Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

लखनऊ में जमीन पर दिखीं असली परिया..🧚‍♀️🦋 मॉल में अचानक चमकते LED पंखों वाली ये खूबसूरत परियाँ घूम रही थी.. लोग इन्हें देखकर बिल्कुल चौंक से गये..😍 अगर हम लोग बचपन में होते तो इन्हें असली परी ही मान लेते..☺️

16,710 görüntüleme • 5 gün önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

क्या किसी को ये वाली भाभी याद है ?? भक्ति में लीन एक सत्संग में इनका वीडियो बनाया गया था तब ये फेमस हो गई थी मगर उसके बाद इनका कोई पता नहीं चला ना किसी रील पर ना यूट्यूब ना फेसबुक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखी ये चाहती तो मौके की नजाकत को समझ कर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बन सकती थी क्योंकि ये है भी वला की खूबसूरत जरूरी नहीं की खूबसूरती सिर्फ महलों में मिले छोटे घरों में रहने वाली महिलाओं कहीं उन लोगो से ज़्यादा खूबसूरत होती है जो बड़े बड़े महलों में रहती है और शायद उनसे ज़्यादा काम कर के घर को संभालती है यही भारतीय सुंदरता है और संस्कारों की झलकती हुई एक तस्वीर लोग ख़ूबसूरत के आठ साथ खूबसीरत भी होते है आपका क्या विचार है मेरे विचार पर

NEHA MEHTA

65,450 görüntüleme • 15 gün önce

आपसे जो प्यार दुलार आशीर्वाद और अपनापन मिला है, यही मेरी असली पूंजी है। इसके लिए तो सौ सौ ऐसे टिकट कुर्बान! कल दिन भर बड़ी मुश्किल से अपने लोगों को हमने संभाला है। सब लोग सिर्फ भावुक ही नहीं, आक्रोश में भी हैं। शाम को हमारे क्षेत्र में अपने लोगों ने आतिशबाजी वाली दिवाली तक नहीं मनाया। यह पूरा घटनाक्रम जिस तरह हुआ है, उस कारण हर किसी की आंखों में आंसू है। आपके आंसू मुझे विचलित कर देते हैं। इसलिए आप मजबूत बने रहिए। हम भी बिल्कुल ठीक हैं। मुझे जानने वालों को बहुत अच्छे से पता है कि मेरे लिए राजनीति की परिभाषा क्या है। विधायक सांसद और पद कुर्सी जैसी माया के पीछे हम अपने जीवन में कभी नहीं भागे हैं। लोग तो ये सब पाने के लिए झूठ फरेब और बेइमानी जैसे घटियापने का सहारा लेने से भी नहीं बचते। लेकिन किसी मंजिल पर पहुंचने भर को हम सफलता नहीं मानते। असल सफलता है कि कठिन से कठिन घड़ी में भी अपने विचार व्यवहार और सिद्धांतों से समझौता न किया जाए। विपरीत हालात में भी हम अपने मन वचन और आचरण के बीच सामंजस्य बनाकर रख पाएं। #Supaul #Anupam

Anupam | अनुपम

44,908 görüntüleme • 10 ay önce

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट हाल के दिनों में हम लोग ये दोनों शब्दों को सुनते आ रहे हैं । अक्सर लोग दोनों को एक ही चीज़ समझते हैं बल्कि दोनों बिलकुल अलग अलग चीज़ें हैं। हम ज़्यादा टेक्निकल ना जा कर सामान्य शब्दों में समझने की कोशिश करेंगे। चलिये समझने के लिये हम हृदय को एक पानी के पम्प की तरह मानते हैं। पम्प को अगर देखें तो इसमें दो चीज़ें हैं। पहली की उसमें बिजली का प्रवाह आता है और उस बिजली के प्रवाह से जो ऊर्जा आती है उसकी मदद से पम्प पानी को खींच कर बाहर फेंकता है। ⭕️ अगर पम्प के नली में कुछ फँस जाए तो पम्प पानी ठीक से फेंक नहीं पाएगा | हार्ट अटैक में यही होता है। हृदय की नली में किसी कारणवश सिकुड़ने आ जाये या कुछ फँस जाए या जम जाए तो वो शरीर में खून अच्छे से नहीं भेज पाता। हार्ट अटैक में मरीज़ अचानक से बेहोश नहीं होते। उनमें ये लक्षण देखने को मिल सकता है सीने में दर्द होना। यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना। कुछ लोगो को गैस होने की फीलिंग आती है। ⭕️ लेकिन अगर पम्प में बिजली का प्रवाह अचानक बंद हो जाए तो पम्प बिलकुल काम करना बंद कर देगा। कार्डियक अरेस्ट में यही होता है। हृदय में करेंट का प्रवाह अचानक से बंद हो जाता है जिसके कारण हृदय अचानक से पूरी तरह रुक जाता। इसी कारणवश मरीज़ अचानक से तुरंत बेहोश हो जाता। इसमें आप CPR दे कर कोशिश करते हैं कि हृदय वापस पम्प करना शुरू करे या प्रेशर से वो खून पम्प करता रहे। और जैसे ही मरीज़ अस्पताल पहुँचता है AED मशीन की मदद से उसे वापस से स्टार्ट करने की कोशिश की जाती है। आशा करता हूँ कि आपको दोनों के बीच अंतर समझने में थोड़ी आसानी होगी। आप ये वीडियो में एनीमेशन से भी समझने की कोशिश कर सकते हैं

