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वीरांगना फूलन देवी जी के सम्मान में बहुजन समाज मैदान में. 🎤 Kranti Kumar Speaking

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11 Comments

Abhishek Rao's profile picture
Abhishek Rao1 year ago

मैदान में तो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव है 👇

CrispyBull's profile picture
CrispyBull1 year ago

🔥 TON is taking over Telegram’s crypto space! All non-TON wallets & dApps will be kicked out by February 21, 2025. Will devs comply or revolt? 👀#Crypto #TON #Blockchain #Web3 #Telegram #CryptoNews

BHADORIYA_SAHAB's profile picture
BHADORIYA_SAHAB1 year ago

अभी तो फिल्म भी आने वाली है 😁 ब्रोनोल और नारियल तेल का स्टॉक अभी से रख ले😁😎

Ranjit kumar Chaudhary's profile picture
Ranjit kumar Chaudhary1 year ago

बहुजन ऐकता की एक मिसाल बनाओ नहीं तो इसी तरह अपमानित होते रहेंगे जाति छोड़ो बहुजन ऐकता बनाओ जय बहुजन समाज

Adv Jony Ambedkarwadi 🇮🇳's profile picture
Adv Jony Ambedkarwadi 🇮🇳1 year ago

@Niranja30274030 एक निहत्थी महिला को साजिश के तहत मारकर कोई शेर नहीं बन जाता ।। वीरांगना बहन फुलन देवी के हत्यारे को podcast में बुलाकर @shubhankrmishra ने जिस तरह फुलन देवी के लिए शब्दों का प्रयोग किया है,, बेहद शर्मनाक है सबसे पहले तो इसे तुरंत माफी मांगनी चाहिए ।। #फूलन_ज़िंदा_है

स्वतंत्र लेखनी ✎ᝰ's profile picture
स्वतंत्र लेखनी ✎ᝰ1 year ago

हट्ट...! ये भी कोई मैदान हैं... मैदान तो हमारे शिवपाल चाचा जी बनाया करते थे। ऐसे मैदान बनाते थे ऐसे मैदान की हजारों लोग उस मैदान में आंदोलन भी कर सकते थे और क्रिकेट भी खेल सकते थे। 👊🏻😂

Nandu Maurya's profile picture
Nandu Maurya1 year ago

तमिलनाडु सरकार ने राज्य बजट में रुपये के प्रतीक (₹) को बदलकर 'ரூ' (तमिल अक्षर) इस्तेमाल किया है! हम तो कहते हैं कि लगे हाथ नोटों पर जो हिंदी में लिखा है, उसे भी बदल डालो… कहीं गलती से हिंदी दिख न जाए! तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जी ने हाल ही में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा – किसी भाषा को थोपना गलत है, लेकिन अगर हिंदी सीखने से फायदा होगा, तो मैं सीखूंगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिंदी सीखने का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब वे मोदी जी को टोक सकते हैं! आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जी ने भी कहा कि वे अपने राज्य में हिंदी समेत 10 भाषाएं सिखाने की योजना बना रहे हैं. सबको पता है, असली मुद्दा हिंदी थोपने का कभी था ही नहीं!

Anurag Yadav's profile picture
Anurag Yadav1 year ago

फूलन देवी एक भारतीय डाकू से नेता बनीं महिला थीं, जिन्हें गरीबों और शोषित वर्गों की आवाज़ के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म 10 अगस्त 1963 को उत्तर प्रदेश के एक निम्न जाति के मल्लाह परिवार में हुआ था। जीवन और संघर्ष: फूलन देवी का बचपन गरीबी और सामाजिक भेदभाव में बीता। कम उम्र में ही उनकी शादी एक उम्रदराज़ व्यक्ति से कर दी गई, जहां उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। कुछ समय बाद, उन्हें एक डाकू गिरोह ने अपहरण कर लिया, जिसके बाद वे खुद एक डकैत बन गईं। बेहमई हत्याकांड (1981) समर्पण और राजनीति में प्रवेश: 1983 में, उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया और 11 साल जेल में रहीं। रिहाई के बाद, उन्होंने राजनीति में कदम रखा और समाजवादी पार्टी से जुड़कर 1996 में लोकसभा सांसद बनीं। हत्या: 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली में उनकी हत्या हो गयी फूलन देवी भारतीय समाज में जातीय और लैंगिक शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बनीं। उनकी कहानी अन्याय के खिलाफ लड़ाई की मिसाल मानी जाती है।

Ravi Yadav's profile picture
Ravi Yadav1 year ago

फूलन देवी जी 🔥 अगर उस न्याय को बदला कहा जायेगा तो असहाय महिला के द्वारा किया वो साहसिक कार्य सलाम करने योग्य है।🙏🏻 अगर फूलन जी किसी सवर्ण समाज से आती, तो उनको झांसी की रानी की तरह सम्मान मिलता। इतने साफ़ साफ़ शब्दों में बोल देने की हिम्मत के कारण हम ख़ान सर की इज़्ज़त करते हैं।

Wasiuddin Siddiqui Official's profile picture
Wasiuddin Siddiqui Official1 year ago

आप सबकी क्या राय है !! 🤔

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Wasiuddin Siddiqui Official1 year ago

आप सबकी क्या राय है !! 🤔

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