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शर्मनाक घटना दुःखद भी सिस्टम की नाकामी देखिये हरयाणा फरीदाबाद में अस्पताल का गेट नहीं खोला सड़क पर ही हो गई बच्चे की डिलेवरी रोती चीखती रही माँ लेकिन गेट नहीं खोला गया। आखिर कब सही होगा सिस्टम.?

51,676 次观看 • 4 个月前 •via X (Twitter)

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यह कोई “कानून-व्यवस्था” की चूक नहीं है, यह सरकारी सिस्टम का खुला अपराध है। NEET की तैयारी कर रही एक बेटी के साथ बलात्कार और हत्या और बिहार सरकार आज भी संवेदनहीन, बेहिस और बेपरवाह बनी बैठी है। आज पीड़िता की माँ से मिली, उनके आंसू सवाल बनकर खड़े हैं, अगर सिस्टम ज़िंदा होता, तो मेरी बेटी आज ज़िंदा होती। मैं उनका दर्द कम नहीं कर सकती, लेकिन यह तय है कि दोषियों को सज़ा दिलाकर ही दम लूँगी। पुलिस कहाँ थी? प्रशासन क्या कर रहा था? नेतृत्व किस नींद में सो रहा है? यह सिर्फ़ अपराधियों की दरिंदगी नहीं, बल्कि निष्क्रिय सरकार, निकम्मी पुलिस और सड़ चुके सिस्टम की नाकामी है। बेटियों की लाशों पर चुप्पी साधने वाला शासन जवाबदेह है। बयानबाज़ी से न्याय नहीं मिलता, गिरफ़्तारी, फास्ट-ट्रैक ट्रायल और सख़्त सज़ा चाहिए। कब तक माँएँ ऐसे सड़कों पर रोती रहेंगी? कब तक सपने लहूलुहान होते रहेंगे? कब तक सरकार अपराधियों की ढाल बनी रहेगी? हम डरेंगे नहीं। हम चुप नहीं बैठेंगे। यह लड़ाई अब सिस्टम के ख़िलाफ़ है। जब तक दोषियों को सज़ा नहीं, जब तक ज़िम्मेदार अफ़सरों पर कार्रवाई नहीं, तब तक यह आंदोलन और तेज़ होगा। न्याय दो, वरना सत्ता छोड़ो। बेटियों के खून का हिसाब देना होगा !! #JusticeForNeetGirl

Yogita Bhayana योगिता भयाना

34,038 次观看 • 7 个月前

गोंडा: मां की मौत के बाद अस्पताल में अकेला रह गया 7 साल का मासूम, रिश्तेदारों ने भी छोड़ा साथ, DM बने सहारा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत, रिश्तों और सामाजिक संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 7 साल का मासूम अर्पित सिंह अपनी मां के निधन के बाद अस्पताल में घंटों तक अपनों का इंतजार करता रहा, लेकिन उसे लेने कोई नहीं आया। जानकारी के अनुसार, अर्पित अपनी मां के साथ पंजाब के लुधियाना से गोंडा आया था। बस अड्डे पर पहुंचने के बाद अचानक उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिनों तक इलाज चलने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। मां के निधन के बाद अस्पताल प्रशासन ने बच्चे के रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश की। ननिहाल और ददिहाल दोनों पक्षों को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी अर्पित की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया। अस्पताल में बैठा मासूम की आँखें नम। #gonda #uttarpradesh #humanity

TANVIR RANGREZ

34,327 次观看 • 3 个月前