Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

यूपी में रिश्वतखोरी चर्म पर है...सरकारी तनख्वाह पाने वाले अधिकारी बिना घूस लिए घर चला पाने में असमर्थ है क्या...? कानपुर के रसूलाबाद से वायरल ये वीडियो देखिए - लेखपाल साहब गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर बैठे हैं...पीछे सीट पर पैसा लेने वाला Daलाल बिठाए है..! खुद घूस नहीं...

30,826 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

यूपी के बहराइच में एक महिला समाधान दिवस में पहुंची. वहां, जिलाधिकारी मोनिका रानी के पैरों में गिर गई. महिला का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने एक केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए उससे 30 हजार रुपए ले लिए. अब काम नहीं कर रहे हैं और पैसे मांगने पर धमका रहे हैं. यूपी के ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे मामले खूब देखने को मिलेंगे. लोग लेखपाल से लेकर तहसीलदार के चक्कर काट रहे हैं. घूस तो खुलेआम ली जा रही है. पूरा तंत्र भ्रष्टाचार की चाशनी में डूबा हुआ है. इस तंत्र के भ्रष्टाचार से आजीज आकर पिछले 3 दिन में 2 किसान आत्महत्या कर चुके हैं, बदायूं में. इन किसानों के परिवार का ये आरोप है. जनता बेहाल है, अधिकारी-नेता मालामाल हैं.

Ranvijay Singh

168,379 görüntüleme • 3 yıl önce

राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की: अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

Ashok Gehlot

56,795 görüntüleme • 2 ay önce

पूर्व मंत्री श्री महेश जोशी की सुबह पांच बजे की गई गिरफ़्तारी पर मेरी प्रतिक्रिया : उस मामले में बोल चुका हूं मैं, पांच बजे सुबह उठा के ले आए, वो भाग रहा था क्या? ईडी ने बुलाया उनको ईडी का वहां गए, दो तीन दिन उनसे पूछताछ करी, अरेस्ट कर लिया। ये बुला लेते, बात करते, बात तो करते कम से कम , उनके बयान लेते, आप इमीडीअट्ली इस प्रकार से धमकाओगे, डराओगे तो यह नहीं भूलना चाहिए कि ये लोग सत्ता में कोई परमानेंट नहीं रहने वाले। इनको गलतफहमी है। कोई भ्रष्ट है, कांग्रेस राज में करप्शन किया है, आप कार्रवाई करो, सजा सुनिश्चित करो, हमें कोई ऐतराज़ नहीं है, कोई हो, भले कोई भी किसी के कितने भी नजदीक हो। आप तो पता कीजिए भाई कौन करप्शन किया है, कहां किया है, ईमानदारी से जांच करवाओ। उसके बाद में आप कार्रवाई करो, सजा मिले सुनिश्चित करो। सब कुछ करो, हमें कोई ऐतराज़ नहीं है। पर अगर आपने गलत तरीके से कार्रवाई करी, कल सत्ता इनकी भी नहीं रहने वाली। अधिकारी यही है। आज अधिकारी इनके कहने से काम कर रहे हैं। दबाव में काम कर रहे हैं। एसीबी तो पूरे दबाव में है। एसीबी डायरेक्टर, वो क्या है? डीजी साहब, मैं उनको भी कहना चाहूंगा कि यह आपका तरीका गलत है, पूरी तरह डीजी साहब खुद दबाव में हैं। ऊपर से मैसेज आते हैं। नीचे के अधिकारी ऐसा माहौल बन गया है, डीजी चाहते हुए भी निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर पा रहा है। अगर मुझे कोई पूछे जो मेरे पास इनफॉर्मेशन है वो यह है डीजी साहब खुद जो चाहता है निष्पक्ष होकर मैं काम करूं। वो बहुत भले आदमी हैं, मैं जानता हूं उनको , पर वो नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि इतना दबाव है, ऊपर से दबाव है और नीचे जो अधिकारी है वो उनको कॉपरेट नहीं कर रहे हैं। वो ऊपर की बात मान रहे हैं, जो ऊपर से इशारा होता है, धमकाने का होता है, डराने का होता है, दबाव होता है। उस चक्कर में वो आ गए हैं तो डीजी अकेला क्या करे? बहुत स्थिति खराब है। एसीबी में दो ग्रुप बन गए हैं। आधे अधिकारी अच्छे लोग हैं, वो कहते हैं आप हमसे गलत काम करवा रहे हो, हम नहीं करेंगे। कई लोगों ने मना कर दिया है। कई लोग कहते हैं हमने दो तीन लोगों को अरेस्ट कर लिया गलत, हमें रात को नींद नहीं आती है। अगर कोई ऐसे अधिकारी वहां बैठे हो जो कहते हैं कि आपने, आपने हमसे गलत काम करवा दिया है। तीन लोग अरेस्ट किया, दो को किया, एक को किया, गलत किया हमने। हमें रात को नींद नहीं आती है। यह स्थिति बन जाए किसी एसीबी की, आज तक मैंने कभी नहीं देखी।

