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Ana Sayfaya Dön

विपक्ष का नेता सिर्फ एक पद नहीं जनता की आवाज है ✊

132,341 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

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Mahendra Vikram2 yıl önce

जैसे-2 राहुल बुढ़ापे की तरफ बढ़ रहा है उसकी मानसिकता बालबुद्धि की तरफ बढ़ रहीं है 🤔

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SUNITA2 yıl önce

संविधान का मज़ाक उड़ाने वाला है नेता विपक्ष

Jitesh Thakur Kabir is God,,👈🙏🧖 बात profil fotoğrafı
Jitesh Thakur Kabir is God,,👈🙏🧖 बात2 yıl önce

#मीडिया_का_काम_अफवायें_फैलाना नहीं सच्चाई बताना है 🚫झूठा मीडिया सत्य को जलाने की कोशिश करता हुआ संत रामपाल जी महाराज 8 केसों में बाइज़्ज़त बरी हो

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Rhyah2 yıl önce

Chup kar! 👎🏼👎🏼👎🏼

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Ranjit Rajput2 yıl önce

99 सीट मिलने वाली पार्टी राज्यसभा से भागते अच्छा लगता है क्या ??

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चौपाल2 yıl önce

आखिर मेरी क्या गलती थी जो इतना हो हल्ला हुआ। मेरी मम्मी तो आज भी मानती है की मैं जनता की आवाज हु, वो अलग बात है की मैं सदन छोड़ कर भाग जाता हु तो अकेले थोड़े भागा था सबको लेकर तो भागा था🤣

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Ekant | ek 🐜2 yıl önce

सविधान k naam par vote lene wale aapp Jisne age badhaya khair kuch bol duga tho vivad ho jayega

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नरेश विजय ओझा2 yıl önce

जो झूठ बोलता है

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An Abhie2 yıl önce

जनता की आवाज़ ही होनी चाहिए, शोरगुल, भगदड़, चिल्लाना नहीं, पहले आप व्यवहार करना सीखो

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Nation First2 yıl önce

ये क्या हो रहा है l

Benzer Videolar

जनप्रतिनिधि होना सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि समाज के सामने एक आदर्श स्थापित करने की जिम्मेदारी है।" बुलंदशहर के शमशान घाट में बीजेपी नेता राहुल वाल्मीकि का कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा जाना न सिर्फ नैतिक पतन को दर्शाता है, बल्कि यह जनता के विश्वास के साथ भी धोखा है। जिस स्थान को अंतिम संस्कार और शांति का प्रतीक माना जाता है, वहां इस तरह की हरकतें निंदनीय हैं। यह सिर्फ अश्लीलता नहीं, सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में केवल माफी मांगना काफी नहीं होता, राजनीतिक और कानूनी जवाबदेही तय होनी चाहिए। आश्चर्य की बात है कि नेता हो या आम आदमी, जब शारीरिक इच्छाएं विवेक पर हावी हो जाएं, तो स्थान और स्थिति का कोई मतलब नहीं रह जाता। प्रश्न यही है — क्या राजनीति अब चरित्र से ज़्यादा सुविधा का खेल बन चुकी है? आप जैसे नेता समाज का मार्गदर्शन करें या समाज को शर्मसार करें — फैसला जनता को करना है। नेताजी, शमशान में संस्कार होते हैं, संस्कारों का नहीं।

Nitish Kumar Yadav

122,392 görüntüleme • 1 yıl önce