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शंकराचार्य जी का यह प्रश्न भी सही है...
243,877 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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हम इन शंकराचार्य को कांग्रेसचार्य मानते हैं इनकी बातों को कोई हिंदू सीरियसली नहीं लेता है।

चुरेंद्र जी, अगर बंटे नहीं होते तो ये शंकराचार्य ऐसे अंजान न बनकर वो बात कहते जो उन्हे भी पता है। और रही बात न बंटे होने की तो मुझे एक उल्मा एक मौलवी बता दो जो इनकी तरह अपनो को कोस रहा हो। यही असलियत केवल हिंदू की है।

व्याकरण के गहरे जानकर मालूम पड़ते है प्रभु जी

ये शंकराचार्य की पदवी को कलंकित कर रहा है ! इसने कभी हिन्दू धार्मिक यात्राओं पर पत्थरबाजी पर नहीं बोला , हिन्दू एकता पर नहीं बोला , धर्म परिवर्तन पर नहीं बोला ! इस लंपट को शायद पता ही नहीं है कि शंकराचार्य पीठ की स्थापना हिन्दू धर्म को संरक्षित करने के लिए की गई थी

आदरणीय शंकराचार्य जी को भी कान खोलकर सुन लेना चाहिए ''बटेंगे तो कटेंगे'' क्यों कहा जा रहा है...? यही जवाब है शंकराचार्य जी के प्रश्न का !!

चाचा जी ने भी सही जवाब दिया था।

शंकराचार्य जी, ये हैं बांटने वाले। बांटने का आलम ये है कि मिस इंडिया और बौलीवुड, वित्त मंत्रालय, रेल सब जगह बंटवारा कर रहे हैं। सबकी जाति जानना चाहते हैं - कहते हैं कि गिनती पता चलते ही बांटने का काम पूरा कर देंगे। देश में किरासन छिड़क रहे हैं। कहीं कहीं माचिस भी मार देते हैं😂

सही सवाल, सरकार को जवाब देना चाहिए।

अचानक से राम के प्रति प्रेम का उजागर होना और शंकराचार्यों की पोस्ट ढूंढना......कुछ तो बताता है ।

ये डोगलाचार्य है अभी इसकी कोर्ट में केस चल रहा है।

