Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

यूपी : लखीमपुर खीरी में लखीमपुर महोत्सव मनाया जा रहा है, ये तस्वीरें जिले के फूलबेहड़ ब्लॉक के बड़ा गांव बसहा के पास की हैं,जहां करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाला पुल करीब तीन दशक पहले टूट गया था,तबसे यही हाल है,छात्र जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने...

23,056 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

AP SINGH profil fotoğrafı
AP SINGH1 yıl önce

न्यूज स्टेट पर प्रकाशित खबर

Abhimanyu Singh Journalist profil fotoğrafı
Abhimanyu Singh Journalist1 yıl önce

बहुत कष्टदायक के खतरा भरा रास्ता है स्कूली बच्चों के लिए।

Shiva Gupta profil fotoğrafı
Shiva Gupta1 yıl önce

सबका साथ सबका विकास

Zameer Ahmad profil fotoğrafı
Zameer Ahmad1 yıl önce

जिला प्रशासन और माननीय लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।

masssab profil fotoğrafı
masssab1 yıl önce

@askrajeshsahu एक कहानी कहीं पढ़ी थी " मस्जिद या पुल" प्राथमिकता तय हो जाएं तो आधा काम हो जाए।

IQINIDA profil fotoğrafı
IQINIDA1 yıl önce

इनको चाहिए मंदिर,,,,,,

Himanshu Verma profil fotoğrafı
Himanshu Verma1 yıl önce

@UtkarshMla इस विषय पर संज्ञान लीजिए।

INDIA का आम हिंदू परिवार profil fotoğrafı
INDIA का आम हिंदू परिवार1 yıl önce

लखीमपुर खीरी वही जगह है जहां का संसद खूनी ठाकुर टेनी है। इसी के बेटे ने किसानों को कार के नीचे कुचला था।

NewScoop profil fotoğrafı
NewScoop1 yıl önce

तीन दशक का मतलब हुआ 30 साल वीडियो में लड़का कह रहा है 4 5 महीने …

Guru Das profil fotoğrafı
Guru Das1 yıl önce

Chhota kaam hai esko banwaya ja sakta hai logon ke sahyog se.

Benzer Videolar

नदी के किनारे रोती बिलखती महिलाएं और लगी भारी भीड़ की तस्वीरें यूपी के लखीमपुर खीरी की हैं, जहां नदी पर पुल न होने के चलते नदी पार कर रहे किसान को मगरमच्छ खींच ले गया, पास में मौजूद बेटे के रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग दौड़े लेकिन तब तक मगरमच्छ किसान को दूर गहरे पानी में लेकर चला गया। मामला निघासन के मांझा गांव का है, परिजनों के मुताबिक गांव निवासी रमेश सिंह नाम के 54 वर्षीय किसान अपने मवेशी की तलाश के लिए नदी पार कर रहे थे। तभी उन पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उन्हें उनके बेटे के सामने खींच ले गया, गोताखोरों की मदद से किसान की तलाश की जा रही है पर अभी तक किसान का पता नही चल सका। CM Office, GoUP Akhilesh Yadav Rahul Gandhi UP Congress DM LAKHIMPUR KHERI CDO Lakhimpur Kheri

Zameer Ahmad

112,307 görüntüleme • 1 ay önce

प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई होती नहीं हैं "मैडम फोन देखती" रहती हैं...बड़े बड़े बच्चे मुझे मारते पीटते हैं..कोई सुनवाई नहीं करता है! यूपी की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत देखिए ! कानपुर देहात के एक सरकारी स्कूल के मासूम छात्र माधव मिश्रा को सुनिए - माधव विद्यालय की सुस्त पड़ी व्यवस्था और खुद के साथ हो रही ज्यादती के खिलाफ पुलिस चौकी पहुंच गया..! माधव ने रोते हुए पुलिसकर्मियों को बताया कि स्कूल में बिल्कुल पढ़ाई नहीं होती..मैडम फोन में व्यस्त रहती है बच्चे खेलते रहते हैं..! इसके अलावा स्कूल में अन्य बड़े बच्चे उसके साथ मारपीट करते हैं..कई बार मैडम से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं की गई..! सोचिए ये है हमारी सरकारी शिक्षा व्यवस्था का हाल..ऐसे स्कूलों में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है..! भारी भरकम तनख्वाह लेने के बावजूद भी पढ़ाई ने नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जाती है..! इस देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है..!

