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लोन पे चूहा मारने का ज़हर कहा मिलेगा ब्रो 🫣

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घूँघट और बुर्के पर बाबा साहब आंबेडकर ने क्या कहा था? वो आप पढ़ सकते हैं- वैसे CM रहते एक महिला का सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस के #अशोक_गहलोत साहब ने घूँघट उठा दिया था. ( मेरी नज़र में सशक्त और प्रगतिशील महिला अगर बुर्के और घूँघट में रहेगी तो वो आगे कैसे बढ़ेगी. महिलाओं का ब्रेनवॉश करके उनको चेहरा ढंकने को बोला जाता है, जो आज के भारत को शोभा नहीं देता, बराबरी का अधिकार कैसे मिलेगा जब उन्हें अपने चेहरे पर शर्म करने की वजह दी जायेगी.) हमारे देश में जाहिलों की फौज है, उसको बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को जरुर पढ़ना चाहिये, ताकि जाहिलियत कम हो. #बुर्का #घूंघट

Chitra Tripathi

110,834 просмотров • 6 месяцев назад

पत्नी ने अपमान किया मारने की धमकी..🚨 तो पति खुद को चप्पल मारने लगा...🥹 1.👉“जब पत्नी के शब्दों ने पति को इस हद तक तोड़ दिया कि वह खुद को ही मारने लगा…” 2.👉“रेलवे स्टेशन पर तमाशा नहीं,एक टूटे हुए इंसान की चीख है ये…” 3.👉“ये गुस्सा नहीं,अपमान से टूटा हुआ आत्मसम्मान है” 4.👉“मर्द रोता नहीं कहा जाता है,लेकिन आज ये मर्द खुद को सज़ा दे रहा है” 5.👉“जब रिश्ता बोझ बन जाए और इंसान खुद से हार जाए” 6.👉“बीच स्टेशन,भीड़ के सामने,एक पति पूरी तरह टूट चुका है” रेलवे स्टेशन पर पति-पत्नी का झगड़ा,लेकिन ये सिर्फ झगड़ा नहीं है,पति की आंखों में थकान,चेहरे पर बेबसी और शब्दों में टूटा हुआ आत्मसम्मान साफ दिख रहा है, पत्नी के अपमान से इतना आहत कि पति चप्पल उतारकर खुद को मारने लगता है और कहता है, “अब मुझसे नहीं होगा,मार लो मुझे…” ये वीडियो बताता है कि रिश्तों में लगातार तिरस्कार और मानसिक दबाव किसी इंसान को किस हद तक तोड़ सकता है,घरेलू हिंसा सिर्फ मार-पीट नहीं होती, मानसिक अपमान भी उतना ही खतरनाक होता है.. मर्द हो या औरत,सम्मान के बिना कोई भी रिश्ता जिंदा नहीं रह सकता,,

KUNDAN PATEL

127,925 просмотров • 5 месяцев назад

चार दिन पहले तारीख 23 जुलाई, 2025 को बिजली विभाग के अधिकारियों की मीटिंग में विद्युत सेवा को बेहतर तथा सामान्य और गरीब व्यक्ति के प्रति संवेदनशील बनाने के इरादे से, अन्य बातों के साथ हमने कहा था कि: “हम एक पब्लिक यूटिलिटी चला रहे हैं; पब्लिक सर्विस चला रहे हैं। हम कोई बनिया की दुकान नहीं चला रहे हैं कि पैसा नहीं दिया तो सामान नहीं मिलेगा।सामान देना पड़ेगा।” हमारे इस कथन का वीडियो यहाँ पुनः प्रस्तुत है। आपकी सुविधा के लिए बोले गए शब्दों का टेक्स्ट भी स्क्रीन पर ही लिख दिया है। लेकिन कुछ लोगों के द्वारा इसका ग़लत मतलब यूँ सोचकर निकाला जा रहा है कि हमने कहा था कि: ‘हम कोई बनिया की दुकान नहीं चला रहे कि पैसा दे दिया और समान नहीं मिलेगा।’ और इसे बनिया/वैश्य वर्ग की ईमानदारी से जोड़ा जा रहा है। इस बारे में मेरा निवेदन है कि: कृपया मेरा वीडियो ध्यान से सुन लिया जाय। जो सोचा जा रहा है वो मैंने कहा ही नहीं है। और न ही ऐसा कहने की मंशा थी। फिर भी मैंने अगले दिन 24 जुलाई को दिन में खुले मंच से और भी स्पष्ट कर दिया कि बनिया का अर्थ किसी वर्ग विशेष से नहीं है। यह मात्र पब्लिक सर्विस-पब्लिक यूटिलिटी और कॉमर्शियल या बिज़नेस प्रतिष्ठान में फ़र्क़ बताने के लिए कहा है। 24 जुलाई की रात को ही हमने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी ये सारी बातें लिखकर डिटेल में स्पष्टता कर दिया था। एक बार पुनः कहना चाहूँगा कि जो सोचा जा रहा है वह मैंने कहा ही नहीं है। जो भी कहा उसके पीछे किसी वर्ग या समाज को नीचा दिखाने या उनकी भावना दुखाने का कोई इरादा नहीं था। वैश्य या बनिया वर्ग हमारे समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित वर्ग है। पुरातन समय से भारतीय समाज में महाजन का उच्च स्थान रहा है। मैं उनका पूरा आदर और सम्मान करता हूँ। जो भी मैंने कहा उस बात को कृपया इस परिप्रेक्ष्य में देखा जाय कि: - बिजली विभाग ख़ाली बिल के पैसे वसूलने के लिए काम नहीं कर सकता। यह एक जनसेवा है। और हमें उस हिसाब से बर्ताव करना पड़ेगा। - कुछ लोगों का बिल बकाया होने पर पूरे फीडर या गाँव की लाइन काटने पर हमने कहा था कि उसमें आने वाले उन उपभोक्ताओं की क्या गलती है जो समय से बिल भर रहे हैं। - ऐसे फीडर पर जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदलना या उच्चीकरण नहीं करना कौन सा न्याय है। ये सारी बातें अब पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। कृपया स्वयं सुन लें; जाँच लें। दुष्प्रचार करने वालों से कृपया सावधान रहें। बिजली जैसे एक जटिल विषय को हम सब मिलकर ही ठीक कर सकते हैं। सादर नमस्ते। आपका सहयोग प्रार्थनीय है। Narendra Modi Yogi Adityanath Amit Shah Jagat Prakash Nadda Manohar Lal Pralhad Joshi Bhupendra Singh Chaudhary Dharampal Singh UPPCL Energy Minister Office UP Madhyanchal Vidyut Vitran Nigam Limited Dakshinanchal Vidyut Vitran Nigam Limited(DVVNL) Purvanchal Vidyut Vitaran Nigam Limited Pashchimanchal Vidyut Vitran Nigam Ltd Kanpur Electricity Supply Company #NayeBharatKaNayaUP #GoodGovernance #HumaraUP #VikasExpress

