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राजा भैया ने योगी जी के सामने संभल पर गजब बोला,देखता रह गया विपक्ष
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मुस्लिम त्योहार आराम से हो जाते हैं। दंगे सिर्फ उसी क्षेत्रों में क्यों होते हैं, जहां मुस्लिम आबादी होती है। जब मंदिर के सामने से जुलूस निकल सकता है, तो मस्जिद के सामने से शोभायात्रा क्यों नहीं निकल सकती। एक झंडा लगाने में युवक की हत्या हो गई। अपने ही देश में कोई एक झंडा क्यों नहीं लगा सकता, भगवा झंडा क्यों नहीं लग सकता। : योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

राजा भैया शुद्ध सनातनी हैं उनके रग रग में हिंदुत्व है ,हमें गर्व है कि हम राजा भैया के प्रशंसक है।

🚨 BURNOL moment for 🚩 Haters 🤌 After Yogi Adityanath, Now Raja Bhaiya speaks in favour of Sanatan, Slams Sambhal Stone-Pelters 🔥

इकबाल भारत का वह गंदा खून था जिसने इस देश के टुकड़े करने के लिए सबसे पहले सोचा था और उसी ने लिखा था उसके अंदर कितनी हिंदुओं के प्रति नफरत थी उसकी एक ग़ज़ल यह है.... चीन-ओ-अरब हमारा हिन्दोस्ताँ हमारा! मुस्लिम हैं हम वतन है सारा जहाँ हमारा!! तौहीद की अमानत सीनों में है हमारे! आसाँ नहीं मिटाना नाम-ओ-निशाँ हमारा!! दुनिया के बुत-कदों में पहला वो घर ख़ुदा का! हम इस के पासबाँ हैं वो पासबाँ हमारा!!

बिल्कुल सही कहा राजा भैया ने हम उनकी एक-एक बात से सहमत है. राजा भैया शुद्ध सनातनी हैं उनके रग रग में हिंदुत्व है ,हमें गर्व है कि हम राजा भैया के प्रशंसक है।

#खिदमत_ए_कौम.... आज पूरा हफ्ता गुजर चुका था.... रोज लड्डन इसी उम्मीद में झौलवी की गली से गुज़रता कि सकीना बेग़म के दीदार हों.... पर ये क्या हमेशा उसके आने के समय हँसते हुए दरवाजे पर खड़ी कजरारी आँखों से ठरक टपकाती सकीना बी आज सात रोज से गायब थीं.... लड्डन झौलवी के दरवाजे पर ठिठका और कान द्वार पर लटके ताले को लाँघ कर आंगन तक घूम आये पर सकीना का कोई सुराग न सुनाई दिया.. थक हार लड्डन ने तय किया कि अब तो झौलवी से ही पूछा जाये....पर कैसे.... तभी याद आया झौलवी के यहाँ एक पुरानी टू स्ट्रोक बाइक है.... बिलकुल कबाड़ा.... उसी को खरीदने के बहाने बात की जाये.... लड्डन झौलवी के पास पहुँचा.... दुआ सलाम हुईं लड्डन ने पूछा झौलवी साब आपकी पुरानी वाली मोटर साइकिल बेचनी है क्या....??? झौलवी ने पान की पीक मारी और हिकारत से लड्डन को देख बोला.... नहीं बेचनी... तेरे जैसा कबाड़ी की औलाद थोड़े हूं.... लड्डन धैर्य रख बोला "अमा पर उसका करेंगे क्या...??? चलाते आप हो नहीं... खड़ी खड़ी सड़ जाएगी" झौलवी की छाती कुछ फूल गयी वो बोला "अबे कोई फटेहाल थोड़े हूँ.... उठवा कर गाँव पहुँचा दी है... अब जो गाँव के नये जवान लोंडे हैं उसपर चढ़ना सीखेंगे.... हाथ साफ करेंगे... फिर नयी ले आएंगे.... ये भी कौम की खिदमत ही है... समझा...???" लड्डन ने लम्बी सांस ली और बोला "कौम की खिदमत भी जरुरी है.... वैसे आजकल सकीना बेग़म न दिख रहीं.... वो भी गाँव गयी हैं क्या...???" झौलवी झल्लाया "हाँ गयी हैं.... तुझे_क्या_बे...???" लड्डन बोला "मुझे क्या होगा झौलवी साहब.... आप आराम से कौम की खिदमत करें... गाँव में नये लोंडे हैं....चढ़ेंगे...हाथ साफ़... सीखेंगे... फिर अपनी नयी...... आप की कौम की खिदमत को सलाम..."

पत्थर बाजी करना शांति दूतो का काम है

सपा का संविधान विरोधी चेहरा फिर आया सामने

सम्भल का मंदिर बंद करने बाबर अकबर नहीं आये, बल्कि सपा, खांग्रेस, समर्थक पुस्लिमों ने चारों ओर से दीवार बना दिया। अब दीवारें तोड़ी जा रही है!
