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शुक्रिया इस जिंदगी के लिए, जिसमें मिले मुझे आप पापा डर की मुट्ठी खोल, मेरे हाथों में थमाया आसमान पापा चलाया, हंसाया, सिखाया आपने, हिम्मत दी आपने बेहिसाब पापा जन्नत में भी नहीं मिलता, जो सुकून देती आपकी दुआ पापा Thankyou so much Guru Papa St Dr Dr.GURMEET RAM...

72,537 次观看 • 3 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

Ammudeep 的头像
Ammudeep3 年前

@Gurmeetramrahim Happy birthday ruhani di🥰🥰

🦋 Neha 🦋 的头像
🦋 Neha 🦋3 年前

@Gurmeetramrahim Wishing You Many-Many Happy Returns of the day Our respected Rooh di 🎂❤️ May Guru Papa @Gurmeetramrahim ji Bless you you with utmost divine bliss always 🤲🏻❤️ Lot’s of love to you di @insan_honey #HappyBirthdayPrincessDaughter ❤️🎂 Your birthday celebration by welfare di👇🤲🏻❤️

Niyati Arora 😎✨ 的头像
Niyati Arora 😎✨3 年前

@Gurmeetramrahim Happiesttt🎂 Birthdayyy @insan_honey dii😊 The Day Is Brighter✨ When You shared Inspirational and Amazing Reel 😍With all of Us, I am Very Lucky😇 To have Sister🫂Like You🌸You are Best Sister in The World💞Gurupapa Saint Dr @Gurmeetramrahim Ji bless u always 🙏

Aalishă :) 的头像
Aalishă :)3 年前

@Gurmeetramrahim Happy birthday rooh di ♥️ @insan_honey 😃🧿❤️

ℕ𝔼𝔼ℝ𝕌 𝔹𝔸𝕋ℍ𝕀ℕ𝔻𝔸🥏 的头像
ℕ𝔼𝔼ℝ𝕌 𝔹𝔸𝕋ℍ𝕀ℕ𝔻𝔸🥏3 年前

@Gurmeetramrahim हैप्पी वाला बर्थडे 🎂 रूहानी दी ❤️☺️ रूह दीदू, आप हमेशा फूलो की तरह खिलते रहो 🌹, गुरुपापा @Gurmeetramrahim जी आपको ढेर सारी खुशियाँ दें।☺️❣️ @insan_honey 😘 #हैप्पी_बर्थडे 🎂🎂

Sunita Insa 的头像
Sunita Insa3 年前

@Gurmeetramrahim Happiest birthday to you diduu...😍🎂🎂..guru papa bless you with more nd more sewa simran...

Parneet Tusshar 的头像
Parneet Tusshar3 年前

@Gurmeetramrahim Happiest birthday to you diduu...😍🎂🎂..guru papa bless you with more nd more sewa simran....

Deepak Arora 的头像
Deepak Arora3 年前

@Gurmeetramrahim खुशी की महफिल ☺️सजती रहे, खूबसुरत हर पल 💫 खुशी रहे, आप इतना 💫खुश रहे जीवन में कि, खुशी भी आपकी दीवानी रहे…🤗 🍬🎂Happy Birthday Dear Sister…🎂🍬 Wishing you a Very Happy Birthday Rooh Di 💐 Saint Dr. MSG Ji Insan Always Bless you 🙏😇

😘𝙹𝚒𝚝𝚞 𝚒𝚗𝚜𝚊𝚗(prajapti)😘 的头像
😘𝙹𝚒𝚝𝚞 𝚒𝚗𝚜𝚊𝚗(prajapti)😘3 年前

@Gurmeetramrahim Happy Vala Birthday 🎂 Ruhani Dii ❤️☺️ Many many happy 🤗 returns of the day to you Ruh Didu, You always kept blooming like a flowers 🌹, may GuruPapa @Gurmeetramrahim ji bless you with lots of happiness.☺️❣️ @insan_honey 😘 #हैप्पी_बर्थडे 🎂🎂

★ ☞дⁿKェTд☜⁠ ★ 的头像
★ ☞дⁿKェTд☜⁠ ★3 年前

@Gurmeetramrahim Happy Happy Happy Vala Birthday 🎂 Ruhani Dii ❤️☺️ Many many happy 🤗 returns of the day to you Ruh Didu, You always kept blooming like a flowers 🌹, may GuruPapa @Gurmeetramrahim ji bless you with lots of happiness.☺️❣️ @insan_honey 😘 #हैप्पी_बर्थडे 🎂🎂

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माननीय विधायक महोदय कुलदीप धनकड़ जी आप राजनीति के लिए अपने संस्कार भी भूल गए। मेरे दिवंगत पिताजी के लिए इतने हल्के शब्दों का उपयोग, क्या पार्टी आपको यही संस्कार सिखाती है। मैंने तो जनभावनाओं को उठाया था। इसमें मैंने क्या ग़लत बोल दिया, मैंने तो उसमे आपके परिजनों का नाम नहीं लिया था क्योंकि मेरे परिवार और पार्टी ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए। क्या लोकतंत्र में ग़लत बात का विरोध करना ग़लत है ? मैंने तो ये कहा था की ये गोदामों की ज़मीन पावटा की जनता की संपति है इसको नहीं बेचना चाहिए। क्योंकि पावटा क़स्बे में वैसे ही सरकारी भवनों के लिए जगह नहीं है तो आने वाले समय में इस भूमि में अनेक सरकारी कार्यालय बन सकते है। क्या ये माँग करना जायज़ नहीं है। मैंने कब कहा की ये मेरे बाप की ज़मीन है। मैंने तो जनता की संपति बताया था, हाँ आपको एक बात बताना चाहता हूँ की जो शब्द आपने मेरे दिवंगत पिताजी के लिए बोले है वो मुझे भी बोलने आते है लेकिन मेरे संस्कार मुझे ऐसे हल्के शब्दों के लिए अनुमति नहीं देते। जनता ने मुझे विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है इसलिए मेरा धर्म बनता है की अगर सत्तापक्ष कोई ग़लत निर्णय करे तो मैं उसका विरोध करूँ। और हाँ आपने बोला है की मैंने काम नहीं किए है क्या ऐसे, तो मैंने तो मेरे कार्यकाल में एक भी सार्वजनिक संपति नहीं बेची। और हाँ आप जनता को सार्वजनिक रूप से ये बताए की आप और आपकी सरकार इस ज़मीन को क्यो बेचना चाहती है। जनता को ये पूछने का अधिकार है। आप पावटा में सर्वदलीय सभा बुलाओ और जनता से राय करो की ये ज़मीन बेचनी चाहिए या नहीं। आप और आपकी सरकार जनता से बड़े नहीं हो। लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। सरकार जनता की मालिक नहीं है बल्कि जनता सरकार की मालिक है।सत्ता का इतना अहंकार ठीक नहीं है विधायक महोदय, सत्ताये तो आती जाती रहती है लेकिन अपने परिवार के संस्कार मत भूलो, आप जिंदगी भर इस पद पर नहीं रहोगे।

