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राहगीर:-(बाइक पर 3 पुलिस वालो को देखकर) बहुत सही... सही जा रहे हो 😳 जिया जोगी जी... तुम्हारी कानून व्यवस्था 😳 पुलिस:- हां... हां... गां@@ड म@रा लो अपनी 😳 –––– यूपी की राजधानी लखनऊ में जब एक राहगीर ने बाइक पर सवार 3 पुलिस वालो को, वो भी बिना...

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यूपी के पीलीभीत में भीषण सड़क हादसा हो गया, ट्रक की टक्कर बाइक में लगने से एसएसबी जवान सहित दो लोगों की मौके पर मौत. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घटना की जांच में जुटी है. वहीं मौके का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमे ट्रक बाइक को घसीट कर ले जा रहा है. मामला कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के गांव परसिया का है जहां के रहने वाले एसएसबी जवान वीरपाल आज सुबह जिला मुख्यालय कार्यालय पर ड्यूटी जाने के लिए निकले थे. बताया जा रहा है कि जवान और उनका पुत्र एक ही बाइक पर जा रहे थे तभी रास्ते में पीलीभीत बीसलपुर रोड टिकरी के टोल प्लाजा के करीब ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी. हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई और कई किलोमीटर तक बाइक को ट्रक घसीट कर ले गया, सूचना पर पहुंची पुलिस ने पिता पुत्र के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है. #PilibhitAccident #ATReel #AajTakSocial

AajTak

214,875 Aufrufe • vor 1 Jahr

CCTV me दर्ज खौफनाक रहस्य रात के समय एक सड़क पर एक लड़की का संदिग्ध शव मिला ,लोगों ने पुलिस को उसकी सूचना थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर पुलिस को कुछ समझ नहीं आ रहा था न बॉडी पर कोई निशान थे न कोई ऐसी चीज पोस्टमार्टम में आई तो पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिली जिसमें रात पौने 9 बजे का समय था … सड़क बिल्कुल सुनसान थी। सुहानी अकेली घर लौट रही थी। अचानक उसके पीछे एक काली परछाईं दिखाई दी। कुछ सेकंड बाद वो परछाईं उसके बिल्कुल पीछे पहुँच गई। सुहानी अचानक रुक गई… जैसे किसी ने उसे पीछे से छुआ हो। उसने पलटकर देखा— पीछे कोई नहीं था। अगले ही पल सुहानी जमीन पर गिर गई। लेकिन CCTV में इसके बाद जो दिखा, उसने सबको डरा दिया… उसके शरीर से धुएँ जैसी एक परछाईं निकली, जो बिल्कुल सुहानी जैसी लग रही थी। वो परछाईं पीछे खड़े उस काले साए के पास गई…जैसे दोनों एक दूसरे को पहले से जान ते हों और दोनों साथ-साथ अंधेरे में चले गए। जब यह सीसीटीवी फुटेज सुहानी के घर वालों को दिखाई तो बाकी ने तो कोई रिएक्ट नहीं किया लेकिन सुहानी की बहन नीतू रोने लगी और चीख कर कहा वह अमित है वो सबको ले जाएगा ,उसके घर वालो ने रोकने का प्रयास किया पुलिस हैरान रह गई जब पुलिस ने उससे अकेले में पूछताछ की तो उसने पुरानी कहानी याद करते हुए कहा … वो परछाईं किसी अजनबी की नहीं है

RAO SAHAB

156,839 Aufrufe • vor 5 Tagen

झाड़ियों में बंधी पड़ी महिला का ये वीडियो राजधानी लखनऊ का है.. इस महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था. पीड़िता ने अंशू मौर्य नाम के युवक के खिलाफ केस दर्ज कराया.. पुलिस ने अंशू को गिरफ्तार किया जेल भेजा.. अंशू जमानत पर छूट कर आया तो उसने पीड़िता को किडनैप कर लिया. उसके साथ दोबारा दुष्कर्म किया. इसके बाद हाथ-पैर बांधकर उसे सुनसान इलाके में फेंक दिया.. लोगों से जानकारी पाकर पहुंची पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया है. अंशू मौर्य के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है. सवाल ये है कि ऐसे शैतानों को जमानत मिल कैसे जाती है.. इस तरह के मामलों में पुलिस को आरोपी पर नजर रखनी चाहिए थी.. पुलिस को समझना चाहिए कि जेल से बाहर आकर आरोपी बदला लेने की कोशिश करेगा.. पुलिस की लापरवाही से इस महिला की जान भी जा सकती थी.. #Lucknow #lucknowcrime #womenfightforjustice

