Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर निरंतर संवाद। 📍संसद भवन

21,656 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 0

Нет доступных комментариев

Здесь появятся комментарии из оригинального поста

Похожие видео

संसद से हटाई बाबा साहब और राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले की मूर्ति : भारत के पुराने संसद भवन में लगी महापुरुषों की मूर्तियों को हटा दिया गया है। इसमें संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ आंबेडकर और राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले की मूर्ति भी शामिल है। इन मूर्तियों को अब पुराने संसद भवन में ही नई जगह पर लगाया जाएगा। संसद भवन सचिवालय का कहना है कि इन मूर्तियों को एक साथ पुराने संसद भवन के गेट नंबर 5 के पास एक लॉन में लगाया जाएगा। लेकिन इस फैसले ने आंबेडकरवादियों की भावनाओं को कड़ी ठेस पहुंचाई है। दरअसल संसद भवन में लगी डॉ आंबेडकर की मूर्ति पर देश भर के आंबेडकरवादी नमन करने के लिए पहुंचते हैं। हर साल आंबेडकर जयंती के मौके पर लाखों लोग दिल्ली के संसद भवन मार्ग पर पहुंचते हैं और संसद भवन में लगी बाबा साहब की मूर्ति के दर्शन करते हैं। आंबेडकरवादियों के लिए ये एक बहुत बड़ा उत्सव है और पिछले कई दशकों से हर साल लाखों आंबेडकरवादी संसद मार्ग में जुटते हैं। ये एक परंपरा सी बन गई है कि हर आंबेडकर जयंती पर दिल्ली के संसद भवन मार्ग पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं, लोग बाबा साहब की मूर्ति को नमन करते हैं और इस पूरे संसद मार्ग पर बहुजन समाज के पंडाल लगाए जाते हैं। यहां जश्न का माहौल होता है, लोग झूमते हैं नाचते हैं और अपने मसीहा के प्रति अपने प्यार को ज़ाहिर करते हैं। लेकिन मोदी सरकार ने अब संसद भवन के भीतर लगी बाबा साहब की मूर्ति को पुरानी जगह से हटा दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लाखों आंबेडकरवादियों के लिए वो मूर्ति वाली जगह सबसे बड़े तीर्थ जैसी है, वो अब कहां जाएंगे? आंबेडकर जंयती पर होने वाला संसद मार्ग का कार्यक्रम अब कहां होगा? क्या नई जगह पर आंबेडकरवादियों को एंट्री दी जाएगी? इस बारे में फिलहाल संसद सचिवालय ने कोई जानकारी नहीं दी है इसलिए देश-विदेश के तमाम आंबेडकरवादियों के दिल में गंभीर सवाल पैदा हो रहे हैं।

Sumit Chauhan

101,891 просмотров • 2 лет назад