Dr Anuj Kumar

219,744 görüntüleme • 2 yıl önce

This happened in Noida .. Watch and share max .. This should be VIRAL . नोएडा की पॉश कालोनी महागुन सोसाइटी। एक परिवार जिसके यहां एक बांग्लादेशी मुस्लिम महिला घरेलू नौकरानी का काम करती थी, उन्होंने नौकरानी से शक के आधार पर पिछले काफी दिनों से घर से गायब हो रही छुटपुट वस्तुओं और पिछले दिन गायब हुए 10000 रूपये के विषय में पूछताछ की.... पहले तो नौकरानी ने साफ़ मना कर दिया पर जब परिवार ने चोरी करते हुए उसकी CCTV रिकार्डिंग का सबूत अपने पास होने की बात कही तो उसने 10000 रूपये चोरी करना स्वीकार कर लिया.... और अगले दिन पैसे लेकर आने को कहकर अपने घर लौट गयी... परंतु परिवार ने यह बात सोसाइटी में बता दी पूरी सोसाइटी में पास की बांग्लादेशी बस्ती की बहुत सारी महिलाएं काम करती हैं पूरी सोसाइटी ने कल से उन्हें काम पर आने से मना कर दिया फलस्वरूप... आज 12 जुलाई को प्रातः 6 बजे वह औरत अपनी पास ही में बसी बांग्लादेशियों की बस्ती से सैंकड़ो लोगों की भीड़ लेकर महागुन सोसाइटी में पहुँचती है और वो भीड़ पूरी सोसाइटी में आतंक मचा देती है "लूट लो मार दो" की आवाजें आने लगती हैं घरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू हो जाती है..... बाकि आप वीडियो में देख सकते हैं कुल मिलाकर अगर आप इस घटना से सबक लेते हैं तो अपने घरों से इन बांग्लादेशी और जेहादी तत्वों को निकालिये वर्ना किसी दिन आप भी भुगतेंगे। हम लोग ही इन्हें अपने घरों में घुसाते हैं। देखें दोनों वीडियो

AstroCounselKK 🇮🇳

244,244 görüntüleme • 1 yıl önce

गाँव का विलुप्त दृश्य… जो अब सिर्फ यादों में ज़िंदा है। 🛖💔😍 अगर आप गाँव से है तो ये पोस्ट आपके दिल को छू लेगी, पूरा पढ़िएगा। 👇 सब कुछ शुरू होता था एक आवाज़ से—रहट की चर्र-चर्र करती लय में बहता पानी, जैसे गाँव की धड़कन चल रही हो। उसके बाद कोयल की कूक सुनाई देती थी, बैलों की घंटियाँ गूंजती थीं। बच्चे मिट्टी में खेलते, कंचे-गिल्ली-डंडा में बचपन उड़ता था। बुज़ुर्ग पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल जमाते—कहानियाँ, सलाह और ठहाकों की दुनिया। औरतें तालाब से पानी भरतीं, सिर पर घड़ा, चेहरे पर सुकून। मिट्टी के घर, गोबर से लिपा आँगन, हर दीवार पर अपनापन लिखा होता था। आज हमारी दुनिया... है या एक बकवास ? - रहट की आवाज़ मोबाइल की रिंगटोन में खो गई, - कोयल की कूक मशीनों के शोर में गुम है। - चौपालें अब व्हाट्सएप ग्रुप बन चुकी हैं, - और वो मिट्टी… अब सीमेंट में दब चुकी है। - वो गाँव अब नहीं रहा... बस कुछ पुरानी यादें और एक मीठा सा दर्द रह गया है। 🌾 अगर आपने भी वो गाँव जिया है, तो ये पोस्ट दिल के किसी कोने को ज़रूर छूएगा। कमेन्ट में अपने गाँव के बारे में 1-2 लाइन जरूर लिखे!!! 🔁 रीट्वीट करें, ताकि उस भूले-बिसरे गाँव की सादगी फिर ज़िंदा हो सके, बाकी लोग भी इसे देख और पढ़ सके। धन्यवाद, अगर आप गाँव से है तो मुझे फॉलो करूर कीजिएगा। 🙏