Vivek K. Tripathi

120,469 Aufrufe • vor 1 Jahr

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वीडियो के साथ यह बात बड़े ही व्यथित मन से लिख रहा हूं कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath जी, यह 16 वर्षीय बच्ची का शव नहीं, पेड़ से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था लटकी हुई है। उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में 16 वर्षीय सबरीन बानो का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना बेहद दुखद और चिंताजनक है। परिजनों के अनुसार, 11 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे सबरीन घर से लापता हुई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 अगस्त को दोबारा सूचना देने के बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। 14 अगस्त को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और पुलिस पर दबाव बनने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम बच्ची का शव बरामद हुआ। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी को अगवा कर उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई। यह बेहद गंभीर आरोप है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 अगस्त को बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद 14 अगस्त तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की? अगर समय रहते पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज एक परिवार अपनी बेटी को न खोता। 14 अगस्त को उसका शव मिलने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तब एक मां-बाप अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कैसी आजादी है, जहां एक बेटी की सुरक्षा के लिए भी परिवार को पुलिस पर दबाव बनाना पड़े? Government of UP पुलिस की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराए, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और सबरीन बानो को न्याय मिले। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवार के साथ हैं और न्याय की इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं

Chandra Shekhar Aazad

448,725 Aufrufe • vor 1 Monat

कल रात लगभग 9 बजे मुझे घर लौटते समय एक फ्लाईओवर के नीचे बेहद खूबसूरत लड़की खड़ी दिखाई देती है, जिसकी उम्र लगभग 20 साल के आसपास ही होगी... उसके पास एक बाइक सवार लड़का उसे अपनी बाइक पर साथ चलने के लिए बोल रहा था, लेकिन वो उसे मना कर रही थी... सड़क पर गड्ढों के कारण मेरी गाड़ी बहुत कम स्पीड में थी, और उन दोनों की गतिविधि देखकर मामला कुछ गड़बड़ लग रहा था, इसलिए मैने अपनी गाड़ी की स्पीड और भी कम कर ली थी... अब जैसे ही मैं उस लड़की के पास पहुंचा उसने तुरंत हाथ से कुछ ऐसा इशारा किया कि जैसे वो मुझे जानती है... मेरी कार रुकते ही वो बाइक सवार लड़का तुरंत वहां से रफू चक्कर हो गया... मैं समझ गया कि लड़की ने बाइक सवार लड़के को भगाने के लिए ही मुझे रोका था...
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कल रात लगभग 9 बजे मुझे घर लौटते समय एक फ्लाईओवर के नीचे बेहद खूबसूरत लड़की खड़ी दिखाई देती है, जिसकी उम्र लगभग 20 साल के आसपास ही होगी... उसके पास एक बाइक सवार लड़का उसे अपनी बाइक पर साथ चलने के लिए बोल रहा था, लेकिन वो उसे मना कर रही थी... सड़क पर गड्ढों के कारण मेरी गाड़ी बहुत कम स्पीड में थी, और उन दोनों की गतिविधि देखकर मामला कुछ गड़बड़ लग रहा था, इसलिए मैने अपनी गाड़ी की स्पीड और भी कम कर ली थी... अब जैसे ही मैं उस लड़की के पास पहुंचा उसने तुरंत हाथ से कुछ ऐसा इशारा किया कि जैसे वो मुझे जानती है... मेरी कार रुकते ही वो बाइक सवार लड़का तुरंत वहां से रफू चक्कर हो गया... मैं समझ गया कि लड़की ने बाइक सवार लड़के को भगाने के लिए ही मुझे रोका था...