Rahul Saini

50,061 görüntüleme • 1 ay önce

उत्तर प्रदेश के जिला संत कबीर नगर के खलीलाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुलरिया में मासूम बच्चे रोज़ नहर पार करते हैं। न कोई पुल, न सुरक्षित रास्ता — बस दो बांस और एक बिजली का पोल! शिक्षक हाथ पकड़कर बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल लाते हैं। पढ़ाने से पहले "बचाना" उनकी ड्यूटी बन चुकी है। ये 2025 का उत्तर प्रदेश है साहब, जहाँ डबल इंजन की सरकार है फिर डबल शर्म आनी चाहिए।वहीं उत्तर प्रदेश में 'पेयरिंग नीति' के नाम पर ग्रामीण स्कूल बंद किए जा रहे हैं। 7 साल से शिक्षक गुहार लगा रहे हैं। अब डीएम साहब कह रहे हैं — "जांच करेंगे, वैकल्पिक रास्ता है!" साहब, कुछ तो कहना ही पड़ेगा — बचाव का बहाना ही सही। हद तो तब होगी जब माननीय उच्च न्यायालय भी सरकार की हाँ में हाँ मिलाकर यह न कह दे कि "इन बच्चों को पढ़ाने के लिए अगर पुल और सुरक्षित रास्ता बनाना पड़ा, तो फिर तो गांव-गांव में पुल और सुरक्षित रास्ते बनाने पड़ेंगे!" मेरा एक सवाल है माननीय उच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों से, जो शिक्षा के संवैधानिक अधिकार (RTE Act 2009) के तहत प्रत्येक एक किलोमीटर के दायरे में, 300 की जनसंख्या पर एक स्कूल के प्रावधान को अस्वीकार करते हुए कहते हैं — कि 'फिर तो एक लाख स्कूल खोलने पड़ेंगे!' आपके बच्चे इस तरह स्कूल बिना गाड़ी के, अकेले, रोज़ कितनी दूर पैदल जा सकते हैं? #SaveVillageSchools

Chandra Shekhar Aazad

21,944 görüntüleme • 1 yıl önce

उत्तर प्रदेश के जनपद गौतम बुद्ध नगर में नोएडा अथॉरिटी के तुगलकी फरमान के खिलाफ दो दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों, जिनमें महिला सफाईकर्मी भी शामिल हैं, को आज सुबह पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना बेहद निंदनीय ही नहीं, बल्कि लोकतान्त्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। सफाईकर्मियों का कहना है कि उनसे झाड़ू लगाने और नियमित सफाई कार्य के अलावा जबरन सिविल कार्य भी कराए जा रहे हैं, और अतिरिक्त काम से इनकार करने पर नौकरी छीनने व वेतन काटने जैसे दमनकारी हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है, “पहले हमारा काम केवल सड़कों और नालियों की सफाई तक सीमित था, लेकिन विभागों के विलय के बाद हमसे निर्माण मलबा उठाने, डिवाइडर और पैदल मार्गों पर काम जैसे सिविल कार्य भी कराए जा रहे हैं और वेतन पहले जितना ही दिया जा रहा है ” यह भाजपा की मजदूर विरोधी सोच और सत्ता के अहंकार का प्रमाण है कि मेहनतकशों की आवाज़ दबाई जा रही है, शांतिपूर्ण विरोध को कुचला जा रहा है और श्रमिक अधिकारों को रौंदा जा रहा है। हम Government of UP से मांग करते हैं कि सभी साथियो को तुरंत छोड़ा जाए और CEO, NOIDA Authority यह तुगलकी फरमान तुरंत वापस ले, अन्यथा यह आंदोलन पूरे प्रदेश में होगा। CM Office, GoUP Yogi Adityanath

