Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

लगता है अम्बानी के पोते ने गाड़ी ऑर्डर करी हैं…..🥱

1,033,328 просмотров • 1 год назад •via X (Twitter)

Комментарии: 0

Нет доступных комментариев

Здесь появятся комментарии из оригинального поста

Похожие видео

भाजपाई लोग हों या इनकी सरकार, इनका हर काम नकारात्मक का प्रतीक है। पिछली बार की तरह समाजवादी लोग कहीं ‘जय प्रकाश नारायण जी’ की जयंती पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण करने न चले जाएं, इसीलिए उन्हें रोकने के लिए हमारे निजी आवास के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गयी है। - भाजपा ने श्रद्धांजलि के रास्ते रोके हैं - भाजपा ने PDA के रास्ते रोके हैं ⁠ - ⁠भाजपा ने सौहार्द के रास्ते रोके हैं - भाजपा ने अमन-चैन के रास्ते रोके हैं - ⁠⁠भाजपा ने संविधान के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने आरक्षण के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने किसानों के रास्ते रोके हैं - भाजपा ने नारी-सम्मान के रास्ते रोके हैं ⁠ - ⁠भाजपा ने युवा-विकास के रास्ते रोके हैं ⁠ - भाजपा ने सच्चे मीडिया के रास्ते रोके हैं ⁠⁠ - ⁠भाजपा ने नौकरी के रास्ते रोके हैं ⁠ - भाजपा ने कारोबार के रास्ते रोके हैं - ⁠⁠भाजपा ने पेंशन के रास्ते रोके हैं - ⁠⁠भाजपा ने शिक्षामित्रों के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने शिक्षक भर्ती के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने आशा-आंगनबाड़ी के रास्ते रोके हैं - भाजपा ने ‘यश भारती’ के रास्ते रोके हैं ⁠⁠ - भाजपा ने कलाकर्मियों के रास्ते रोके हैं ⁠⁠ - ⁠भाजपा ने सच्चे खिलाड़ियों के रास्ते रोके हैं ⁠ - ⁠भाजपा ने सामाजिक न्याय के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने समता-समानता के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने हक़ माँगनेवालों के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने ख़ुशहाली के रास्ते रोके हैं ⁠ - ⁠भाजपा ने तरक़्क़ी के रास्ते रोके हैं - ⁠भाजपा ने सुनहरे भविष्य के रास्ते रोके हैं ⁠ - ⁠भाजपा ने स्वतंत्रता के रास्ते रोके हैं भाजपाई हमेशा स्वतंत्रता-सेनानियों और स्वतंत्रता आंदोलन के विरोधी रहे हैं। रास्ते रोकना इन्होंने औपनिवेशिक शक्तियों के साथ रहने और दबे-छुपे उनका साथ देने से सीखा है। जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

273,170 просмотров • 1 год назад

अम्बानी का 1000 करोड़ खर्चना मायने नही रखता क्योंकि वो अम्बानी द्वारा खर्चा नही जा रहा बल्कि निवेश किया जा रहा है। वो निवेश है भारतीय कल्चर पर जिसे जब अम्बानी जैसे लोग रिप्रजेंट करते हैं तो दुनिया देखती है। और जब दुनिया मे ये बातें पहुंचती हैं तो हमारे कल्चर को जानने की उत्सुकता दुनिया मे जगती है और इसे जानने जब दुनिया से लोग आया करते हैं तो यही निवेश हजारों करोड़ में वापिस भारत को लौट आया करता है। इस समय दुनिया मे इस शादी के चर्चे हो रहे हैं। कोई रिहाना के नाम पर चर्चा कर रहा है कि रिहाना भारतीय अरबपति की शादी में गयी तो कोई बिल गेट्स, जुकरबर्ग के माध्यम से चर्चा कर रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट फेसबुक के मालिक भारतीय अरबपति के यहां गए हुए हैं। भारत की मीडिया भी जब दिन रात इस शादी को दिखा रही है तो वो ये सन्देश भी पहुंचा रही है कि कैसे इतना बड़ा आदमी होकर भी अपने कल्चर को एक परिवार ने संजोकर रखा है जिससे उन चिरकुट अमीरों को सन्देश जाता है जो साउथ दिल्ली, साउथ बॉम्बे में रहकर दिन रात पश्चिम की नकल कर भारतीयता से दूर हो गए हैं। भाँडो को वहां नचाकर भी सन्देश ही जा रहा है कि जिनको तुम किंग, क्वीन समझते हो और उनके नक्शे कदम पर जीवन यापन करते हो.. वो भी अम्बानी जैसो के आगे किस तरह नतमस्तक हैं इसलिए औकात से ऊपर उछलना ठीक नही होता। अभी तो पश्चिम में सिर्फ यही उत्सुकता होती है कि इंडियन वेंडिंग में एकबार जाना है वो कितनी अच्छी होती हैं, लेकिन अम्बानी जैसे जब इस तरह एक भव्य रिप्रजेंटेशन करते हैं तो यही पश्चिम एक दिन ये जानेगा कि वो इंडियन वेडिंग नही, हिन्दू विवाह कहलाता है।

Modified Hindu 🇮🇳 | राष्ट्र प्रथम

301,789 просмотров • 2 лет назад