Amit Tomar

29,379 Aufrufe • vor 5 Tagen

देश के हीरो को रातभर सड़क पर रोका, पत्नी की आंखों में आंसू! गुरुग्राम में ट्रैफिक पुलिस द्वारा आतंकियों से लड़ते हुए दिव्यांग हुए रिटायर मेजर हेमेन्द्र सिंह के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। ट्रैफिक पुलिस ने शराब पी कर गाड़ी चलाने के शक में रोका।एल्कोहल टेस्ट के बाद जांच के बाद क्लीन पाये जाने के बावजूद देर रात तक सड़क पर रोके रख्खा।जब 112 पर कॉल किया तो ट्रैफिक पुलिस चले गये। पूरी घटना के दौरान रिटायर मेजर का परिवार भी उनके साथ था।उनकी पत्नी रोती रही बच्चे कार में बैठे परेसान दिखाई दिए। देश मे ट्रैफिक पुलिस हो या सिविल पुलिस आये दिन इस तरह की खबर सामने आती है।देश के जांबाज जवान उनके परिवार के साथ ऐसी हरकत की जितनी निंदा की जाए कम है।हरियाणा सरकार को कार्रवाई करनी चाहिये।

Suresh Singh

64,897 Aufrufe • vor 4 Monaten

गुजरात के सूरत में कल गणपति पंडाल पर बच्चो के द्वारा पत्थर फेंके जाने बाद उन बच्चो को पहले ही पुलिस के हवाले कर दिया था। लेकिन जब पुलिस उसकी जांच कर रहि थी। उसके बाद भी BJP के MLA ने आकर लोगों को भड़काया और भीड़ पंपिंग पुलिस चौकी के बाहर जमा हुई उस दौरान भीड़ ने मुसलमानों की दुकानों वाहनों और मस्जिद को नुकसान पहुंचाया । इस दौरान भीड़ बढ़ती गई और भीड़ द्वारा बुलडोज़र-बुलडोज़र के नारे लगाए गए और मुसलमानों की दुकानों, वाहनों और मस्जिद पर पथराव शुरू हुवा तो दूसरी तरफ़ से भी पत्थर फेंके जाने लगे। उसके बाद जब गुजरात के गृह मंत्री ने जांच के ऑर्डर दिए और कहा के के एक भी पत्थरबाज! को नहीं बख्शा जायेगा। लेकिन उसके बाद सबने देखा के सुरत पुलिस की पूरी रात कारवाई केवल मुसलमानो के खिलाफ हुई । और पुलिस ने जांच के नाम पर दोषी साबित होने से पहले ही पुलिस ने ऐक ग्रुप को खुश करने के लिए पूरी रात मुस्लिम नौजवानों को घरों के ताले तोड़ तोड़ कर उनको घरों से निकाल कर पुलिस ने इन मुस्लिम युवाओं के साथ ऐसी बर्बरता की के वो ठीक से चल भी नहीं पा रहें थे। ओर तो ओर भीड़ द्वारा बुलडोजर बुलडोजर के नारे लगाए जा रहे थे इस भीड़ की मांग को भी आज पूरा किया गया। आखिर दोषी पाए जाने से पहले ही सजा देने का अधिकार पुलिस को किसने दिया? और इस घटना के बाद मुसलमानो की दुकानों वाहनो और मस्जिद को भी नुकसान पहुंचाया गया था । तो फीर इन लोगों के खिलाफ़ पुलिस ने क्या कारवाई की? आखिर ऐक तरफा कारवाई कब तक चलेगी? Gujarat Police Surat City Police Harsh Sanghavi CMO Gujarat Bhupendra Patel

Mohammad Charoliya

21,393 Aufrufe • vor 2 Jahren

दर्दनाक, शर्मनाक, निंदनीय। नाबालिग दलित बालक लोकेश के साथ भिवाड़ी पुलिस द्वारा की गई बर्बर मारपीट के बाद आज अस्पताल पहुंचकर उसकी हालत देखकर मन व्यथित और आक्रोश से भर उठा। जिस निर्दयता से उसे पीटा गया है, उसके पैरों में फ्रैक्चर है। जानकारी मिली है कि भिवाड़ी पुलिस ने लोकेश को पानी के ड्रम में भी प्रताड़ित किया, जिससे उसके फेफड़ों में पानी जाने की आशंका है। वह आज ICU में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, यह संवेदनशील समाज के लिए एक कलंक है। मैं लोकेश के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। यह घटना केवल पुलिस की कार्यशैली पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की पूरी कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बिना FIR के किसी नाबालिग को इस प्रकार प्रताड़ित करना, आखिर यह कहाँ का न्याय है? जब कानून के रखवाले ही अत्याचार करने लगें, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन आज जयपुर में हैं, मेरा उनसे आग्रह है की मुख्यमंत्री जी से पूछिए कि हाल ही में सलूम्बर में आदिवासी बच्चों की मौत, बांसवाड़ा की घटना, भिवाड़ी में मजदूरों पर लाठीचार्ज और भिवाड़ी में पुलिस अत्याचार का जिम्मेदार कौन है ? अपराध के मामलों में राजस्थान को अग्रणी बनाने का जिम्मेदार कौन है ?