Chandra Shekhar Aazad

17,604 görüntüleme • 6 ay önce

इतना बड़ा आयोजन चल रहा है। 7 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालु मात्र 1 सप्ताह के भीतर स्नान कर चुके हैं। कहीं सिलिंडर फटने से आग लगी, तुरंत बुझा दी गई। इसे लेकर कुछ लोग सालों प्रपंच चला सकते हैं, लेकिन इससे अगले कुछ दिनों में #Mahakumbh2025 में आने वाले श्रद्धालुओं पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा। सबको विश्वास है कि इससे बेहतर प्रबंधन नहीं हो सकता। जहाँ तक ताज़ा घटना की बात है, कुंभक्षेत्र सेक्टर 19 स्थित गीताप्रेस के कैंप में आग लगी थी। ये 10 टेंटों में फैल गई। अग्निशमन विभाग पहुँचा और आग बुझा दी गई। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाने के लिए हमें प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम को धन्यवाद देना चाहिए। उधर CM योगी आदित्यनाथ ने भी त्वरित संज्ञान लेते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा और घायलों के समुचित इलाज की निगरानी की। घबराने की ज़रूरत नहीं है, जहाँ करोड़ों लोग जमा हैं वहाँ इस तरह की घटना से कुछ भी हो सकता था लेकिन व्यवस्थाएँ इतनी चाक-चौबंद हैं कि सब ठीक रहा अंत में। | Yogi Adityanath | Yogi Adityanath Office | CM Office, GoUP | BJP Uttar Pradesh | Government of UP | Shishir🇮🇳 |

Anupam K. Singh

12,634 görüntüleme • 1 yıl önce

महाकुंभ अपडेट: यूपी की जनसंख्या 24-25 करोड़ है लेकिन प्रयागराज में इस समय 14-15 करोड़ जमा हैं और भगदड़ के बाद भी शांतिपूर्वक स्नान कर रहे हैं CM योगी आदित्यनाथ, उनकी सरकार और प्रशासन की वज्र की छाती है कि उन्होंने इतनी भीड़ को कंट्रोल किया हुआ है भगदड़ में कुछ लोग हताहत हुए हैं जो दुखद है लेकिन एक सच ये भी है कि इसके बाद स्थिति नियंत्रण में है और अमृत स्नान हो रहा है लश्कर मीडिया पहले दिन से MahaKumbh को बदनाम करने की साजिश कर रहा है. आज उन्हें मौक़ा मिल गया हैं अप इनकी अफवाहों का शिकार मत बनो. ये अपाका अपना महाकुंभ है. प्रशासन का सहयोग करिए, अफवाह को रोकिए ताकि लश्कर मीडिया और लाशों पर राजनीति की कोशिश कर रहे गिद्ध राजनेताओं के सनातन विरोधी एजेंडे को ध्वस्त किया जा सके इस संदेश को आगे बढ़ाइए #MahakumbhStampede #मौनी_अमावस्या #महाकुंभ2025 #MahaKumbh2025 Yogi Adityanath Yogi Adityanath Office

Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं)

195,957 görüntüleme • 1 yıl önce

ये है इलाहाबाद का चन्द्रशेखर आजाद पार्क में बना सिंथेटिक ट्रैक जिसको 2014-15 में जब आदरणीय श्री Akhilesh Yadav जी मुख्यमन्त्री थे तब बनवाये थे। ये लगभग 10 साल हो गया बने और बिना रख रखाव के एकदम टूट कर ख़राब हो गया है। लोग जब चलते हैं तो गिर जाते हैं। हमको लगता है सुबह से शाम तक मिलकर 5-7 हज़ार लोग इसपार्क में स्वास्थ्य लाभ लेने आते हैं उसमें विधायक सांसद से लेकर हाईकोर्ट के जज कई IAS ,IPS अधिकारी से लेकर प्रोफ़ेसर तक रहते हैं बाक़ी छात्र नौजवान आम इंसान तो चल ही रहे हैं लेकिन कोई भी इससे रिलेटेड अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा हैं न ही यहाँ के प्रयागराज विकास प्राधिकरण, DM Prayagraj कमिश्नर इलाहाबाद, S.P. Goyal, Chief Secretary, GoUP CM Office, GoUP Yogi Adityanath से लेकर जितने भी लोग सरकार में हैं सबसे निवेदन है की इस ट्रैक को बनवाया जाये नहीं तो आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

