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यह कौन से डॉक्टर हैं भाई? निरीक्षण तो ऐसे कर रहे हैं जैसे पता नहीं कितनी बार NEET Qualify किया हो?

21,357 次观看 • 3 个月前 •via X (Twitter)

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12 साल में विदेश यात्राओं पर 815 करोड़ रुपए खर्च कर, 76 देश घूमने वाले मोदी जी की पार्टी के प्रवक्ता ने कल, मूर्खतापूर्ण प्रेस वार्ता कर राहुल जी पर अनर्गल आरोप लगाए पहली बात - मोदी जी को अगर Oxford-Cambridge भाषण देने नहीं बुलाते तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते दूसरी बात - राहुल गांधी जब बाहर जाते हैं तो भारत की MEA Visa देती है भारत के Immigration Department में खड़े हो कर उनके पासपोर्ट पर ठप्पा लगता है भारत के Airport से विमान ले कर बाहर जाते हैं, फिर भी मोदी सरकार को पता नहीं कहॉं जाते हैं, कितनी बार जाते हैं जैसे कि इन्हें पता नहीं थी कि 300 किलो RDX कौन ले कर आया जैसे कि इन्हें पता नहीं था पहलगाम में आतंकवादी कैसे घुस आए तो कुर्सी है तुम्हारी जनाज़ा नहीं है कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते ?? तीसरी बात - संघी/भाजपायी 12 साल से सरकार चला रहे हैं और आज भी आरोप ही लगा रहे हैं..नाकारा कहीं के !!!

Dr. Ragini Nayak

52,300 次观看 • 4 个月前

पत्रकार का सवाल : क़ानून व्यवस्था को लेकर लगातार जोधपुर में फायरिंग भी हो रही है। जवाब : अब देखो ना, दौड़ा-दौड़ा के मारा। यह घटना राजस्थान भर में हो रही है, कहीं मर्डर हो रहे हैं, कहीं रेप हो रहे हैं। सुनवाई नहीं हो रही है और एक नई बात हो गई है, थानों के अंदर जो है पैसे खा लेते हैं क्योंकि करप्शन की हदें पार हो गई राजस्थान के अंदर। करप्शन तो देखो हर राज के वक़्त में होता है, मैं स्वीकार करता हूँ। इस बार तो सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं और थाने वाले कहते हैं, जिसका रेप हो गया, पहली बात तो ग़रीब परिवार है वो, थाने में जाते ही नहीं हैं, चले भी गए, चले भी गए मान लो वो, तो क्योंकि पहले खा लेते हैं रेपिस्ट से, कहते हैं, "तुम जाके समझौता कर लो जयपुर के अंदर।" क्या मज़ाक है यह? स्थिति बड़ी नाज़ुक है। पत्रकार का सवाल : आपके द्वारा जो अस्पताल बनाए गए हैं, जो सैटेलाइट किए गए हैं ना, उनमें पद तो भर दिए गए हैं लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं दे रहे हैं, पैसों के लिए। जवाब : भैया, मैं बोल चुका हूँ यह पॉइंट अभी। वो बिल्डिंग अभी खड़ी है, ना इक्विपमेंट है, ना डॉक्टर वहाँ पर हैं। पत्रकार का सवाल : सर, शेखावत जी ने एक आरोप और लगाया था कि हमने ₹27,000 करोड़ दिए लेकिन जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के चलते जो है, पानी के जो है कनेक्शन नहीं दिए गए, उसमें भारी घोटाला किया गया है। जवाब : यह वेग बातें हैं देखो। इन बातों, जब तक आप आँकड़े नहीं दो कि भाई हमने यह दिए थे, इसमें यह खर्च हुए, इसके खर्च नहीं हुए, तब तक कोई स्वीकार भी नहीं करेगा और ऐसे आरोप तो वेग आरोप हैं, मतलब इनमें कोई दम नहीं होता है। उनको पूछो भाई, हिंदुस्तान भर में आप तो मंत्री थे, विभाग इंपॉर्टेंट था आपका, हमें ख़ुशी हुई, मैंने प्रधानमंत्री मोदी जी को कहा मीटिंग के अंदर, "यह आपने अच्छा काम किया कि आपने यह नया विभाग को इस रूप में इंपॉर्टेंस दी है।" तो आप बताइए हमारी कितनी बड़ी रुचि होगी? अब क्यों नहीं काम कर रहे हैं ये? हमारी सरकार के वक़्त में काम कम हुआ, अब क्यों नहीं काम कर पा रही है? अब तो इनकी सरकार है, क्यों नहीं काम कर पा रही है? दूसरा, इनको चाहिए सब राज्यों का हिसाब दें, कहाँ पर कितना पैसा पहुँचा है, कहाँ मैंने एक्स्ट्रा मदद करी है। ईआरसीपी (ERCP) में जो व्यक्ति झूठ बोल सकता है, प्रधानमंत्री के मुँह से हमने टेप सुना दिया इनको, प्रधानमंत्री ने तीन बार बोला, दो बार बोला राजस्थान में, "ईआरसीपी को हम राष्ट्रीय परियोजना घोषित करेंगे।" और यह खड़े होकर बोल गए मीटिंग के अंदर, ऐसा कोई हो तो मैं पता नहीं क्या बोला, "इस्तीफ़ा दे दूँगा" या क्या बोलूँगा, पता नहीं, यह बोल गए वहाँ। मुझे याद नहीं, पर कुछ बोले थे खड़े होकर जयपुर की मीटिंग के अंदर। तो इनको पता ही नहीं है। जो प्राइम मिनिस्टर की कही हुई बात है, आप नहीं स्वीकार कर पा रहे हो, या पूरा नहीं कर पा रहे हो, अलग बात है। आप कहो भाई, "यह हमारी मजबूरी थी, भूल गए, पर इसमें यह अड़चन आ रही है, यह नियम नहीं कहते।" कुछ भी बोलो, आप यह कैसे कह सकते हो, बोले ही नहीं वो? तो यह इनके बारे में मैं नहीं बोलूँ तो अच्छा है।

Ashok Gehlot

25,542 次观看 • 3 个月前