Ashok Gehlot

12,808 görüntüleme • 3 ay önce

यूपी में भ्रष्टाचार चर्म पर है..अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तक को नहीं बख्श रहे..! इनसे भी इन्हें मामूल चाहिए - यूपी के सीतापुर में जिलाधिकारी कार्यालय पर तैनात होमगार्ड रामप्रकाश रावत ने जिला कमांडेंट पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है..! रिश्वत न देने की दशा में उनकी परेड ड्यूटी खत्म करने अथवा सस्पेंड करने की धमकी दी गई है..! मामला दरअसल यह है कि - रामप्रताप और उनके भाई जगमोहन लाल का खेत अथवा बाग का कुछ आपसी विवाद चल रहा है..जगमोहन ने रामप्रताप के खिलाफ IGRS के माध्यम से शिकायत की है..! इस शिकायत के आधार पर कमांडेट साहब होमगार्ड रामप्रताप रावत को प्रताड़ित कर रहे हैं...आरोप है कि मामला रफा दफा करने के एवज में उनसे 20000 रुपए की मांग की गई...! पीड़ित ने कहां मैं गरीब हूं मैं नहीं दे पाऊंगा तो साहब द्वारा सस्पेंड करने की धमकी दी गई..! अब पीड़ित होमगार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रहा है..!

Rahul Saini

34,920 görüntüleme • 15 gün önce

क्या ये गलत है.. देखिए, सोचिए, बताइए.. स्कूल के एक कमरे में बच्चियां और शिक्षिकाएं डांस कर रही हैं. बैकग्राउंड में कोई गाना बज रहा है.. पंजाबी सॉन्ग.. शिक्षिका का डांस करते हुए वीडियो देखकर समझा जा सकता है कि वो झिझक रही हैं.. शर्मा रही हैं.. फिर किसी के आग्रह पर डांस कर रही हैं.. डांस करने वाली महिला शिक्षामित्र हैं और उनका नाम प्रीति जैन बताया जा रहा है. डांस का ये वीडियो मेरठ के कृष्णापुरी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है. सोशल मीडिया पर जो वीडियो और मैसेज वायरल है, उसका मजमून समझिए.. " शिक्षा का मंदिर बना नृत्यशाला.. सरकारी विद्यालय में ठुमके लगाने का वीडियो वायरल.." क्यों भई, वीडियो वायरल करने वालों.. क्या गलत है इस वीडियो में!! क्यों इतना फ्रस्ट्रेटेड रहते हो आप लोग.. किसी की जरा खुशी आप लोगों से क्यों बर्दाश्त नहीं होती.. अरे, वो टीचर सार्वजनिक मंच पर तो नाच नहीं रही हैं!! वीडियो वायरल करने वाले बताएं, इसमें क्या गलत है.. इस वीडियो में क्या अश्लीलता है.. कौन से नैतिक मूल्यों का उल्लंघन किया गया है.. कहां लिखा है कि क्लास रूम में बच्चों के साथ टीचर नाच-गा नहीं सकते.. हमारी पूरी क्लास के बच्चों ने तो अपने टीचर्स के साथ खूब गाना-बजाना, मौज-मस्ती, बकैती की है.. अरे भई, पढ़ाई ऐसे ही तो होती है.. अपनी छात्राओं के साथ बंद कमरे में नाचना.. मस्ती करना कोई गुनाह है क्या!! क्या उन टीचर मैडम ने अपने स्टूडेंट्स के साथ मनोरंजन के कुछ पल बिताकर गुनाह कर दिया.. क्या शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को नृत्य करने की मनाही है.. इसमें कौन सी मर्यादा का हनन हो गया!! ये कौन से नियम हैं!! ये कौन सी पहरेदारी है!! ये कौन सा प्रतिबंध है!! विभाग के नियम-कानून की किसी किताब में तो नहीं लिखा.. और इस वीडियो के वायरल होने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश भी दे दिए.. कितना बेवकूफ अधिकारी है जो फालतू के आदेश दे रहा है. सबसे पहले तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.. मैं तो इस वीडियो में दिख रहीं बेटियों और शिक्षिकाओं के लाख-लाख बार समर्थन में हूं.. आप भी ये वीडियो देखिए और बताइए, क्या गलत है इसमें.. #TEACHers #teacherandstudent #Dance #school #education #educational #EducationReform