Raghvendra Yadav

339,082 görüntüleme • 2 yıl önce

बांग्लादेश में हुई दलित की हत्या पर वो नालायक शैतान जो खुद को सनातनी बोलते हैं शोर मचा रहे हैं, जो खुद एक दलित माननीय मुख्य न्यायाधीश पर जूते फेंकने का समर्थन करते हैं, दलितों पर पेशाब करते हैं, दलितों को पेशाब पिलाते हैं, दलितों को मंदिर में नहीं जाने देते और दलितों के साथ मार पीट भी करते हैं और कई मामलों में हत्या भी। वो कलमुंहे लोग दलितों पर अत्याचार की बात कर रहे हैं। नालायको तुम तो छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को उनके घर से हटाया जा रहा है, उनका अधिकार छीना जा रहा है, देश में बुल्डोजर चलाया जा रहा है, तब तुम्हारी ज़ुबान को क्या लकवा हो जाता है? तुम्हारे खुद के देश में तुम हत्यारे हिन्दुओं से ही हिंदू सुरक्षित नहीं है। तुम ही लोग थे न जिन्होंने मणिपुर में लड़कियों को नंगा घुमाया था, ये अंडे सनातन का नाम लेकर शैतान का धर्म बढ़ा रहे हैं। #ModiGoBack #वोट_चोर_गद्दी_छोड़ #BoycottModi #BoycottBJParty Pushkar Singh Dhami Narendra Modi BJP atulsati joshimath Indresh Maikhuri 🇮🇳 Avi Dandiya Narendra Modi CPI (M) CPIML Liberation Dipankar Samajwadi Party Akhilesh Yadav AAP Arvind Kejriwal Bobby Panwar Tribhuwan Chauhan Rahul Gandhi Congress All India Trinamool Congress Mamata Banerjee Mahua Moitra Ajit Anjum ravish kumar 🇮🇳 Avi Dandiya Mohammed Zubair Rizwan Ahmed هارون خان jitendra 🔥🚩 भावेश 🔱 अलखनाथजी 🌑 आदेश Aafrin Faraz Ahmad فراز احمد 🇮🇳

swati negi

25,992 görüntüleme • 9 ay önce

उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी के भोगांव में भारी बारिश के कारण क्षेत्र में भारी जलभराव हो गया है। बच्चे जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते दिख रहे हैं। कीचड़ से भरी सड़कों पर एक बच्ची गिरती है, मगर कोई विकल्प नहीं — शिक्षा के प्रति उसका संघर्ष झकझोर देने वाला है। यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि सवाल है उस सिस्टम पर जो बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों को नजरअंदाज़ कर रहा है। लेकिन शर्म की बात ये है कि सरकार हालत सुधारने के बजाय गाँव-गाँव के सरकारी स्कूलों को बंद कर, उन्हें जबरन "विलय" कर रही है। मेरा सवाल है मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी से — "क्या यही है वो 'विकास', जो स्कूलों को बंद करता है और बच्चों को कीचड़ में धकेलता है?" मैं कहना चाहता हूँ CM Office, GoUP जी से शिक्षा बच्चों का अधिकार है, सुविधा नहीं। उसे छीनने का हक किसी सरकार को नहीं। आखिरी में यही कहना चाहता हूँ — चले जाओ बच्चों स्कूल नहीं तो मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी की शिक्षा-विरोधी तानाशाही सरकार कह देगी कि "रास्ता बंद कर देते हैं, इससे बाकी बच्चों को पढ़ने की सुविधाएँ बढ़ जाएंगी!" हद तो तब होगी जब माननीय उच्च न्यायालय भी सरकार की हाँ में हाँ मिलाकर यह न कह दे कि "इन बच्चों को पढ़ाने के लिए अगर सड़क बनानी पड़ी, तो फिर तो गांव-गांव में सड़क बनानी पड़ेगी!" मेरा एक सवाल है माननीय उच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों से, जो शिक्षा के संवैधानिक अधिकार (RTE Act 2009) के तहत प्रत्येक एक किलोमीटर के दायरे में, 300 की जनसंख्या पर एक स्कूल के प्रावधान को अस्वीकार करते हुए कहते हैं — कि 'फिर तो एक लाख स्कूल खोलने पड़ेंगे!' आपके बच्चे बिना गाड़ी के, अकेले, रोज़ कितनी दूर पैदल जा सकते हैं? #SaveVillageSchools

