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राहुल गांधी के साथ दिखाई दे रहा ये आदमी अभिजीत दीपके का पप्पा नहीं है। यह सौरव दास का भी पप्पा नहीं है। यह नेहा बौरा का भी पप्पा नहीं है। ये JNSU की प्रेसिडेंट अदिति निश्रा का भी पप्पा नहीं है। फिर भी इसके खिलाफ कोई एक शब्द...

129,953 views • 2 days ago •via X (Twitter)

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भाजपा के अंदर आपस में ‘विचारों का विलय’ नहीं हो रहा है और दावे दुनिया भर के। आप तो लखनऊ की कुर्सी पर ध्यान दें, जिसे दिल्लीवाले विलय ही नहीं, विलीन भी करनेवाले हैं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते वैसे भी ये विषय आपके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। ऐसा लगता है कि ये सुझाव देने के लिए आपको दिल्लीवालों ने मिलने का समय नहीं दिया तभी आप माइक पर बोलने को मजबूर हैं, नहीं तो ये बात तो आप भी समझते ही हैं कि जब आपस में खटास हो तो एक-दूसरे के अधिकार-क्षेत्र में अतिक्रमण और भी खलता है। ध्यान रखिएगा कहीं ऐसा न हो कि इस अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कोई तोड़क कार्रवाई हो जाए, बुलडोज़र तो दिल्लीवालों के पास भी है।

Akhilesh Yadav

152,406 views • 2 years ago

आज शायद TV पर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन और उनकी गिरफ़्तारी के बाद आप सोच रहे होंगे - यह सब क्यों हो रहा है? यह सारे सांसद चुनाव आयोग क्यों जाना चाहते थे? इनके रास्ते में इतनी बैरिकेडिंग क्यों? इनके साथ पुलिस की इतनी ज़ोर ज़बरदस्ती क्यों? आख़िर विपक्ष क्या माँग रहा है? तो चेत जाइए, क्योंकि यह विपक्ष की बात नहीं है. यह राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की लड़ाई नहीं है. यह कांग्रेस बनाम BJP नहीं है. यह सत्ता और विपक्ष के बीच का भी मसला नहीं है. यह आपके वजूद का सवाल है. और अब आपके पास कोई चारा नहीं है. आप चुप नहीं रह सकते हैं. क्योंकि आपका वह अधिकार, जो लोकतंत्र में आपको सबसे ज़्यादा ताक़त देता है - वोट का अधिकार - छीना जा रहा है. • "एक व्यक्ति, एक वोट" हमारे संविधान की नींव है • एक साफ़ सुथरी वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की नींव है • एक ऐसी मतदाता सूची जिसमें कोई डुप्लिकेट नाम, नकली पते या फर्जी डिटेल ना हों - हर भारतीय का हक है • चुनाव आयोग से हमारी मांग है: डिजिटल वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए जिसका सार्वजनिक ऑडिट हो सके • यह अभियान BJP, मोदी या राहुल गांधी के बारे में नहीं है - यह इस देश की आत्मा, हमारे लोकतंत्र के लिए है आप मूकदर्शक नहीं बने रह सकते. अगर हमारे चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे तो हमारे लोकतंत्र का कुछ भी नहीं बचेगा

Supriya Shrinate

83,523 views • 1 year ago

यह दोनों कांग्रेस के राहुल गांधी के थिंक टैंक के सदस्य हैं एक मुकेश कुमार है आप इसके ट्विटर हैंडल पर देखेंगे तो कांग्रेस का कट्टर समर्थक है दूसरा प्रोफेसर अपूर्वानंद है जो राहुल गांधी के साथ कई मंचों पर उपस्थित रहा है यह हमारे और आपके टैक्स के पैसे से सैलरी लेता है यह प्रोफेसर अपूर्वानंद कह रहा है की वर्तमान में हर एक हिंदू के घर में कम से कम एक संभावित हत्यारा और बलात्कारी मौजूद है और अगर वह बलात्कारी नहीं कर पा रहा तो कल्पनाओं में बलात्कार करने वाला बलात्कारी मौजूद है सोचिए राहुल गांधी को हिंदुओं का वोट भी चाहिए और अपने पाले हुए कुत्तों से इस तरह से हिंदुओं को अपमानित कर रहे हैं क्या यह प्रोफेसर अपूर्वानंद यही बात मुसलमानो के लिए बोल सकता था ?

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

21,165 views • 2 months ago

सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है। सरकार इस विषय को लेकर संकल्पित है। इसलिए सरकार संवेदनशील भी है और सारी परीस्थितियों पर गहरी नज़र के साथ सतर्कता बरत रही है, सरकार लाखों छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार की और से सख्त और कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट के निर्णय के अनुसार सरकार करवाई करने के लिए संकल्पबद्ध है, मगर जो Third Attempt में भी Third Division से पास नहीं हो पाए वो मेधावी छात्रों का प्रतिनिधि बनने का प्रयास करे...साफ-साफ लगता है कि राहुल गांधी को लाखों छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है, वह बस इस विषय पर अपनी राजनीति करना चाहते हैं। राजस्थान में एक दर्जन पेपर लीक हुआ लेकिन राहुल गांधी ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो अपने आप को कोर्ट से ऊपर साबित करने का प्रयास मत करिए। Press Conference BJP

Dr. Sudhanshu Trivedi

22,630 views • 2 years ago

संसद के गर्भगृह में खड़े होकर भारत के करोड़ों वोटर्स को “इडियट” कहना… ये किसकी हिम्मत? राहुल गांधी बोल रहे थे - “क्या ये! सॉरी सर मैं सोचा कि ये स्टूडेंट है और फिर ये इडियट भी है… तीसरी कैटेगरी कहाँ जाती है… अंधभक्त… So these are the three categories - student, idiot, and andhbhakt who follows the idiot.” हिंदी में एक बात, अंग्रेजी में दूसरी… खुद को भी नहीं पता कि मुँह से क्या निकल रहा है। लेकिन इतना जरूर पता है कि वो किसे निशाना बना रहे हैं। "छात्र" भी वोटर हैं। जिन्हें “इडियट” कहा, वो भी वोटर हैं। और जिन्हें “अंधभक्त” कहा, हम भी वोटर हैं। और हाँ… हमें अंधभक्त होने पर गर्व है। क्योंकि हम किसी झूठी छवि के पीछे नहीं, बल्कि अपने देश और अपने नेता के काम के पीछे खड़े हैं। लेकिन किसी भी लोकतंत्र में वोटर्स की कोई कैटेगरी “इडियट” की नहीं होती। वोटर्स को गाली देना, उन्हें मूर्ख कहना… ये नेता की नहीं, मुर्ख राजनेता की निशानी है। संसद में खड़े होकर भारत के आम आदमी, किसान, युवा, कर्मचारी… सबको “इडियट” और “अंधभक्त” कहने वाले इस नेता को शर्म आनी चाहिए। राहुल गांधी संसद में भारत के वोटर्स को गाली दे रहा है, उनको इडियट बोल रहा है… ये अपमान सिर्फ शब्दों का नहीं, करोड़ों जनता के स्वाभिमान का है।

Ms.Bhumi

21,986 views • 1 month ago