Indraj Gurjar

19,673 次观看 • 1 年前

#MyModiStory यह अनुभव मेरे जीवन का सबसे गहरा और व्यक्तिगत अध्याय है, जिसने मेरे हृदय पर स्थायी छाप छोड़ दी है। यह उस समय की याद है जब मेरे पिताजी अस्पताल में भर्ती थे। वे दिन अनिश्चितता और बेबसी से भरे हुए थे — और उन्हीं दिनों में आदरणीय श्री Narendra Modi जी हमारे साथ खड़े रहे, न केवल देश के प्रधानमंत्री के रूप में, बल्कि हमारे परिवार के सदस्य की तरह। हर एक दिन, बिना किसी चूक के, उनका फोन आता था। उनका पहला प्रश्न हमेशा सच्ची चिंता से भरा होता: “पापा अब कैसे हैं? डॉक्टर क्या कह रहे हैं?” यह कोई औपचारिकता नहीं थी; यह एक बड़े की सच्ची परवाह थी, जो हर छोटी-बड़ी बात जानना चाहते थे और मुझे यह विश्वास दिलाते थे कि इस संघर्ष में मैं अकेला नहीं हूँ। वे सिर्फ पापा की स्थिति ही नहीं पूछते थे, बल्कि यह भी जानना चाहते थे कि परिवार कैसे संभल रहा है, मैं खुद कैसा हूँ, और क्या हमें पूरा चिकित्सकीय सहयोग मिल रहा है। उन बेचैन क्षणों में, जब मैं आशा और निराशा के बीच झूल रहा था, मोदी जी की आवाज़ ने मुझे संबल दिया। उन्हें यह सब करने की कोई बाध्यता नहीं थी — वे राष्ट्र के नेता हैं, अनगिनत जिम्मेदारियों से घिरे रहते हैं — फिर भी उन्होंने हर दिन समय निकालकर हमें संभाला। उनकी चिंता राजनीतिक नहीं थी; वह पूरी तरह व्यक्तिगत थी। पूरे एक महीने तक उन्होंने इस तरह हमारा ख्याल रखा, मानो मेरे ही परिवार का कोई बड़ा हमें दिशा दे रहा हो, हमें ढाढ़स बंधा रहा हो। उस नाजुक समय में उन्होंने मुझे यह साहस दिया कि मैं अपने पापा और परिवार के लिए मज़बूती से खड़ा रह सकूँ। उस दौर ने मुझे नरेंद्र मोदी जी का असली स्वरूप दिखाया — एक ऐसा नेता जो पूरे राष्ट्र का भार अपने कंधों पर उठाता है, फिर भी मुश्किल घड़ी में किसी सहयोगी का हाथ थामना नहीं भूलता। उनके प्रति मेरा सम्मान और कृतज्ञता सदा असीमित रहेगा, क्योंकि मैंने उनकी संवेदनशीलता, उनकी मानवता और उनकी मौन शक्ति को स्वयं अनुभव किया है। Modi Story

युवा बिहारी चिराग पासवान

40,384 次观看 • 1 年前

Please Everyone Max Repost सुबह से मन विचलित है उलझन में है,,सोच सोचकर परेशान है कि मोदीजी को कुछ हो गया तो? लेकिन देश की इस बेटी ने मेरे साथ करोड़ों लोगों के मन की बात कह दी माना कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है लेकिन हमारे लिए आपकी सुरक्षा भी जरूरी है क्योंकि देशप्रेमी बहुत है,, कमी दुश्मनों की भी नहीं है आपकी अपील पर हम ईंधन बचा लेंगे,कम में गुजारा भी कर लेंगे लेकिन आप अपनी सिक्योरिटी से समझौता मत करिए आप सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं है आप देश की उम्मीद है,, विश्वास है,,हौसला है,,हिम्मत है,,और सहारा है आप वो छत है जो भारत को कड़ी धूप और बारिश में रक्षा की छांव देती है! Please मोदीजी हमारी विनती का स्वीकार कर अपनी सुरक्षा वापस बढ़ा दीजिए।

Hardik Bhavsar

24,517 次观看 • 4 个月前

अमूमन मैं ऐसे पोस्ट का रिप्लाई नहीं करता, लेकिन Sanjay sharma जी, अब जवाब देना ज़रूरी हो गया है. 1. ये आरोप सरासर झूठ है कि लल्लनटॉप ने ख़बर के साथ 4 PM का ज़िक्र नहीं किया. लल्लनटॉप शो की क्लिप नीचे अपलोड की है, सुन लीजिए. स्टोरी शाहीन और नफीसा थे, 4 PM नहीं. लेकिन आप अपने पत्रकारों से मारपीट के मामले को 4 PM के मार्केटिंग इवेंट में क्यों तब्दील करना चाहते हैं? क्या इसमें आपका कोई कमर्शियल फायदा है? 2. क्या आप इस घटना की पीड़िता शाहीन से असहमत हैं? क्योंकि शाहीन समझती हैं कि मैं उनके साथ खड़ा रहा. आपसे भी अधिक. 3 सितंबर को 11:45 पर मुझे सूचना मिली. 3 बजे बजे तक शाहीन AIIMS पहुंचीं. 5 मिनट बाद मैं AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में था. MLC बनने में 8 बज गए. इन तमाम घंटों के दौरान मैं AIIMS में ही रहा. बतौर पत्रकार जो मदद बन पड़ी, मैंने की. इस दौरान मैं, एक वकील साहब और शाहीन का परिवार एम्स में मौजूद थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. उसके बाद शाहीन-नफीसा के साथ मैं साकेत थाने गया. वहां भी शाहीन के परिवार और मोहल्ले के लोग थे. संजय जी, आप वहां नहीं थे. मैं रात 3 बजे साकेत थाने में रहा. लगातार रिपोर्ट कर रहा था. इसकी पुष्टि शाहीन की इंस्टाग्राम स्टोरी करती है, जिसमें वो मुझे शुक्रिया कह रही हैं. ये क्या बात हुई कि पीड़िता मुझे शुक्रिया कह रही हैं और पीड़िता का संपादक मुझ पर पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगा रहा है? संपादक इस बहाने कहीं अपने ब्रांड को चमकाना तो नहीं चाहता? 3. इसी बीच संजय जी, आपने भी मेरे एक एक्स पोस्ट को रीशेयर करते हुए धन्यवाद लिखा था. शायद तब आप नहीं जानते थे कि मैं लल्लनटॉप का पत्रकार हूं. मेरे लिए शाहीन और नफीसा की सेहत ज़्यादा ज़रूरी थी. लेकिन आपके लिए नफीसा के नाम की स्पेलिंग ज़्यादा ज़रूरी. आपके लिए ये ज़्यादा ज़रूरी था कि इस घटना के बहाने 4 PM का नाम कितनी बार चमक जाए. इस मामले में अभी तक FIR नहीं लिखी गई है. उसके लिए भी आवाज़ उठाते रहेंगे. आपकी तरह प्रेस कांफ्रेंस के बाद घर जाकर नहीं बैठेंगे. जितने वीडियो आप मेरे लिए बनवा रहे उतने FIR करवाने के लिए बनवाते तो बेहतर होता.

