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यह देखिए रील मंत्री जी। यह उधना रेलवे स्टेशन का वीडियो है।
10 条评论

बात ये भी है न कि इतना सहने के बाद भी लोग उन्ही को वोट दे देते है

उद्घाटन और प्रचार तभी अच्छे हैं जब उनके पीछे ऐसी बुनियाद हो जो जनता की सेवा के लिए असल में काम करे। जब सार्वजनिक संपत्ति के रख-रखाव के अभाव और उपेक्षा के कारण लोगों की जान जाने लगे और पुल, प्लेटफार्म या मूर्तियां रिबन काटने के साथ ही गिरने लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। हाल ही में मुंबई के बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर हुई भगदड़, भारत के ढहते बुनियादी ढांचे की कड़ी में सबसे ताज़ा उदाहरण है। पिछले साल जून में बालासोर ट्रेन हादसे में 300 लोगों की जान चली गई, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा देने के बजाय भाजपा सरकार ने उन्हें लंबे कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया है। सोचिए ज़रा जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मात्र 9 महीने में गिर जाती है, इसका साफ मतलब है इरादा सिर्फ प्रचार था - इसमें न ही शिवाजी महाराज का सम्मान था और न जनता की सुरक्षा का ध्यान। आज देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो गरीबों की स्थानीय जरूरतों का भी ध्यान रखें - जो व्यापार को सरल, यात्रा को सुगम और लोगों को सुरक्षित रखे। भारत सक्षम है, समर्थ है - हमें बस ज़रूरत है प्रभावी और पारदर्शी सिस्टम की जिसका लक्ष्य जनसेवा हो और फोकस देश के मजबूत भविष्य की बुनियाद। बहुत दुखद है

लेकिन जनता अंतिम में धर्म बचाने वाला समझ के इन्हें वोट कर आती है।

क्या लगता है आपको ये सब दिखा कर इस्तीफ़ा ले लेंगे मंत्री जी का 😜🫢

😂

ट्रेनों में सीटों के लिए लोग जूझ रहें है, और मंत्री कान में तेल डालकर आराम फरमा रहे हैं।😡🤬

छठ पूजा इमोशन है , बिहार और उत्तरप्रदेश का। लेकिन ट्रेन है हाल बद से बत्तर है।

दिवाली से पहले हर साल भारी भीड़ यात्रियों की होती हैं उधना (सुरत) और बांद्रा सहित प्रमुख शहरों से यूपी बिहार के प्रमुख शहरों, दिल्ली आदि के लिए के सप्ताह में 2 या 3 दिन स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन किया जाना चाहिए कोच संरचना (8GS+7/8SL+3/4 3rd AC) @AshwiniVaishnaw @RailMinIndia

मूल कारण तलाशिए। जनसंख्या विस्फोट है वजह इसलिए आवाज उसके लिए कानून आए ऐसा उठायीयें

जब सत्ता मिला था तब लाठी में तेल पिला रहे थे ,चरवाहा विद्यालय खोल रहे थे,और चारा घोटाला करने में व्यस्त थे