Jumedeen Khan

154,028 görüntüleme • 1 yıl önce

पहली बात तो खाप पंचायत का चलन जाट से शुरू हुआ तुम्हें कोई भी बुलाना है बुलाओ। पर रही बात गैर बिरादरी में शादी की तो तुम Rakesh Tikait, Naresh Tikait अपनी लड़कियों लड़कों मां फूफी की बालक सभी की शादी दूसरी जाति में कर लो। हम तुम्हें कोई समाज का चौधरी नहीं मानते न ही तुम्हारे कहने से अंतर्जातीय विवाह करेंगे न उसमे जाएंगे। हुक्के पे भी बिठावे सभी को एक घड़े में पानी भी पीवे पर इसका मतलब ये नहीं वहां लड़की भी दे दे। तुम राजनैतिक लोग हो तुम्हें अपनी सस्ती हवाबाजी बनाई रखनी है तो रखो पर तुम्हारे कहने से ग्रामीण समाज का एक भी जाट अपनी बेटी की शादी दूसरी जाति में नहीं करेगा। न हमें अपने कस्टम ख़त्म करने न रिवाज न बदलना खून। तू बदल तुझे मुबारक। सर्व खाप पंचायत बुला या कुछ भी करो पर अगर तुम्हारे कहने से तुम्हारा कोई कार्यकर्ता भी अपनी बहन बेटी को दूसरी जाति में बिहा दे तो बताना। तुम्हारा क्या तुम्हें तो कही भी बिक जाना है।

Villager Anuj Tomar 🐉

72,224 görüntüleme • 9 ay önce

🔴आखिर क्यों हो रही है जिम करते हुए /डांस करते हुए ऐसी मौत ??? ? जानिए कारण और बचाव ⬇️⬇️ 1. ऐसे लोगों के मृत्यु का कारण ऑटोप्सी के बाद ही पता चल पाता है ,हमारे पास कुछ रिपोर्ट्स /स्टडी हैं जिससे पता चलता है कि ज्यादातर लोग को हृदय से संबंधित समस्या से जान गई तथा कुछ लोगों में ब्रेन से संबंधित समस्या( ब्रेन हेमरेज ) से ,कुछ लोग के टोक्सिलॉजी रिपोर्ट में ट्रामाडोल ड्रग्स पाया गया I 2. 35 साल से कम उम्र के लोग में कंजेनिटल हार्ट डिजीज (CHD)/ ह्य्पेर्ट्रोफिक कार्डियोमायोपैथी (HOCM)नामक हृदय की बीमारी पहले से हो सकती है,जो एक्सट्रीम एक्सरसाइज करने बढ़ गई और अचानक मृत्यु कारण बनी I 3. 35 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (आम भाषा में हार्ट अटैक /हार्ट ब्लॉक )आजकल काफी कॉमन हो गई है और कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं और जब हम अचानक से सीवियर एक्सरसाइज /यह फिजिकल एक्टिविटी करते हैं तो ऐसे मृत्यु का कारण बन सकती है I 4 .कोरोना के दौरान ब्लड क्लोटिंग /नसों में खून का थक्का जमना जैसी समस्याएं काफी बढ़ गई थी ,जिससे हार्ट ब्लॉकेज /अटैक के चांस बढ़ते हैं I,पोस्ट कॉविड में इसे भी एक कारण में कंसीडर किया जा सकता है I 🟢कैसे बचाव करें ?? 1. माइल्ड - मॉडरेट एरोबिक एक्सरसाइज हार्ट के लिए अच्छा है एक्सट्रीम /अत्याधिक एक्सरसाइज से बचें I 2.सप्ताह में 4 से 5 दिन एक्सरसाइज करें और एक-दो दिन रेस्ट 3.अचानक से बहुत ज्यादा ना करें एक्सरसाइज 4. अगर आपको चेस्ट पेन ,कंधे में दर्द सांस में तकलीफ हो रही हो तो इसे नजरअंदाज ना करें I 5.आप अपने शरीर को समझते हैं अगर आपको लगता है ,कि हार्ट संबंधित कोई समस्या है ऐसे एक्सरसाइज करने से पहले हार्ट की जांच ईसीजी/ इको /टीएमटी करा कर देख ले I 6. बॉडी बनाने वाली दवाओं से बचें I NOTE:यह पोस्ट डॉक्टरों की टीम के द्वारा डिस्कशन/अनुभव के आधार पर बनाई गई है जिसमें कार्डियोलॉजिस्ट /न्यूरोलॉजिस्ट /जनरल फिजिशियन/न्यूरो सर्जन /कम्युनिटी मेडिसिन से विचार-विमर्श किया गया है I ऑटोप्सी रिपोर्ट की स्टडी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन की वेबसाइट पर देखी जा सकती है I ऐसी हेल्थ संबंधित जानकारी के लिए फॉलो करें @drvikas1111 और इस ट्वीट को रिट्वीट करें ताकि इंफॉर्मेशन दूसरे लोगों तक पहुंचे Chitra Tripathi Anjana Om Kashyap Office of Dr Mansukh Mandaviya PMO India