Tika Ram Jully

15,420 Aufrufe • vor 5 Monaten

जरूर पढ़ना यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश को लेकर आँखें खुल जाएंगी , आज समझ में आ रहा है क्यों पीड़ित पुलिस स्टेशन के सामने आत्मदाह तो कभी हारकर सुसाइड करने को मजबूर हो जाता है। UP POLICE ALIGARH POLICE से न्याय की उम्मीद करना क्यों बड़ी गलती है। क्यों सरकार Yogi Adityanath को लोग कोसते हैं क्योंकि जब खुद पर बीती तब समझ गई। मैं भी यही कहूंगी गलत सरकार चुनी गई है। भ्रष्टाचार के लिए दिल्ली बदनाम है लेकिन बड़े खेल तो UP POLICE में हो रहे हैं। यहां हर कदम पर पैसा चलता है। इसकी गवाह तो कल मैं खुद हूं। मेरे परिवार और मुझ पर जानलेवा हमला करने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा गया। हमला करने वालों पर पुलिस ने 151 लगा दी (यहां भी खेल) जो कि मामूली धारा थी। इसके बाद ACM 2 के आगे पेश किया गया। जहां आरोपियों के वारंट भी निकल गए जेल जाने के हस्ताक्षर भी हो गए लेकिन डेढ़ घंटे में ऐसा खेल हो गया कि आरोपी छूट गए। आरोपियों के पेपर्स चेक करने का समय बढ़ा दिया। उनके पेपर्स का इंतजार किया जा रहा था। इस बीच क्या खेल हुआ सब समझगए होंगे। आरोपियों को पेपर्स जमा करने का एक घंटे का समय दिया गया था लेकिन वहां बैठी मैडम डेढ़ घंटे के बाद भी पेपर्स का इंतजार कर रही थी। साफ है क्यों बैठकर इंतेज़ार कर रही थी। ये स्थिति है उत्तर प्रदेश की। इस सरकार को वोट देना सबसे बड़ी भूल होगी। और हां ALIGARH POLICE आप अपना वही रात रटाया जवाब यहां मत चिपकना । जवाब आप लोगों के पास होते नहीं है। मडराक पुलिस , अलीगढ़ पुलिस, यूपी पुलिस कोई किसी काम की नहीं है। ये लोग सिर्फ चैन स्नैचर्स को पकड़कर ही खुश हैं। मिशन शक्ति , एंटी रोमियो स्क्वाड सिर्फ कागजी बातें हैं। आप महिलाओं पर हो रहे अत्याचार में कुछ नहीं कर पा रहे। फ्लॉप हैं । क्योंकि जानलेवा हमला, महिलाओं पर अटैक इनके लिए बड़ी बात नहीं। उस पर ये 151 लगाते हैं। ताकि मज़रिम छूट जाए और आगे के इनके मौके बने रहे। मडराक पुलिस से जवाब मांगा जाए ध्रुव ठाकुर, दीपू, हनी और करण जिसने जानलेवा हमला किया उस पर किस दबाव में 151 लगाई। जो धारा बनती थी उसे क्यों नहीं लगाया। श्याम सुंदर को क्यों नहीं पकड़ पा रहे? सुधा चौधरी भी फरार है? मडराक पुलिस क्यों इतना संरक्षण दे रही है अपराधियों को? IO को जब जानकारी हुई आरोपियों को पकड़ा जा रहा है तो वे खुद पहुंच गए तहसील। आप सब लोग वीडियो देखो और सोचो कि पुलिस इस पर 151 लगाती है, जिससे उनका सोर्स बंद न हो पाए। सब समझ रही हूं... DGP UP Yogi Adityanath Office PMO India Akhilesh Yadav Dimple Yadav Congress Indian Youth Congress AAP Keshav Prasad Maurya

