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विपक्ष का मणिपुर प्रेम

114,110 views • 2 years ago •via X (Twitter)

10 Comments

काव्या INDIA's profile picture
काव्या INDIA2 years ago

तुझे और तेरे मालिक को क्यों नही है मणिपुर से प्रेम

Solar Heavy's profile picture
Solar Heavy1 year ago

take the journey

सरल व्यंग्य's profile picture
सरल व्यंग्य2 years ago

और तेरा मैथमेटिक्स प्रेम ग़ज़बे है🤣🤣

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Ankit Mayank2 years ago

Did you dare to show this speech from Manipur MP, Dr A Bimol Akoijam? He is the voice of lakhs of Manipur in the Parliament Did you even talk about him, dalle?

Davinder Pal Singh 幸王 دیویندر سنگھ ਦਵਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰ's profile picture
Davinder Pal Singh 幸王 دیویندر سنگھ ਦਵਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰ2 years ago

फर्जी डिग्री गधा बुद्धि तो मुजरे से मौसी तक आ गया मगर मणिपुर शब्द अभी तक नहीं बोला

Manish kumar Verma's profile picture
Manish kumar Verma2 years ago

तू झंडू लगता मुझे चंडीगढ़ मामले में तूने माफी मांगी थी उसके बावजूद तेरी चरण वंदना मे सुधार नहीं हुआ पहले 104000 लिखना सीख ले तरबूज रोज प्रोफेसर बनकर पाठशाला चलाता है

Ravi Dhiman ✋'s profile picture
Ravi Dhiman ✋2 years ago

पाठशाला में 1,04,000 सीख लो 😂👇

Dr Fazila 🆇Official's profile picture
Dr Fazila 🆇Official2 years ago

कुछ लोग पत्रकारिता में कमी कर सकते हैं मगर दलाली में बिलकुल नहीं 🤡 आप लोग खुद देखलो👇

Ravi Dhiman ✋'s profile picture
Ravi Dhiman ✋2 years ago

हाथरस हादसे पर भी बोलदे विपक्ष को टारगेट करता रहकर बस का चूशांत तलवे चाटना छोड़ दे अब बस कर पत्रकारिता धर्म भी निभा ले कभी 🎤

TM's profile picture
TM2 years ago

चूशान्त का सत्ता प्रेम, न कि पत्रकारिता से

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आज सत्ता पक्ष सदन की CCTV फुटेज लीक करके मर्यादा का पाठ पढ़ा रहा है। क्या मर्यादा की सारी सीमाएं सिर्फ विपक्ष के लिए हैं? ये मर्यादा कहां थी.. • जब विपक्ष के 146 सांसदों को एक साथ सस्पेंड कर दिया जाता है • जब जनता की आवाज उठाने पर विपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है • जब नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान स्पीकर को दिखाया जाता है • जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर को उसके हाल पर जलने के लिए छोड़ देते हैं • जब अपने 2 घंटे 14 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री मणिपुर को नजरअंदाज कर देते हैं सच्चाई ये है कि.. कल लोकसभा में मणिपुर के दो सांसद मौजूद थे, जो मणिपुर के दो अलग समुदायों से जुड़े थे। सदन में एक समुदाय के सांसद को बोलने का मौका दिया गया, लेकिन दूसरे सांसद को बोलने का मौका नहीं मिला। इसलिए विपक्ष के सांसद चाहते थे कि मणिपुर के दोनों समुदायों के सांसदों को बोलने का मौका दिया जाए, यही विपक्ष की मांग थी। इस बात को लेकर पूर्वोत्तर के सांसद खड़े हुए और उनके साथ पूरा विपक्ष खड़ा हुआ, क्योंकि सब जानते थे कि अगर दो समुदायों के किसी एक सांसद को ही अपनी बात रखने का मौका मिला, तो इसका बेहद गलत संदेश जाएगा। लेकिन BJP के मीडिया सेल ने सारी मर्यादाओं को लांघकर ये प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की कि विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा। विपक्ष की असली मर्यादा- निडर और बेखौफ होकर जनता की आवाज उठाने में है, जनता के लिए लड़ने में है, सच का साथ निभाने में है। और जनता की आवाज है कि पिछले एक साल से नफरत की आग में जल रहे मणिपुर को न्याय मिले। मणिपुर में शांति बहाल हो। मणिपुर को न्याय दिलाने के लिए अगर हमें हजार बार भी आवाज उठानी पड़ी तो हम उठाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे। हम हर कीमत पर विपक्ष की जिम्मेदारी और धर्म निभाएंगे। मणिपुर को न्याय दिलाकर रहेंगे।

Congress

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