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राहुल गाँधी की सरकार में पेपर लीक पर ये जवाब मिलता था 👇👇

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विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - माननीय श्री Jagat Prakash Nadda जी

Sambit Patra

48,391 Aufrufe • vor 15 Tagen

विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने संसद में एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में उल्लेख किया। यह जांच का विषय है और हमारी सरकार इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू पर जनता के समक्ष अपना पक्ष और तथ्य प्रस्तुत करेगी। जांच के आधार पर सत्य सामने लाया जाएगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लेकिन आज मैं कुछ पेपर लीक की घटनाओं की चर्चा करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार यहां एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताएं हुईं। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी PUC परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है? राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की? ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस मिले, इसमें उनकी कोई रूचि नहीं है। राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। - श्री Jagat Prakash Nadda पूरा वीडियो देखें:

BJP

50,451 Aufrufe • vor 15 Tagen

जम्मू-कश्मीर में सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है। झारखंड में जेएसी की हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट भाषा परीक्षा का पेपर लीक हुआ। वहां भी कांग्रेस की, सीपीआई के समर्थन वाली सरकार है। इसी प्रकार एसएससी की भाषा परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। तमिलनाडु में बी.एड. पाठ्यक्रम की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी। पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जहां उस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार थी। पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा में भी पेपर लीक का मामला सामने आया। इसी तरह केरल में पीएससी की 26 परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी पीओसी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की सूची काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक क्यों है? - मंत्री Jagat Prakash Nadda जी

Piyush Goyal

402,962 Aufrufe • vor 15 Tagen

आज विधानसभा के प्रश्नकाल में पेपर लीक से जुड़े अहम मामलो को लेकर मेरा पहला सवाल सूचीबद्ध था,दुर्भाग्य इस बात का है की सत्ता में आसीन भाजपा ने पेपर लीक जैसे महत्पूर्ण मामलो की जांच सीबीआई से करवाने के स्थान पर SIT गठन करके लीपापोती कर दी और मेरे द्वारा जब पेपर लीक के मामलो की सीबीआई से जांच करवाने को लेकर सरकार की मंशा जानना चाहा तो उसका कोई स्पष्ट जवाब मंत्री जी के पास नही था ! पेपर लीक के दर्जनों मामलो की वजह से राजस्थान के मेहनतकश युवाओं के सपनों के साथ चोट हुई और युवा वर्ग ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को चुनने में भागीदारी निभाई और उन्हें उम्मीद थी नई सरकार उनके साथ न्याय करेगी लेकिन आज सदन में BJP सरकार के जवाब यह स्पष्ट कर दिया की वर्तमान सरकार भी पूर्ववती कांग्रेस सरकार की भांति लीपापोती ही करेगी ! सरकार ने SIT गठित की मगर SIT ने आज तक उन लोगो से पूछताछ तक नही जिन पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष में रहते हुए आरोप लगाए !

HANUMAN BENIWAL

84,744 Aufrufe • vor 2 Jahren