Chandra Shekhar Aazad

54,145 görüntüleme • 1 yıl önce

"00 मार्क्स कैसे मिल सकते हैं?" — छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं सहेगे! राजस्थान विश्वविद्यालय में रिवैल्यूएशन के नाम पर जो खेल चल रहा है, वह अब किसी से छुपा नहीं है। 90% से ज़्यादा छात्र इस बार बैक लगने से परेशान हैं। लेकिन इससे भी बड़ी चिंता की बात ये है कि कई छात्रों को "00" अंक दिए गए हैं। ❓ सवाल ये है – क्या सबने खाली कॉपी दी थी? ❓ क्या सभी छात्र फेल हैं? ❓ या फिर यूनिवर्सिटी में कोई बड़ा घोटाला चल रहा है? छात्र फीस भरते हैं, मेहनत करते हैं, और उम्मीद करते हैं कि अगर गलती हुई है तो रिवैल्यूएशन में न्याय मिलेगा। लेकिन यहाँ तो Revaluation के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं और बदले में 00 मार्क्स दिए जा रहे हैं। ⚠️ ये गलती नहीं — ये एक सिस्टमेटिक धोखा है! 🔹 कई छात्रों को लगता था कि उनके पेपर अच्छे हुए हैं, लेकिन Revaluation के बाद भी उन्हें 00 अंक मिले। 🔹 उत्तरपुस्तिकाएँ दिखाने से इनकार किया जा रहा है। 🔹 कोई लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा कि "00" क्यों आए। 🔹 छात्रों से फीस ली गई लेकिन जांच ठीक से हुई भी या नहीं, कोई जवाब नहीं। ✊ मैं शुभम रेवाड इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाता हूँ और माँग करता हूँ: 1️⃣ Revaluation प्रक्रिया की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच करवाई जाए। 2️⃣ सभी प्रभावित छात्रों को उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी दी जाए। 3️⃣ जिन छात्रों को "00" मिले हैं, उनकी कॉपियाँ दोबारा जांची जाएं। 4️⃣ छात्रों से लिए गए पैसों का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। 5️⃣ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो – चाहे वो कोई भी हो। 📢 अगर आप भी इससे पीड़ित हैं: 📌 अपनी रसीद, रोल नंबर और मार्कशीट मुझे भेजें। 📌 हम जल्द ही एक Google Form जारी करेंगे ताकि सबकी जानकारी इकट्ठी की जा सके। 📌 पोस्ट को शेयर करें ताकि यह आवाज़ हर छात्र तक पहुँचे। 🛑 छात्रों के भविष्य के साथ ऐसा मज़ाक अब और नहीं चलेगा। जब छात्र एक होते हैं – तो सिस्टम झुकता है। आइए, इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों! #JusticeForStudents #RevaluationScam #RajasthanUniversity #ShubhamRewar #RUStudentsDemandJustice #00MarksKaJawabDo

SHUBHAM REWAR

31,948 görüntüleme • 1 yıl önce

आज हम सदन में एक ऐसे विधेयक संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो 2024 में पारित हो चुका था। इसमें मुख्य संशोधन यही है कि पेपर लीक के अपराधियों के लिए सजा बढ़ाई जाएगी, लेकिन जब से ये विधेयक पारित हुआ है सरकार ने एक भी अपराधी को सजा नहीं दी। देश देख रहा है कि Face Recognition के जरिए प्रदर्शन करने वाले बच्चों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन यही काम पेपर लीक के अपराधियों के लिए नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच्चाई से बहुत दूर हो चुके हैं। उन्हें समझना होगा कि सिर्फ नई-नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा। जहां राधाकृष्णन कमेटी की आज तक एक भी सिफारिश लागू नहीं हुई है, वहीं नई कमेटी में एक पूर्व IB चीफ, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक गौ-मूत्र विशेषज्ञ भी हैं। : लोकसभा में कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती Priyanka Gandhi Vadra जी