Dr Vikas I The Brain Yogi

177,896 görüntüleme • 2 yıl önce

#परिहार से जीती हुई बीजेपी विधायक का ये ग़ैर जिम्मेदाराना बयान सुनिए। कह रही हैं कि रितु जायसवाल को जिन 65,455 मतदाताओं ने वोट किया, वो पाकिस्तान से बुलाए गए थे। जरा सोचिए, चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय के होते हुए पाकिस्तान के लोग परिहार में वोट डाल गए ! गलती इस विधायक की नहीं है। ये ऐसी ही हैं। इनके पति पूर्व विधायक रामनरेश यादव को कोर्ट ने गोलीकांड में 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी थी, इसलिए इनको सिर्फ़ एक मुखौटे के रूप में आगे कर दिया गया है। गलती उन लोगों की है जो हिंदू–मुसलमान और भारत–पाकिस्तान के नाम पर वोट देकर ऐसे नमूनों को अपना विधायक चुन लेते हैं, और पाँच साल खुद परेशान घूमते हैं। विधायक जी को मेरी एक ही सलाह है - परिहार और सोनबरसा के ब्लॉक कार्यालयों में भ्रष्टाचार कम करिए। दलाली और कमीशन पर रोक लगाइए। प्रखंड में पीने के पानी की और अन्य जनसमस्याओं पर ध्यान दीजिए। जिन 82,644 लोगों ने आपको वोट दिया है, कम से कम उनके लिए कुछ काम कर लीजिए।

Ritu Jaiswal

20,232 görüntüleme • 8 ay önce

#मेरठ #उत्तरप्रदेश वीडियो गंगानगर मेरठ के होटल सैफरॉन का है, जहां पुलिस की छापेमारी में ये सारी लड़कियां पकड़ी जाती हैं, सबके साथ स्कूली बैग है, मुमकिन है कि ये घर से स्कूल के बहाने सीधे होटल गईं हों, इसमें एक हिजाबी मोहतरमा भी हैं, सोचिए अगर इन्हें कोई कुछ बोल दे तो इनके मां बाप फौरन उसके खिलाफ पुलिस केस करने पहुंच जाते हैं, आजकल मां बाप खुद अपनी बच्चियों को इस रास्ते पर जाने केलिए खामोश इजाज़त देते हैं, क्यूंकि रोकटोक न करना, सही गलत की तालीम न देना किसी के बताने और फिर इनके कारनामें सुनने के बाद उसकी तहकीक न करना सीधा साहबजादी को क्लीनचिट देकर सामने वाले को ही बुरा बना देना ही खामोश हिमायत है, आज स्कूल कॉलेज के नाम पर निकलने वाली लड़कियां होटल के कमरों में जाकर एंजॉय कर रही हैं मां बाप को लगता है कि लाडली पढ़ लिखकर कामयाब होकर वापस आएगी, और इधर इनकी एक्स्ट्रा क्लास चालू रहती है, किसी भी शहर के किसी भी होटल में आप जाकर देख लें सारे कमरे फुल रहते हैं, और हर होटल में मुस्लिम लड़कियां ज़रूर मिलेंगी, क्या हम वाकई अपने घरों में बच्चियों पर ध्यान देते हैं ? अगर हां तो फिर ये किस घर की लड़कियां हैं ?