Rajat Pandey

39,818 次观看 • 18 天前

#बिहार की आँखें नम हैं... दिल गर्व से भरा है 🙏 आज यकीन नहीं हो रहा। 20 साल। दो दशक। और हर एक दिन - बिहार के लिए, बिहार के साथ, बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए। आज जब खबर आई कि आप राज्यसभा जा रहे हैं - तो पहली प्रतिक्रिया आँसुओं की थी। खुशी के, गर्व के, और थोड़ी तकलीफ के भी। क्योंकि बिहार ने आपको सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं माना - बिहार ने आपको अपना सपना माना। याद है वो बिहार, जो कभी अंधेरे में डूबा था? जहाँ बेटियाँ घर से बाहर निकलने से डरती थीं। जहाँ सड़कें नहीं थीं, अस्पताल नहीं थे, उम्मीद नहीं थी। और फिर आप आए और जंगलराज वाले बिहार ने फर्श से अर्श तक का सफर-यह सिर्फ एक नारा नहीं है, यह करोड़ों बिहारियों की जिंदगी की सच्ची कहानी है। आपकी शराबबंदी ने लाखों घरों में चूल्हा जलाया। आपकी साइकिल योजना से बेटियों ने पहली बार खुले आसमान में उड़ना सीखा। आपके सुशासन ने बिहार को देश में इज्जत दिलाई। आपके 7 निश्चय ने गाँव-गाँव में बदलाव की इबारत लिखी। महिला सशक्तीकरण की बात होती है तो दुनिया बिहार की तरफ देखती है। सामाजिक न्याय की बात होती है तो बिहार का नाम सबसे पहले आता है।विकास और न्याय का समन्वय - यह दर्शन आपने दिया। आपने साबित किया कि राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल नहीं - राजनीति सेवा भी हो सकती है। और अब जब आप राज्यसभा जाएंगे -तो बिहार की आवाज़ दिल्ली के गलियारों में और बुलंद होगी। आप जहाँ भी रहें, आपकी नीतियों की जड़ें यहाँ की माटी में इतनी गहरी हैं कि कोई हिला नहीं सकता। आपके जैसे नेता - अभिभावक बिहार को ना कभी मिले थे ना मिलेंगे। Nitish Kumar

Dr. Ashok Choudhary

76,638 次观看 • 6 个月前

बहुत बड़ा खुलासा -: खुलासा 1 : अविमुक्तेश्वरानंद की पीठ “महिला सखियां” (मालिश) मलती हैं। खुलासा 2 : जब बच्चे बाहर निकल कर आते थे, तो धोती पीछे से खून से सनी होती थी। अविमुक्तेश्वरानंद पर आशुतोष महाराज ने कई गंभीर आरोप लगाएं बोलें- ये आसाराम के पापा नहीं बाबा हैं, मैं आपको चुनौती देता हूं अगर आप शंकराचार्य है तो एक बार सरकारी अस्पताल में अपना और अपने शिष्य मुकुंदानंद मेडिकल करवा लें इससे साफ हो जाएगा कि आप ब्रह्मचारी हैं कि नहीं, और मैं आपको शंकराचार्य मान लूंगा। पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR दर्ज करने का अधिकार दिया हैं, FIR कराने वाले ने कहा जिस तरह से मुख्यमंत्री का पंचम तल होता है इस तरह वाराणसी के केदार घाट विद्यामठ में शंकराचार्य में पंचम तल अय्याशी के लिए बनवाया है। जब मैं शंकराचार्य के मठ पर जाता था तो इनका कमरा शीशमहल, राजमहल से भी बड़ा था, देश के उद्योगपति अंबानी के कमरे से भी ज्यादा सुविधाएं शंकराचार्य के कमरे में थी. जो सुविधा वहां नहीं होनी चाहिए! एक स्विमिंग पूल बनाया है और महिला सखियां उनके पीठ मलती है. कमरे में कुकर्म में किया जाता है. मेरे शब्दों में अत्याचार शंकराचार्य के शब्दों में रास रचना है! जब मैं उनके मठ में गया था तो मुझे आभास था की दाल में कुछ काला है. हर दिन रात में उनके कमरे में दो बच्चे जाते थे. चिल्लाने की आवाज आती थी! मुझे लगता था बच्चे मार खां रहे हैं. जब बच्चे बाहर निकाल कर आते तो धोती पीछे से खून से सनी होती थी। पहले कमरे में शिष्य मुकुंदानंद जाते फिर पीछे से हर दिन अलग अलग बच्चें! अगले दिन वह बच्चे नीचे आते थे। उसे समय तो मुझे किसी ने कुछ नहीं बताया लेकिन बाद में मेरे आश्रम भाग के आए बटुकों ने मुझे कमरे के अंदर का पूरा सच बताया। तब मैंने कोर्ट जाने का फैसला लिया, अच्छा चलिए मान लीजिए, उनकी नजरों में,मैं अपराधी हूं हिस्ट्रीशीटर हूं तो क्या उनका अपराध छिप जाएगा! ये आसाराम के पापा नहीं बाबा है, इन्हें जेल में रहना चाहिये!

Sudhir Mishra 🇮🇳

28,169 次观看 • 7 个月前

तेलंगाना के मेरे भाइयों और बहनों को नमस्कार 🙏🏼 आज तेलंगाना स्थापना दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं अपने संदेश की शुरुआत मां तेलंगाना के उन अनगिनत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए करना चाहती हूं, जो इस महान राज्य के निर्माण के लिए शहीद हुए। मैंने 2004 में करीम नगर में तेलंगाना के लोगों से वादा किया था कि कांग्रेस पार्टी उनके अलग राज्य के सपने को पूरा करेगी। इस बयान के बाद मेरी अपनी पार्टी के अंदर भी असहमति हुई थी। कई लोगों ने हमारी पार्टी भी छोड़ी, मगर आपके धैर्य और संकल्प ने मुझे तेलंगाना के सपने को पूरा करने की शक्ति, साहस और प्रेरणा दी। पिछले दस वर्षों में तेलंगाना के लोगों ने मुझे बहुत सम्मान और प्यार दिया है। आपने हमारी पार्टी को एक समृद्ध और विकसित तेलंगाना के निर्माण की जो जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उन सभी सपनों को पूरा करना अपना कर्तव्य समझती हूं। आज इस शुभ दिन पर मैं आप सभी को विश्वास दिलाती हूं कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी जी के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मैं आप सभी को दसवें तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर उसकी प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं देती हूं। जय हिंद जय तेलंगाना : CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी

Congress

280,473 次观看 • 2 年前

“पापा मैं डूब रहा हूं, मुझे आकर बचा लो” • घना कोहरा था, इस बीच 27 साल के युवराज मेहता की कार नोएडा के पॉश इलाके में पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी • ये गड्ढा एक बिल्डर ने खुदवाया था, जिसमें बारिश का पानी भर गया • युवराज ने हिम्मत जुटाई और गाड़ी की छत पर पहुंच गया, अपने पिता को कॉल करके बचाने की गुहार लगाई • पिता ने यूपी पुलिस को सूचना दी. मौके पर यूपी पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम पहुंची • 2 घंटे तक इन सरकारी विभागों के 80 लोग वहां मौजूद रहे, लेकिन 'पानी ठंडा' होने की वजह से कोई पानी में नहीं उतरा • फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम के पास कोई उपकरण नहीं थे, जिससे युवराज को बचाया जा सके • 2 घंटे तक युवराज अपनी जान बचाने की गुहार लगाते रहा और आखिर में डूबने से उसकी मौत हो गई • यूपी पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम वहां खड़ी तमाशा देखती रही • लाचार पिता सबसे गुहार लगाते रहे, और अपने सामने ही जवान बेटे को तिल तिल मौत के करीब जाते देखते रहे ये है हमारा आपदा प्रबंधन का सिस्टम, जो बड़े शहरों में भी काम नहीं कर पा रहा है. गांव, कस्बों की तो बात हो छोड़ दीजिए युवराज की मौत हत्या है, जो इस बेकार, नकारा सिस्टम ने की है

Supriya Shrinate

46,729 次观看 • 8 个月前

अभी यह वीडियो देखा तो मेरी आंखों में आंसू निकल आए। रिट्वीट रुकना नहीं चाहिए जब तक पीड़िता की आवाज केंद्र सरकार तक नहीं पहुंचे। 2024 में जयपुर में 13 वर्षीय नाबालिग दलित बच्ची के साथ रवि जिंदल ने रेप किया। पुलिस ने रवि जिंदल के खिलाफ आरोप प्रमाणित माना। रवि जिंदल फरार हो जाता है। ओर राजस्थान हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक ओर लड़की के दुबारा से बयान करवाने का आदेश लेकर आता है। SC/ST एक्ट ओर पॉक्सो के इस गंभीर मामले में राजस्थान हाई कोर्ट कानून से ऊपर जाकर पीड़िता की आवाज को दबा देता है। ओर मामले की FIR रद्द करने का आदेश तक देता है। इस मामले में राजस्थान सरकार आरोपी के साथ क्यों खड़ी है। इस मामले की अपील सर्वोच्च न्यायालय में क्यों नहीं की गई ? अगर कानून बड़े ओर रसूखदार लोगों के लिए बना है तो बन्द कर दीजिए कोर्ट को। जहां गरीबों और पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता है। आभार एडवोकेट Goverdhan Singh जी जो आपने इस गंभीर मामले को जनता के सामने लाया। Narendra Modi Amit Shah PMO India Kishor Makwana National Commission for Scheduled Castes Arjun Ram Meghwal Bhajanlal Sharma Dr Prem Chand Bairwa Tika Ram Jully CMO Rajasthan Hansraj Meena Arvind Chotia Nitin Meshram Dr. Om Sudha Sumit Chauhan Suraj Kumar Bauddh Mukesh Mohan

Ashok Meghwal

24,506 次观看 • 1 年前

प्रिय बेटा बड़कू नवरात्रि का अवसर है । घर घर में आरती हो रही है “पूत कपूत सुने हैं पर न माता सुनी कुमाता “ । मुझे यह भरोसा नहीं हो रहा है कि वाकई में मेरा कोई बेटा “कपूत” भी हो सकता है। मुझे मजबूरी में वह वीडियो जारी करना पड़ रहा है जिसमें मुझे पीटने का सच तुम्हारे नाना और मेरे पिता जी बयान कर रहे हैं। मेरी वही बहन जिसके साथ तुम्हारे पिता जी और मेरे पति रघुराज सिंह ने अवैध संबंध बनाये और उसका जीवन बर्बाद किया और मेरा भी जीवन बर्बाद किया। वही बहन मुझे जब पीट रही थी तो मैंने उसका प्रतिकार किया। खैर सभी को पता चल जाएगा यह सच भी । अभी कई और वीडियो हैं जिसमे तुम्हारे पिता श्री के बारे में तुम्हारे बाबा बड़े महाराज और दादी जी बहुत कुछ कह रही हैं। उन्होंने इनके कृत्यों से ही आजिज आकर यहाँ तक कहा कि वे उनकी मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार भी नहीं करें। यह सब कुछ मैं पब्लिक डोमेन में एक के बाद एक जरूर डालूँगी । मुझे पता है बेटा तुम्हारी मजबूरी। तुम्हें सारा सच पता है। तुम भी मेरे साथ सड़क पर जाने को मजबूर किए गए थे। रात में मुझे तुम सभी बच्चों के साथ घर से बाहर सोना पड़ा था। मुझे उम्मीद है तुम्हें सद्बुद्धि भी आएगी और सोचोगे कि तुम्हारी माँ के साथ क्या किया गया था और माँ ने कितनी प्रताड़ना एक व्यक्ति की अय्याशी और आपराधिक प्रवृत्ति की वजह से झेली है। किस मजबूरी में माँ ने मुँह खोला। फिर भी तुम बेटा अपने करियर के लिए और सुख सुविधाओं के लिए जो भी कर रहे हो उससे मुझे एतराज नहीं। मैं चाहती हूँ दुनिया की सारी ख़ुशी तुम्हें मिले। बस तुम्हें दुनिया मेरा नालायक बेटा न कहे। सारे साक्ष्य एक के बाद एक मिलेंगे। फ़िलहाल वह सच जो तुमने किसी दबाव में आधा बताया , आधा छिपाया और जितना बताया वह भी झूठ । एक बार देखो और फिर हो सके तो एक बार और लिखना । बेटा मैं मजबूर हूँ ! जवाब तो देना ही पड़ेगा। और हाँ अंत में फिर दोहरा रही हूँ मेरे चरित्र हनन से कुछ नहीं होगा यह जाँच एजेंसियों को बताना ही होगा कि इतने अवैध हथियारों का जखीरा कहाँ से आया और क्या कोई इसके पीछे आपराधिक गठजोड़ है। क्या कोई बड़ा अंतर्राज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह से इसका संबंध है। मार पिटाई के मैनिपुलेटेड वीडियो तुम्हारे पापा की मदद नहीं कर पायेंगे। क्योंकि उनका अपराध बहुत बड़ा है और लोगों की सुरक्षा के लिए उनका कृत्य बहुत खतरनाक भी है। तुम्हारी माँ