Congress

43,235 görüntüleme • 2 ay önce

सुल्तानपुर जिले के सूरापुर (बिजेथुआ हनुमान धाम) के नजदीक कल हमारे प्रवास के समय कुछ लोगों ने रोककर सम्मान किया। साथ ही बिजली से संबंधित समस्याएं भी बतायीं। उनकी बातों को धैर्य, ध्यान एवं सौम्यतापूर्वक सुना गया और उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया गया। उस जिले में विद्युत आपूर्ति की वास्तविक स्थिति से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने जनसामान्य को अवगत कराया है। हमने भी उसे शेयर किया है। पिछले तीन साल से उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा बिजली दी जा रही है। 2012-2017 के Akhilesh Yadav के शासन की अपेक्षा अढ़ाई गुनी बिजली की पीक आपूर्ति दी जा रही है। Congress के समय से तो अनेक गुना आपूर्ति इस समय दी जा रही है। इतना ही नहीं तीन वर्ष से देश के किसी भी राज्य से ज़्यादा बिजली यूपी में दी जा रही है। हाल में अन्य जिलों के साथ सुल्तानपुर जिले में बरसात कम पड़ने के कारण कृषि और घरेलू लोड बढ़ा है। फिर भी उसे पूरा करने का प्रयास निरंतर जारी है। स्थानीय समस्याओं को ठीक करने के लिए भी युद्ध स्तर पर विद्युत परिवार द्वारा कार्य हो रहा है। हनुमान जी के प्रसिद्ध बिजठुआ धाम के नजदीक खड़े धार्मिक भावना से ओतप्रोत लोगों ने धार्मिक नारे लगाए और प्रसाद भी अर्पण किया। उन्हें उसी भावना के साथ हमने प्रत्युत्तर भी दिया। और देते रहेंगे। राम हमारी आत्मा हैं। विश्व के आधार हैं। हनुमान हमारे आराध्य हैं; संकट मोचन हैं। शिव हमारे सर्वस्व हैं। हमारे विरोधी उस प्रसंग के ये सारे वीडियो भी देखने का कष्ट करें। और बिजली आपूर्ति का अपने समय का रिकॉर्ड रूपी आईना भी देखने का कष्ट करें। आपके समय बिजली कभी आ जाती थी तो समाचार बनता था। हाँ अब कभी गड़बड़ हो जाय तो चर्चा होती है। उसे सहर्ष स्वीकार कर जल्द ही ठीक कर लिया जाता है। यही आदिगुरु परम शिव ने हमें सिखाया है। जय श्रीराम। Narendra Modi Yogi Adityanath Jagat Prakash Nadda Amit Shah Bhupendra Singh Chaudhary Dharampal Singh BJP BJP Uttar Pradesh UPPCL Energy Minister Office UP #NayeBharatKaNayaUP #GoodGovernance #HumaraUP #VikasExpress

A K Sharma

205,866 görüntüleme • 1 yıl önce

उत्तर प्रदेश में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जा रहे खिलाड़ियों के साथ हुआ व्यवहार अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। खिलाड़ियों को ट्रेन में टॉयलेट के पास बैठकर सफ़र करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि मास एजुकेशन विभाग द्वारा उनके लिए कन्फर्म टिकट की व्यवस्था नहीं की गई। विचारणीय तथ्य यह है कि जिस “वंदे मातरम्” को लेकर संसद और उत्तर प्रदेश विधानसभा में लंबी बहसें की जा रही हैं, उसी धरती माँ का नाम रोशन करने निकले उसके बच्चे इस प्रकार अपमानजनक परिस्थितियों में सफ़र करने को विवश हैं। यह स्थिति सत्ता की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। MyGovIndia PMO India Narendra Modi Government of UP Ministry of Railways Ashwini Vaishnaw CM Office, GoUP Yogi Adityanath

