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लखनऊ - अखिलेश यादव के आरोप से ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप ➡यूपी का एक अफसर राजस्थान में खरीद रहा संपत्ति ➡नए-नए प्रमुख सचिव बने अफसर पर लगा है आरोप ➡यूपी के IAS अफसर फिर से चर्चा में हैं ➡राजस्थान में संपत्ति खरीदने पर सरकार पर उठी उंगलियां ➡करोड़ों के निवेश... show more
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ईमानदारी से जांच हो तो प्रमुख सचिव क्या , 90% अधिकारियों की अवैध संपत्ति सामने आ जाएगी। लेकिन जांच करे कौन।

इसमें हड़कंप क्या है किसी भी ब्यूरोक्रेट की सम्पत्ति/लाइफस्टाइल की जांच कर लो और सैलरी से मैच कराओ l सच्चाई पता चल जाएगी l और ये भी देखना कि कितनों की सरकारी गाड़ी घरवालों की पर्सनल गाड़ी बनी हुई है l

UP mai dhanga aur UP ka bahar property

अखिलेश मीणा गौरव ग्रोवर अनंतदेव तिवारी ईनकी संपतिया भी बहुत है

एकदम सत्य भ्रष्ट अफसरों से जनता में त्राहि त्राहि मची है, कोई सुनने को तैयार नही, अफसरों से जनता परेशान है, यह मुद्दा अहं है, सबसे जादा भ्रष्टाचार पंचायत राज और राजस्व विभाग में है, आम जनता की कहीं कोई सुनवाई नही, अधिकारी बेलगाम हैं, अधिकारियों के कारण प्रदेश समस्या ग्रस्त है

हारने के बाद सिस्टम हिल गया है भैया जी का, जो अर्जी फर्जी तिकड़म लोकसभा में बना कर वोट पा गए थे वो तो पूरा भरभरा के ढह गया,अब बस बांटो और बांटो के अलावा कुछ बचा नहीं इनके पास,आखिर अस्तित्व ही इसी बात पर टिका है

सभी IAS का यही हाल है... 100 करोड़ के ऊपर के मालिक हो गए है, भ्रष्टाचार बढ़ा है ....

Curuption in UP beurocrecy and other government department is at it's peak.

सभी अधिकारियों के संपत्ति की जाँच क्यों नहीं हो रही है। पता तो चले कौन वेतन खातों से निकाल रहा है और कौन नहीं।

उससे कई गुना haramwadi खाके डकार भी नहीं लिये है
