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राम शब्द की अपनी मर्यादा है, हनुमान ने इसे सीना चीर के दर्शाया है!❤️🚩

23,581 görüntüleme • 9 ay önce •via X (Twitter)

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*फिल्म जरूर देखे रामलला के लिए किए गए 500 साल के संघर्ष और राम मंदिर निर्माण की कहानी को एक शार्ट फिल्म के जरिए इतने खूबसूरती से दिखाया गया है। यह 12 मिनट 41 सेकंड की विडियो को फेमस टीवी सीरियल चाणक्य के चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने बनाया है। इस शार्ट फिल्म का नाम 'श्रीराम जन्मभूमि की विजयगाथा' रखा गया है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपनी फिल्म 'श्रीराम जन्मभूमि की विजयगाथा' में १५२८ ई. से लेकर आज तक की कहानी दर्शाई है। फिल्म में दिखाया गया है कि, बाबर के सेनापति ने राममंदिर को कैसे ध्वस्त किया था, राजाओं व आम लोगों ने राममंदिर की लड़ाई कैसे और किन संकटों के बीच लड़ीं है। और अंत में राम मंदिर का बनना कैसे संभव हो पा रहा है। फिल्म में डा डॉ द्विवेदी ने स्वयं अपनी आवाज दी है। लघु फिल्म में १९४७ के बाद आजाद भारत में अयोध्या के राम मंदिर को लेकर महसूस किए गए श्रद्धा के उफान को भी दर्शाया गया है...!!* जय जय श्री राम.. 💐🚩🙏

VINI 💞

69,966 görüntüleme • 2 yıl önce

"जगत् के नाथ जगन्नाथ प्रभु ने अपने सबसे प्रिय भक्त हनुमान को क्यों सोने की जंजीरो से बांधा ?" मान्यता है कि जब भगवान जगन्नाथ पुरी में विराजमान हुए, तब समुद्र की प्रचंड लहरें बार-बार मंदिर क्षेत्र तक आ जाती थीं। भगवान ने अपने परम भक्त हनुमान जी को समुद्र की निगरानी और मंदिर की रक्षा का दायित्व सौंपा। लेकिन हनुमान जी समय-समय पर भगवान राम के दर्शन और सेवा के लिए चले जाते थे। उनके अनुपस्थित रहने पर समुद्र आगे बढ़ जाता था। तब भगवान जगन्नाथ ने प्रेमपूर्वक हनुमान जी को वहीं रहने के लिए स्वर्ण (सोने) की जंजीरों से बांध दिया, ताकि वे अपना स्थान न छोड़ें और मंदिर की रक्षा करते रहें। इसी कारण पुरी में बेड़ी हनुमान मंदिर प्रसिद्ध है। "बेड़ी" का अर्थ होता है "बंधन" या "जंजीर"। मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को बंधनयुक्त रूप में दर्शाया गया है, जो इस कथा की स्मृति है। जय जगन्नाथ। जय बजरंगबली। 🚩🙏

Shivansh🔱

29,380 görüntüleme • 1 ay önce

जब समुद्र बढ़ा - जगन्नाथ ने देवताओं को नहीं, सीधे हनुमान को पुकारा... पुरी की परंपरा कहती है - हनुमान जी जब रामकथा में चले जाते, समुद्र मर्यादा तोड़ देता था। तब जगन्नाथ ने उन्हें बेड़ियों में बाँधा, क्योंकि पुरी की सुरक्षा हनुमान के बिना संभव ही नहीं थी। यह विश्वास बताता है - जहाँ कर्तव्य और भक्ति जुड़ जाएँ, वहाँ प्रकृति भी अनुशासन मानती है। प्रभु ने हनुमान को बाँधा नहीं - पुरी को बचाने का व्रत उनसे दृढ़ कराया। इतना विश्वास सिर्फ प्रेम में होता है। यदि यह कथा आपके भीतर भी श्रद्धा जगाती है - इसे सेव Bookmark करें और लिखें: जय बजरंगबली 🚩 जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏 GOOD MORNING X FAM ❤️🌻

࿗ ᴠᴀɪsʜɴᴀᴠ 🦚ॐ

18,695 görüntüleme • 8 ay önce