Bhanvi Kumari Singh Bhadri

179,342 次观看 • 1 年前

माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली जाएगी!” "मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा। तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी जो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं। मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके चलेगा, हमारे सामने। मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाकर जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे। मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते हैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए। आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे। इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है। तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लोग मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस के द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा। परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा। इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है। चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है। तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ। तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे। मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा। एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है। लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"

Ajeet Bharti YouTube

85,949 次观看 • 27 天前

मासूम बच्चे ने खोली पिता और दादा-दादी की पोल - अंजलि की हत्या का सच! 💔😨 समाज में रिश्तों की मर्यादा किस कदर गिरती जा रही है, यह वीडियो उसी का एक खौफनाक उदाहरण है। बिहार के हाजीपुर (फतेहपुर) की रहने वाली अंजलि की उसके ही ससुराल वालों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस वीडियो में अंजलि का छोटा सा बेटा अपनी तोतली आवाज़ में बता रहा है कि कैसे उसके 'पापा और दादा' ने रस्सी से उसकी माँ का गला दबाया और 'दादी' ने माँ का मुँह दबाए रखा ताकि वह शोर न मचा सके। अंजलि के पिता भी इस दुखद घड़ी में टूट चुके हैं और समाज की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि हमारे समाज के दोहरे चेहरे को भी उजागर करता है जहाँ सैंकड़ों लोग तमाशा देखने के लिए तो खड़े हैं, लेकिन किसी ने भी अंजलि के शव को कंधा देने या उस बूढ़े पिता और मासूम बच्चे की मदद करने की जहमत नहीं उठाई। हमें कब तक ऐसी घटनाओं को केवल एक तमाशा मानकर देखना एक मासूम की जुबानी, उसकी माँ की मौत की दर्दनाक कहानी। 💔 बिहार के हाजीपुर में जो अंजलि के साथ हुआ, वह किसी भी इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। जिस घर को उसने अपना समझा, वहीं उसे मौत मिली। सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि लोग तमाशबीन बने रहे, पर किसी ने उस बूढ़े पिता का हाथ नहीं थामा। क्या हमारा समाज इतना संवेदनहीन हो चुका है? इस वीडियो को इतना शेयर करें कि अंजलि के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा मिले और उस मासूम बच्चे को न्याय

Lakhan meena

85,397 次观看 • 6 个月前

1997 में शरद जी अपने प्रधानमंत्री गुजराल जी को रोक कर गर्जना करते हुए स्पीकर से कहते हैं, "दो मिनट सुनने में क्या परेशानी हो रही है? इतने बड़े देश का फ़ैसला कर रहे हैं आप! आपने बड़ी सिम्पलीफ़ाय कर दिया इसको, बहुत सिम्पलिस्टिक तरीक़े से कर दिया इसको। ये बात ऐसी नहीं है। कंसेंसस की बात नहीं है। ये हाउस के अंदर होगा फ़ैसला! आपने अलाउ किया था 5 मिनट के लिए (नीतीश कुमार जी की ओर इशारा करते हुए)। मैं भी बहुत बात बोलना चाहता हूं। ये मामूली बात नहीं है। मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता। हमलोग सबलोग इसके हक़ में हैं। सब लोग इसके हक़ में हैं। लेकिन बग़ैर बात सुने... आपने अलाउ कर दिया उनको पांच मिनट के लिए और इसके बाद आप कह रहे हैं... आपने फिर रूलिंग कर दी! मैं आपसे विनती करना चाहता हूं कि करोड़ों लोगों की भावना को... 280 लोग हैं यहां, जो लोग हैं जो अपने पुरुषार्थ से... आरक्षण (राजनैतिक) से नहीं आए हैं। आरक्षण से नहीं आए हैं वो। हमलोग जो यानी मध्य की जाति के लोग हैं यहां, हमने कभी रेज़र्वेशन नहीं मांगा। तैंतीस फ़ीसदी, 180 सीटों का आप आरक्षण करना चाहते हैं और 5 मिनट के लिए किसी मेंबर को बोलने नहीं देना चाहते? देश का फ़ैसला करना चाहते हैं आप! इस सदन के चरित्र को बदलना चाहते हैं। अध्यक्ष जी, मैं बोलना नहीं चाहता। मुझे इतनी तकलीफ़ है! आप यानी लोगों के, करोड़ों करोड़ों लोगों के... इस तरह नहीं हो सकता ज़बरदस्ती! आपने कहा कि एक मिनट बोलेंगे। यहां लोगों को, मेंबरों को आपने अनुमति दी! एक मिनट के लिए उनकी भावना सुनने को तैयार नहीं कोई। आप कहते हैं कंसेंसस! कंसेंसस पता चल जाएगा इस हाउस में आपको! आपको पता चल जाएगा! कहां है कंसेंसस? देश में आप पैंडोरा बॉक्स खोल रहे हैं। संग्राम होगा! आप समझ क्या रहे हैं? यानी इस सदन में आप फ़ोर्स कर रहे हैं? हो सकता है आपके पास मीडिया है, आपके पास अख़बार है, आप हमारी तकलीफ़ को पांच मिनट के लिए सुनना नही चाहते हैं? हमने इस तकलीफ़ को... कौन-सा कंसेंसस है? मैंने बार-बार कहा है इसको। मैंने स्टीयरिंग कमिटी मे कहा है, डीएमके के लोगों ने कहा है, कौन-सा‌ कंसेंसस कर रहे हैं आप? लोगों की बात नहीं सुनना चाहते? कौन-सी महिला? क्या अंतर है सुषमा स्वराज मे, क्या अंतर है मुरली मनोहर जोशी मे, क्या अंतर है गीता मुखर्जी मे? इनके बोलने मे? इनके संस्कार मे? हमारी महिला, उसके हाथ आप कुचल‌ देंगे यहां? इतना बड़ा बिल लाएंगे, 2 दिन पहले सर्कुलेट होता! कॉन्स्टिट्यूशन बिल जो है, 2 दिन पहले, 2 दिन पहले उसको सर्कुलेट किया जाता है। मै इस संस्था का, इस सरकार का आदर करता हूं। बड़ा ख़ून बहा कर के हमलोगों ने इसको बनाया है। मै बात ज़्यादा नही करना चाहता। इसको ज़रूर समझ लीजिए। मुझे, मै इतना आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस पर घंटों बोला जाएगा। और इस सदन मे जो-जो लोग हैं, उनको बेनक़ाब किया जाएगा! बेनक़ाब किया जाएगा! और आप सोच रहे हैं महिला! अरे आप महिला का जुलूस निकालना! यदि दस गुणा नही (निकाला हमने), तो हम हलक से सांस बाहर निकाल देंगे! कौन महिला है, कौन नही है! सिर्फ़ बाल कटी महिला भर महिला नहीं है! ये लोगों की दो मिनट बात नही सुनेंगे आप! बात नही सुनेंगे आप!" क़ानून मंत्री तक को यह वहम था कि शरदजी क़ोटे मे क़ोटे की मांग करके शायद ओबीसी पुरुषों के लिए भी लोकसभा& विधानसभा की सीटें आरक्षित करना चाहते हैं जिस पर सर्वदलीय बैठक मे शरदजी ने कन्फ़्यूजन दूर किया था कि ऐसा हम कतई नही चाहते, न भविष्य मे कभी चाहेंगे। हम तो सिर्फ इतना चाहते हैं कि जब महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढाना चाहते हो तो उसमे ओबीसी & माइनॉरिटी महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व करो ताकि उन्हे वाजिब हक़ मिल जाए। शरदजी बार-बार विभिन्न दलों के अपने मित्रों के बीच रायशुमारी कर सहमति बना चुके थे कि स्पीकर से कहना है कि जब कभी वोटिंग होगी, बस व्हिप ज़ारी न किया जाए, फिर देख लें कि बिल मौजूदा स्वरूप में कैसे पास हो जाता है? शरदजी के इस कालजयी हस्तक्षेप के बाद जो होना था, हुआ। सबने अपने-अपने रंग दिखाए, फिर जब शरदजी के इस वक्तव्य पर उस दिन चर्चा हुई तो एक बार पुनः स्पीकर के रवैये (वैसे शरद जी प्रधानमंत्री द्वारा किये गये छल से अधिक आहत थे, पर‌ स्पीकर से वे उम्मीद कर रहे थे कि वे इंसाफ की भावना के साथ उस बिल को ट्रीट होने देंगे) के प्रति अपने आक्रोशपूर्ण लहजे के लिए खेद प्रकट किया और महिला आरक्षण विधेयक पर दिन की शुरुआत के समय से भी अधिक अपने पक्ष मे लोगों को कर गये& राष्ट्रीय स्तर पर जातिवार जनगणना करा कर आबादी के अनुरूप महिला आरक्षण को 33 ही नही, बल्कि 50% करने की वकालत के साथ बेहद ठोस दार्शनिक आधार प्रदान करते हुए क़ोटे मे क़ोटे की लडाई को कवच से लैस कर दिया। शरद यादव होने का इस इस देश की संसद मे यही मतलब था!