A K Sharma

45,655 просмотров • 11 месяцев назад

कल बिजली के अधिकारियों की मीटिंग में जनसेवा को सामान्य-गरीब व्यक्ति के प्रति संवेदनशील और बेहतर बनाने हेतु और जन अकांछाओं पर खरा उतरने हेतु हमने कुछ बातें कहीं थी। अन्य बातों के साथ हमने कहा था कि: “हम एक पब्लिक यूटिलिटी चला रहे हैं; पब्लिक सर्विस चला रहे हैं। हम कोई बनिया की दुकान नहीं चला रहे हैं कि पैसा नहीं दिया तो सामान नहीं मिलेगा।” हमारे इस कथन का असली वीडियो यहाँ प्रस्तुत है। लेकिन इसका ग़लत मतलब यूँ सोचकर निकाला जा रहा है कि हमने कहा था कि: ‘हम कोई बनिया की दुकान नहीं चला रहे कि पैसा दे दिया और समान नहीं मिलेगा।’ और इसे बनिया/वैश्य वर्ग की ईमानदारी और बेईमानी से जोड़ा जा रहा है। इस बारे में मेरा निवेदन है कि: 1. कृपया मेरा वीडियो ध्यान से सुन लिया जाय। जो सोचा जा रहा है वो मैंने कहा ही नहीं है। और न ही ऐसा कहने का इरादा था। 2. साथ ही इस बात को इस परिप्रेक्ष्य में देखा जाय और मेरी इस भावना के साथ देखा जाय कि: - बिजली विभाग ख़ाली बिल के पैसे वसूलने के लिए काम नहीं कर सकता। यह एक जन सेवा है। और हमें उस हिसाब से बर्ताव करना पड़ेगा। - पूरा फीडर या गाँव की लाइन काटने पर हमने कहा कि उसमें आने वाले उन उपभोक्ताओं की क्या गलती है जो समय से बिल भर रहे हैं। - उनका जला हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदलना या उच्चीकरण नहीं करना कौन सा न्याय है। ये सारी बातें और उसकी वीडियो पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। कृपया ध्यान से स्वयं सुन लें और जाँच लें। आज दिन में मैंने यह भी स्पष्ट किया कि बनिया का अर्थ किसी वर्ग विशेष से नहीं है। यह मात्र पब्लिक सर्विस/पब्लिक यूटिलिटी और कॉमर्शियल या बिज़नेस वेंचर में फ़र्क़ बताने के लिए कहा था। महाजन, वैश्य या बनिया वर्ग समाज का बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित वर्ग है। पुरातन समय से भारतीय समाज और संस्कृति में उनका उच्च स्थान है। मैं उनका पूरा आदर करता हूँ। मन, वचन, कर्म से; जाने या अनजाने किसी प्रकार भी उनको नीचा दिखाने का कोई इरादा नहीं था। और न ही हो सकता है। सबको सादर प्रस्तुत है। Narendra Modi Yogi Adityanath Jagat Prakash Nadda Manohar Lal Pralhad Joshi Bhupendra Singh Chaudhary UPPCL Energy Minister Office UP Madhyanchal Vidyut Vitran Nigam Limited Dakshinanchal Vidyut Vitran Nigam Limited(DVVNL) Purvanchal Vidyut Vitaran Nigam Limited Pashchimanchal Vidyut Vitran Nigam Ltd Kanpur Electricity Supply Company #NayeBharatKaNayaUP #GoodGovernance #HumaraUP #VikasExpress

A K Sharma

107,507 просмотров • 11 месяцев назад