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लोकतंत्र पर हमला करने वालों, चाहे कितने भी बड़े पद पर हो - कार्रवाई से नहीं बचोगे।

22,288 views • 7 days ago •via X (Twitter)

7 Comments

Samir Badiyani's profile picture
Samir Badiyani7 days ago

I agree with Rahul gandhiji .. even it him ..we will not spare .. him ...

Rohit Singh's profile picture
Rohit Singh7 days ago

पहले अपने बच्चे को बड़ा तो होने दो ..(पप्पू) . वोट चोरी ... का नाम देकर जनता से क्रेडिट मत लो .शर्म करो . ना संविधान को मानते हो .... ना कोर्ट को ..ना ही सिस्टम और ना किसी चीज को .... सत्ता को अपनी जागीर समझ रखा है .... नहीं मिल रही है तो ... ये चोर है वो चोर है ..@bharatjodo

srinivas's profile picture
srinivas7 days ago

S S S that why CONgress is out if power for 15 yrs . U attacked democracy, u mocked democracy,u supported terrorists , u mocked hindus , u praise umar khalid @bharatjodo what u told us 100 percent true

Raji Ram's profile picture
Raji Ram6 days ago

सत्यमेव जयते लोक तंत्र रहेगा तो देश सुरक्षित रहेगा जय संविधान जय भारत

Swapnil Patil's profile picture
Swapnil Patil7 days ago

Election Commission Switches to Damage Control Mode

𝑷𝒓𝒊𝒏𝒄𝒆.🌱's profile picture
𝑷𝒓𝒊𝒏𝒄𝒆.🌱7 days ago

धमाका होने वाला है आरएसएस और बीजेपी का लगने वाला है 😄✊🏻

ABDUL HAMID's profile picture
ABDUL HAMID7 days ago

Good

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यह सिर्फ एक घटना नहीं है – यह सत्ता के अहंकार, प्रशासनिक बेलगाम रवैये और लोकतंत्र की जड़ों पर हो रहे हमले का खतरनाक संकेत है। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला में एक युवा पत्रकार पोषराम साहू को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उन्होंने कृषि विकास अधिकारी से किसान सम्मान निधि पर सवाल पूछा। बीच-बचाव करने आए वकील को भी नहीं छोड़ा गया। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सवाल पूछने के अधिकार पर सीधा प्रहार है। जब सरकारी अधिकारी ही जवाब देने के बजाय हिंसा पर उतर आएं, तो यह साफ संकेत है कि प्रशासन जवाबदेही से बचना चाहता है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि ऐसे मामलों में अक्सर सख्त कार्रवाई नहीं होती, जिससे यह संदेश जाता है कि सत्ता का संरक्षण मौजूद है – चाहे वह की सरकार ही क्यों न हो। पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ होते हैं – उन पर हमला दरअसल संविधान द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो सच दबा दिया जाएगा और लोकतंत्र सिर्फ नाम का रह जाएगा।

NCIB Headquarters

22,281 views • 5 months ago

हमारी मांग: ⦁VIP एंगल की स्वतंत्र जांच हो ⦁सबूत नष्ट करने के आदेश देने वालों पर भी कार्रवाई हो ⦁सबूत नष्ट करने वाली विधायक पर भी कार्रवाई हो ⦁महिला कार्य स्थलों पर सुरक्षा कानूनों का सख्ती से अनुपालन हो ⦁राजनीतिक संरक्षण देने वालों की जवाबदेही तय हो ⦁भविष्य में ऐसे मामलों के लिए स्वतंत्र जांच तंत्र अनिवार्य हो ⦁CBI निष्पक्षता के साथ बिना दबाव के 6 महीने में केस को अंजाम तक ले जाए BJP के लोग नैतिकता दिखाएं और मामले से जुड़े अपराधियों को न्याय प्रक्रिया से दूर रखें, ताकि निष्पक्षता के साथ कार्रवाई हो सके और अंकिता भंडारी को न्याय मिल सके। : All India Mahila Congress अध्यक्ष Alka Lamba 🇮🇳 जी 📍 दिल्ली

Congress

17,080 views • 9 months ago