माधुरी सेंगर

55,135 Aufrufe • vor 1 Jahr

बरेली के इस्लामिया मैदान में जिलाधिकारी (DM) को "आई लव मोहम्मद" ज्ञापन देने शांति पूर्वक जा रहे लोगों पर बरेली पुलिस ने अचानक बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले नागरिकों पर इस तरह की पुलिसिया ज्यादती लोकतंत्र के मूल्यों को ठेस पहुँचाती है। लोगों को देख देखकर पीटना सड़कों पर पुलिस द्वारा रोकना उनके साथ मारपीट करना ये पुलिसिया गुंडागर्दी है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण निंदनीय घटना है। हम सभी पीड़ितों के साथ हैं अन्याय के खिलाफ हैं। प्रशासन को ज्ञापन लेकर लोगों को अपील करना चाहिए था न कि भीड़ पर लाठियां चलाकर उन्हें घायल करना चाहिए था ये घटना शर्मनाक है।

Neha Yadav

18,336 Aufrufe • vor 1 Jahr

1:- अभिनेत्री पायल रोहतगी ने जब नेहरू और एडविना की फोटो पोस्ट की राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने रात को 9:00 बजे उनके घर पर पुलिस भेज कर उन्हें उठा लिया था 2:-सुमित ठक्कर नामक एक युवक ने फेसबुक पर लिखा कि मुंबई जैसे सब- ट्रॉपिकल माहौल में बेबी पेंग्विन पालने का सोच सिर्फ एक बेबी पेंग्विन ही रख सकता है तब उद्धव ठाकरे सरकार ने पूरे महाराष्ट्र में उसके ऊपर 40 जिलों में केस दर्ज करवाया और उसे हथकड़ी और बेड़ियों में किसी आतंकवादी की तरह जकड़ कर पूरे महाराष्ट्र में घुमाया जाता था ( वीडियो में जिस युवक को पुलिस हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर ले जा रही है वही सुमित ठक्कर है) 3:- केतकी चैताली ने फेसबुक पर लिखा कि जो झूठ बोलता है उसका मुंह टेढ़ा हो जाता है उन्होंने कहीं शरद पवार का नाम नहीं लिखा था सुबह 7:00 बजे उसके घर से उसे तब उठाया गया जब वह पूरे कपड़े भी नहीं पहनी थी और उसे 104 डिग्री बुखार था और उसके ऊपर पूरे महाराष्ट्र में 80 से ज्यादा जगह पर एफआईआर दर्ज करवाया गया वह तो मुंबई हाई कोर्ट के एक नेक जज की मेहरबानी से उसे जमानत देने का आदेश दिया गया 4:- जब पी चिदंबरम गृह मंत्री थे तब पांडिचेरी के एक बिजनेसमैन ने ट्विटर पर लिखा की कार्तिक चितम्बरम के पास रॉबर्ट वाड्रा से ज्यादा दौलत है तुरंत ही उसे बिजनेसमैन के ऊपर आतंकवादियों वाली धारा लगाकर गिरफ्तार किया गया उसके यूनिट पर DRI, सेल टैक्स पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड इत्यादि का छापा मारा गया बैंक को कहकर उसके यूनिट को दिया गया फाइनेंस रिटर्न करवा लिया गया 5:- कंगना रनौत का घर सिर्फ इसलिए तोड़ा गया क्योंकि उन्होंने उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी किया और घर तोड़कर अगले दिन सामना अखबार में लिखा उखाड़ दिया 6:-महाराष्ट्र में विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए 16 साल पहले पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे चुके दरिंदे वहशी हत्यारे सचिन वजे को फिर से पुलिस की नौकरी में लाकर विरोधियों को ठिकाने लगाया गया अर्णव गोस्वामी को उसके घर से उसके बुजुर्ग मां और बच्चों के सामने घसीटते हुए ले जाया गया 7:- अजीत भारती ने जब कांग्रेस के नेता प्रमोद कृष्णन की बातों को कोट किया तब उनके घर कर्नाटक सरकार पुलिस भेज दी 8:- एक और पत्रकार रचित कौशिक ने जब केजरीवाल के भ्रष्टाचार पर वीडियो बनाया तब पंजाब पुलिस दिल्ली आकर उन्हें रात को 9:00 बजे सादे कपड़े में उठाकर पंजाब ले गई चार दिन तो घर वालों को लगा कि अपराधियों ने किडनैप किया है बाद में पंजाब पुलिस बोली कि हमने उन्हें उठाया है क्योंकि उन्होंने केजरीवाल के शीश महल पर वीडियो बनाया 9:- टाइम्स नाउ नवभारत की पत्रकार भावना ने जब केजरीवाल के शीश महल के भ्रष्टाचार को उजागर किया तब उसकी गाड़ी से एक दलित ई रिक्शा चालक से एक्सीडेंट दिखाकर पंजाब पुलिस उसे दलित एक्ट में उठा ले गई जबकि वह गाड़ी चला नहीं रही थी बगल में बैठी थी पंजाब हाईकोर्ट ने भगवंत मान सरकार को इतने तमाचे मारे और कहा कि तुम तानाशाह बन चुके हो और भावना को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और दलित एक्ट रद्द कर दिया क्योंकि हाईकोर्ट ने कहा कि यह साफ पता चलता है कि आपने इस पत्रकार को लंबा फसाने के लिए यह पूरी प्लानिंग की है और बाद में उसे रिश्ता चालक ने भी कोर्ट में कह दिया कि सर मुझे पैसे का लालच देकर कहा गया कि तुमको गाड़ी को टक्कर मारनी है 10:- तेजिंदर बग्गा ने जब केजरीवाल के भ्रष्टाचार पर ट्वीट किया तब पंजाब पुलिस उसे किडनैप करके ले गई लेकिन वह तो हरियाणा सरकार की मेहरबानी थी कि बीच में ही पंजाब पुलिस को तमाचे तमाचे कोर्ट द्वारा लगे 11:- कुमार विश्वास ने जब बिना किसी का नाम लिए लिखा कि अब खालीस्तानी सर उठाएंगे तो उनके घर यूपी में पंजाब पुलिस भेज दिया 12 :- छत्तीसगढ़ में जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे तब नोएडा में आठ बार छत्तीसगढ़ पुलिस भेज कर उन्होंने तमाम चैनल के पत्रकारों को उठाने की कोशिश किया था ताकि मैडम और पप्पू की नजरों में सर्वश्रेष्ठ चमचा का खिताब पा सकें लेकिन हां तानाशाह तो नरेंद्र मोदी है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