AmjadASR 🌍

97,017 görüntüleme • 1 yıl önce

डोटासरा तो अचानक मानेसर कांड से निकले नेता हैं या अशोक गहलोत जी के आशीर्वाद से प्रदेश अध्यक्ष बने थे – गुटबाज गहलोत– पायलट और जातिवादी मीडिया। मैं क्या बोलूंगा आप सिखाओगे क्या, बैठ जाएये आप...... बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ को फटकार लगाती ये वो आवाज थी जिसको नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी जी ने तराशा और सदन में 163 विधायकों वाली बीजेपी वसुन्धरा सरकार के सामने जनता की ढाल बनाकर खड़ा किया था, विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक बनाकर मौका दिया था। 2013 चुनाव में जब अशोक गहलोत जी के रहमो कर्म से कांग्रेस सिर्फ 21 सीट पर सिमट गई थी तब सोनिया जी ने अपने भरोसेमंद नेता रामेश्वर डूडी जी को सदन का नेता बनाया था, इन्हें रामेश्वर डूडी जी के नेतृत्व एवं आशीर्वाद से गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक चांदना, घनश्याम मेहर जैसे मजबूत जननेता वसुंधरा सरकार के सामने सीना तानकर खड़े होते थे, इन्हें डूडी जी की छत्र छाया में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट जी ने मीडिया और दिल्ली– जयपुर के बाहर राजस्थान भर में अपना पहचान बनाई थी, सर्किट हाउस के दौरों से अलग जनसंघर्ष में ध्यान लगाया था। 2020 में सचिन पायलट मानेसर जाकर बैठ गए तब भी रामेश्वर डूडी जी की सलाह पर ही सोनिया गांधी जी ने केंद्र के अन्य वरिष्ठ नेताओं से विमर्श कर के ही डोटासरा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, अशोक गहलोत कभी नहीं चाहते थे कि एक मजबूत नेता PCC अध्यक्ष बने, 2020 में गहलोत जी की पसंद के चारों नाम आलाकमान ने ठुकरा दिए थे और डूडी जी एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर ठप्पा लगाया था, अगली बार जब भी गहलोत जी खुद को कांग्रेस का मालिक समझ कर ये कहें कि उन्होंने इस नेता को ये बनवाया या डोटासरा जी तो मानेसर कांड से निकले नेता हैं, उन्हें रामेश्वर डूडी जी का नाम याद दिलवा देना और एक सवाल कर लेना कि गहलोत जी आप ने दिल्ली से सीधे मुख्यमंत्री बनकर राजस्थान आने के बाद हमेशा से क्यों चाहा था कि राजस्थान से लोकसभा में कोई मजबूत युवा सांसद न पहुंचे, प्रदेश अध्यक्ष पद पर मजबूत नेता न बैठें जो संगठन निर्माण पर ध्यान दें। अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

