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यार ऐसे कौन तड़पाता है 😂 पत्नी को बेड से बांधकर जनाब खुद गोलगप्पे खा रहे हैं और वो भी पत्नी को दिखा-दिखाकर ये कैसी बेरहमी है भाई… गोलगप्पे देखकर तो किसी की भी हालत खराब हो जाए 😂

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राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की: अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

Ashok Gehlot

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कैसी वाहियात बातें कर रहे हैं नितिन गडकरी कि अगर एथेनॉल की वजह से गाड़ी में दिक्कत हो रही हो तो सर्टिफिकेट लेकर आइए!! सरकार के डर से कौन सर्टिफिकेट देगा यार!! खबर दिखाने और लिखने पर तो नौकरी छीन ले रहे हो, FIR करा रहे हो आप लोग!! एथेनॉल कम्पनियों के साथ साथ इंश्योरेंस कंपनियाँ भी मालामाल हो जाएगी इससे…मेडिकल सेक्टर में कैसी लूट मचाती हैं ये इंश्योरेंस कम्पनी किसी से छिपा नहीं है… इन नेताओं को टैक्स फ्री सैलरी, तमाम सरकारी सुविधाएं हमारे टैक्स के पैसे से मिलती है फिर भी ये एहसान फ़रामोश बिरादरी “जनता को सड़क” पर लाने में लगी है… पाषाण युग में ले जाकर ही मानेंगे ये लोग

Mamta Tripathi

28,024 Aufrufe • vor 1 Monat

बिंदु की यह यात्रा हमारे समाज के लिए कई संदेश देती है। पहला – लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। दूसरा – जो मेहनत करता है, उसे सम्मान मिलना ही चाहिए, चाहे वह किसी भी पेशे से जुड़ा हो। तीसरा – समाज को अपनी सोच को बदलने की जरूरत है, खासकर उन पारंपरिक रूढ़ियों को जो यह तय करती हैं कि कौन सा काम ‘लड़कों’ का है और कौन सा ‘लड़कियों’ का। आज बिंदु एक मिसाल हैं। उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार को सहारा दिया, बल्कि तमाम युवा लड़कियों को यह हिम्मत भी दी है कि अगर मन में दृढ़ निश्चय हो, तो किसी भी पेशे को अपनाया जा सकता है, चाहे दुनिया कुछ भी कहे। ऐसे उदाहरण समाज में बदलाव की नींव बनते हैं। हम सभी की तरफ से बिंदु प्रिया को दिल से धन्यवाद और सलाम। उन्होंने दिखा दिया कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं। उनका साहस, समर्पण और संघर्ष निश्चित ही नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा।

Nitish Kumar Yadav

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