Video yükleniyor...
Video Yüklenemedi
लखनऊ में रिज़वान को बेरहमी से पीटने वाले गौरक्षक नहीं, बल्कि राक्षस हैं।
35,377 görüntüleme • 5 gün önce •via X (Twitter)
27 Yorum

सर तन से जुदा पर तो तुम्हारी जुबान को लकवा मार जात है। खैर इस मामले पर कार्यवाही हो चुकी है

कार्रवाई की जा चुकी है तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए

بسم الله الرحمن الرحيم ذرا سکون سے یہ تحریر پڑھیے یہ صرف سیاست نہیں ہماری بقاء، عزت اور مستقبل کا سوال ہے. یہ اترپردیش میں مسلم ووٹ کی سیاسی قدر، ٹکٹ کی تقسیم اور اتحاد کی نوعیت کا سوال ہے. جذبات سے نہیں، دستیاب انتخابی نتائج اور تخمینی آبادیاتی اعداد و شمار سے سوچیں آج کا ٹاسک: ایک اہم کیس اسٹڈی آئیے یو پی کی دو اسمبلی نشستوں کو بطورِ مثال دیکھتے ہیں. 1. شیخپور، ضلع بدایوں حقائق کے مطابق یہاں مسلم ووٹر "ایک لاکھ سے زیادہ یعنی تقریباً 29 سے 30 فیصد ہیں جبکہ یادو ووٹر" تقریباً 20 فیصد" ہیں دونوں ملا کر تقریباً 50 فیصد بنتے ہیں. دونوں ملا کر یہ نشست ایم وائی مساوات کی مثال بنتی ہے. انتخابی نتائج: 2012: سماج وادی پارٹی کے آشیش یادو جیتے (68,533 ووٹ، 32.76 فیصد) 2017: بی جے پی کے دھرمیندر کمار سنگھ شاکیہ جیتے (93,702 ووٹ، 39.72 فیصد) سپا کے آشیش یادو دوسرے (70,316)، بی ایس پی کے محمد رضوان تیسرے (64,327) رہے. 2022: سپا کے ہمانشو یادو جیتے (105,531 ووٹ، 42.84 فیصد) بی جے پی کے دھرمیندر شاکیہ دوسرے (99,431)۔ بی ایس پی کے مسلم خان تیسرے (34,932 ووٹ، 14.18 فیصد). تینوں انتخابات میں سپا نے یادو امیدوار کو ٹکٹ دیا. 2022 میں مسلم خان بی ایس پی ٹکٹ پر کھڑے ہوئے. 2.اسمولی / سنبھل سنبھل لوک سبھا میں تقریباً 19 لاکھ ووٹرز ہیں مختلف رپورٹوں کے مطابق مسلم ووٹرز تقریباً 8.5 سے 9 لاکھ (تقریباً 45–48 فیصد) بتائے جاتے ہیں یادو ووٹرز کی تعداد مختلف تخمینوں میں 80 ہزار سے ڈیڑھ لاکھ تک ہے. سنبھل اسمبلی خود مسلم اکثریتی ہے (شہر میں 75 فیصد سے زیادہ کے تخمینے بھی ہیں) اَسمولی میں ایک مقامی تخمینہ مسلم ووٹرز کو تقریباً 33 فیصد اور یادو کو تقریباً 19 فیصد بتاتا ہے. اَسمولی نتائج: 2012، 2017، 2022: مسلسل سپا کی پنکی سنگھ یادو جیتیں اب غور طلب سوالات یہ ہیں: جہاں مسلم آبادی یادو سے زیادہ یا برابر ہیں وہاں بھی سپا اکثر یادو امیدوار کو ٹکٹ دیتی ہے حکمتِ عملی یہ سمجھی جاتی ہے کہ مسلم ووٹ بی جے پی مخالف ووٹ کے طور پر سپا کو مل جائے گا اس لیے یادو ووٹ کو باندھنے کے لیے ٹکٹ یادو کو دیا جاتا ہے. جب یادو کو ٹکٹ ملتا ہے تو مسلم ووٹ نسبتاً زیادہ یکجا رہتا ہے. اور جب مسلم امیدوار سپا یا دوسری پارٹی سے کھڑا ہوتا ہے تو یادو ووٹ بی جے پی کی طرف چلا جاتا ہے. یادو امیدوار کیسے جیتتا ہے؟ مسلم بھائیوں کی غیر مشروط وفاداری سے وہ ہر حال میں سیکولر ووٹ کے نام پر سماج وادی پارٹی کے یادو امیدوار کو جتاتے ہیں. یہ صرف شیخپور اور اسمولی کی کہانی نہیں یو پی اور بہار کی درجنوں سیٹیں ایسی ہیں جہاں مسلم آبادی یادو سے زیادہ ہے مگر ٹکٹ یادو کو ملتا ہے. دنیا والوں! ایک اہم سوال یو پی اور بہار کے مسلم بھائیوں نے بہت آسانی سے یادو قیادت والی سماج وادی پارٹی اور آر جے ڈی کو اپنا لیڈر مان لیا ہے. لیکن کیا یادو بھائی بھی اتنی ہی سچائی اور جذبے کے ساتھ مسلم لیڈرشپ والی جماعتوں کو قبول کریں گے؟ اگر ہاں تو کیسے اور کیوں؟ اگر نہیں تو اس کی وجہ کیا ہے؟ اس کی سیاسی اور سماجی وجوہات کیا ہیں؟ یہ نفرت کا سوال نہیں یہ ہمارے اتحاد کی نوعیت، نمائندگی مستقبل اور پہچان کا معاملہ ہے. آئیے آنکھیں کھولیں، نعروں سے نہیں اعداد و شمار سے سوچیں اور اپنے حق کے لیے تعلیم، تنظیم اور تحریر کے ساتھ کھڑے ہوں. یہ لڑائی کسی برادری کے خلاف نہیں یہ اپنی عزت اور اپنے مستقبل کے لیے ہے.