49,940 görüntüleme • 8 ay önce

भूख...? “जब बचपन कचरे में भूख तलाशने लगे, तो समझिए व्यवस्था सड़ चुकी है…” केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी के गृह क्षेत्र विदिशा की वो तस्वीर पूरे देश के ज़मीर को झकझोर देने वाली है — एक मासूम बच्ची, कचरे के ढेर में से फेंके गए खाने के पैकेट खोजती है… वो भूख से लड़ रही थी, जबकि सरकार फाइलों में “भोजन सुरक्षा” और “बाल कल्याण” की योजनाओं का गुणगान कर रही थी। Collector Vidisha कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर, प्रशासन की नाक के नीचे, एक बच्ची को भूख मिटाने के लिए गंदगी में उतरना पड़ा —क्या यही है "विकसित भारत" का सपना? MP MyGov सवाल सरकार ये बताएं: जब हर गांव-शहर में मिड डे मील, बाल आंगनवाड़ी, और पोषण अभियान जैसी योजनाएँ चल रही हैं, तो फिर ये बच्ची भूखी क्यों थी? क्या अधिकारी सिर्फ रिपोर्टों और फोटो से योजनाओं को “सफल” दिखाने में व्यस्त हैं? क्या हमारे बच्चे अब भी सिर्फ चुनावी भाषणों के "वोट बैंक" बनकर रह गए हैं? सीएम Dr Mohan Yadav जी सच्चाई कड़वी है— मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ "लाडली लक्ष्मी" और "पोषण मिशन" की बात होती है, वहीं एक बच्ची को कचरे से रोटी ढूंढनी पड़ती है। ये सिर्फ गरीबी नहीं — ये नीति की असफलता और संवेदनहीन शासन का चेहरा है। Chief Minister, MP हमारी मांगें : विदिशा प्रशासन तत्काल इस बच्ची की पहचान करे और उसे सुरक्षित संरक्षण दे। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदेश भर में आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं का वास्तविक ऑडिट कराया जाए। गरीबी-भुखमरी पर श्वेतपत्र (White Paper) जारी किया जाए — ताकि सच्चाई जनता के सामने आए। अगर एक बच्ची को खाना कचरे से निकालना पड़े — तो फिर किस मुँह से कहा जाएगा कि "देश अमृतकाल में है"? इस बच्ची की भूख हम सबकी जिम्मेदारी है। अब वक्त है कि सरकार जवाब दे, क्योंकि बचपन भूख का शिकार नहीं, भविष्य का आधार होना चाहिए।

Sunil Astay

12,114 görüntüleme • 9 ay önce

एक प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति बढ़ाने के उद्देश्य से #समीक्षाबैठक शुरू हुई… बैठक जल्द ही “मंथरा मीटिंग” में बदली और फिर साहब “उद्योग क्रांति” हो गई… #चीफसाहब उठे और ऊँचे स्वर में विभागीय मंत्री के ऊपर फ़ाइलों को रोक कर रखने का आरोप लगाने लगे… मुखिया जी ने भी माहौल देखकर #मंत्री को आड़े हाथों ले लिया… फिर हर पांच मिनट में मंत्री को खरी खोटी सुनाई जाने लगी… मंत्री जी के सब्र का बांध टूटा और फिर #शहंशाह के अमिताभ बच्चन वाली स्टाइल में उठकर शर्ट की बाँहें मोड़ते हुए बोले “सुनिए मुखिया जी, ये मंत्रीपद मुझे #विरासत में नहीं मिला है, जमीन से उठकर आया हूँ। जीवन यापन का संकट भी नहीं है मेरे सामने!! आपके अफसरों ने पूरे प्रदेश को लूट रखा है और आप आँखें मूँद कर बैठे हैं। आपके अफसरों ने वसूली करने के लिए “संविदा” पर लोग बिठा रखे हैं फ़्रंट डेस्क पर… फिर तीन नाम तड़ातड़ बोल डाले… सारे प्रमुख सचिव, #सचिव, PR टीम के लोग हतप्रभ कि स्याला ये कौन सी फिल्म की शूटिंग हो रही है!! भड़ास निकाल कर मंत्री जी दरवज्जे से बाहर…फिर जाकर बाक़ायदा चिट्ठी से भी सारी बातें मुखिया जी के ऑफिस को प्रेषित कर दी…साथ ही प्रतिलिपि to #PMO करना नहीं भूले मंत्री जी!! आज सुबह ही चीफ साहब के दफ़्तर से तीन विकेट गिरने की खबर भी आ गई और #फाइल पर #अवगतहुए भी हो गया… एक हैं माँझी-The mountain man, दूसरे हिसाब किताब में माहिर गुप्ता जी जो #शोविंडो सिटी से ऑपरेट करते हैं, तीसरे दक्षिण भारत के दिल में वास करने वाले लक्ष्मी जी के पति हैं… #नौकरशाही के फेर में जो फँसा वो कभी भी उबर नहीं पाया #चकल्लस

