP

4,800,188 次观看 • 1 个月前

बृजभूषण शरण सिंह, जो कैसरगंज (गोंडा) से पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं, ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में यह विवादास्पद बयान दिया कि "आज यूपी में भाजपा विधायकों की औकात जीरो हो गई है। काम निकलवाने के लिए डीएम के पैर छूते हैं।" उनका कहना था कि सारी शक्ति एक जगह केंद्रित हो गई है, और अगर वह शक्ति अच्छा काम करेगी तो सब ठीक होगा, वरना सभी असफल हो जाएंगे। यह बयान उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर एक तीखा कटाक्ष है, जो यह संकेत देता है कि विधायकों की प्रभावशाली भूमिका कम हो गई है और प्रशासनिक अधिकारी, खासकर डीएम, अधिक ताकतवर हो गए हैं। बृजभूषण का यह बयान उनकी पार्टी (भाजपा) के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है, क्योंकि यह योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यशैली और शक्ति के केंद्रीकरण पर सवाल उठाता है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरी हैं, और इसे यूपी में भाजपा के आंतरिक असंतोष के रूप में भी देखा जा रहा है। बृजभूषण पहले भी अपने बयानों और कुश्ती संघ से जुड़े विवादों (विशेषकर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों) के कारण सुर्खियों में रहे हैं। इस बयान को उनकी निराशा या हाशिए पर जाने की भावना से भी जोड़ा जा सकता है, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दिया गया था। बृजभूषण का मुलायम सिंह पर ताजा बयान: बृजभूषण ने उसी पॉडकास्ट में मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री, के बारे में भी बात की। उन्होंने एक पुराना किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे, तब वह (बृजभूषण) उनसे मिलने गए थे। मुलायम ने लिफ्ट में बैठे हुए उनसे चिट्ठी मांगी, और बृजभूषण ने उन्हें दो चिट्ठियां दीं। एक आसान काम के लिए डीएम का फोन तुरंत आ गया और काम हो गया, जबकि दूसरा काम थोड़ा मुश्किल था। बृजभूषण ने इस घटना का जिक्र करते हुए मुलायम की कार्यशैली की तारीफ की, यह कहते हुए कि उस समय जनप्रतिनिधियों की बात सुनी जाती थी।

Amit Thakur

72,973 次观看 • 1 年前

प्रतीक यादव मूल रूप से साधना गुप्ता और उनके पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता के पुत्र हैं, जिन्हें बाद में मुलायम सिंह यादव ने आधिकारिक तौर पर अपने बेटे के रूप में अपनाया और अपना नाम दिया साधना गुप्ता। वह उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना की रहने वाली थीं और पेशे से एक प्रशिक्षित नर्स (Trained Nurse) थीं। बाद के दिनों में वह मुख्य रूप से गृहणी रहीं और वर्ष 2022 में उनका निधन हो गया चंद्र प्रकाश गुप्ता। वह फर्रुखाबाद के एक किराना व्यवसायी (Grocer) थे, जिनसे साधना गुप्ता का 1990 में तलाक हो गया था 1980 के दशक के मध्य में साधना गुप्ता लखनऊ के सिविल अस्पताल में नर्सिंग की पढ़ाई या काम कर रही थीं... उस समय मुलायम सिंह यादव की माता मूर्ति देवी बीमार थीं और अस्पताल में भर्ती थीं। साधना गुप्ता को मूर्ति देवी की देखभाल करने की जिम्मेदारी (Deputed) सौंपी गई थी साधना गुप्ता ने जिस सेवाभाव से मुलायम सिंह की माता की देखभाल की, उससे मुलायम सिंह बेहद प्रभावित हुए। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत और नजदीकी शुरू हुई शुरुआत में यह रिश्ता निजी रहा। वर्ष 2003 में मुलायम सिंह की पहली पत्नी (मालती देवी) के निधन के बाद, उन्होंने 2007 में सार्वजनिक और कानूनी रूप से साधना गुप्ता को अपनी दूसरी पत्नी और प्रतीक यादव को अपने बेटे के रूप में स्वीकार किया......

