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संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता… ☺️
245,118 görüntüleme • 3 yıl önce •via X (Twitter)
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सच्चे पत्रकार का एक अवार्ड तुम्हारी पूरी दुकान पर हावी है …..!! #RamonMagsaysay

गोलघर में नई दुकान खुली है, वहाँ और भी सस्ते मिल जाएंगे, होलसेल रेट पर दे देगा..

हमारे यहां के नंदू का नही मिलता है तो वो खरीद लेता है फिर अपने चेले चप!ड़ियों में खैरात कर देता है।

महंगा ईमान बेच कर सस्ती चीजें खरीदना कहां मुश्किल होता है? और जिसके लिए मुश्किल होता है वह "रवीश कुमार" कहलाता है!

दलाली और चाटुकारिता का कोई विकल्प ही नहीं होता....

कोशिश करिए संकल्प का विकल्प संघल्प है। यह प्रतिदिन BJP/संघ के प्रति नतमस्तक होकर चाटूकारिता करने का ईनाम है।देश की हवाओं में नफऱत घोल कर ख़ुद घरों की सजावट क़ाबिले तारीफ़ है।

त्रिपाठी जी चर्चा करवा दो, उस पर कब चर्चा होगी 😂😂

पर पत्रकारिता का विकल्प दलाली बन चुकी है

इसे कहते हैं पुरस्कार

क्या ये संकल्प है ?