Mamta Tripathi

38,159 görüntüleme • 1 yıl önce

चढ़ावा चोरी के मामले में जब राम जन्मभूमि ट्रस्ट को भनक लगी तब ट्रस्ट ने ये गलती किया कि उन्हें तुरंत पुलिस केस दर्ज करवा देना चाहिए था लेकिन ट्रस्ट ने पुलिस को सूचना दिया लेकिन केस दर्ज नहीं करवाया और पुलिस के साथ लेकर तमाम आरोपियों के घरों पर छापे मार कर पैसे बरामद की और जांच में लग गई यह एक सीसीटीवी फुटेज है जो अनुकल्प मिश्रा के एक रिश्तेदार के हाथ छापेमारी का है और काले बैग में उसके यहां छुपा कर रखे गए पैसे बरामद किए गए ट्रस्ट ने इसके लिए ट्रस्ट की गाड़ी का उपयोग नहीं किया क्योंकि उससे लॉग बुक भरना पड़ता ट्रस्ट ने इसके लिए निजी गाड़ियां किराए पर ली और सभी आरोपियों के घर यह पुलिस को लेकर गए और इस मामले में खुलासा यह हो रहा है की रामशंकर यादव उर्फ टुन्नू यादव को जो चंपत राय का ड्राइवर था जो राम जन्मभूमि ट्रस्ट में बेहद ताकतवर हो चुका था उसे बिना इजाजत राम मंदिर का वॉकी-टॉकी मिल गया था हुंडी की और सभी दान पेटी की चाबी उसके पास रहती थी सीसीटीवी का DVR उसके कंट्रोल में था उसने ही ट्रस्ट के लोगों को इस बात के लिए राजी कर लिया कि अगर हम पुलिस केस करवाएंगे तो ट्रस्ट की बदनामी होगी राम मंदिर की बदनामी होगी और इसीलिए जब आरोपी अपनी गलती स्वीकार कर लिए हैं और पैसा वापस करने को सहमत हैं तो इनसे पैसे लेकर इन्हें माफ करके इनको यहां से हटा दिया जाए क्योंकि इस सभी चोरी का मास्टरमाइंड राम शंकर यादव उर्फ टुन्नू यादव ही थे तो टिन्नू यादव को लगा कि अगर पुलिस केस होगा तो वह भी गिरफ्तार होंगे ट्रस्ट के लोग यह भूल गए की छोटी सी जगह पर जब आप इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो बात फैलेगी और बात फैली और तुरंत अयोध्या के समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे ने यह बात अखिलेश यादव को बता दी क्योंकि यह बात पूरे अयोध्या और आसपास में फैल चुकी थी अंततः जब यूपी सरकार ने SIT का गठन किया और जब एसआईटी ने पूरे मामले की जांच की तभी पूरे खेल का खुलासा हुआ तमाम आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जिसमें लवकुश मिश्रा अनुकल्प मिश्रा है जो ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं अब इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या अनिल मिश्रा भी इसमें शामिल है इसके अलावा इन लोगों ने एक अपना ठिकाना बनाया था जहां यह प्रतिदिन इकट्ठा होते थे और चंदा चोरी की बंदर बांट की जाती थी और यह लोग इतने शातिर थे कि हर एक व्यक्ति ने अपना-अपना एक काम चुन लिया था राम शंकर यादव DVR ऑफ कर देता था अनुकल्प मिश्रा गड्डियों में फेरफार करता था और खुलासा यह हो रहा है कि बैंक के भी कई कर्मचारी इसमें शामिल है इन्होंने भगवान राम के पैसे की चोरी की है और इन्हें यह चीज पता था कि शास्त्रों में सबसे अक्षम्य अपराध मंदिर में चोरी करना है और इन्हें सजा मिली अगर यह किसी बड़े वकील के द्वारा जमानत पर छूट भी गए तो यह समाज में सर ऊंचा करके नहीं जी सकेंगे यह जहां भी जाएंगे लोग इन्हें यही कहेंगे कि यह वही टीनू यादव है यह वही लवकुश मिश्रा है यह वही अनुकल्प मिश्रा है यह वही मनीष पांडे है जिसे ने भगवान राम का पैसा चुराया है अब तो अयोध्या और फैजाबाद के वकीलों ने इनका केस भी लड़ने से इनकार कर दिया है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