Ad. Mulayam singh यदुवंश

199,483 次观看 • 3 个月前

महाराष्ट्र के पुणे में एक हिंदू लड़की 2019 से लापता थी। लड़की तब 10वीं क्लास में थी और सिर्फ 16 साल की। वह अपनी अंतिम एसएससी परीक्षा से लौट रही थी जब एक 'अज्ञात व्यक्ति' द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया था, साल बीत गए और लड़की के परिवार के लगातार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस लड़की को खोजने में नाकाम रही, कुछ समय बाद परिवार को पता चला कि उनकी बेटी को जावेद शेख ने अगवा कर लिया है। शर्म के डर से परिवार ने अपहरण के बारे में किसी को नहीं बताया, लेकिन सक्रिय रूप से लड़की की तलाश करने की कोशिश कर रहे थे, इस खोज में लड़की के भाई ने अपने दोस्त की मदद से पता लगाया कि जावेद उनके कस्बे मनचर का निवासी है, जिसके बाद उन्होंने पता लगाया। हफ्तों तक उसके घर की निगरानी की गयी। बाद में, पड़ोसियों से पूछताछ के बाद, उन्हें पता चला कि एक नई लड़की थी जो हाल ही में जावेद के घर में शामिल हुई थी। परिवार को लगा कि उनकी लड़की की मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती शादी की गई है, इसलिए उन्होंने 16 मई को घर में घुसने का फैसला किया। उन्होंने अपनी लड़की को हिजाब में एक कमरे में देखा, लड़की डर गई थी! परिवार की पहले की अटकलें थीं कि लड़की उनसे डरती है और उनकी मर्जी के खिलाफ उनकी शादी का गुस्सा है। लेकिन सच्चाई आपको झकझोर कर रख देगी। लड़की अपने परिवार से नहीं डरती थी, वह लोगों से, अपने आस-पास के हर व्यक्ति से डरती थी, क्योंकि वह आघात में थी, अवसाद में थी, परिवार द्वारा उसे बचाने के बाद उसने खुलासा किया कि- जावेद द्वारा उसका अपहरण किए जाने के बाद, जावेद और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। उसने यह भी कहा कि उसके साथ बलात्कार किया गया और महीनों तक अपार्टमेंट में बंधक बनाकर रखा गया। उसे गंभीर अवसाद का पता चला है और, जैसा कि पहले कहा गया था, आघात के कारण, अपने परिवार के सदस्यों सहित अपने आस-पास के सभी लोगों से भी डरती है। उसकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती शादी की गई, उसके साथ बलात्कार किया गया, जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया, उसके पूरे शरीर पर सिगरेट के निशान थे, आरोप यह भी है कि उसे 6 महीने तक वेश्यावृत्ति के रैकेट में धकेला गया! अब बताओ, मनुष्य ऐसा कैसे कर सकता है? हिंदुओं के प्रति उनके मन में ऐसी कौन-सी घृणा हो सकती है कि वे इस हद तक गिर जाएं? Sayema Mohammed Zubair Arfa Khanum Sherwani क्या ये फैक्ट चैक करके कुछ बोलेंगे?

Ach. Ankur Arya Official

237,892 次观看 • 3 年前

पीजीआई रोहतक में एडमिट पंजाबी लड़का प्रीतपाल इतना डरा हुआ है कि उसको लग रहा है वो बचेगा या नहीं. प्रीतपाल के भाई ने उस पर हुए पुलिस के जुल्म की पूरी कहानी बताई है. और उनकी मांग है कि प्रीतपाल को इलाज के लिए चंडीगढ़ ले जाने दिया जाए. प्रीतपाल के भाई ने कहा, "प्रीतपाल को बोरी में डालकर पीटा गया है, आंख मुश्किल से बची है, सर में 15 से 20 टांके लगे हुए हैं, टांग दो जगह से टूटी हुई है. उसके बाद पीजीआई रोहतक में ले गए. पीजीआई रोहतक वाले चंडीगढ़ रेफर कर रहे है. लेकिन वो होने नहीं दिया जा रहा. वहां हम लोगों 24 घंटे पुलिस की नजर रहती है. हालत खराब होने की वजह से ऑपरेशन नहीं हो पाया. प्रीतपाल इतना डर रहा है कि मैं बच पाऊंगा या नहीं." Video Credit- Sat Singh

Praveen

30,283 次观看 • 2 年前

पश्चिमी दिल्ली के नागलोई इलाके में शनिवार को मुहर्रम के जुलूस के दौरान लोगों के एक समूह और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. जब पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और उन पर पथराव भी किया। बताया जा रहा है कि नांगलोई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बसों पर पथराव और तोड़फोड़ की गई. कई बसों को तोड़ दिया गया है। कई आम जनता भी घायल हो गये। इस मामले में टुकड़े टुकड़े गैंग पुलिस को ही ग़लत बता रही है। विचारधारा से प्रभावित होना एक बात है लेकिन ऐसे माहौल में आरोपियों का खुला समर्थन समझ से बाहर है। इस वीडियो में तलवार लहराता एक लड़का भीड़ को उकसाता दिखाई दे रहा है. #Moharram2023

Deepak Chaurasia

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