Chandra Shekhar Aazad

18,908 görüntüleme • 9 ay önce

वीडियो बाड़मेर के ऐश्वर्या वेलपेड के पास काउखेड़ा गांव का है। जहां किसान के खेत से भारी मात्रा में क्रूड ऑयल निकल रहा है। घटना को करीब 40 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। कंपनी के कर्मचारी जुगाड़ी तरीके के एक गड्ढा खोदकर क्रूड ऑयल को टैंकर के भरकर ले जा रहे है। लेकिन, ये क्रूड कहां से लीक हो रहा है। इस बात का पता नहीं चल पाया है। खेत के मालिक बताते हैं कि जो भी जमीन थी। वो कंपनियों को दे चुके है। अब यही खेत बचा है। जिसमें पिछले साल 50 बोरी बाजरा हुआ था। लेकिन, अब खेत से क्रूड निकल रहा है तो जमीन बंजर हो रही है, अब कुछ यहां उगने वाला नहीं। दूसरी को कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि क्रूड कहां से लीक हो रहा है। इसकी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही इसका कोई सॉल्यूशन निकाल लिया जाएगा।

Dinesh Bohra

77,272 görüntüleme • 7 ay önce

रियांबड़ी में बजरी माफिया के आतंक पर : देखिए मैं कह चुका हूं बजरी में सरकार पर माफिया हावी हो गए हैं, बजरी बहुत महंगी मिल रही है, हमारे वक्त में भी तकलीफ थी लोगों को मैं स्वीकार करता हूं हमारे वक्त में भी थी पर हमनें पूरा रोकने की कोशिश करी, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन को पाबंद किया, आज इतना बड़ा नेक्सस बन गया ये कि नीचे से ऊपर तक ऐसा सिस्टम बन गया बना दिया अब इन लोगों ने कि कितने लोग कुचल कर मारे जा रहे हैं, पुलिस पर हमले हो रहे हैं, कई लोगों को कुचल देते हैं लोग जो इनके गैंग में शामिल नहीं होते हैं , इतनी घटनाएं हो रही हैं उसके ऊपर रोक नहीं लग रही है इस बात का दुख है और इसलिए ये बढ़ता ही जा रहा है बढ़ता ही जा रहा है,बढ़ता ही जा रहा है, और लूट मचा रही है इन लोगों ने यह स्थिति है और मुख्यमंत्री को मैं कहना चाहूंगा आप ध्यान क्यों नहीं दे पा रहे हो ? भई घूमना अच्छी बात है, अगर दौरे करते हैं मैं उसको बुरा नहीं मानता, कितने दौरे करो, पर दौरे करने के साथ साथ में गवर्नेंस भी तो करो शासन भी तो करो भई, और जो प्रॉब्लम बर्निंग प्रोब्लम आपकी है जैसे कानून व्यवस्था की स्थिति होती है घटनाएं रेप की हो रही हैं डकैती की हो रही हैं चोरी हो रही है, रोज हो रही हैं ये प्रायोरिटी पर होना चाहिए उनकी,बजरी अपने आप में ही प्रायोरिटी पर होनी चाहिए क्योंकि बजरी जब इतना, एक मध्यम क्लास का व्यक्ति भी वो मकान छोटा मोटा बनाता है उसको बजरी इतनी महंगी मिलती है कि वो बेचारा क्या मकान बनाएगा, तो तकलीफ मध्यम परिवार के लोगों को हो रही है सबको हो रही है उस पर ध्यान मुख्यमंत्री जी को देना चाहिए। मुख्यमंत्री जी की बहुत बड़ी ऑथोरिटी होती है, है, भजनलाल जी के पास में आज इतनी बड़ी पावर है उसको यूज करने की आवश्यकता है खाली उनको और कुछ नहीं करना है, प्रमोशन हो गए आईपीएस के, वहीं बैठे हुए हैं एसपी के रूप में जो डीआईजी बन गए, पहले आईएएस की यह स्थिति थी अब जा के लिस्ट निकली है तो इनको कौन रोक रहा है ? अब तो नए डीजी बन गए हैं , नए डीजी बनने के बाद में अब क्या तकलीफ आ रही है ? हो सकता है उनको कोई सलाह लेनी होगी, रुक गया होगा मान लो अब क्या दिक्कत है उनको ? तो ये जो जिस प्रकार गवर्नेंस हो रही है न उससे नुकसान इन्हीं को हो रहा है इन्हीं को हो रहा है।

Ashok Gehlot

22,470 görüntüleme • 1 yıl önce