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यही है, स्वतंत्र भारत का निष्पक्ष पत्रकारिता का चौथा स्तंभ! 👏👏
127,784 görüntüleme • 9 ay önce •via X (Twitter)
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Totali, Khud ko swatantra dikhane ke liye inko kya karna chahiye? Namaz padhna chahiye? Vo apane bhagwan ka bhajan kar rahe hai, hulla hu bulla bolkar kisi ka gala nahi kaat rahe.

मतलब हिंदू पत्रकार तभी हो सकता है जब वो पूजा ना करे अपना धर्म छोड़ दे। अच्छा है।

क्यूँ रे दामारचोद हलाला कुमारी तू एक बात बता.... भारत में मुसलमान पत्रकार नमाज नहीं पढते है क्या??? ख्रिस्ती पत्रकार चर्च नहीं जाते है क्या??? तेरी अम्मी का Bh0$aD0 agenda चलाके तेरे घर राशन आता है तेरी space में जब भी आता हूं तू तुरंत डर जाती है और space से निकल देती है 😂😂

मदरसा छाप जन्नत की हूद तेरे हिसाब से ये देश की खुबसूरती होगी।

जब संसद में इफ्तार पार्टी दी जाती थी तब बहुत मजा आता था क्यों ??? अब तुम लोगों की जल रही है..... यहां तुम लोगों का अब कोई काम नहीं जल्दी से निकल लो

मजहब के नाम पर हलाला करवाने बाली पत्रकार को हिन्दु पत्रकारों के भजन कीर्तन पर पक्षपात दिख रहा है...👇

अरे कन्वर्टेड तोतली

पिछवाड़ा उठा के झूले होते तो वाल्हा वल्ला लिख रही होती इसे कहते है दोगलीजात की

People like you and Arfa Khatun should never talk about neutral journalism. Day and night, you feed poison into Muslims' minds while preaching neutrality. The height of irony.

Samjha nhi kuch 🤔

न्यूज़ रूम में हो रहा ड्रामा।

@usmankibaat ये ड्रामा तेरे धर्म मैं तो रंड पान होता है दल्लो

@KarishmaAziz_ अति उत्तम शब्द इस्तेमाल किया तुमने तनातनी

अच्छी बात है इसमें बुरा क्या है मैंने सलून वाले को मक्का की फोटो और उसमे नमाज़ पढ़ते देखा है अगर वो ग़लत नहीं है तो ये कैसे गिरने की लिमिट रखो कुछ

यही अगर नमाज पढ़ने लगता तो मोहतरमा बोलती क्या देश हैं हमारा ?

अजीब चूतिया हो तुम.. अपने कार्यस्थल पर भगवान की पूजा करती हो क्या चूतिया कही की

भारत है ये, भजन से दिक्कत है तो शरिया वाले देशों में चले जाओ क्यूँकि ये तो होगा

मतलब वह अपने दफ्तर में अब भजन भी नहीं कर सकते क्या तुम मुस्लिम हो अगर तुम कहीं जॉब करोगी तो तो नमाज पढ़ोगी ना अब अगर वो हिन्दू है तो अपने ऑफिस में वो भजन कर सकते हैं पूजा कर सकते है संविधान में कहीं नहीं लिखा कि मालिक अपनी ऑफिस में पूजा नहीं कर सकता क्या दोगलापन है ये 🫡वाह

This mulli always come on my TL gutter chhap dehati suuuu morning kharab kar Diya

भजन कर रहे हे इसमें तेरी ये फालतू की बकचोल कहा से आ गई हे ओला और उबर बोल के बम थोड़ी फोड़ रहे हे।

ये सब ग़लत लोग हैं आशा करता हूं कि मुसलमान पत्रकार स्वतंत्र भारत की निष्पक्ष पत्रकारिता को बचाए रखने के लिए मस्जिद में नमाज़ पढ़ने नहीं जाते होंगे उर्स, जलसा और हज करने भी नहीं जाते होंगे

Convert all over the world 🤣🤣

चलो अब हम हिन्दू पूजा पाठ छोड़कर सिर्फ तुम लोगो की सेवा करेंगे हलाला करके

Better than you guys blowing up or burning people alive k2vi madarch0d

True face of Is lam

तो तेरे को दिक्कत क्या है, जब नमाज़ के लिए friday को सरकारी संस्थानों मे आधा घंटे का ब्रेक लेते थे तब कोई परेशानी नही थी | इसी स्टूडियो मे अलग से कमरा भी बना होगा नमाज़ के लिए वो सही है? लेकिन कोई पूजा या भजन न कर ले नही तो secularism खतरे मे आ जाता है |

इस को हर बात से दिक्कत है सांस कैसे ले लेती है समझ नहीं आता

निष्पक्षता का ठेका सिर्फ हिंदुओं ने नहीं ले रखा है

टोटली तू अपने धर्म को फॉलो करती है ना फिर भी अपने आप को निष्पक्ष पत्रकार मानती है ना वैसे ही यह लोग भी अपने धर्म को फॉलो कर रहे हैं पत्रकारिता अपनी जगह धर्म फॉलो करना अपनी जगह पर है अगर तू अपना धर्म फॉलो कर सकती है तो हिंदू धर्म को मारने वाले भी अपना धर्म फॉलो कर सकते हैं उनको

इसमें से कोई भी फटेगा नहीं

Usse to behtar hai jo Dr, Engineer, Media, jaisi noble job par hone ke naad bhi masoomon ke beech me jakar bomb bomb khelte hai

क्या मुस्लिम रिपोर्टर नमाज नहीं पढ़ते ??

वाह! निष्पक्ष पत्रकारिता इतनी निष्पक्ष है कि सच भी एंकर की मर्जी से आता है😂 चौथा स्तंभ अब सहारा नही शो-पीस बन गया है। ताली बजाइए, स्क्रिप्ट रेडी है,सवाल गायब हैं और शोर पूरी ताकत से चालू👏🎤

Isko drama bol rahi toh namaz padhna bhi halal nhi hai

Tum jo sadak pe karte ho us se to acha he hai

Pattern of Pakistanis: create account -> Get blue tick -> abuse india, abuse hindus -> gets engagement = get cheap money.

