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यह चुनाव जाती का चुनाव नहीं हैं सनातन की प्रतिष्ठा का चुनाव है।
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बिलकुल सही कहा आपने कि ये चुनाव जाति या धर्म का चुनाव नहीं है बल्कि कौन अच्छा विकास करवाएगा इसका है , और इस बार ऐसे लोगो को जनता घर बैठा देगी जिन्होंने जाति और सनातन धर्म को बस चुनाव जीतने का जरिया बना रखा है और धर्म को राजनीती से जोड़कर सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है

जल मंत्री महोदय, ऐसी क्या समस्या है कि बिना धर्म वर्म की बात किए आप लोग चुनाव नहीं लड़ पाते।

शेखावत साहब 1 बार हिम्मत करके आपकी पोस्ट पे आये हुए सारे कमेंट्स पढ़ लो 🙏 सच्चाई क्या है आपको ख़ुद दिख जायेगा ‼️

चुनाव भी धर्म के नाम पर लड़ोगे? क्यों कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है? भारत-पाकिस्तान, हिन्दू-मुस्लिम के अलावा लोगों की कोई क़ीमत नहीं है? क्या विधायक या सांसद लोग इसलिए चुनते हैं कि वो धर्म के नाम पर दंगे करवाएं? कभी तो शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, किसान, महिलाओं की बाते कर लो।

टिकट लेते पता लग जाता चुनाव धर्म पर है या काम पर।

चुनाव मुद्दों का होता है महोदय लेकिन काम आपने किए नहीं इसलिए तुम लोगों का धर्म के नाम पर वोट माँगने पड़ रहे है लेकिन जनता गहलोत सरकार का गारंटियों पर वोट करेगी

जनता पागल नहीं बनेगी साहब चुनाव विकास का होना चाहिए रोजगार का बहुत सारे मुद्दों का होना चाहिए धर्म सदैव सबका मजबूत ही होता है।

भाई गजेंदर जी सनातन नहीं बीजे पार्टी की सत्ता ख़तरे में है।

इसीलिए कांग्रेस का वापस आना ज़रूरी है!

अब सनातन को भी बीच में ले आये. मतलब डिब्बे गोल हैं
