Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

यह परिन्दा उड़ना सीखने के बाद सालों तक ज़मीन पर नहीं उतरता! खाना, पीना और सोना भी हवा में करता है। 🐦👇

164,903 Aufrufe • vor 27 Tagen •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

सोशल मीडिया के द्वारा हिंदुओं में काफी जागरूकता आई है अब एक समुदाय विशेष के होटल पर हिंदू खाना खाने नाश्ता करने नहीं जाता है क्योंकि उसे पता है कि यह लोग थूक muत गंदा कुछ भी खिला सकते हैं और खिलाते भी हैं क्योंकि हजारों ऐसे वीडियो सामने आए हैं यह देखिए कभी यह मुस्लिम का होटल भीड़ से भरा रहता था लेकिन आज एकदम खाली है यही हाल गुजरात में भी है यहां भी हाईवे के किनारे होटल पर लोग जाते हैं पहले यह कंफर्म होते हैं कि यह होटल किसका है उसके बाद ही खाना खा रहे है यहां कई ऐसे होटल जो शांति दूतों के थे वह बिकने को आ गए क्योंकि हिंदुओं में इतनी जागरूकता आ गई है कि अब हिंदू थूक muत नहीं बल्कि वह स्वस्थ खाना खाना चाहता है और उसे यह जानने का अधिकार है कि खाना खिलाने वाला कौन व्यक्ति है और दूसरी एक बात यह लोग अपने होटल में रात में अपने लिए न जाने क्या-क्या बना कर खाते हैं

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

143,140 Aufrufe • vor 1 Jahr

जुलाना (जींद) स्टेडियम की यह भयावह हालत सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है। कागज़ों में यहाँ खेल नर्सरी चल रही दिखा दी गई है, लेकिन ज़मीन पर उसकी एक ईंट भी सही हालत में नहीं मिलती। इंडोर हॉल बिना लाइट, बिना पंखे और टूटी खिड़कियों के अंधेरे में पड़ा है। वॉलीबॉल ग्राउंड पर जंग लगे पोल और घास से भरी ज़मीन बताती है कि सालों से मेंटेनेंस का कोई नामोनिशान नहीं। रेसिंग ट्रैक टूटा हुआ है और बीच में लगे खतरनाक बिजली के खंभे ये सब किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं। यहाँ तक कि खिलाड़ियों के टॉयलेट भी जर्जर अवस्था में पड़े हैं। अब मेरा सवाल सरकार से है :- 1. जब काग़ज़ों में खेल नर्सरी चला रहे हो, तो ज़मीन पर उसकी हालत ऐसी क्यों है? 2. करोड़ों का स्पोर्ट्स बजट आखिर जाता कहाँ है? 3. खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और भविष्य सरकार की प्राथमिकता कब बनेंगे? हरियाणा के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं, लेकिन सरकार की यह उदासीनता उनके सपनों को कुचल रही है।

Vinesh Phogat

10,508 Aufrufe • vor 8 Monaten