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राहुल गांधी जी की चेतावनी सच साबित हुई
201,494 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)
9 条评论

Rahul Gandhi is a meme

राहुल गांधी और CONग्रेस का चिन के लिए प्रेम एक बहुत बड़ी चेतावनी साबित हुई 👇👇

Usko toh pta hoga.. Eleven ka naukar jo hai

ये भविष्यवक्ता है

याद है 👇🏻?

अभी तो और भी बाते सच निकलेंगे............ इंतेज़ार करो। अनपढ़ प्रधान को तो........ नोट बंदी भी मास्टरस्ट्रोक लगता है।

Do you think the trio will be able to shake the Modi government?

अगर चीन पाकिस्तान को हथियार दे रहा है और उसे अपने सैन्य उपकरणों के लिए एक परीक्षण भूमि की तरह इस्तेमाल कर रहा है, तो एक गंभीर सवाल उठता है — कांग्रेस पार्टी बार-बार ऐसे नैरेटिव्स क्यों फैलाती है जो चीन के खिलाफ भारत की स्थिति को कमजोर करते हैं? यह कुछ तथ्य हैं जिन्हें राहुल गांधी और कांग्रेस नकार नहीं सकते: 🔹 गलवान की घटना: गलवान संघर्ष के बाद, जब हमारे सैनिकों ने वीरता दिखाई, राहुल गांधी ने चीन की निंदा करने के बजाय भारत सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि “चीन ने हमारी ज़मीन ले ली”, जिसे चीनी सरकारी मीडिया ने अपनी आक्रामकता को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किया। 🔹 डोकलाम विवाद: 2017 में जब डोकलाम में भारत और चीन आमने-सामने थे, राहुल गांधी ने चुपचाप दिल्ली में चीनी दूतावास जाकर अधिकारियों से मुलाकात की। आज तक देश को इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। 🔹 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध का विरोध: जब सरकार ने टिकटॉक और पबजी जैसे चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया, कांग्रेस नेताओं ने उसे “भावनात्मक” और “प्रतिक्रियावादी” बताया। जबकि यह स्पष्ट था कि ये ऐप्स भारत के डेटा को चीन के पास पहुँचा रहे थे और चीन की डिजिटल ताकत को बढ़ा रहे थे। 🔹 चीनी जासूसी पर चुप्पी: जब चीनी कंपनियों के माध्यम से भारत में निगरानी और वित्तपोषण की साजिशें सामने आईं, कांग्रेस ने मौन साध लिया। उनके विदेशी हितों से संबंध इस चुप्पी का कारण हो सकते हैं। 🔹 चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से गुप्त समझौता: 2008 में राहुल गांधी और कांग्रेस ने बीजिंग में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक गुप्त समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते की शर्तें आज तक सार्वजनिक नहीं की गईं। देश जानना चाहता है कि उस समझौते में क्या था और उसे क्यों छिपाया गया। 🔹 राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से फंडिंग: गांधी परिवार द्वारा संचालित राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और दूतावास से चंदा मिला। यह न केवल हितों का टकराव है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। बार-बार कांग्रेस ने ऐसे रुख अपनाए हैं जो भारत के बजाय चीन को लाभ पहुंचाते हैं। चाहे वह संसद में हो, सार्वजनिक बयानबाज़ी में हो या विदेशी मुलाक़ातों में — उनकी नीति कमजोर, भ्रमित और समझौतावादी रही है। अगर चीन पाकिस्तान के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है, तो कांग्रेस पार्टी ने भारत की आंतरिक एकता और वैश्विक छवि को कमजोर करके उस काम को और आसान कर दिया है। भारत को ऐसी नेतृत्व की ज़रूरत है जो राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दे, संप्रभुता की रक्षा करे और देशभक्ति में कभी समझौता न करे।l और ऐसा नेतृत्व मोदी जी के रूप में हमारे पास है

Pakistan was always Pet of China after 1962 war 😂 What do you wanna prove??