Dr. Jayant Jigyasu

30,248 次观看 • 5 个月前

Last तक सुनिए इस वीडियो को या हिंदी में पढ़िए Reporter : आज की तारीख में ईरान के पास कितने परमाणु हथियार हैं? Israeli diplomats 🇮🇱 : अभी के लिए, मुझे उम्मीद है — एक भी नहीं। Reporter: ठीक है, तो इज़राइल के पास कितने हैं? Israeli diplomats : कोई अंदाज़ा नहीं। Reporter: कोई अंदाज़ा नहीं? आप सरकार में थे, क्या आपको यह जानकारी नहीं दी जाती? Israeli diplomats: नहीं, बिल्कुल नहीं। Reporter: तो फिर किसे बताया जाता है? Israeli diplomats: मुझे नहीं पता। Reporter : क्या आप इस बात में पाखंड (hypocrisy) नहीं देखते कि इज़राइल का एक गुप्त, अवैध परमाणु कार्यक्रम है, जिसके दरवाज़े वो किसी के लिए नहीं खोलता, उसके बारे में बात तक नहीं करता — और फिर वो बाक़ी पूरे क्षेत्र को नैतिक उपदेश देता है? Israeli diplomats: बिल्कुल नहीं। Reporter: आपको पता है क्यों? आप पाखंड की बात कर रहे हैं। अगर कोई ईरानी मेहमान मेरे शो पर आता और मैं उससे पूछता कि ईरान के पास कितने परमाणु हथियार हैं, और वो कहता — “मुझे नहीं पता, मैं इस पर बात नहीं करूंगा।” तो क्या आप ठीक मानते इसे? आप तो नाराज़ हो जाते। Israeli diplomats: हां, बिल्कुल होता। Reporter: आप यहां बैठे हैं — इज़राइल सरकार के पूर्व मंत्री — और कह रहे हैं, “मुझे नहीं पता, मैंने कभी किसी से परमाणु हथियारों पर बात नहीं की।” लेकिन ईरान पर तो अब तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 16 प्रस्ताव (resolutions) पास हो चुकी हैं। और इज़राइल के खिलाफ भी प्रस्ताव हैं — आपके परमाणु कार्यक्रम को लेकर। Israeli diplomats: हां, हैं। Reporter : UN Resolution 487। मैं पढ़कर सुनाता हूं 1981 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कहती है: इज़राइल से अनुरोध किया जाता है कि वह अपनी परमाणु सुविधाओं को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में तत्काल लाए। आपने अब तक ऐसा क्यों नहीं किया? Israeli diplomats: क्यूँकि… Israeli Historian: – ईरान ने कभी किसी पड़ोसी पर हमला नहीं किया। – इज़राइल ने बार-बार अपने पड़ोसियों पर हमले किए हैं। – ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर किए हैं। – इज़राइल ने इससे साफ इंकार किया है। – ईरान IAEA के निरीक्षण को स्वीकार करता है, – इज़राइल उसे मानता ही नहीं। ईरान के पास एक भी परमाणु हथियार नहीं है। इज़राइल के पास 75 से 400 के बीच परमाणु हथियार हैं।तो असली अस्तित्व का ख़तरा तो ईरान को इज़राइल से है। पिछले 40 वर्षों से, इज़राइल ने ईरान के खिलाफ एक योजनाबद्ध दुष्प्रचार अभियान चलाया है। यह झूठ क्यों? यह दोहरा मापदंड क्यों? यह पाखंड क्यों? Why so much hypocrisy?