Vivek K. Tripathi

13,045 görüntüleme • 1 yıl önce

भाई साहब बहुत गुस्से में बोले... सीख यह दी : कृपा से बने हो तो कृपा को योग्यता में बदलिए चेतावनी यह दी: जिस दिन कृपा हट गई, कहीं नहीं रहोगे बेटियों को जेहादियों से बचाना है। कहने में संकोच नहीं होना चाहिए कि पद पर, प्रतिष्ठा पर, दायित्वों पर, प्रशासन पर और सरकार पर जो मठाधीश बैठे हैं, क्या उनका बुलडोजर सोया हुआ है? तुम्हें योग्यता से वह दायित्व मिला है या किसी की कृपा से? अगर योग्यता से दायित्व मिलता है तो योगी जैसे बनते। अगर कृपा से मिला है तो असम के हिमंत विश्व सरमा के जैसे बनते, जिसने कृपा को योग्यता में बदल दिया। ऐसी कृपा को योग्यता में बदलिए। समाज बहुत तेज गति से आशा और अपेक्षा रखता है कि जो काम शासन और सत्ता का है, वह करना चाहिए। यह कृपा, कृपा ही न बनी रह जाए। हाथ बंधे हुए हैं प्रशासन के। मिलते हैं जब एसडीएम, एसपी, कलेक्टर, डिप्टी से तो कहते हैं कि हमें आदेश हैं ऊपर से। यह ऊपर वाला कौन है? जिस दिन यह कृपा हट गई, कहीं नहीं रहोगे। समय याद किया जाएगा पूरे देश में राजस्थान क्राइम में सबसे ऊपर जा रहा है। ये सुरक्षा में लगे हुए पुलिसकर्मी करें तो क्या करें? ये जैसा सत्ता में बैठे हुए लोग होते हैं, वैसा ही काम करने की इनकी मानसिकता होती है। चाहे पड़ोस के राज्य को देख लीजिए। स्व का बोध होना चाहिए। भारत को भारत बने रहने देना चाहिए। समाज को समाज की तरह से जीना चाहिए। यह अत्याचार अब नहीं चलेंगे। समाज उठकर के खड़ा होगा। (भाई साहब का नाम दिनेश मणि रत्नम है बताया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक हैं। उन्होंने हालांकि सीख और चेतावनी देते हुए किसी का नाम नहीं लिया है। टोंक में पिछले दिनों गांव डारड़ा हिंद की एक 13 वर्षीय बच्ची को पांच युवकों ने धर्म परिवर्तन कर निकाह करने के लिए न केवल दबाव डाला बल्कि उसके पीछे-पीछे उसकी कोचिंग क्लास में भी घुस गए। रोकने पर कोचिंग संचालक और बीच बचाव करने आए अन्य लोगों को बुरी तरह पीटा। बाद में ग्रामीणों ने रास्ता बंद करके प्रदर्शन भी किया। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन अपेक्षित कार्रवाई आज तक नहीं की गई। इस बात की गहरी नाराजगी है और उसे भाई साहब ने खुलकर व्यक्त किया है। संघ की ओर से इस तरह की अभिव्यक्ति आमतौर पर देखने को नहीं मिलती है।)

Arvind Chotia

20,272 görüntüleme • 10 ay önce