156,708 Aufrufe • vor 2 Jahren

कैराना सांसद इकरा हसन के साथ यूपी पुलिस को इस तरह का व्यवहार बिल्कुल नहीं करना चाहिए था जैसा किया गया और किया जा रहा है, इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप के लिए जो कि धर्म से हिंदू हैं उसके परिजनों के साथ इंसाफ मांगने के लिए सहारनपुर के DIG के कार्यालय गई थी, इकरा के मुताबिक़ DIG ने उनके सामने ही मृतक के परिजनों को कह दिया कि जो करना है करिए, बाद में पुलिस इकरा को डिटेन करके थाने ले जाती हैं और उनको पकड़ा जाता है और कुछ देर बाद शहर से बाहर छोड़ दिया जाता है। थोड़ी देर बाद सांसद इकरा को जानकारी मिलती है कि पुलिस ने उनके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जिसके बाद इकरा वापस थाने जाती हैं और पुलिस को खरी खोटी सुनाते हुए रिहाई की मांग करते हुए साफ़ कह देती हैं कि "क्या करोगे फांसी चढ़ाओगे? गोली मारोगे मार दीजिए!" अब Iqra Hasan साथियों की रिहाई के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठी हुई है और पुलिस तानाशाही के खिलाफ डटी हुई है, हालांकि पुलिस ने इकरा के आरोपों का खंडन भी किया है लेकिन पुलिस के खंडन और नागरिकों की औकात, हैसियत हम अच्छे से जानते ही कि इस लोकतंत्र में क्या रह गई हैं, एक चुनी हुई सांसद के साथ पुलिस का इतना घटिया व्यवहार हो सकता हैं तो आम नागरिकों की क्या औकात?

Zakir Ali Tyagi

10,123 Aufrufe • vor 4 Monaten