16,647 görüntüleme • 2 ay önce

मैंने बहुत मेहनत से, कर्ज़ लेकर अपना छोटा सा काम शुरू किया था। मेहनत, ईमानदारी और भरोसे के साथ। लेकिन आज कुछ लोगों की नफ़रत और फ़र्ज़ी रिपोर्टिंग की वजह से Meesho और Amazon पर मेरी शॉप सस्पेंड हो गई है। हमारा कसूर सिर्फ़ इतना है कि हम अच्छे इत्र सिर्फ़ 99 रुपये में लोगों तक पहुँचा रहे थे। मगर सच ये है कि 👉 हमारे इत्र खराब नहीं हैं 👉 हमने किसी के साथ धोखा नहीं किया 👉 ये सिर्फ़ जलन और दुश्मनी का खेल है अगर आज आप ऑर्डर नहीं कर सकते, तो कम से कम एक लाइक, एक शेयर, एक दुआ ही कर दीजिए। क्योंकि कभी-कभी हौसला पैसों से ज़्यादा कीमती होता है। जो लोग सच्चे होते हैं वो थोड़ी देर के लिए दब सकते हैं, खत्म नहीं होते। आपका साथ ही हमारी ताक़त है 🤍

Zehra calligraphy

21,794 görüntüleme • 8 ay önce

श्रीमती कंकाली देवी की रसोई में जैसे ही अखिलेश यादव ने प्रवेश किया, वह चौंक गईं। अखिलेश जी, ये अचानक कैसे? वह हाथ की बटलोई को नीचे रखते हुए बोलीं। अखिलेश यादव मुस्कुराते हुए बोले, "बस दीदी, आज कुछ खास तैयारी करनी है। अंबानी साहब की शादी में जाना है।" कंकाली देवी ने आँखें फैला कर कहा, "अरे वाह! अंबानी की शादी में? बड़ी बात है भैया। पर आप वहाँ क्या करेंगे? मुम्बई के वो बड़े-बड़े लोग, आप क्या जान-पहचान वाले हैं?" अखिलेश जी ने हंसते हुए कहा, "दीदी, ये तो पब्लिक अफेयर है। वहाँ जाने से मीडिया में कवरेज मिलेगी। सबको दिखाना है कि हम भी हाई-प्रोफाइल सोसाइटी का हिस्सा हैं। और वैसे भी, मुफ्त की दावत का मजा अलग ही होता है।" कंकाली देवी अब तक हंसी को रोक नहीं पाईं थीं। "पर भैया, आपके लिए तो पार्टी के मीटिंग्स और जनता की समस्याओं का समाधान करना ज़रूरी है। अंबानी के शादी में क्या फायदा?" अखिलेश जी ने कहा, "दीदी, आप नहीं समझेंगी। ये राजनीति का नया ट्रेंड है। बड़े लोगों की पार्टियों में जाना, फोटो खिंचवाना और सोशल मीडिया पर वायरल होना। इससे इमेज बिल्डिंग होती है। और वैसे भी, अगर हम वहाँ नहीं गए तो हमारे विरोधी कहेंगे कि अखिलेश यादव को हाई-प्रोफाइल लोगों की सोहबत नहीं मिलती।" कंकाली देवी ने अब सीरियस होकर पूछा, "भैया, अगर आपको वहाँ कोई पहचान नहीं पाया तो?" अखिलेश जी ने कहा, "दीदी, आप बेफिक्र रहो। मैंने पहले ही प्रबंध कर लिया है। हमारे सोशल मीडिया टीम ने मेरे नाम का एक हैशटैग ट्रेंड करवाया है। और हाँ, मैंने अंबानी साहब को ट्वीट भी कर दिया है कि मैं उनकी शादी में आने वाला हूँ।" कंकाली देवी ने आखिरी बार हंसते हुए कहा, "भैया, आप भी गजब हो। अब राजनीति में नेता भी सेलिब्रिटी बनने की राह पर हैं। खैर, जाएं, और वहाँ से कुछ मिठाई भी लेते आना।" अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, "पक्का दीदी, आपके लिए खास मुंबई की मिठाई लेकर आऊंगा। और हाँ, वहाँ से लाइव भी करूंगा ताकि आप भी देख सकें।" अखिलेश यादव अपनी गाड़ी में बैठकर मुंबई की ओर निकल पड़े, एक नई सियासी चाल की बिसात बिछाने। कंकाली देवी ने रसोई में वापस जाकर बटलोई उठाई और बोलीं, "आजकल के नेता भी क्या-क्या जुगाड़ करते हैं।"

Mr Tiwaree ™ 🚨

667,626 görüntüleme • 2 yıl önce