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यही तो Narendra Modi जी का नया भारत है 🔥

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10 Comments

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🇮🇳 Vishal JyotiDev Agarwal2 years ago

@narendramodi यह भारत की ताकत है @Bipin_Bi_Singh निजी क्षमता पर तो मोदी जी को अमेरिका ने वीज़ा देने योग्य भी नहीं समझा था, याद है न! और उन बच्चों ने तिरंगा निकाला था, भाजपा का झंडा या मोदी जी की फोटो नहीं!

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Bharat2 years ago

@narendramodi

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Ravi Falia2 years ago

@narendramodi Lucky to have a PM like modi ji and Dr jai Shankar

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स्वयंसेवक2 years ago

@narendramodi ye @DrKumarVishwas चादरमोद को नरेंद्र मोदी बोलने में लकवा मरता है

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Dadasaheb Jamadar2 years ago

@narendramodi #हिन्दू_भाई_संभलो Hindu Bhai Dhokhe Mein

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the Hindu Sena2 years ago

*उमा संत कइ इहइ बड़ाई।* *मंद करत जो करइ भलाई।।* *तुम्ह पितु सरिस भलेहिं मोहि मारा* *रामु भजें हित नाथ तुम्हारा॥* जय श्री राम प्रभु भक्तों शिवजी कहते हैं- हे उमा, संत की यही बड़ाई (महिमा) है कि वे बुराई करने पर भी (बुराई करने वाले की) भलाई ही करते हैं। विभीषणजी ने कहा- लंका नरेश रावण से कहा कि आप मेरे पिता के समान हैं, मुझे मारा सो तो अच्छा ही किया, परंतु हे नाथ! आपका भला श्री रामजी को भजने में ही है॥ अपने साथ बुरा बर्ताव करने वालों का भी संत भला ही करते हैं । इसलिये नीति में भी आया है‒ *निष्पीडितोऽपि मधुरं वमति इक्षुदण्डः* गन्ना (ऊख ) को कोल्हू में पेरा जाय तो भी वह मीठा-ही-मीठा रस सबको देता है । ऐसा नहीं कि इतना तंग करता है तो कड़वा बन जाऊँ , वह मीठा ही निकलता है; क्योंकि उसमें भरा हुआ रस मीठा ही है । ऐसे ही सन्त-महात्माओं को दुःख दें तो भी वे भलाई ही करते हैं; क्योंकि उनमें भलाई-ही-भलाई भरी हुई है, यह विलक्षण बात है कि भगवान्‌ स्वाभाविक ही सबका हित करने वाले है । भगवान्‌ का भजन करने से, मन लगाने से, ध्यान करने से, भगवान्‌ का नाम लेने से भजन करने वालों‌ में भी भगवान्‌ के गुण आ जाते हैं अर्थात्‌ वे विशेष प्रभावशाली हो जाते हैं । नाम-जप से उनमें भी विलक्षणता आ जाती है । भगवान श्री कृष्ण जी गीता में कहते हैं कि - *बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते।* *वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः।।* बहुत जन्मों के अन्त में (किसी एक जन्म विशेष में) ज्ञान को प्राप्त होकर कि 'यह सब वासुदेव है' ज्ञानी भक्त मुझे प्राप्त होता है; ऐसा महात्मा अति दुर्लभ है।। *यस्मान्नोद्विजते लोको लोकान्नोद्विजते च यः।* *हर्षामर्षभयोद्वेगैर्मुक्तो यः स च मे प्रियः।।* भक्त सर्वत्र और सबमें अपने परमप्रिय प्रभुको ही देखता है। अतः उसकी दृष्टि में मन, वाणी और शरीरसे होनेवाली सम्पूर्ण क्रियाएँ एकमात्र भगवान्की प्रसन्नता के लिये ही होती है भक्त प्राणिमात्र में भगवान् की ही देखता है। उसकी मात्र क्रियाएँ स्वभावतः प्राणियों के परमहित के लिये ही होती हैं। उसके द्वारा कभी भूल से भी किसी के अहित की चेष्टा नहीं होती। जिनको उससे उद्वेग होता है, वह उनके अपने राग-द्वेषयुक्त आसुर स्वभाव के कारण ही होता है। अपने ही दोषयुक्त स्वभाव के कारण उनको भक्त की हितपूर्ण चेष्टाएँ भी उद्वेगजनक प्रतीत होती हैं। इसमें भक्त का क्या दोष? भर्तृहरिजी कहते हैं। *मृगमीनसज्जनानां तृणजलसंतोषविहितवृत्तीनाम्।* *लुब्धकधीवरपिशुना निष्कारणवैरिणो जगति।।* हिरण, मछली और सज्जन क्रमशः तृण, जल और संतोष पर अपना जीवन-निर्वाह करते हैं (किसीको कुछ नहीं कहते) परन्तु व्याध, मछुए और दुष्टलोग अकारण ही इनसे वैर करते हैं। वास्तव में भक्तों द्वारा दूसरे मनुष्यों के उद्विग्न होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता, प्रत्युत भक्तों के चरित्र में ऐसे प्रसङ्ग देखने में आते हैं कि उनसे द्वेष रखने वाले लोग भी उनके चिन्तन और सङ्ग-दर्शन-स्पर्ष-वार्तालाप के प्रभाव से अपना आसुर स्वभाव छोड़कर भक्त हो गये। श्री राम जय राम जय जय राम *प्रभु सबका कल्याण करें* जय श्रीराम जय-जय सीताराम

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R.D.2 years ago

@narendramodi कभी यह भी फजीहत इंदौरी की गोद में बैठ कर राम और हिन्दू का बुरा भला कहते थे

Golden Vlogs's profile picture
Golden Vlogs2 years ago

@narendramodi Kon panauti 🤣

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D Sasank2 years ago

@narendramodi ये बिल्कुल सच्चाई है इसमे तनिक भी अतिश्योक्ति नही है और ये स्थिति तब बनी जब 2013 के बाद गद्दारो के शासन का अंत हुआ और एक संत ने देश की सत्ता संभाली और भारत को विश्वके पटल पर ला कर खड़ा कर दिया आज आशा भरी निगाहो से भारत को देखा जारहा, पहले कटोरा लेकर भीख मांगने वाली छवि बनी हुई थी

Pranav Dwivedi's profile picture
Pranav Dwivedi2 years ago

@narendramodi सिंह साहब, भारत का मान सम्मान हमेशा से था। उसके जीवंत लोकतंत्र और आध्यात्मिक,बौद्धिक, सैनिक और आर्थिक क्षमताओं के कारण। इसे नेहरू से लेकर आज तक के सभी नेताओं ने समय समय पर निखारा और बनाए रखा.. मोदीजी ने भी प्रयास किए.. कुछ सफल तो कुछ असफल हुए.. बस, अपने देश पर गर्व कीजिए..

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