Dr Md Rizwan

66,743 次观看 • 1 年前

RGHS की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर : बहुत दुर्भाग्य है, मैं कल बैंगलोर में था परसों मैं बॉम्बे में था, जहां मैं जा रहा हूं देश के अंदर,दिल्ली जाते हैं , दिल्ली में पूरे देश के लोग आते हैं सब जगह चर्चा ये है कि राजस्थान सरकार ने जो स्कीमें बनाई थीं अपने वक्त में कांग्रेस सरकार ने, उसकी चर्चा पूरे देश के अंदर है खाली हेल्थ की नहीं है, हेल्थ की तो है ही है बाकी हमारी स्कीमों की चर्चा है और पच्चीस लाख का बीमा तो देश में दुनिया में कहीं नहीं है मैं बार बार बोल रहा हूं लोग समझ नहीं रहे हैं कि मोदी जी की योजना जो हैं आयुष्मान भारत वो सिर्फ पचास पर्सेंट लोगों के लिए है मुश्किल से , पचास पर्सेंट लोगों के लिए देश के अंदर ,हमारी स्कीम सौ पर्सेंट लोगों के लिए है।सबके लिए है, पैसे वाले हैं, 850 रुपए जमा कर दो खाली बस, 25 लाख का बीमा, घर घर में गांव गांव में आज इस योजना की चर्चा हो रही है और ये सरकार दावा उल्टा कर रही है क्या इनको कहें, ये डेढ़ साल बनाम पांच साल की बात जो करने वाली है उनको हम क्या कह सकते हैं, आपने क्या क्वेश्चन किया ? RGHS, RGHS शानदार स्कीम थी , CGHS भारत सरकार की स्कीम है , मैं खुद मेंबर ऑफ पार्लियामेंट था मुझे उसका लाभ मिल रहा है आज भी, एक्स एमपी को मिलता है एमपी को मिलता है हम ने उसी तर्ज पर एमएलए को, एक्स एमएलए को और सरकारी कर्मचारियों को भी पत्रकारों को भी सभी को हम ने उससे जोड़ लिया RGHS से कि आप भी जो है सीजीएचएस की तरह कैशलैस इलाज करा सकते हो, कैशलैस। उसकी खासियत कैशलैस है। उसका आपने आठ सौ नौ सौ करोड़ रुपए अगर बकाया कर दिया प्राइवेट अस्पताल का तो उन्होंने धमकी दे दी आपको कि हम स्ट्राइक करेंगे अब आपने लीपापोती करके उनको शांत किया है अच्छी बात है मैं उसको एप्रिशिएट करता हूं कि स्ट्राइक नहीं होने दी,अच्छी बात है। पर ये योजना ऐसी है जिसमें खर्चा एक्स्ट्रा होता है आदमी का चाहे नौकरी करने वाला हो चाहे आम नागरिक हो पत्रकार हो, अचानक घर में बीमार कोई हो जाए, कोई पांच हजार, पच्चीस हजार, एक लाख दो लाख का ऑपरेशन या जांचें करवाओ, एमआरआई फ्री सीटी स्कैन फ्री दवाएं फ्री वो एक्स्ट्रा खर्चा होता है तनख्वाह से अलावा अपनी जो आमदनी होती है किसी व्यक्ति की, उससे अलावा इसको कहते हैं आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर,अचानक आ गया उसको सरकार फ्री कर रही है तो उसको अपनी प्लानिंग करने में घर चलाने में आसानी रहती है।ये हमनें किया था , दुर्भाग्य से जो है उसको कमजोर कर रहे हैं इनकी टॉप प्रायोरिटी शिक्षा के साथ में स्वास्थ्य होना चाहिए, अगर किसी नागरिक का परिवार का, शिक्षित होगा परिवार, स्वास्थ्य अच्छा होगा, बाकी जो भी जिंदगी बितानी है उसको वो अपना स्वत ही समझदार बन जाएगा स्वास्थ्य अच्छा होगा शिक्षित होगा सब कुछ हो जाएगा। दो प्रायोरिटी मुख्य, प्रायोरिटी सब मुख्य होती है, सबकी मुख्य होती हैं सबकी अपनी अपनी महत्वता होती है पर ये दो बातें, हमनें ध्यान दिया इन पे, इंग्लिश स्कूलें खोल दीं अंग्रेजी स्कूले, ये हमारे बच्चे हिंदुस्तान में जो है सबसे आगे निकलेंगे इंग्लिश बच्चे गांव के गरीब दलित पिछड़े बच्चे बच्चियां इंग्लिश बोलती हैं हम जवाब ही नहीं दे पाते हैं, हमारी इंग्लिश कमजोर है वो हम से आगे निकल गए बच्चे, गर्व होना चाहिए सरकार को, उसको बंद करने की योजना बनाई अब पब्लिक दबाव में चुप हो गए।

Ashok Gehlot

11,948 次观看 • 1 年前

केजरीवाल साहब उन लोगों में से हैं जो यह कहते हैं कि वकील भी हम हैं, गवाह भी हम हैं और जज भी हम हैं। सब कुछ वही हैं, तो इस न्याय व्यवस्था की जरूरत क्या है? जिस तरीके से वह व्यवहार कर रहे हैं कि मैं कोर्ट नहीं जाऊंगा। आपने एक न्यायमूर्ति पर जो इल्जाम लगाए, जो सवाल खड़े किए, क्या यह आपको शोभा देता है? एक culprit, एक गुनहगार, जो शराब घोटाले में लिप्त है, जिसके ऊपर इतनी बड़ी चार्जशीट है, वह व्यक्ति न्याय स्तंभ पर आवाज उठाकर कहे कि यह मेरे खिलाफ कुछ निर्णय ले सकते हैं, और उसकी उस सोच के साथ जज बदल दिया जाए, कोर्ट बदल दी जाए? बाहर बैठकर आप कहें कि मैं सत्याग्रही हो गया हूं, तो मुझे लगता है कि यह केवल एक घटिया मजाक है, जिस मजाक को न जनता पसंद करती है और न ही हमारी न्याय व्यवस्था इसकी परमिशन देती है।

