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शिक्षा विभाग के नए फरमान पर मचा सियासी घमासान।

54,144 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Pawan Kumar Singhvor 2 Jahren

#बिहार_सरकार_शर्म_करो

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Rajnish Guptavor 2 Jahren

#बिहार_सरकार_शर्म_करो

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Gautam Prabhakarvor 2 Jahren

समस्या ये है कि हम जिस संघ में है वो संघ ही कमजोर है। ये सिर्फ़ सरकार कि बात को आगे बढ़ाने और उसकी हाँ में हाँ मिलाने के लिए है । शिक्षकों की जाँच चपरासी से करवा दिया। फिर भी इन्हें समझ नहीं आया। बिहार में छठ की, 2 दिन की छुट्टी है आप अंदाज़ा लगा सकते है की क्या चल रहा होगा ।

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ℳ 𝓇𝒶𝓃𝒿𝒶𝓃 |🇮🇳vor 2 Jahren

अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजा टके सेर खाजा। पलटू चच्चा को अब चुनाव लड़ना नही है और भतीजे को सत्ता देना नही है।

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aditya raazvor 2 Jahren

अब तो नियोजित शिक्षक के साथ सरकार अन्याय कर रही है, ये बहुत ही गलत निर्देश है, इस फैसले को तुरंत वापस ले सरकार

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Anil Modivor 2 Jahren

यह तो शिक्षकों के साथ शोषण हुआ उनकी छुट्टियां रद्द करके मानसिक पीड़ा से गुजरेंगे वह क्या भला बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाएंगे केके पाठक जी इस पर एक बार फिर से विचार करिए हम लोग भी शिक्षा के प्रति सजग है और अच्छे से विद्यालय में पठन-पाठन करते हैं कृपया छुट्टियां रद्द न करें

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Sudama Ray (Truth Humanity Constitution Paramount)vor 2 Jahren

अवकाश घोषित रद्द बहुत अच्छा किया k k पाठक आज बिहार के शिक्षा व्यवस्था इतनी खराब है जिसका जिम्मेदार स्कूल के मास्टर है इनको सबसे पहले अपने बच्चो को सरकारी स्कूल में पढ़ाने चाहिए इनके लिए निजी स्कूल के दरवाजे बंद होना चाहिए ये जिम्मेदारी के साथ बच्चो को नही पढ़ाते हैं एक सर्वे कर

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RAJU PANDEYvor 2 Jahren

बिहार में Hitlarsahi

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K.ALOK l🇮🇳vor 2 Jahren

जो घोषित छुट्टीयों को रद्द करना ठीक नहीं, इस से शिक्षकों के मन में नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पुनर्विचार की आवश्यकता है।

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प्रवीण महतोvor 2 Jahren

कहने को कुछ भी कहिए। मगर पाठक और गटबंधन का जुगलबंदी का मुख्य उद्देश्य सिर्फ नियोजित का शोषण करना रह गया है।

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