तीनों आरोपियों पर कार्यवाही हो चुकी है फिर भी आप मुद्दे को बेवजह सांप्रदायिक रंग देने और भड़काने में लगे है। आपको शांति पसंद नहीं आ रही

Muslims are Rakshas need to be expelled from Hindu country

यह रक्षक नहीं है, यह आतंकी के पिल्ले हैं। इस संगठन को बैन करने के लिए सदन में मुद्दा उठाएं। यह आतंकी रोज पर रोज बढ़ रहे हैं। किसी एक को पकड़ के कोई भी इल्जाम लगाकर मॉब लिंचिंग कर रहे हैं। इनके आतंकी संगठन को बैन करने के लिए सदन में आवाज उठाइए।

तुम भाजपा खिलाफ सदन में क्यों नहीं बोलते..?

मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दिया है

तो रिजवान के परिवार के लोगों की मदद करिए और कितने मुस्लिम बहन और बेटियों की आपने शादी कराई है ? आप तो नवाब खानदान से हैं ऊपर से सांसद और बैरिस्टर हैं कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें ही करते हैं

Ye topi wale suarrrd atankwadi hai

क्या यही बात अपने छोटे नफरती बंदर के लिए खेल सकता है जिसका कार्य सिर्फ उकसाना और दंगा करवाना है।

लखनऊ में रिज़वान को बेरहमी से पीटने वाले गौरक्षक नहीं, बल्कि राक्षस हैं।

आप सिर्फ इस्लामी नारा लगाना बंद कर दी जीए भाजपा हार जिएगी

असल बात यह है कि मुस्लिम ने लड़ना बंद किया उन्हें लगता है सब कुछ थाली में सजाकर मिले। लड़ेंगे तभी कुछ हासिल करोगे। आसानी से कुछ नहीं मिलेगा। पॉलिटिक्स में आना जरूरी है।

Great leader Owaisi Sahab

मामला संज्ञान में आते ही पुलिस तत्काल कार्यवाही की है तुम जैसे कौम के ठेकेदार इसे राजनीति बना दोगे

और गाय खाने वाले सुअर क्या कहलाये जाते है

ओवैसी साहब जब पुलिस ने राणा यादव, शानू और सूरज जैसे आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, तो फिर इस आम अपराध को गौरक्षा से जोड़कर साम्प्रदायिक रंग देना आपकी सिर्फ राजनीति चमकाने की कोशिश है

कोई हल है तुम्हारे पास क्या तुम वर्ल्ड प्लेटफॉर्म पे उठा सकते हो

ओ भैंसी,क्या बोलता तू, सर तन से जुदा वालों का हम भाई हो तुम ,ककड़ी चोर

🖕🖕🖕🖕

रक्षक नहीं है, आतंक के पिल्ले हैं।

गौरक्षा के नाम पर इंसानियत को पीटने वालों को गौरक्षक कहना ही गलत है। जो कानून हाथ में लेकर किसी इंसान पर टूट पड़े, वो रक्षक नहीं—कानून और इंसानियत, दोनों के दुश्मन हैं।

भ-क्षक ना बनो ओवैसी जांच होने दो शांति बनाए रखो

मामला संज्ञान में आते ही करवाई हुआ है।

जब आरोपियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो चुकी है, तो मामले को सांप्रदायिक रंग देने के बजाय कानून और जांच की प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।

थाना इटौंजा क्षेत्र में बिरयानी ठेला लगाने वाले युवक से कुछ लोगों द्वारा प्रतिबंधित मीट ले जाने के आरोप में मारपीट की गई। मारपीट के संबंध में थाना इटौंजा पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मीट को कब्जे में लेकर परीक्षण हेतु भेजा गया है। मौके पर शांति है। विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