Rekha Gupta

16,058 次观看 • 5 个月前

एक नेशनल चैनल की ब्राह्मण महिला एंकर ने लाइव डिबेट में इस्तीफा देने वाले ब्राह्मण पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री से पूछा.. क्यों इस्तीफा दिया आपने? क्या आप राजनीति के शिकार हो रहे हैं? पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री बोले, यूपी में ब्राह्मणों पर अत्याचार किया जा रहा है.. आप देख भी नहीं सकते.. मैं तो सिस्टम में रहा हूं.. देख रहा हूं.. जेल में डिप्टी जेलर ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डालता है.. थाने में विकलांग की पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है.. खुशी दुबे पर अत्याचार होता है.. मौनी अमावस्या पर हमारे शंकराचार्य के बटुक की शिखा पकड़कर घसीटते हुए ले जाते हैं.. आपकी इतनी हिम्मत कैसे हुई!! किसी अन्य जाति, धर्म के प्रतीक चिन्ह के साथ ऐसा किया होता तो क्या हश्र होता.. पीसीएस अफसर बोले, यूजीसी में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के साथ क्या हो रहा है!! हमारे बच्चे खुदकुशी करेंगे, हम देखते रहेंगे.. ब्राह्मण एमपी एमएलए ने 2022 के बाद से मुंह बंद कर लिया है. कॉर्पोरेट एम्पलाई की तरह काम कर रहे हैं.. शर्म नहीं आती.. हया नहीं आती.. रीढ़ नहीं है.. जब तक हाई कमान नहीं बोलेंगे, तब तक ये कुछ नहीं बोलेंगे.. मैं आवाहन करता हूं अभी भी समाज के साथ खड़ा होना है तो इस्तीफा देकर साथ आएं.. सामान्य वर्ग सरकार से अलग हो चुका है.. ब्राह्मण महिला एंकर : सिटी मजिस्ट्रेट होने के नाते आप जातीयता में बंध गए!! आपने इतनी बड़ी-बड़ी जगह से पढ़ाई की है.. आप कहां से लेकर आए ब्राह्मणवाद, जातिवाद.. अलंकार अग्निहोत्री बोले, मजिस्ट्रेट भी अपनी जाति लिखता है.. सिटी मजिस्ट्रेट भी अपनी जाति लिखता है.. मेरा बच्चा भी पड़ेगा तो जाति लिखेगा. कोई अन्य भी होगा, जाति होती है.. सभी लोग जाति लिखते हैं.. ब्राह्मण महिला एंकर: अब आप क्या करेंगे सिटी मजिस्ट्रेट जी, राजनीति करना चाहते हैं इसलिए ऐसा भाषण दे रहे हैं? अलंकार अग्निहोत्री: ब्राह्मण एमपी एमएलए, चुने हुए जनप्रतिनिधि काम नहीं कर रहे हैं. न जनतंत्र है न लोकतंत्र है.. राज्य सरकार केंद्र को गिराने में लगी है.. केंद्र सरकार राज्य सरकार को गिराने में लगी है.. ब्राह्मण महिला एंकर: आप पर आरोप लगेगा सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं? उत्तर प्रदेश में सनातनी सरकार है फिर आप जातिवाद के आप क्यों लगा रहे हैं? अलंकार अग्निहोत्री: एक सनातनी सरकार में शंकराचार्य को घसीटकर चोटी पकड़कर जूता मारा जाता है.. ये कौन सी सनातनी सरकार है!! ब्राह्मण महिला एंकर: अब आगे क्या करेंगे? पार्टी बनाएंगे? चुनाव लड़ेंगे? अलंकार अग्निहोत्री: हमारा समाज बैठकर जनप्रतिनिधियों से वार्ता करके जो भी निर्णय लेगा, आपको अवगत कराया जाएगा.. ब्राह्मण महिला एंकर: एक व्यक्ति के नौकरी छोड़ने से क्या असर होगा? अलंकार अग्निहोत्री: एक व्यक्ति को आगे आना होगा.. ऐसे नहीं छोड़ सकते.. मैंने अपना त्यागपत्र इसलिए दिया है कि इस तंत्र में विश्वास खत्म हो चुका है. इस तंत्र में सामान्य वर्ग के बेटे बेटियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जाएगा!! उनका नरसंहार करने की तैयारी की जा रही है!! ब्राह्मण महिला एंकर: कहीं आप विपक्षी दलों के टूलकिट तो नहीं बन गए? अलंकार अग्निहोत्री: टूलकिट शब्द आप अपने पास रखिए.. ब्राह्मणों की हत्याएं टूल किट का हिस्सा हैं क्या!! आपको क्या लग रहा है, ये जो जनता खड़ी है टूल किट का हिस्सा है!! 95 प्रतिशत जनता का सोशल मीडिया पर रिएक्शन देखा है आपने!! जो मैंने लिखा वो लाइव डिबेट का हिस्सा था, पीसीएस अफसर (अभी इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है..) अलंकार अग्निहोत्री का वीडियो बयान भी सुनिए.. #BRAHMAN #PCS #PCSAlankar #alankaragnihotri #Resign #bureaucracy

Vivek K. Tripathi

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अभी कई मुश्किल राहों पर चलना है, अभी कई चुनौतियों से लड़ना है, तू रुक मत, तू डर मत, तू बस चला चल आज मेरी जिंदगी का सबसे अहम दिन है। दैनिक भास्कर परिवार का सदस्य बने आज मुझे 24 वर्ष पूरे हो गए और 25वां वर्ष शुरू हो गया। खुशी का एक संयोग और है। 47 की उम्र है और इसमें 24 वर्ष भास्कर में। यानी जीवन के आधे से भी ज्यादा समय भास्कर में। हर व्यक्ति के लिए पहली जनवरी बड़ी उम्मीदों और खुशियों वाली होती है। कहते हैं-इस दिन ऐसा काम करना चाहिए जिससे सालभर खुशी मिले। मैंने भी 1 जनवरी 2000 को एक अच्छा काम किया था। इसी दिन मैंने भास्कर ज्वाइन किया था। जिसने मुझे पिछले 24 वर्ष से लगातार खुशियां दी हैं। भास्कर में इन 24 वर्षों का एक तजुर्बा भी साझा करता हूं। यहां सिर्फ आप मेहनत नहीं करते बल्कि कंपनी भी आप पर मेहनत करती है। ऐसा नहीं होता तो एक नौसिखिया, जिसे ठीक से पत्रकारिता का प नहीं पता था, वो आज इस मुकाम पर नहीं होता। 24 साल में कंपनी ने इतना भरोसा जताया कि बयां करना भी मुश्किल है। प्रूफ रीडर से लेकर गुजरात जैसे स्टेट का एडिटर! ...उज्जैन-इंदौर के प्रीटिंग प्लांट से लेकर नेशनल न्यूजरूम के हेड तक...जितना मुझे मिला है, वो मेरी काबिलियत से कहीं ज्यादा ही है। लेकिन कुर्सी मेरी मंजिल कभी नहीं रही। मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं। हर पल, हर दिन। मेरा सफर आसान इसलिए भी रहा क्योंकि मैंने कभी भी सीखने की जिद नहीं छोड़ी। नया करने का संकल्प नहीं छोड़ा। मैं आप सभी से आशीर्वाद चाहता हूं। आपका आशीर्वाद, सहयोग मेरी हर मुश्किल को आसान करता रहेगा। मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि अखबार की दुनिया का हर दिन बहुत निष्ठुर होता है। यहां आपकी सफलता-असफलता सुबह के 10 मिनट में तय होते हैं, जब अखबार पाठकों के हाथों में जाता है। जबकि हमारे हर 2 मिनट की कामयाबी के पीछे 10 से 14 घंटे की कड़ी मेहनत होती है। लेकिन फिर भी हम जो उम्मीदें, उत्साह, ऊर्जा बनाए रखते हैं, उसी से हम आगे भी बढ़ते हैं। एक चीज जो मैंने सीखी है, वो यह कि आप अंदर से चाहे कैसा ही महसूस करें, लेकिन खुद को हमेशा एक विजेता की तरह दिखाने की कोशिश करें। अगर आप पीछे भी हों तो खुद को स्वनियंत्रित और आत्मविश्वासी दिखाइए। इससे आपको मानसिक बढ़त मिलेगी, जो अंतत: आपको जीत दिला देगी। -आपका देवेंद्र भटनागर

Devendra Bhatnagar

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